यू.जी.सी./एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020-जून 2021 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

21. निम्न में से किसको 'ओसगुड अर्थिकि भिन्नता' के मुल्यांकन आयाम का उदाहरण नहीं माना जा सकता।

Correct Answer: (b) मन्द_____तीव्र
Solution:

ओसगुड अधिकी भिन्नता एक प्रकार का सिमेंटिक रेटिंग पैमाना है, जो शब्दों, वस्तुओं, घटनाओं, गतिविधियों, विचारों आदि जैसी अवधारणाओं के अर्थपूर्ण अर्थ को मापता है। यह बहुआयामी स्तर पर चयनित अवधारणाओं के लिए उत्तरदाताओं के गुणों के भावात्मक और संज्ञानात्मक घटकों को पकड़ता है।

22. योग के संबंध में भारतीय दर्शन के किस मत में 'प्रकृति' स्वयं पर परम सत्य के सिद्धांत के रूप में अलग रहती हैं और यह केवल 'परुष की उपस्थिति में क्रियाशील और सेवार्थ उपलब्ध रहती है?

Correct Answer: (b) वेदांत
Solution:

योग के सम्बन्ध में भारतीय दर्शन 'सांख्य' को महत्व देता है, जो कि यह बताता है कि 'प्रकृति' स्वयं के परम सत्य के सिद्धान्त के रूप में अलग रहती है और यह केवल 'पुरूष' की उपस्तिथि में क्रियाशील और सेवार्थ के लिए उपलब्ध रहती है।

सांख्य भारतीय दर्शन का एक द्वैतवादी आस्तिक विद्यालय है। सांख्ययोग का लक्ष्य आत्मा अथवा मनुष्य और पदार्थ या प्रकृति बीच अन्तर को महसूस करना है।

23. एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक बुद्धि के कौटुम्बिक अंतरण के संरूप का निम्नलिखित में से किसमें अन्वेषण किया जाता है?

Correct Answer: (a) संयोजन विश्लेषण अध्ययन (लिंकेज स्टड़ीज)
Solution:

एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक बुद्धि के कौटुम्बिक अन्तरण संयोजन विश्लेषण अध्ययन के अन्तर्गत आता है। इस अध्ययन में जीन के बीच सम्बन्ध स्थापित किया जाता हैं।

संयोजन विश्लेषण जीन शिकार और आनुवंशिक परीक्षण के रूप में कार्य करता है। लिंकेज एक ही गुणसूत्र पर एक दूसरे के निकट स्थित होने के कारण जीन और अन्य आनुवाशिक मार्करों को एक साथ विरासत में मिलाने की प्रवृत्ति है।

24. शाब्दिक आक्रामकता की प्रवृत्ति दर्शाने वाले व्यक्तियों में होता है:

Correct Answer: (a) व्यवहार सक्रियण तंत्र के लिए अल्प सीमांत
Solution:

शाब्दिक आक्रमकता एक वांछित भावनात्मक प्रतिक्रिया को प्रेरित करने के इरादे से, बड़े शिकार पर पंच फेंकने का संचारआधारित संस्करण है।

शाब्दिक अथवा मौखिक दुर्व्यवहार भी बदमाशी का रूप ले सकता है, जो एक ऐसे व्यक्ति द्वारा भावानात्मक धमकी है, जो पीड़ित से अधिक शक्तिशाली या सत्ता की स्थिति में हो।
अतः शाब्दिक अथवा मौखिक आक्रामकता की प्रवृत्ति दर्शाने वाले तीन प्रकार के व्यक्ति होते हैं।
1. व्यवहार सक्रियण तन्त्र के लिए अल्प सीमान्त
2. फ्लाइट-फाइट तन्त्र के लिए अल्प सीमान्त
3. व्यवहार प्रवरोध तन्त्र के लिए उच्च सीमान्त
Note :- NTA ने उपर्युक्त प्रश्न के तीनों उत्तर (A, B,C) को सही माना हैं।

25. व्यक्ति की पहले उद्दीपक की निरन्तरता के परिणामस्वरूप दूसरे उद्दीपक के प्रति प्रत्युत्तर देने में असफलता का क्या कारण हो सकता है?

Correct Answer: (b) मनोवैज्ञानिक अननुक्रिया काल (पी. आर.पी)
Solution:

व्यक्ति के पहले उद्दीपक की निरन्तरता के परिणामस्वरूप दूसरे उद्दीपक के प्रति प्रत्युत्तर देने में असफलता का कारण मनोवैज्ञानिक अनुक्रिया काल (PRP) को माना जाता है।

मनोवैज्ञानिक अननुक्रिया काल अथवा मनोवैज्ञानिक दुर्दम्य काल (PRP) प्रभाव प्रतिक्रिया विलम्ब रूप से होता है, जो कि एक अड़चन का कारण माना जाता है।

26. कुछ लोग एक वस्तु का चित्र बनाने, उसके समान वस्तुओं के साथ मिलान करने और संघटक भागों का विवरण करने में सक्षम है लेकिन जो वस्तु उन्होंने अभी देखी थी या बनाई थी उसको पहचाने में असक्षम होते है। इस घटना को निम्नलिखित में से कौन वर्णित करता है?

Correct Answer: (a) साहचर्यात्मक अभिज्ञान
Solution:

साहचर्यात्मक अभिज्ञान से आशय व्यक्ति की समझने में कठिनाई से है। वे चित्र बना सकते हैं या नकल कर सकते हैं पर वे यह नही जानते कि उन्होने क्या बनाया है।

मौखिक या स्पर्श सम्बन्धी जानकारी के साथ परीक्षण किए जाने पर वे रूप को सही ढंग से समझते हैं और वस्तु को जानते हैं परन्तु वस्तु की पहचान नहीं कर सकते हैं।

27. अपनी योग्यताओं का अन्वेषण एवं उनकी समझ हमें खुशी तो देती है, परन्तु साथ ही नई जिम्मदारियों और दायित्वों के प्रति भयाक्रांत भी करती है। इसे कहते है:-

Correct Answer: (b) जोना कॉम्प्लेक्स (मनोग्रंथि)
Solution:

अपनी योग्यताओं का अन्वेषण एवं उनकी समझ हमें खुशी तो देती है, परन्तु साथ ही नई जिम्मेदारियों एवं दायित्वों के प्रति भयाक्रान्त भी करती है।

तो यह जोना काम्प्लेक्स (मनोग्रन्थि) कहलाता हैं। जोना काम्प्लेक्स हमें नई चुनौतियों और परिस्थितियों का सामना करने के डर से, पूरी तरह से आत्म-वास्तविक होने का निषेध कराता है।

28. शांति, सहिष्णुता, सामाजिकता, आराम प्रम तथा सहजता जैसी विशेषताएँ निम्नलिखित में से किसे प्रदर्शित करती हैं?

Correct Answer: (a) अंतरांगप्रधानता (विसरटोनिया)
Solution:

शान्ति, सहिष्णुता, सामाजिकता, आराम प्रेम तथा सहनता जैसी विशेषताएँ अंतरागप्रधानता (विसर टोनिया) का प्रतीक होती हैं। अंतरागप्रधानता व्यक्ति को मिलनसार, आसान और आराम की तलाश के रूप में चिन्हित करता है।

29. एनराइट द्वारा प्रतिपादित क्षमा के मनोवैज्ञानिक प्रतिमान के किस चरण में व्यक्ति को अपराधी की संज्ञानात्मक सूझबूझ के संबंध में एक नए पक्ष का पता चलता है जिसके फलस्वरूप अपराधी स्वयं और संबंध के बारे में सकारात्मक परिवर्तन दृष्टिगोचर होता है?

Correct Answer: (c) कार्य का चरण (वर्क फेज)
Solution:

कार्य का चरण (वर्क फेज) व्यक्ति को अपराधी की संज्ञानात्मक सूझबूझ के सम्बन्ध में एक नए पक्ष का पता चलता है, जिसके फलस्वरूप अपराधी स्वयं और सम्बन्ध के बारे में सकारात्मक परिवर्तन दृष्टिगोचर होता है।

30. संसार को जैसा है वैसे ही बिना असंतुष्टि के स्वीकार करना सम्भव है। बौध धर्म में निम्नलिखित में से किससे सम्बधित है?

Correct Answer: (c) लोभ का परिहार
Solution:

संसार को जैसा है, वैसे ही बिना असन्तुष्टि के स्वीकार करना सम्भव है। बौद्ध धर्म में यह लोभ का परिहार से सम्बन्धित है।