यू.जी.सी./एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020-जून 2021 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

51. अनुक्रिया निर्माण में निम्नलिखित में से व्युत्क्रम का कौन सा प्रकार देखा जाता है?

(A) अप्रत्यक्ष
(B) प्रत्यक्ष
(C) चेतन
(D) अवचेतन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (B) और (D)
Solution:

अनुक्रिया निर्माण एक रक्षा तन्त्र है, जिसमें एक व्यक्ति अनजाने में एक अवांछित या चिंता-उत्तेजक आवेग को इसके विपरीत के साथ बदल देता है।जिसे अक्सर अतिरंजित या दिखावटी तरीके से व्यक्त किया जाता है। अनुक्रिया निर्माण में प्रत्यक्ष एवं अवचेतन का समावेश होता है।

52. अभिवृतियों का क्लासिकी अनुबंधन बिना स्वः जागरूकता (अनजाने में) के निम्न में से किसके माध्यम से हो सकता है?

(A) उपदेहलीय अनुबंधन
(B) अवलोकलात्मक अधिगम
(C) केवल अनावृति
(D) सामाजिक संजाल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A) और (C)
Solution:

अभिवृत्तियों का क्लासिकी अनुबन्धन बिना स्वः जागरूकता के विभिन्न परिस्थितियों के एक विशेष सेट के तहत, दृश्य उत्तेजनाएँ प्रतिभागियों को कभी भी उत्तेजनाओं को देखे बिना प्रतिकुल परिणामों से जुड़ी हो सकती है। तथा यह अभिवृत्ति उपदेहलीय अनुबन्धन तथा अनावृत्ति के माध्यम से हो सकता है।

53. साइबर भयाभिभूत कृत्य के बारे में कौन से कथन सही है?

(A) इसमें अंतर्बाधा निवारण शामिल है।
(B) इसमें मूकदर्शक की कम भूमिका होती है।
(C) इसमें प्रतिशोध लक्ष्य का सामर्थ्य अधिक होता है।
(D) इसमें कोई साक्ष्य नहीं बचता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल (A),(B) और (C)
Solution:

किसी के खिलाफ दुर्भावना से अफवाहें फैलाना, नफरत फैलाना तथा बदनाम करना साइबर बुलिंग की श्रेणी में आतें हैं। इण्टरनेट के माध्यम से गलत फोटो, गलत भाषा या फेक न्यूज आदि का इस्तेमाल करते हुए किसी भी व्यक्ति को डराना, धमकाना, उसे टार्चर करना तथा उसे गलत दिशा में भटकाना आदि साइबर बुलिंग के तहत आता है।

साइबर भयाभिभूत कृत्य के अन्तर्गत इसमें अन्तर्बाधा निवारण शामिल है, इसमें मूकदर्शन की कम भूमिका होती है तथा इसमें प्रति शोध लक्ष्य का सामर्थ्य अधिक होता है।

54. स्कूल सफलता के लिए निम्नलिखित में से अधिगम परिवेश के विषय में कौन सा उचित माना जाएगा?

(A) आत्म छवि अधिगम के लिए अनिवार्य है।
(B) प्रेरणा और अध्ययन के लिए अति उच्च लक्ष्य का निर्धारण आवश्यक है।
(C) सफलता की अनुभिति पुनरावृत्ति से अधिक चुनौतीपूर्ण कार्य करने का परिणाम है।
(D) बच्चे की आध्यात्मिक पहचान अधिगम के लिए अनिवार्य है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A),(C) और (D)
Solution:

एक अच्छा सीखने का माहौल शिक्षाथियों के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान करता है। शिक्षाथियों को मानसिक व शारीरिक रूप से सुरक्षित महसूस कराना चाहिए। स्कूली सफलता के लिए अधिगम के लिए अधिगम परिवेश में तीन प्रकार के अध्ययन को उचित माना गया है।
1. आत्म छवि अधिगम के लिए अनिवार्य है।
2. सफलता की अनुभूति पुनरावृत्ति से अधिक चुनौतीपूर्ण कार्य करने का परिणाम है।
3. बच्चे की आध्यात्मिक पहचान अधिगम के लिए अनिवार्य है।

55. निम्नलिखित में से कौन डब्लयू ए आई एस (WAIS) के निष्पादन उपपरीक्षण है?

(A) अंक विस्तार (डिजिट स्पैन)
(B) समरूपता (सिमिलैरिटी)
(C) अंक प्रतीक (डिजिट सिम्बल)
(D) वस्तु समुच्च (आब्जेक्ट असैम्बली)
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल (C) और (D)
Solution:

WAIS (Wechsler Adult Intelligence Scale एक खुफिया परीक्षण है, जिसे पहली बार 1955 में प्रकाशित किया गया था। और इसे वयस्कों और पुराने किशोरों में बुद्धिमत्ता को मापने के लिए डिजाइन किया गया था। अंक प्रतीक (Digit Symbol) तथा वस्तु-समुच्चय (object Assambali)WAIS के निष्पादक उपपरीक्षण हैं।

56. स्कीनर द्वारा दी गई पुर्नबल प्रक्रिया के सन्दर्भ वाचिक प्रत्युत्तरो की श्रेणियां निम्न में से कौन सी हैं?

(A) मैंड
(B) टैक्ट
(C) गूंजात्मक व्यवहार (इकोइक बिहेवियर)
(D) ओटोक्लिटिक व्यवहार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (A), (B), (C)और (D)
Solution:

स्किन्नर (1957) ने मौखिक व्यवहार को ऐसे व्यवहार के रूप में परिभाषित किया जो स्रोता की मध्यस्थता के माध्यम से प्रबलित होता है।

मौखिक व्यवहार का तात्पर्य एक वक्ता और स्रोता के बीच एक सामाजिक और पारस्परिक सम्बन्ध है, जहाँ वक्ता द्वारा स्रोता के व्यवहार के माध्यम से सुदृढीकरण तक पहुँच प्राप्त होती है।

अतः स्कीन्नर द्वारा दी गई पुनर्बलन प्रक्रिया के सन्दर्भ वाचिक प्रत्युत्तरों की श्रेणियाँ निम्नलिखित है।
1. मैड़
2. टेक्स्ट
3. गुंजात्मक व्यवहार
4. आटोक्लिटिक व्यवहार

57. इनमें से किसका उपयोग 'सामाजिक संदर्भन' के लिए नहीं होता?

(A) अनिश्चित परिस्थितियों तथा घटनाओं के अर्थ का वर्णन करने में से सहायता हेतु जानबूझकर दूसरों की भावनाओं के बारे में खोजबीन करना (B) यह लगभग 2-3 साल की उम्र के आस पास होता है।
(C) नवजात सामाजिक संदर्भन में चेहरे के हाव-भाव का प्रयोग करते हैं।
(D) नवजात को किसी विशेष स्थिति में दूसरों के व्यवहार के महत्व को समझने की आवश्यकता होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल (B)
Solution:

सामाजिक सन्दर्भ उस प्रक्रिया को सन्दर्भित करता है, जिसमें शिशु पर्यावरणीय वस्तुओं, व्यक्तियों और स्थितियों के प्रति अपने व्यवहार को विनियोजित करने के लिए एक वयस्क के भाषात्मक प्रदर्शन का उपयोग करते है।

सामाजिक सन्दर्थ उनउन प्रमुख तन्त्रों में से एक का प्रतिनिधित्व करता है, जिसके द्वारा शिशु अपने आस-पास की दुनिया को समझते हैं।

1. सामाजिक सन्दर्भ अनिश्चित परिस्थितियों तथा घटनाओं के अर्थ का वर्णन करने में सहायता करता है।
2. सामाजिक सन्दर्भ में नवजात चेहरे के हाव-भाव का प्रयोग किया जाता है।
3. इसमें नवजात को किसी विशेष स्थिति में दूसरों के व्यवहार के महत्व को समझने की आवश्यकता होती है।

58. निम्नलिखित में से कौन संज्ञानात्मक असंगति की विशेषता बतलाता है?

(A) असंगति उन परिस्थितियों में होती हैं जिनमें अनिवार्य अनुपालन शामिल हैं।
(B) असंगति निवारण के प्रयास बर्धित प्रान्तिक (कॉर्टिकल) गतिविधि में प्रदर्शित होते हैं।
(C) असंगति को सीधे तौर पर कम नहीं किया जा सकता, बल्कि केवल उन संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं को जोड़कर ही कम किया जा सकता है जो हमारे व्यवहारों को उचित ठहराती हैं।
(D) असंगति को सीधे कम नहीं किया जा सकता अपितु यह केवल यह संज्ञेय को जोड़ने से ही हो पाती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (A), (B) और (D)
Solution:

संज्ञानात्मक असंगति विरोधाभासी जानकारी की धारणा है। इसमें सूचना की प्रासंगिक वस्तुओं में एक व्यक्ति के कार्यों, भावनाओं, विचारों, मूल्यों और पर्यावरण में चींजे शामिल है। संज्ञानात्मक असंगति की विशेषतायें निम्नलिखित हैं-
1. असंगति उन परिस्थितियों में होती है, जिनमें अनिवार्य अनुपालन शामिल है।
2. असंगति निवारण के प्रयास वर्पित प्रान्तिक (कार्टिकल) गतिविधि में प्रदर्शित होते हैं।
3. असंगति तब प्रबल होती है, जब हमारे पास हमारी अभिवृत्ति-असंगत व्यवहार का कोई तर्क नहीं होता।

59. नई 'मनोदशा चिकित्सा' (न्यू मूड थेरेपी) :

(A) यह एक संज्ञानात्मक चिकित्सा है।
(B) यह अवसाद के उपचार के लिए बनी है।
(C) इसमें अनेक व्यवहारात्मक हस्तक्षेयों को शामिल किया गया है।
(D) यह एलिस द्वारा प्रतिपादित की गई थी।
(E) यह क्रिया प्रतिबद्धता चिकित्सा है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल (A),(B) और (C)
Solution:

नई मनोदशा चिकित्सा वर्षों पुरानी एक चिकित्सा थेरेपी है। साधारण भाषा में मिट्टी से शरीर पर लेप को मड़ थेरेपी कहा जाता है। नेचुरो पैथी यानी प्राकृतिक चिकित्सा में मिट्टी की पट्टी या मिट्टी के लेप के जरिये कई रोगों का इलाज किया जाता है।
नई मनोदशा चिकित्सा की निम्नलिखित विशेषतायें हैं।
1. यह एक संज्ञानात्मक चिकित्सा है।
2. यह अवसाद के उपचार के लिए बनी है।
3. इसमें अनेक व्यवहारात्मक हस्तक्षेयों को शामिल किया गया है।

60. कार्यकारी स्मृति के निम्न घटक हैं

(A) श्रवण इकाई
(B) शब्दार्थ इकाई
(C) केंद्रीय कार्याग (सेंट्रल एक्जिक्यूटिव)
(D) घटनाजन्य प्रतिरोध (एपिसोडिक बफर)
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (C) और (D)
Solution:

कार्यकारी स्मृति एक सीमित क्षमता वाली संज्ञानात्मक प्रणाली है, जो अस्थायी रूप से जानकारी रख सकती है। तर्क और निर्णय लेने और व्यवहार के मार्ग दर्शन के लिए कार्यशील स्मृति महत्वपूर्ण है।
कार्य शील स्मृति के घटक निम्नलिखित है-
1. केन्द्रीय कार्यांग
2. घटनाजन्म प्रतिरोध