Solution:इण्टरनेट व्यसन के स्टापस्टार्ट पुनरावर्तन चक्र क्रमानुसार हैं, जो कि निम्नलिखित है।
1. युक्तिकरण - युक्ति करण एक सुरक्षा तन्त्र है, जिसमें विवादास्पद व्यवहार या भावनाओं को जायज और एक उचित रूप में तर्क संगत या तार्किक ढंग से सही स्पष्टीकरण से बचने के लिए समझाया जाता है।
2. खेद - खेद अर्थात् अफसोस को विकासवाद द्वारा वातानुकूलित मानसिक घटना के रूप में देखा जाता है। यह इण्टरनेट व्यसन के पुनरावर्तन की द्वितीय प्रक्रिया है।
3. परिहार - परिहार अथवा संयम आनन्ददायक या वांछित गतिविधियों का जान बुझकर परिहार है। आम बोलचाल में इस शब्द का इस्तेमाल अक्सर शराब या सेक्स से बचने के लिए किया जाता है, परन्तु इसका प्रयोग किसी भी आनन्द दायक गतिविधि के लिए किया जा सकता है।
4. पुनरावर्तन- पुनरावर्तन का आशय स्पष्ट इलाज की अवधि के बाद किसी विकार या बीमारी की पुनरावृत्ति से है। यह शब्द संयम की अवधि के बाद मादक द्रव्यों के सेवन की पुनरावृत्ति को भी सन्दर्भित करता है।