यू.जी.सी./एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020-जून 2021 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

81. नफ्स (स्वयं सूफीवार में) को निम्न मे उच्च स्व में व्यवस्थि करें।

(A) ईश्वर को आह्वादित करने वाला स्वः
(B) विशुद्ध स्वः
(C) उत्प्रेरित स्वः
(D) प्रशांत स्वः
(E) आह्वादित स्वः
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) C, D, E, A. B
Solution:

नफ्स (Self in Sufian) को "जीवन शक्ति" के रूप में परिभाषित किया गया है। मनोवैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए, उनके निचले रूप में, उन्हें सहज प्रेरणा या ऊर्जा के रूप में माना गया है, जिनका स्वयं का अर्ध-स्वायत्त जीवन होता है।
अतः नफ्स को निम्न से उच्च स्वर में क्रमानुसार व्यवस्थित किया गया है।
1. उत्प्रेरित स्वः 2. प्रशांत स्वः 3. आह्वादित स्वः 4. ईश्वर को आह्वादित करने वाला स्वः 5. विशुद्ध स्वः

82. मास्टर और जॉनसन के अनुसार निम्नलिखित में से कौन काम अनुक्रिया का सही क्रम है?

(A) उत्तेजना
(B) इच्छा
(C) समताप (प्लैयू)
(D) कामसन्तुष्टी
(E) उपशमन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A, C, D, E
Solution:

मास्टर्स और वर्जीनिया जानसन ने 1966 में प्रतिभागियों के शरीर विज्ञान में परिवर्तन की लगभग 10,000 रिकार्डिंग के आधार पर मानव यौन प्रतिक्रिया के चार चरण "रैखिक माड़ल का प्रस्ताव रखा। इन आंकड़ों से उन्होंने चार प्रकार के रैखिक चरणों की पहचान की जो कि क्रमानुसार है।
1. उत्तेजना  2. समताप 3. कामसन्तुष्टी 4. उपशमन

83. थिबॉट और कीली (1959) द्वारा उनके सामाजिक विनिमय के सिद्धांत में दिए गए संबंध अनुरक्षण में स्तरों का सही क्रम दर्शाएं।

(A) सौदेकारिता
(B) प्रतिबद्धता
(C) प्रतिदर्शन
(D) संस्थागतीकरण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) C, A, B, D
Solution:

थिबार और कीली (1959) द्वारा उनके सामाजिक विनियम के सिद्धांत में यह प्रस्ताव है कि सामाजिक व्यवहार एक विनियम प्रक्रिया का परिणाम है। इस एक्सचेंच का उद्देश्य लाभ को अधिकतम करना और लागत को कम करना है। इस सिद्धांत के अनुसार, लोग सामाजिक सम्बन्धों के संभावित लाभों और जोखिमों को तौलते है। अतः थिबाट और कीली द्वारा 1959 में सामाजिक विनिमय के सिद्धांत में दिए गए सम्बन्धों का स्तर क्रमानुसार है।
1. प्रतिदर्शन
2. सौदेकारिता
3. प्रतिबद्धता
4. संस्थागतीकरण

84. किशोरावस्था में आत्म पहचान निर्माण (आइडेटिंटी फार्मेशेन) का अनुक्रम दीजिए।

(A) संहति
(B) अन्वेषण
(C) पुनर्मेल
(D) विभेदन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) D, B, C, A
Solution:

किशोरावस्था मनुष्य के जीवन का बसंतकाल माना जाता है। यह काल (12-19) वर्ष तक रहता है। यह काल भी सभी प्रकार की मानसिक शक्तियों के विकास का समय है। भावों की विकास के साथ-2 बालक की कल्पना का भी विकास होता है।

अतः किशोरावस्था में आत्म-पहचान निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें मनुष्य स्वयं और अपनी पहचान के बारे में एक स्पष्ट और अद्वितीय दृष्टिकोण विकसित करता है।

किशोरावस्था में आत्म-पहचान निर्माण क्रमानुसार होते हैं, जो कि निम्नलिखित है-1. विभेदन 2. अन्वेषण 3. पुनर्मेल 4. संहति

85. इन्टरनेट व्यसन (इंटरनेट एडिक्शन) के स्टॉप-स्टार्ट पुनरावर्तन चक्र को क्रम के अनुसार व्यवस्थित कीजिए

(A) खेद
(B) युक्तिकरण
(C) पुनरावर्तन
(D) परिहार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) B, A, D, C
Solution:

इण्टरनेट व्यसन के स्टापस्टार्ट पुनरावर्तन चक्र क्रमानुसार हैं, जो कि निम्नलिखित है।
1. युक्तिकरण - युक्ति करण एक सुरक्षा तन्त्र है, जिसमें विवादास्पद व्यवहार या भावनाओं को जायज और एक उचित रूप में तर्क संगत या तार्किक ढंग से सही स्पष्टीकरण से बचने के लिए समझाया जाता है।
2. खेद - खेद अर्थात् अफसोस को विकासवाद द्वारा वातानुकूलित मानसिक घटना के रूप में देखा जाता है। यह इण्टरनेट व्यसन के पुनरावर्तन की द्वितीय प्रक्रिया है।

3. परिहार - परिहार अथवा संयम आनन्ददायक या वांछित गतिविधियों का जान बुझकर परिहार है। आम बोलचाल में इस शब्द का इस्तेमाल अक्सर शराब या सेक्स से बचने के लिए किया जाता है, परन्तु इसका प्रयोग किसी भी आनन्द दायक गतिविधि के लिए किया जा सकता है।

4. पुनरावर्तन- पुनरावर्तन का आशय स्पष्ट इलाज की अवधि के बाद किसी विकार या बीमारी की पुनरावृत्ति से है। यह शब्द संयम की अवधि के बाद मादक द्रव्यों के सेवन की पुनरावृत्ति को भी सन्दर्भित करता है।

86. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखिते है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में:

अभिकथन (A): पुरूषों की तुलना में महिलाओं में प्रधान (डोमिनेन्ट) गुणसूत्रों के संवहन की संभावना दो गुनी होती है।
कारण (R) : पुरूषों की तुलना में महिलाओं में दो X गुणसूत्र होते हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तरे का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

पुरूषों की तुलना में महिलाओं में प्रधान गुणसूत्रों के संवहन की संभावना दो गुनी होती है तथा पुरूषों की तुलना में महिलाओं में दो Xx गुणसूत्र होते हैं।

अतः अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही है और (R),(A) की सही व्याख्या है।

87. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखिते है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में :

अभिकथन (I): एडवर्ड पर्सनालिटी प्रेफरेन्स सेड्यूल (ई पी पी एस) में फोस्ड चयन प्रारूप का प्रयोग होता है।
अभिकथन (II): फोस्ड चयन प्रारूप का प्रयोग प्रायः समाजिक वांछित प्रत्युत्तर रोकने के लिए होता है।
उपरोक्त कथन के आलोक मे, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) अभिकथन (I) और (II) दोनों सही हैं।
Solution:

एडवर्डस, पर्सनालिटी प्रेफरेंस सेड्यूल (EPPS) एक मजबूर विकल्प, उद्देश्य, गैर-प्रोजेक्टिव व्यक्तित्व सूची है। यह परीक्षण 16-85 वर्ष के बीच होता है तथा इसे पूरा करने में लगभग 45 मिनट का समय लगता है। एडवर्ड पर्सनालिटी प्रेफरेंस सेड्यूल (EPPS) में फोस्ड चयन प्रारूप का प्रयोग होता है तथा फोस्ड चयन प्रारूप का प्रयोग प्रायः सामाजिक वांछित प्रत्युत्तर रोकने के लिए होता है। अतः अभिकथन I व II दोनों सही है।

88. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखिते है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में :

अभिकथन (A): पुनर्बलन की निर्धारित अंतराल सूची में व्यवहार पर निर्धारित समयावधि में पुनर्बलन किया जाता है।
कारण (R): जब छात्रों का समय-समय पर जानकारी (फीडबैक प्राप्त होती है तो उनके कार्यनिष्पादन का स्तर बढ़ जाता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

पुनर्बलन का आशय ऐसी प्रक्रिया से है, जो अनुक्रिया की संख्या में वृद्धि करती है, पुनर्बलन कहलाती है। पुनर्वलन की निर्धारित अन्तराल सूची में व्यवार पर निर्धारित समयावधि में पुनर्बलन किया जाता है। परन्तु यह आवश्यक नहीं है कि जब छात्रों को समय-समय पर जानकारी (फीडबैंक) प्राप्त होती है तो उनके कार्य-निष्पादन का स्तर बढ़ जाता है।

अतः कथन (A) व कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R),(A) की सही व्याख्या नहीं है।

89. नीचे दो कथन दिए गए है: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखिते है, तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में:

अभिकथन (A) : कैटेल ने Q₁, Q₂, Q₃, ,और Q₄,घटकों को 16 PF में शामिल किया।
कारण (R): कुछ घटक केवल L-प्रदत्त में पाये गये थे, Q तथा T-प्रःदत्तों में नहीं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

कैटेल के व्यक्तित्व कारकों को सोलह व्यक्तित्व फैक्टर प्रश्नावली (16PF) में शामिल किया। जिसका आज व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।  कैटेल ने Q₁, Q₂, Q₃ और Q₄, घटकों को 16 PF में शामिल किया। तथा कुछ घटक केवल L-प्रःदत्त में पाये गये थे, तथा T-प्रदत्तों में नहीं। परन्तु L-प्रदत्त में पाये गए घटकों को 16 PF में शामिल नहीं किया गया।

अतःअभिकथन (A) व कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R),(A) की सही व्याख्या नहीं है।

90. नीचे दो कथन दिए गए है: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखिते है, तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में:

अभिकथन (A): लेविन ने बलपूर्वक कहा कि परोहार-परिहारद्वंद्व तुलनात्मक रूप से अधिक स्थिर हैं।
कारण (R): विपरीत वेग असंतुलन की अवस्था को बनाए रखना चाहते हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) (A) सही हैं लेकिन (R) सही नहीं हैं।
Solution:

लेविन ने (1997) में बलपूर्वक कहा कि हमारे कार्यों को एक तथा के आधार पर समझाया जा सकता है तथा परिहारपरिहार द्वन्द तुलनात्मक रूप से अधिक स्थिर है, परन्तु यह आवश्यक नहीं है कि विपरीत वेग असन्तुलन की अवस्था का बनाए रखना चाहते हैं।
अतः अभिकथन (A) सही है तथा कारण (R) सही नहीं है।