यू.जी.सी.एनटीए नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (विधि)

Total Questions: 100

21. 'किसी अवधारित वस्तु पर अधिकार के रूप में स्वामित्व उपयोग की दृष्टि से अनिश्चित, व्ययन की दृष्टि से अप्रतिबंधित और समय की दृष्टि से असीमित है।' स्वामित्व की यह परिभाषा निम्नांकित में से किसके द्वारा दी गयी है?

Correct Answer: (b) ऑस्टिन
Solution:ऑस्टिन ने स्वामित्व को परिभाषित करते हुए कहा कि किसी अवधारित वस्तु पर अधिकार के रूप में स्वामित्व उपयोग की दृष्टि से अनिश्चित, व्ययन की दृष्टि से अप्रतिबंधित और समय की दृष्टि से असीमित है।

22. "मैं वचन देता हूँ कि मैं निकटतम आगामी पहली मार्च को ख को 50,000 रुपए संदत्त करूंगा और अपना काला घोड़ा उसे परिदत्त करूंगा।" यह है-

Correct Answer: (d) वचनपत्र नहीं
Solution:प्रस्तुत समस्या परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 4 के दृष्टिगत (h) के सदृश्य है जिसके अनुसार यह वचन कि मैं आगामी पहली मार्च को B को 50000 रूपये संदत करूंगा और अपना काला घोड़ा उसे परिदत्त करूगा एक वचनपत्र नही है।

23. बाई ताहिरा बनाम अली हुसैन फिदाल्ली (ए आई आर 1979 एससी 362) का वाद निम्नलिखित में से संबंधित है :

Correct Answer: (a) भरण पोषण
Solution:बाई ताहिरा बनाम बली हुसैन फिदाल्ली (1979) का मामला भरण पोषण (maintenance) से सम्बधित है।

24. निम्नलिखित में से किस वाद में हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 9 को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया है?

Correct Answer: (b) टी. सरिया बनाम टी.वी. सुब्बैया
Solution:टी. सरिया बनाम टी. बी. सुब्बैया के वाद में हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 9 को असंवैधानिक घोषित कर दिया कर गया,

किन्तु, सरोज रानी बनाम सुदर्शन कुमार (1984) के बाद में न्यायालय ने कहा कि भारत में पति-पत्नी का एक दूसरे के साथ रहने का अधिकार किसी कानून की देन नही बल्कि यह अधिकार विवाह जैसी अवधारणा में अन्तर्निहित है। यह नहीं कहा जा सकता है कि अधिनियम की धारा 9 संविधान के अनु. 14 तथा 21 का उल्लंघन करती है।

25. निम्नलिखित में से कौन-सा अपकृत्य विधि के अधीन 'अतिचार' की निर्मिति हेतु आवश्यक नहीं है?

Correct Answer: (c) विधि-विरुद्ध आशय से
Solution:अपकृत्य विधि के अन्तर्गत अतिचार निर्मित हेतु किसी अन्य व्यक्ति की भूमि में विधि विरुद्ध आशय से प्रवेश करना आवश्यक नहीं है।

भूमि अतिचार का तात्पर्य विधिपूर्ण न्यायानुमति के बिना भूमि के आधिपत्य से हस्तक्षेप अथवा बाधा करना है। अतिचार स्वयं अपने आप में कार्यवाही योग्य है और वादी को अतिचार की कार्यवाही में कोई क्षति साबित करने की आवश्यकता नहीं होती है।

26. तुलनात्मक लोक विधि है:

Correct Answer: (c) विधि-अध्ययन की पद्धति
Solution:तुलनात्मक लोक विधि, विधि अध्ययन की पद्धति है। तुलनात्मक सार्वजनिक कानून ने भारत जैसे लोकतंत्र के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तुलनात्मक सार्वजनिक कानून की भूमिका भारतीय संविधान में निम्न स्थानों पर है-

(1) प्रस्तावना
(2) मौलिक अधिकार
(3) राज्य के नीति निर्देशक तत्व
(4) सरकार का संसदीय स्वरूप
(5) संघवाद
(6) न्यायिक समीक्षा
(7) संशोधन इत्यादि ।

27. 'हम लोग' शब्दों का उल्लेख निम्नलिखित में से किन देशों के संविधान में है?

Correct Answer: (c) भारत और कनाडा
Solution:'हम लोग' शब्दों का उल्लेख भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान में मिलता है।

28. किसी संविदा-भंग होने के परिणामस्वरूप हुई हानि या नुकसान के आकलन में, वह साधन जो संविदा के अपालन से हुई असुविधा का समाधान करने के लिए विद्यमान थे-

Correct Answer: (c) दृष्टि में अवश्य रखना होगा
Solution:संविदा भंग होने के परिणमस्वरूप हुई हानि या नुकसान के आकलन में वह साधन जो संविदा के अपालन से हुई असुविधा का समाधान करने के लिए विद्यामान थे दृष्टि में अवश्य रखना होगा। संविदा भंग की दशा में क्षतिपूर्ति से सम्बधित प्रावधान संविदा अधिनियम1872 की धारा 73 में किया गया है।

29. गलत प्रत्युत्तर इंगित कीजिए -

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 का उद्देशिका में उल्लिखित है:

Correct Answer: (c) अन्तरराष्ट्रीय अभिकरणों (संस्थाओं) के साथ दस्तावेजों की इलेक्ट्रोनिक फाइलिंग की सुविधा प्रदान करता है।
Solution:सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की उद्देशिका के अनुसार, इस अधिनियम का उद्देश्य निम्न है-

(1) इलेक्ट्रानिक डाटा के आदान-प्रदान और इलेक्ट्रॉनिक संसूचना के अन्य साधनों द्वारा जिन्हें सामान्यतया इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य कहा जाता है, मान्यता प्रदान करना।
(2) कागज आधारित संचार विधियाँ और सूचना भंडारण के विकल्पों के तौर पर अन्य चीजों का प्रयोग शामिल करना।
(3) सरकारी अधिकरणों में दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक रूप में फाइल करना सुकर बनाना तथा
(4) भारतीय दण्ड संहिता 1860, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 बैंकर बही साक्ष्य अधिनियम 1891 और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनिमय 1934 का संशोधन तथा उससे सम्बंधित विषयों का उपबंध करना।

30. माल विक्रय अधिनियम, 1930 में कसूर (त्रुटि) अभिप्रेत है:

Correct Answer: (c) त्रुटिपूर्ण कार्य या चूक (व्यतिक्रम)
Solution:माल विक्रय अधिनियम 1930 की धारा 2(S) के अनुसार कसूर (त्रुटि) से सदोष कार्य या व्यतिक्रम अभिप्रेत है।