A. न्यायालय को जाँच करनी चाहिए, कि क्या किसी विधायिका ने व्यापक या अस्पष्ट शब्द प्रयोग किए हैं अथवा नहीं, जो किसी अधिनियम के प्रचालन का विस्तार कर सकते हैं।
न्यायालय को कानून के मूलतत्व को देखना चाहिए और न कि उसके रूप या लेबल को जिसे विधायिका ने उसे दिया है।
C. न्यायालय को कानून के उद्देश्य तथा प्रभाव को देखना चाहिए।
D. यदि विधायिका किसी विधायी योजना के अधीन कार्य करती है तो न्यायालय को उस योजना को बनाने वाली सभी संविधियों को पढ़ना और उनके संयुक्त प्रभाव का निर्धारण करना चाहिए।
E. न्यायालय को अवश्य देखना चाहिए कि अधिनियम में विरोध की मात्रा विद्यमान हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
Correct Answer: (b) केवल B, C और D
Solution:स्टेट ऑफ बिहार बनाम कामेश्वर सिंह (1952) के मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह पता लगाने के लिए कि क्या कोई अधिनियम विशेष छद्म विधायन है, निम्नलिखित परीक्षण निर्धारित किए है-(1) न्यायालय को कानून के मूल तत्व को देखना चाहिए, न कि उसके रूप या लेबल को जिसे विधायिका ने उसे दिया है
(2) न्यायालय को कानून के उद्देश्य तथा प्रभाव को देखना चाहिए।
(3) यदि विधायिका किसी विधायी योजना के अधीन कार्य करती है। तो न्यायालय को उस योजना को बनाने वाली सभी संविधियों को पढ़ना और उनके सयुक्त प्रभाव का निर्धारण करना चाहिए।