यू.जी.सी.एनटीए नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 (विधि)

Total Questions: 100

81. कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा के अनुसार निम्नलिखित को अवरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

A. विनिमय पत्र इत्यादि का निष्पादन
B. दोहराए गए दोष के मामले में दण्ड
C. सरकारी कंपनियों पर वार्षिक प्रतिवेदन
D.  परिसमापन हेतु याचिका
E.  कंपनी सचिव के कृत्य

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) B, C, D, E, A
Solution:कंपनी अधिनियम 2013 की धारा का अवरोही क्रम निम्न है-
A.दोहराए गए दोष के मामले में दण्ड
B. सरकारी कंपनियों पर वार्षिक प्रतिवेदन
C. परिसमापन हेतु याचिका
D. कंपनी सचिव के कृत्य
E. विनिमय पत्र इत्यादि का निष्पादन

82. भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णीत निम्नलिखित मामलों पर विचार कीजिए और निर्णय के वर्ष के कालक्रम अनुसार (प्राचीन से नवीन) सही अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:

A.  नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ
B. रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा
C. सायरा बानो बनाम भारत संघ
D.  सेल्वी बनाम कर्नाटक राज्य
E. शंकरी प्रसाद बनाम भारत संघ

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) E, B, D, C, A
Solution:भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णीत मामलों का कालक्रम (प्राचीन से नवीन) निम्न है-
A. शंकरी प्रसाद बनाम भारत संघ (1951)
B. रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा (2002)
C. सेल्वी बनाम कर्नाटक राज्य (2010)
D. सायरा बानो बनाम भारत संघ (2017)
E. नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018)

83. भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णीत निम्नलिखित मामलों पर विचार कीजिए और उसे निर्णय के वर्ष के कालक्रम अनुसार (नवीन से प्राचीन) सही अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए :

A. मुकेश सिंह बनाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र
B. याकूब अब्दुल रज्जाक मेनन बनाम महाराष्ट्र राज्य
C. नवनीत कौर बनाम भारत संघ
D. मोहम्मद अजमल आमिर कसाब बनाम महाराष्ट्र राज्य
E.  ए.एस. मोहम्मद बनाम तमिलनाडु राज्य

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (e) *
Solution:भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णात मामले का कालक्रम (नवीन से प्रचीन) निम्न है-
D. ए.एस. मोहम्मद बनाम तमिलनाडु राज्य (2010)
C. मोहम्मद अजलम आमिर कसाब बनाम महाराष्ट्र राज्य (2012)
B. याकूब अब्दूल रज्जाक मेनन बनाम महाराष्ट्र राज्य (2013)
A. मुकेश सिंह बनाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (2017)
E. नवीनतम कौर बनाम भारत संघ (1947)

नोट - NTA ने प्रश्न को हटा दिया है।

84. निम्नलिखित को उनके घटित होने के उचित अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:

A. Intention/आशय
B. Preparation/तैयारी
C. कार्य
D. दोषसिद्धि
E. दंडादेश

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A, B, C, D, E
Solution:घटित होने का उचित क्रम निम्न है-
A. आशय (Intention)
B. तैयारी (Preparation)
C.कार्य (act)
D.दोषसिद्धि (Conviction)
E. दंडादेश (Punishment)

85. निम्नलिखित वादों को वर्षवार (प्राचीन से नवीन) के सही अनुक्रम में निर्णय दिए जाने वर्ष के अनुसार व्यवस्थित कीजिए:निम्नलिखित वादों को वर्षवार (प्राचीन से नवीन) के सही अनुक्रम में निर्णय दिए जाने वर्ष के अनुसार व्यवस्थित कीजिए:

A.सज्जन सिंह बनाम राजस्थान राज्य
B. किहोतो होलोहान बनाम जाचिल्हू
C. एल. चन्द्रकुमार बनाम भारत संघ
D.  मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
E.  अजीज बाशा बनाम भारत संघ

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) A, E, D, B, C
Solution:उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णीत वादों का क्रम प्राचीन से नवीन निम्न है-

A.सज्जन सिंह बनाम राजस्थान राज्य (1964)
B. अजीज बाशा बनाम भारत संघ (1967)
C. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980)
D. किहोतो होलोहान बनाम जाचिल्हू (1992)
E. एल. चन्द्र कुमार बनाम भारत संघ (1997)

86. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (AssertionA) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) के रूप में :

अभिकथन A: कब्जे के बारे में कहा जाता है कि कब्जा विधि का नव दशांस (नाइन प्वाएंट) है।
कारण R: किसी वस्तु पर कब्जा रखने वाले व्यक्ति के पास इसके वास्तविक स्वामी के सिवाय, संपूर्ण जगत की तुलना में से उस वस्तु पर बेहतर दावा होता है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है
Solution:कब्जे के बारे में कहा जाता है कि कब्जा विधि का नव दशांस है तथा किसी वस्तु पर कब्जा रखने वाले व्यक्ति के पास उसके वास्तविक स्वामी के सिवाय सपूर्ण जगत की तुलना में उस वस्तु पर बेहतर दावा होता है।

87. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) के रूप में :

अभिकथन A: उच्चतम न्यायालय द्वारा अभिमत व्यक्त गया है कि निर्णतानुसरण का सिद्धांत पूर्व निर्णय के महत्वपूर्ण सिद्धांतो में सक एक है।
कारण R : यदि उच्चतम न्यायालय अपने पूर्व के दृष्टिकोण को स्वीकार करने के असमर्थ पाती हो तो वह भिन्न रूप में वाद को अभिनिर्णित कर सकती है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, Aकी सही व्याख्या नहीं है
Solution:निणतानुसरण के सिद्धांत का अर्थ है कि अदालतें अपने निर्णय देने के लिए पिछले,समान कानूनी मुद्दे का उल्लेख करती हैं। उच्चतम न्यायालय द्वारा अभिमत व्यक्त किया गया है

कि निर्णीतानुसार का सिद्धांत पूर्ण निर्णय के महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक है परन्तु यदि उच्चतम न्यायालय अपने पूर्व के दृष्टिकोण को स्वीकार करने में असमर्थ पाती हो तो वह भिन्न रूप में वाद को अभिनिर्णित कर सकती है।

88. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (AssertionA) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) के रूप में

अभिकथन A: द्विविवाह, हिन्दू विधि के अंतर्गत शून्यकरणीय है।
कारण R: शून्य विवाहों से उत्पन्न हुए बच्चे अपने माता-पिता के धर्मज बच्चे होते हैं।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजए।

Correct Answer: (d) A असत्य है लेकिन R सत्य है
Solution:हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 11 के अनुसार द्विविवाह शून्य है न कि शून्यकरणीय। परन्तु धारा 16 में उपबंध किया गया है कि शून्य विवाह (धारा 11) तथा शून्यकरणीय विवाह (धारा 12) से उत्पन्न हुए बच्चे अपने माता पिता के धर्मज बच्चे होते है।

89. नीचे दो कथन दिए गए हैं:

कथन I : विधि का स्रोत लोगों की सामान्य चेतना की अभिव्यक्ति में है।
कथन II : विधि लोगों के जीवन की देन है, यह उनके आत्मा की अभिव्यक्ति है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीकीएः

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सही हैं
Solution:फ्रेड्रिक कार्ल वोन सौविनी का मत है कि विधि का स्रोत लोगों की सामान्य चेतना की अभिव्यक्ति में है। किसी राष्ट्र के विकास के साथ-साथ वहां की विधि भी विकसित होती रहती है। जब राष्ट्र में चेतना उत्पन्न होती है तो वहाँ की विधि भी प्रभावी हो जाती है

लेकिन जब राष्ट्र अपनी राष्ट्रीयता खो देता है तो विधि का विनाश हो जाता है। अतः विधि लोगों के जीवन की देन है यह उनके आत्मा की अभिव्यक्ति है।

90. नीचे दो कथन दिय गए हैं:

कथन I : साल्मंड का कथन है कि कॉमन लॉ मूलतः न्यायाधीश-निर्मित विधि है।
कथन II : पोलक का कथन है कि कॉमन लॉ रूढिजन्य विधि है अर्थात प्रथाओं पर आधारित होती है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सत्य हैं
Solution:साल्मंड का कथन है कि कामन लॉ मूलतः न्यायाधीश निर्मित विधि है। अर्थात जब तक न्यायालयों द्वारा प्रचलित परंपराओं को स्वीकार नहीं किया जाता, उसे कानून नही कहा जा सकता है। जब कि पोलक का कथन है कि कामन लॉ रूढिजन्य विधि है। अर्थात प्रथाओं पर आधारित होती है।