अभिकथन A: कृत्यात्मक दृष्टिकोण से एक प्रशासनिक अधिकरण न ही अनन्य रूप से न्यायिक निकाय है, न ही अनन्य रूप से प्रशासनिक निकाय है। बल्कि इन दोनों का मध्यवर्ती है।
कारण R: एक प्रशासनिक अधिकरण साक्ष्य और प्रक्रिया के कड़े (सख्त) नियमों द्वारा आबद्ध नही होता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।
Correct Answer: (a) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
Solution:सामान्य न्यायालयों से हटकर जब किसी स्वतंत्र न्यायिक तंत्र का गठन शासन करता है तब उसे प्रशासनिक न्यायाधिकरण या अर्द्ध न्यायिक अभिकरण कहते हैं।कृत्यात्मक दृष्टिकोण से प्रशासनिक अभिकरण न ही अनन्य रूप से न्यायिक है और न ही अनन्य रूप से प्रशासनिक निकाय है, बल्कि यह अर्द्ध न्यायिक निकाय है जो साक्ष्य और प्रक्रिया के कड़े नियमों द्वारा आबद्ध नहीं होते हैं।