यू.जी.सी. एनटीए नेट /जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (विधि)

Total Questions: 100

21. 'अतिचार के अपकृत्य' के मामले में निम्नांकित में से कौन सा बचाव लागू नहीं होगा?

Correct Answer: (b) अंशदायी लापरवाही
Solution:अतिचार के अपकृत्य में सांविधिक प्राधिकार, प्राइवेट प्रतिरक्षा तथा अंतःकालीन लाभ बचाव है जबकि अंशदायी लापरवाही बचाव के रूप में लागू नहीं होता है।

22. बर्न अभिसमय, 1886 निम्नांकित में से किससे संबंधित है?

Correct Answer: (a) प्रतिलिप्याधिकार विधि
Solution:बर्न अधिसमय 1886 प्रतिलिप्याधिकार विधि से संबंधित है। 1886 में अपनाया गया बर्न अभिसमय साहित्यिक और कलात्मक कार्यों के लेखकों के अधिकारों की सुरक्षा से सम्बन्धित है।

23. 'मैं अमुक व्यक्ति को 5000 रु.की संदायगी करने और उसे अगले जनवरी की 1 तारीख को अपना काला घोड़ा देने का वचन देता हूँ।' यह निम्नांकित में से किसका उदाहरण है?

Correct Answer: (b) गैर-विधिमान्य वचनपत्र
Solution:प्रस्तुत समस्या परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 4 के दृष्टांत (b) पर आधारित है जिसके अनुसार अमुक व्यक्ति को 5000 रुपये की संदायगी करने और उसे अगले जनवरी की 1 तारीख को अपना काला घोड़ा देने का वचन देना, वचनपत्र नहीं है। धारा 4 मे वचनपत्र तथा धारा 5 में विनियमपत्र को परिभाषित किया गया है।

24. किसी प्रस्ताव को वचन में सम्परिवर्तित करने के लिए स्वीकार्य होना चाहिए :

A. आत्यंतिक
B. अविशोषित
C. सशर्त
D. यादृच्छिक
E. कुछ प्रायिक और समुचित तरीके में अभिव्यक्त

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B और E
Solution:भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 7 के अनुसार, प्रस्थापना को वचन में संपरिवर्तित करने के लिए प्रतिग्रहण आत्यंतिक और अविशेषित तथा किसी प्रायिक और युक्तियुक्त प्रकार से अभिव्यक्त होना चाहिए।

25. किसी ऋण के संदाय के लिए या किसी वचन के पालन के लिए प्रतिभूत के रूप में 'माल का अपनिधान' कहलाता है :

Correct Answer: (d) गिरवी
Solution:भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 172 के अनुसार किसी ऋण के संदाय के लिए या किसी वचन के पालन के लिए प्रतिभूति के तौर पर माल का अपनिधान गिरवी कहलाता है।
• क्षतिपूर्ति की संविदा - धारा 124
• प्रत्याभूति की संविदा - धारा 126
• बंधक उपनिधान - धारा 148

26. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए

सूची I (उपबंध)सूची II (धारा)
A.दाम्पत्य अधिकारों का प्रत्यास्थापनI. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 10
B.न्यायिक पृथक्करणII. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 12
C.विवाह के एक वर्ष के भीतर विवाह विच्छेद के लिए कोई अर्ज़ी नहींIII. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 9
D.शून्यकरणीय विवाहIV. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 14

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:सूची I का सूची II से मिलान निम्न है-

A. दाम्पत्य अधिकारों का प्रत्यास्थापन धारा 9, हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955
B. न्यायिक पृथक्करण - धारा 10, हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955
C. विवाह के 1 वर्ष के भीतर विवाह विच्छेद के लिए याचिका नहीं- धारा 14, हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955
D. शून्यकरणीय विवाह धारा 12, हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955

27. राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम की किस अनुसूची में प्रतिकर के अंशों (भाग) का उपबंध है?

Correct Answer: (b) अनुसूची II
Solution:राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2010 की अनुसूची II में प्रतिकर या अनुतोष के अंशों का उपबंध है।
• अनुसूची I में पर्यावरण से सम्बन्धित 7 अधिनियमों का उल्लेख किया गया है।
• अनुसूची III में कतिपय अधिनियमों का संशोधन संबंधी उल्लेख किया गया है।

28. नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

A. संधियों का पर्यवसान हो सकता है।
B.  संधियों का पर्यवसान नहीं हो सकता है।
C. संधियों का पर्यवसान हो सकता है। (I) विधि की क्रियाशीलता और (II) राज्य के पक्षकारों के कृत्य द्वारा
D. संधि का कार्य निष्पादन असंभव होना भी संधि के पर्यवसान का आधार हो सकता है और इस उपबंध का उल्लेख वियना कन्वेंशन ऑन लॉ ऑफ ट्रीटीज, 1969 के अनुच्छेद 51 में है।
E. संधि के कार्य निष्पादन का असंभव होना भी संधि का पर्यवसान का उत्तम आधार है और इस उपबंध का उल्लेख वियना कन्वेंशन ऑन लॉ ऑफ ट्रीटीज, 1969 के अनुच्छेद 57 में है।

 

Correct Answer: (e) *
Solution:संधियों का पर्यवसान राज्य प्रतिनिधियों की धोखाधड़ी त्रुटियों और भ्रष्टाचार के आधार पर किया जा सकता है। साथ ही साथ राज्य पक्षकारों के कृत्य अर्थात् आपसी सहमति से भी संधि की समाप्ति हो सकती है।

वियना कन्वेंशन 1969 के भाग 3 के खण्ड 3 में संधि के समाप्ति के आधार को परिभाषित किया गया है तथा अनुच्छेद 60 में संधि की समाप्ति के विभिन्न आधारों के व्यापक विवरण को बताया गया है। नोट- NTA ने उपर्युक्त प्रश्न को हटा दिया है।

29. शांति के लिए एकत्व संकल्प 1950' में पारित हुआ।

B. शांति के लिए एकत्व संकल्प महासभा द्वारा पारित हुआ था।
C. शांति के लिए एकत्व संकल्प सुरक्षा परिषद द्वारा पारित हुआ था।
D. अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा अक्षुण्ण बनाए रखना सुरक्षा परिषद का प्राथमिक उत्तरदायित्व है।
E.  अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा अक्षुण्ण बनाए रखना महासभा का प्राथमिक उत्तरदायित्व है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B और D
Solution:शांति के लिए एकत्व संकल्प 1950 में महासभा द्वारा पारित किया गया था। संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनु. 24 उपबंध करता है कि अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा अक्षुण्ण बनाए रखना सुरक्षा परिषद का प्राथमिक उत्तरदायित्व है।

30. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (B) के रूप में :

अभिकथन A: मिस्टर 'X' एक कॉमन कैरिअर 'Y' को बिना किसी देरी के मिस्टर 'X' की मिल को प्रदायगी के लिए एक मशीन देता है। 'Y' यह यह सूचना पढ़ने के वावजूद उसे प्रदायगी करने में अनुचित रूप से देरी करता है कि इस मशीन की कमी से उपरोक्त मिल बंद है।

परिणामस्वरूप, मिस्टर 'X' सरकारी संविदा गवां देता है। वह प्रतिकार पाने का हकदार है, जिसमें लाभ की औसत राशि सम्मिलित है, जो वह उस समय के दौरान बना लेता होता, जिसमें अदायगी में देरी हुई थी, लेकिन सरकारी संविदा की हानि के जरिए हुए हानि को नहीं।

कारण R : संविदा के भंग से हानि या क्षति का प्रतिकार इस प्रकार के भंग के कारण हुए किसी परोक्ष एवं अपरोक्ष हानि या क्षति के लिए नहीं दिया जाता है।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, Aकी सही व्याख्या है
Solution:प्रस्तुत समस्या भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 73 के दृष्टांत (i) पर आधारित है जिसके अनुसार X प्रतिकर के रूप में Y से उस औसत लाभ की रकम पाने का हकदार है

जो उस समय के दौरान में जिसमें उसका परिदान विलम्बित हुआ, मिल के चालू रहने से हुआ होता, किन्तु सरकार के साथ होने वाली संविदा के हाथ से निकल जाने से हुई हानि के लिए प्रतिकर पाने का हकदार नहीं है।