A. विधवा अवस्था के दौरान इद्दत की अवधि 4 माह 10 दिन है।
B. इद्दत की अवधि उस तारीख से आरंभ होती है जब महिला को विवाह विच्छेद का पता चलता है न कि विवाह विच्छेद की घोषणा किए जाने की तिथि से।
C. यदि विवाह अनियमित है और विवाहोत्तर संभोग होता है तो उस दशा में पत्नी इद्दत करने के लिए बाध्य होती है।
D.यदि पत्नी इद्दत करती है तो पति इद्दत की समयावधि के दौरान पत्नी का भरणपोषण करने के लिए बाध्य है।
E. यदि पत्नी गर्भवती हो जाए तो इद्दत की अवधि संतान के जन्म समय तक बढ़ाई जा सकती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Correct Answer: (b) केवल A, C, D, E
Solution:मुस्लिम विधि के अन्तर्गत इद्दत की अवधि निम्न है-(1) विधवा की इद्दत विधवा को 4 माह 10 दिन इद्दत अवधि में रहना होता है।
(2) विवाह विच्छेद की इद्दत - विवाह विच्छेद की अवस्था में यदि स्त्री को मासिक धर्म होता है तो इद्दत की अवधि 3 मासिक धर्म तथा यदि मासिक धर्म नहीं हो इद्दत 3 चन्द्रमास । इद्दत की अवधि उस तारीख से प्रारम्भ होती है जब महिला का विवाह विच्छेद होता है न कि उस समय से जब विवाह विच्छेद की जानकारी मिलती है।
(3) अनियमित विवाह में यदि विवाह के उपरान्त संभोग होता है तो पत्नी इद्दत पालन करने हेतु बाध्य है। यदि संभोग नहीं होता है। तो इद्दत पालन आवश्यक नहीं है।
(4) यदि पत्नी गर्भवती है तो इद्दत अवधि संतान के जन्म तक या गर्भपात तक होता है। इद्दत अवधि में पत्नी के भरणपोषण की जिम्मेदारी पति की होती है।