यू.जी.सी. एनटीए नेट /जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (विधि)

Total Questions: 100

81. निम्नलिखित का कालानुक्रम इंगित कीजिए:

A. नरसंहार अभिसमय
B.  समझौता (पैक्ट)
C. मांट्रियल हाइजैकिंग अभिसमय
D. संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसयम
E. राजनयिक संबंधों पर वियना अभिसमय

नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) A, B, E, C, D
Solution:सही कालानुक्रम निम्न है-

A. नरसंहार अभिसमय (1948)
B. वार्सा समझौता (1955)
C. राजनयिक संबंधों पर वियना अभिसमय (1961)
D. मांट्रियल हाइजैकिंग अभिसमय (1971)
E. संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय (1989)

82. निम्नलिखित केसों में कॉपीराइट के पद की समाप्ति को आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए

A.  Aने एक पुस्तक 1.10.2000 को लिखी और 2.10.2001 को मर गया
B. एक पुस्तक एक अनजान लेखक द्वारा लिखी गई और 1.10.2000
को प्रकाशित हुई। लेखक की पहचान 2.11.2000 को प्राप्त हुई। लेखक 3.12.2002 को मर गया।
C. एक सरकारी कृति 3.12.2000 को प्रकाशित हुई।
D. लेखक 3.12.2002 को मर जाता है और उसकी कृति 2.1.2003 को प्रकाशित हुई।
E. एक चलचित्रदर्शी फिल्म 5.1.1999 को प्रकाशित हुई थी।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) E, C, A, B, D
Solution:कापीराइट पद की समाप्ति का आरोही क्रम निम्न है-

(A) एक चलचित्रदर्शी फिल्म 5-1-1999 को प्रकाशित हुई, कापीराइट की समाप्ति 2060 में होगी धारा 26, कापीराइट अधि. 1957
(B) एक सरकारी कृति 3-12-2000 को प्रकाशित हुई, कापीराइट की समाप्ति 2061 से होगी धारा 28 कापीराइट अधि. 1957
(C) A ने एक पुस्तक 1-10-2000 को लिखी और 2-10-2001 को मर गया कापीराइट की समाप्ति 2062 में होगी धारा 22 कापीराइट अधि. 1957
(D) एक पुस्तक एक अनजान लेखक द्वारा लिखी गई और 1-10- 2000 को प्रकाशित हुई। लेखक की पहचान 2-11-2000 को हुई। लेखक की मृत्यु 3-12-2002 को हुई- कापीराइट की समाप्ति 2063 में होगी धारा 23 कापीराइट अधि. 1957
(E) लेखक 3-12-2002 को मर जाता है और उसकी कृति 2-1- 2003 को प्रकाशित हुई कापीराइट की समाप्त 2064 में होगी- धारा 24 कापीराइट अधि. 1957

नोट- NTA ने उपर्युक्त प्रश्न को हटा दिया है।

83. शक्तियों के पृथक्करण' का सिद्धांत देने का श्रेय किसे प्राप्त है?

Correct Answer: (c) मॉटेस्क्यू
Solution:शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धांत देने का श्रेय मांटेस्क्यू को प्राप्त है। मांटेस्क्यू का कथन है कि यदि तीनों शक्तियों को एक ही व्यक्ति या संस्था में केन्द्रित कर दिया जाए तो न्याय, स्वतंत्रता और व्यवस्था तीनों समाप्त हो जाएंगे और शक्तियों के केन्द्रीकरण के परिणामस्वरुप एक निरंकुश और अत्याचारी शासन स्थापित हो जाएगा।

84. यह निम्न में किसका कथन है?

"इंग्लैंड की विधि का बड़ा अंश और इसमें बहुत सी अन्य विधियों का योग होगा और यह न्यायाधीश द्वारा बनाई गई विधि है, अर्थात् इनमें वे नियम अंतविष्ट हैं जिसका संकलन न्यायालयों के निर्णय से किया जाता है।"

Correct Answer: (a) डायसी
Solution:डायसी ने अभिकथित किया है कि इंग्लैंड की विधि का बड़ अंश और इसमें बहुत सी अन्य विधियों का योग होगा और यह न्यायाधीश द्वारा बनाई गई विधि है। अर्थात् इनमें वे नियम अंतर्विष्ट हैं जिनका संकलन न्यायालयों के निर्णय से किया जाता है।

85. सॉमण्ड के अनुसार 4 प्रकार के विशिष्ट अधिकार हैं

A. स्वतंत्रताएँ
B. अधिकार
C. शक्ति
D. उन्मुक्तता
E. दयालुता

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, B, C और D
Solution::सामण्ड के अनुसार निम्नलिखित 4 प्रकार के विशिष्ट अधिकार हैं-

A. स्वतंत्रताएं
B. अधिकार
C. शक्ति
D. उन्मुक्तता

86. प्रशासनिक न्यायाधिकरणों के बारे में उच्चतम न्यायालय ने वर्ष, 2010 में 'मद्रास बार एसोसिएशन वाद' में सिफारिश की थी किः

A.  अधिकरण सिविल सेवकों के लिए सेवा निवृत्ति पश्चात का स्वर्ग नहीं होना चाहिए।
B. अधिकरण के सदस्य स्वतंत्र व्यक्ति होने चाहिए न कि सिविल सेवा में सेवारत व्यक्ति
C. अधिकरण के सदस्यों को किसी सरकारी विभाग पद (लिएन) धारित करना चाहिए
D.  अधिकरण न्यायालय के सदृश होना चाहिए न कि नौकरशाही बोर्ड की तरह
E.  अधिकरण का आधारभूत सुविधाओं के लिए सरकार पर अवश्य ही निर्भर होना चाहिए

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A, B, D
Solution:प्रशासनिक न्यायाधिकरणों के बारे में उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2010 में मद्रास बार एसोसिएशन वाद में निम्न सिफारिश की थी-

A. अधिकरण सिविल सेवकों के लिए सेवा निवृत्ति पश्चात का स्वर्ग नहीं होना चाहिए।
B. अधिकरण के सदस्य स्वतंत्र व्यक्ति होने चाहिए न कि सिविल सेवा में सेवारत व्यक्ति ।
C. अधिकरण न्यायालय के सदृश होना चाहिए न कि नौकरशाही बोर्ड की तरह।

87. पेटेंट की मंजूरी हेतु आवेदन, जिसमें उसका विचार होता है, को सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

A. पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 25 (2) के अंतर्गत विरोध
B. आवेदन का प्रकाशन
C. दावा फाइल करना
D. परीक्षा हेतु निवेदन
E. पेटेंट की मंजूरी (प्रॉट)

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) C, B, D, E, A
Solution:पेटेंट की मंजूरी हेतु आवेदन का सही क्रम निम्न है-

A. दावा फाइल करना - धारा 6
B. आवेदन का प्रकाशन - धारा 11A
C. परीक्षा हेतु निवेदन - धारा 11B
D. पेटेंट की मंजूरी - धारा 21
E. धारा 25 (2) के अधीन विरोध

88. निम्नलिखित वादों के विनिश्चय कालानुक्रम को इंगित कीजिए:

A. फिसरीज जूरिस्डिक्शन (मेरिट) वाद
B. आइजलैण्ड ऑफ पामास आर्बिट्रेशन वाद
C. न्यूरेम्बर्ग निर्णय
D. राइट ऑफ पैसेज ऑन इंडियन टेरिटरी वाद
E. एस एस लोटस वाद

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) E, B, C, D, A
Solution:वादों का विनिश्चिय (निर्णय) के कालानुक्रम निम्न है- I

A. एस.एस लोटस वाद (1926)
B. आइजलैण्ड आफ पामास आर्बिटेशन वाद (1928)
C. न्यूरेम्बर्ग निर्णय (1946)
D.राइट ऑफ पैसेज आन इंडियन टेरिटरी बाद (1954)
E. फिसरीज ज्यूस्डिक्शन वाद (1972)

89. निम्नलिखित केसों के निर्णय जिसमें हुए उस कालानुक्रम को इंगित कीजिए:

A. एल्कामान केस (वाद)
B. एंग्लो नार्वेजियन फिशरीज केस (वाद)
C. एंग्लो ईरानियन ऑयल कंपनी केस (वाद)
D. कार्जेव फैक्ट्री केस (वाद)
E.  वेस्टर्न सहारा केस (वाद)

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) D, B, C, A, E
Solution:वादों का निर्णय कालानुक्रम निम्न है-

A. काव फैक्ट्री वाद
B. एग्लो नार्वेजियन फिशरीज वाद
C. एग्लो ईरानियम ऑयल कंपनी वाद
D. एल्कामान वाद
E. वेस्टर्न सहारा वाद

90. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 5 के अधीन वैध हिन्दू विवाह की शर्तों के संबंध में निम्नांकित में से कौन से कथन सही हैं?

A.  दोनों में से किसी पक्षकार की (पति/ पत्नी) विवाह के समय जीवित नहीं हो।
B. मानसिक सक्षमता
C. विवाह के संस्कार
D. पक्षकार प्रतिसिद्ध श्रेणी के भीतर नहीं हों
E. नपुंसकता नहीं हो

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, B, D
Solution:हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 5 के अन्तर्गत हिन्दू विवाह की निम्न शर्ते हैं-

1. दोनों में से किसी पक्षकार की विवाह के समय जीवित पति पत्नी न हो।
2. मानसिक सक्षमता
3. वैवाहिक आयु (वर 21 वर्ष, वधू 18 वर्ष)
4. पक्षकार प्रतिषिद्ध श्रेणी के अन्तर्गत न हों
5. पक्षकार एक दूसरे के सपिण्ड न हो ।