यू.जी.सी. एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2024 (विधि)

Total Questions: 100

91. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

समस्त विश्व में अलग-अलग अधिकारिताओं की प्रतिलिप्याधिकार विधियों में सॉफ्टवेयर को साहित्यिक कृति (कार्य) माना जाता है तो लिखित रूप में रिकार्ड किया जाता है अथवा अन्यथा गणितीय रूप में लघुकृत किया जाता है, जिससे सुरक्षा आशयित है।

प्रतिलिप्याधिकार में किसी विचार की अभिव्यक्ति का संरक्षण होता है न कि स्वयं विचार का ही। इसका उपयोग होता है न कि स्वयं विचार का ही। इसका प्रयोग कार्यविधि, प्रक्रम प्रणाली, सकर्म की विधि, अवधारणा, सिद्धांत अथवा खोज के संरक्षण के लिए भी नहीं हो सकता है।

प्रतिलिप्याधिकार विधि एकाधिकार उत्पन्न करने का निमित्त नहीं है। प्रतिलिपि उन मौलिक कृति (कार्य) में सन्निविष्ट रहता है जिसे किसी नियम माध्यम से पुनः प्रस्तुत किए जाने की प्रयिकता रहती है। प्रतिलिपि अधिकार चलचित्र, संगीत रचना चित्रकारी और अन्य सृजनात्मक अभिव्यंजनों के लिए दिया जाता है।

व्यापार से संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकार (ट्रिप्स) संबंधी करार के अनुच्छेद 10 (1) में कंप्यूटर प्रोग्राम को प्रतिलिप्याधिकार प्रदान किया गया है। 845 प्रतिलिप्याधिकार उन अधिकारों का समुच्चय है जिसके माध्यम से प्रतिलिप्याधिकार के स्वामी के अधिकार का उल्लंधन होने की दशा में कारवाई होती है।

इस प्रकार यह नकारात्मक अधिकार है जिसके मूलस्वरूप लेखक किसी अन्य व्यक्ति को प्रतिलिपि अधिकार प्राप्त सामग्री का संव्यवहार करने से रोकने में सक्षम हो पाते है। कंप्यूटर प्रोग्राम में भी लिप्याधिकार सन्निहित है

बशर्ते कि इसे नवीन और मूल स्वरूप देने के लिए पर्याप्त प्रयास अथवा कौशल का विस्तार किया गया हो। किन्तु ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम जिसके द्वारा केवल गुणन तालिका अथवा वर्णमाला उत्पन्न किया जाता है, उसके मामले में प्रतिलिप्याधिकार का दावा नहीं किया जा सकता है,

क्योंकि इस तरह के कार्य की निर्मित व संनिर्माण में नियोजित कौशल या प्रयास इतना तुच्छ स्तर का है कि इसे नवीन अथवा मूल रूप में होने की संज्ञा नहीं दी जा सकती है।

क्या कंप्यूटर प्रोग्राम के मामले में प्रतिलिप्याधिकार प्रयोज्य हो सकता है? 

Correct Answer: (d) हाँ, यदि इसे नवीन और मूल स्वरूप देने के लिए पर्याप्त प्रयास अथवा कौशल का विस्तार किया गया हो।
Solution:कंप्यूटर प्रोग्राम के मामले में प्रतिलिप्याधिकार प्रयोज्य हो सकता है यदि इसे नवीन और मूल स्वरुप देने के लिए पर्याप्त प्रयास अथवा कौशल का विस्तार किया गया है।

92. अलग-अलग अधिकारिताओं वाले देशों में प्रवृत प्रतिलिप्याधिकार विधियों में सॉफ्टवेयर को क्या माना जाता है?

Correct Answer: (a) इसे साहित्यिक कृति माना जाता है।
Solution:अलग-अलग अधिकारिताओ वाले देशों में प्रवृत्त प्रतिलिप्याधिकार विधियो में साफ्टवेयर को साहित्यिक कृति माना जाता है।

93. व्यापार से संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकार (टिप्स) संबंधी करार के किस उपबंध में कंप्यूटर प्रोग्राम को प्रतिलिप्याधिकार का संरक्षण प्रदान किया गया है?

Correct Answer: (c) अनुच्छेद 10 (1)
Solution:व्यापार संबंधि बौद्धिक संपदा अधिकार (TRIPS) करार के अनु. 10 (1) में कंम्पयूटर प्रोग्राम को प्रतिलिप्याधिकार का संरक्षण प्रदान किया गया है।

94. प्रतिलिप्याधिकार कहाँ सन्निहित होता है?

Correct Answer: (c) रतिलिप्याधिकार ऐसी मौलिक कृतियों (कार्य) में अन्तर्विष्ट होता है जो पुनः प्रस्तुत किए जाने योग्य हो।
Solution:प्रतिलिप्याधिकार ऐसी मौलिक कृतियों में अन्तर्विष्ट होता है जो पुनः प्रस्तुत किये जाने योग्य हो ।

95. क्या किसी ऐसे कंप्यूटर प्रोग्राम को प्रतिलिप्याधिकार प्रदान किया जा सकता है यदि इससे केवल गुणन तालिकाएँ उत्पन्न की गई हो?

Correct Answer: (c) नहीं, क्योंकि इस तरह के कार्य के सन्निर्माण में नियोजित कौशल या प्रयास इतना तुच्छ स्तर का है कि इसे नवीन अथवा मूल स्वरूप में होना नहीं कहा जा सकता है।
Solution:किसी ऐसे कंप्यूटर प्रोग्राम को प्रतिलिप्याधिकार नही प्रदान किया जा सकता जिससे केवल गुणन तालिकाएँ उत्पन्न की गई हो, क्योंकि इस तरह के कार्य के सन्निर्माण में नियोजित कौशल इतना तुच्छ स्तर का होता है कि इसे नवीन होना नही कहा जा सकता है।

96. दिये गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

किसी प्रकार्यात्मक सरकार (शासन) और इसके फलस्वरूप प्रशासनिक प्रक्रिया में होने वाले विकास का उपबंध करने के अलावा संविधान में एक व्यापक नियंत्रण क्रियाविधि का भी उपबंध किया गया है ताकि जल नदी के किनारे से बाहर नहीं प्रवाहित हो जाए।

संविधान के अनुच्छेद 32 और 226 के अधीन उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों में उत्प्रेषण, परमादेश, अधिकार पृच्छा, प्रतिषेध और बंदी प्रत्यक्षीकरण को रिट जारी करने की शक्ति निहित है

ताकि सरकार और प्रशासनिक एजेंसियों के अतिचार पर लगाम लगाया जा सकें। अनुच्छेद 300 में व्यक्तियों को सरकारी सेवकों द्वारा कारित अपकृत्य के विरूद्ध वाद (सूट) दायर करने का अधिकार दिया गया। है।

अनुच्छेद 311 सरकारी सेवकों को बर्खास्तगी सेवा समाप्त किए जाने और रैंक घटाए जाने के मामले में सरकार की मनामानी कार्रवाई से संरक्षण प्रदान करता है।

इसी तरह से अनुच्छेद 136 में उच्चतम न्यायालय को भारत के किसी भी न्यायालय या अधिकरण द्वारा जारी या पारित किसी निर्णय, डिक्री, अवधारण, सजा के मामलें में अपील की विशेष अनुमति प्रदान करने की शक्ति दी गई है।

इसके अलावा अनुच्छेद 227 में उच्च न्यायालयों को अपनी अधिकारिता के भीतर सभी न्यायालयों और अधिकरणों के अधीक्षण की शक्ति दी गई है। प्रशासन के सभी विधायी कार्य को स्पष्टतः संविधान में अनुच्छेद 13 की परिधि के भीतर लाया गया है

क्योंकि विधि की परिभाषा में 'आदेश', 'उप-विधि', 'नियम' और 'अधिसूचना' इत्यादि को विधि सामर्थयुक्त बताते हुए सम्मिलित किया गया है।

प्रशासन के सभी विधायी कार्रवाई को किस प्रकार अनुच्छेद 13 की परिधि के भीतर लाया गया?

Correct Answer: (d) अनुच्छेद 13 के अधीन विधि की व्यापक परिभाषा देकर
Solution:भारतीय संविधान के अनु. 13 के अधीन विधि की व्यापक परिभाषा देकर प्रशासन के सभी विधायी कार्यवाही को अनु. 13 की परिधि के अंदर लाया गया है।

97. संविधान में किस अनुच्छेद में प्रशासनिक और सरकारी एजेंसियों के अतिचार को रोकने के लिए क्रियाविधि का उपबंध किया गया है?

Correct Answer: (a) अनुच्छेद 32 और 226
Solution:संविधान के अनु. 32 और 226 के तहत प्रशासनिक और सरकारी एजेंसियों के अतिचार को रोकने के लिए विधि का उपबंध किया गया है।

98. संविधान में नियंत्रण क्रियाविधि की क्या प्रासंगिकता है?

Correct Answer: (b) अतिचारी प्रशासनिक कार्रवाई पर नियंत्रण
Solution:संविधान के अनु. 32 और 226 के तहत एक व्यापक नियंत्रण क्रियाविधि का उपबंध किया गया है जिससे अतिचारी प्रशासनिक कार्यवाही पर नियंत्रण किया जा सके।

99. प्रशासनिक प्रक्रिया के विकास का क्या कारण था?

Correct Answer: (c) संविधान में प्रकार्यात्मक सरकार (शासन) का उपबंध किया गया
Solution:प्रशासनिक प्रक्रिया के विकास का कारण है संविधान में प्रकार्यात्मक सरकार का उपबंध किया जाना।

100. निम्नलिखित में से किसमें अधिकरणों के अधीक्षण की शक्ति निहित है?

Correct Answer: (c) उच्च न्यायालय
Solution:भारतीय संविधान के अनु. 227 के तहत उच्च न्यायालयों को अपनी अधिकारिता के भीतर सभी न्यायालयो और अधिकरणो के अधीक्षण की शक्ति दी गई है।