यू.जी.सी./एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2025 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़े और प्रश्नों के उत्तर दे -

रहुल एक 22 वर्षीय विश्वविद्यालय का छात्र था उसे हमेशा सार्वजनिक बोलने से डर लगता था। बचपन में वह एक बार स्कूल के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर गिर गया था, और तब से दर्शकों के सामने बोलने के विचार ने उसे कॉलेज जाने से रोक दिया, उसका डर उसके लिए एक गंभीर बाधा बन गया जब उसे अपनी कक्षाओं में लिए प्रस्तुतियाँ देनी होती थी।

उसकी हथेलियों में पसीना आ जाता उसका दिल तेजी से धड़कने लगता और उसका दिमाग खाली हो जाता। काउंसलर से अपनी समस्या पर चर्चा करने के बाद राहुल को पता चला कि वह प्रदर्शन की चिंता का अनुभव कर रहा था।

उसे चिकित्सक ने सरल चरणों से शुरूआत करने की सलाह दी जैसे कि दर्पण के सामने बोलना और फिर दोस्तों के एक छोटे समूह के सामने । धीरे-धीरे वह अपनी कक्षा में छोटे भाषण देने के लिए आगे बढ़ा। समय के साथ राहुल ने आत्मविश्वास हासिल किया और यहाँ तक कि सार्वजनिक बोलने का आनंद लेना शुरू कर दिया।

जैसे-जैसे रहुल को बोलने में आनंद आने लगा उनका अनुभव प्रतिबिंबित होता है-

Correct Answer: (a) आत्म-प्रभावकारिता
Solution:जैसे-जैसे रहुल को बोलने में आनंद आने लगा उनका अनुभव प्रतिबिंबित होता है आत्म प्रभावकारिता रहुल ने जिस प्रकार से अपने डर का सामना किया, छोटे-छोटे कदम उठाए और अंततः सार्वजनिक बोलने में आनंद महसूस करने लगा वह इस बात का संकेत है

कि उसने अपनी क्षमताओं पर विश्वास विकसित किया। यही आत्म-प्रभावकारिता कहलाती है- यानी व्यक्ति का यह विश्वास कि वह किसी विशेष कार्य को सफलतापूर्वक कर सकता है।

92. राहुल के सार्वजनिक रूप से बोलने के डर को वर्गीकृत किया जा सकता है।

Correct Answer: (c) ग्लोसोफोबिया
Solution:राहुल के सार्वजनिक रूप से बोलने के डर को ग्लोसोफोबिया के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।

ग्लोसोफोबिया : सार्वजनिक रूप से बोलने का तीव्र भय
एगोराफोबिया : भीड़ या खुली जगहों का डर
एन्थ्रोफोबिया : लोगो या सामाजिक स्थिति का डर
हेमेटोफोबिया : खून का डर

93. राहुल द्वारा दर्पण के सामने बोलना किसा थेरेपी का उदाहरण है ?

Correct Answer: (d) एक्सपोजर पदानुक्रम
Solution:राहुल द्वारा दर्पण के सामने बोलना एक्सपोजर पदानुक्रम का उदाहरण है। यह एक व्यवहार चिकित्सा की तकनीक है, जिसमें करने वाले परिस्थितियों का सामना करवाया जाता है कम तीव्रता से शुरू करके अधिक तीव्रता की ओर बढ़ते हुए।

94. बोलने से पहले राहुल को जो दिल की धड़कन तेज होने और पसीने से तर हथेलियां महसूस हुई वे इसके उदाहरण हैं-

Correct Answer: (b) चिंता के शारीरिक लक्षण
Solution:बोलने से पहले राहुल को जो दिल की धड़कन तेज होने और पसीने से तर हथेलियां महसूस हुई वे चिंता के शारीरिक लक्षण है। यह स्थिति आमतौर पर तब होती है जब व्यक्ति को कोई डर या तनाव महसूस होता है, जैसे कि सार्वजनिक रूप से बोलने से पहले।

95. कौन सा मनोवैज्ञानिक सिद्धांत क्रमिक जोखिम और व्यवहार परिवर्तन से सबसे अधिक जुड़ा हुआ है?

Correct Answer: (c) व्यवहारवाद
Solution:व्यवहारवाद मनोवैज्ञानिक सिद्धांत क्रमिक जोखिम और व्यवहार परिवर्तन से सबसे अधिक जुड़ा हुआ है। व्यवहारवादी सिद्धांत इस विचार पर आधारित है कि व्यवहार सीखा जा सकता है और इसे संशोधित किया जा सकता है।

96. निम्नलिखित गंद्यांश को पढ़े और प्रश्नों के उत्तर देंः

30 वर्षीय प्रोजेक्ट मैनेजर आयशा अत्यधिक तनावपूर्ण माहौल में काम करती है जहाँ उन्हें रोजाना दर्जनों फैसले लेने पड़ते है। शाम ढलते-ढलते वह अक्सर मानसिक रूप से थक जाती है और आवेगपूर्ण फैसले लेने लगती है या फैसले टालने लगती है।

वह खाना छोड़ने लगी व्यायाम की उपेक्षा करने लगी और कामों पर ध्यान केंद्रित करना उनके लिए मुश्किल हो गया। आयशा के सुपरवाइजर ने उन्हें एक संगठनात्मक मनोवैज्ञानिक से मिलने की सलाह दी। परामर्श के दौरान आयशा को पता चला कि वह निर्णय थकान का अनुभव कर रही है, एक ऐसी स्थिति जहाँ बहुत सारे फैसले लेने के बाद संज्ञानात्मक संसाधन समाप्त हो जाते है।

मनोवैज्ञानिक ने उन्हें समय प्रबंधन राजीतियाँ अपनाने आत्म-देखभाल को प्राथमिकता देने और मानसिक बोझ कम करने के लिए चेकिंग का उपयोग करने में मदद की। उन्होनें अपना ध्यान पुनः केंद्रित करने के लिए माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास भी शुरू किया। कुछ महीनों बाद, आयशा ने मानसिक स्पष्टता में सुधार बेहतर निर्णय लेने की क्षमता और तनाव की बात कहीं ।

नई रणनीतियों के बाद आयशा के कार्य व्यवहार में परिवर्तन निम्नलिखित में से किस प्रकार के सीखने को दर्शाते है?

Correct Answer: (d) संज्ञानात्मक अधिगम
Solution:नई रणनीतियों के बाद आयशा के कार्य व्यवहार में परिवर्तन संज्ञानात्मक अधिगम को दर्शाते है। जिसमें व्यक्ति पर्यावरण से जानकारी प्राप्त करके उसे समझता है और अपने व्यवहार में परिवर्तन लाता है।

97. मनोवैज्ञानिक की सलाह के अनुसार चंकिंग रणनीति निम्नलिखित में मदद करती है :

Correct Answer: (c) कार्यों को प्रबंधनीय भागों में विभाजित करना
Solution:मनोवैज्ञानिक की सलाह के अनुसार चंकिंग रणनीति कार्यों को प्रबंधनीय भागों में विभाजित करने में मदद करती है: चंकिंग एक संज्ञानात्मक रणनीति है जिसमें जानकारी को छोटे प्रबंधनीय चंक्स या टुकड़ों में विभाजित किया जाता है

ताकि उसे याद रखना और समझना आसान हो। यह विशेष रूप से स्मृति में सुधार और जटिल कार्यों को सरल बनाने में मदद करता है।

98. आयशा को ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई का सीधा संबंध निम्नलिखित समस्याओं से है

Correct Answer: (a) संज्ञानात्मक भार
Solution:आयशा को ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई का सीधा संबंध संज्ञानात्मक भार से है। यह वह स्थिति है जब मस्तिष्क पर एक समय में बहुत अधिक जानकारी या कार्य होते हैं, जिससे एकाग्रता में बाधा आती है।

99. आयशा द्वारा भोजन न करने और व्यायाम न करने के कारण निम्नलिखित समस्याएँ उत्पन्न हुई:

Correct Answer: (b) संज्ञानात्मक प्रदर्शन में कमी
Solution:आयशा द्वारा भोजन न करने और व्यायाम न करने के कारण जो समस्याएं उत्पन्न हुई उनमें सबसे उपयुक्त विकल्प है - संज्ञानात्मक प्रदर्शन में कमी व्यायाम की कमी से शारीरिक और मानसिक ऊर्जा दोनों में गिरावट आती है, जिससे संज्ञानात्मक प्रदर्शन पर असर पड़ता है।

100. आयशा द्वारा माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास करने से उन्हें निम्नलिखित में सुधार करने में मदद मिलीः

Correct Answer: (b) फोकस और भावनात्मक विनियमन
Solution:आयशा द्वारा माइंडफुलनेश मेडिटेशन का अभ्यास करने से उन्हें फोकस और भावनात्मक विनियमन में सुधार करने में मदद मिली। माइंडफुलनेस मेडिटेशन का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की वर्तमान क्षण ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाना और भावनाओं को बिना प्रतिक्रिया के स्वीकार करना होता है। यह अभ्यास ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और भावनात्मक नियंत्रण को बेहतर बनाता है।