30 वर्षीय प्रोजेक्ट मैनेजर आयशा अत्यधिक तनावपूर्ण माहौल में काम करती है जहाँ उन्हें रोजाना दर्जनों फैसले लेने पड़ते है। शाम ढलते-ढलते वह अक्सर मानसिक रूप से थक जाती है और आवेगपूर्ण फैसले लेने लगती है या फैसले टालने लगती है।
वह खाना छोड़ने लगी व्यायाम की उपेक्षा करने लगी और कामों पर ध्यान केंद्रित करना उनके लिए मुश्किल हो गया। आयशा के सुपरवाइजर ने उन्हें एक संगठनात्मक मनोवैज्ञानिक से मिलने की सलाह दी। परामर्श के दौरान आयशा को पता चला कि वह निर्णय थकान का अनुभव कर रही है, एक ऐसी स्थिति जहाँ बहुत सारे फैसले लेने के बाद संज्ञानात्मक संसाधन समाप्त हो जाते है।
मनोवैज्ञानिक ने उन्हें समय प्रबंधन राजीतियाँ अपनाने आत्म-देखभाल को प्राथमिकता देने और मानसिक बोझ कम करने के लिए चेकिंग का उपयोग करने में मदद की। उन्होनें अपना ध्यान पुनः केंद्रित करने के लिए माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास भी शुरू किया। कुछ महीनों बाद, आयशा ने मानसिक स्पष्टता में सुधार बेहतर निर्णय लेने की क्षमता और तनाव की बात कहीं ।
नई रणनीतियों के बाद आयशा के कार्य व्यवहार में परिवर्तन निम्नलिखित में से किस प्रकार के सीखने को दर्शाते है?
Correct Answer: (d) संज्ञानात्मक अधिगम
Solution:नई रणनीतियों के बाद आयशा के कार्य व्यवहार में परिवर्तन संज्ञानात्मक अधिगम को दर्शाते है। जिसमें व्यक्ति पर्यावरण से जानकारी प्राप्त करके उसे समझता है और अपने व्यवहार में परिवर्तन लाता है।