शोधकर्ताओं का एक दल कारावासों में रक्षकों के व्यवहार को समझना चाहता था तथा यह जानना चाहता था कि ऐसा उनकी विशेषताओं (व्यक्तित्व) या पर्यावरण आधारित (स्थिति के अनुरूप) कारकों के कारण हुआ। रक्षकों और कैदियों की भूमिकाओं का अध्ययन करने के लिए उन्होंने एक नकली कारावास बनाया।
परस्पर अपरिचित 23 व्यक्तियों ने इस अध्ययन में अपना योगदान किया तथा उन्हें कैदियों और रक्षकों की भूमिका में रखा गया। दोनों ने ही अपनी नई भूमिकाओं में स्वयं को ढाला। दूसरे दिन एक विद्रोही ने रक्षकों के कठोर प्रतिशोध का नेतृत्व किया।
कैदियों को दंडित करने के लिए सख्त प्रतिकारी कार्रवाई की गई। शोधकर्ता यह प्रयोग दो सप्ताह एक करना चाहते थे। तथापि इसे कैदियों की संवेगात्मक विफलताओं तथा रक्षकों के अत्यधिक आक्रमण के कारण छठवें दिन स्थगित कर दिया गया। इस प्रयोग से पता चला कि जितना लोगों से अपनी सामाजिक भूमिकाओं को निभाने की अपेक्षा की जाती है, इन्हें वे कितना निभाते हैं।
उस मनोवैज्ञानिक का नाम बताइए जिसने यह शोध किया।
Correct Answer: (b) जिम्बाड
Solution:जिम्बार्डो एक ऐसे मनोवैज्ञानिक थे जिन्होने कारावासों पर अध्ययन किया था। जिम्बाड़ के अनुसार, स्टैनफोर्ड जेल प्रयोग शक्तिशाली तरीक से बोलते हैं कि
सामाजिक संदर्भ हमारे कार्यों आकार दे सकते है और हमें उन तरीकों से व्यवहार करने के लिए प्रेरित कर सकते है, जो कुछ ही दिनों पहले हमारे लिए अकल्पनीय रहे होंगे।