Solution:किसी भी समूह के किसी भी-चर पर प्राप्त प्राप्तांक प्रायः औसत की ओर झुके हुए होते है। जब इन प्राप्तांकों का मध्यमान के दोनों आरे वितरण एकदम समान होता है तो प्राप्तांकों के इस प्रकार के वितरण को सामान्य वितरण कहते है और
इस प्रकार के प्राप्तांको के आरेख (graph) को सामान्य वितरण वक्र कहते हैं। वास्तविकता यह है कि प्राप्तांकों का इस प्रकार का सामान्य वितरण व्यवहारिक रूप में कभी नहीं होता, इसके लगभग ही होता है, और इस लगभग होने के आधार पर ही सम्भावना की जाती है।
यही कारण है कि इस प्रकार के सम्भावित प्राप्तांकों के आरेख को सामान्य वक्र (Normal curve) न कहकर सामान्य सम्भावना वक्र (Normal probability curve) एन.पी.सी. कहते हैं।
• एन.पी.सी. में केन्दीय प्रवृत्तियों में मध्यमान (M), मध्यांक (Mdn), बहुलक (Mo) का मान समान होता है।
• सामान्य सम्भावना वक्र मध्य वाले वक्र भाग तथा दोनों ओर सीमान्तों पर सममित होता है।
• इसकी आकृति घंटाकार होती है।
• इसका वैषग्यता शून्य होता है।
• इसका वक्रता कभी शून्य नहीं होता है।