यू.जी.सी./एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021-जून 2022 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

21. प्रश्नावली में निम्नलिखित प्रश्न किस प्रकार का है?

"आप पिछली रात सिनेमा क्यों गए थे?

Correct Answer: (b) अभिप्रेरण
Solution:

उपर्युक्त दिये गये प्रश्नावली "आप पिछली रात सिनेमा क्यों गए थे? अभिप्रेरण से सम्बन्धित प्रश्न है। अभिप्रेरण एक आंतरिक प्रेरणा का नाम है अर्थात् किसी कार्य को करने हेतु जब हम स्वयं अपने मन से प्रेरित एवं उत्साहित होते हैं, उसे ही अभिप्रेरणा कहते है।

किसी कार्य को करने के पीछे व्यक्ति का कुछ निजी उद्देश्य होता है। अर्थात् वह उस कार्य को करने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करता हैं। वह आवश्यकताएँ ही उसे आंतरिक रूप से अभिप्रेरित करने का कार्य करती है। इस प्रश्न में सिनेमा जाने के पीछे प्रेरणा क्या थी? वह अभिप्रेरण के अन्तर्गत ही आता है।

22. शोध का समालोचनात्मक (क्रिटिकल) परिप्रेक्ष्य इस विचार का अनुमोदन नहीं करता कि

Correct Answer: (b) यथार्थ स्थिर होता है और प्राकृतिक नियमों के अधीन होता है।
Solution:

शोध का समालोचनात्मक परिपेक्ष्य इस विचार का अनुमोदन नहीं करता कि यथार्थ स्थिर होता है और प्राकृतिक नियमों के अधीन होता है। यह परिपक्ष्य शोध को मिथकों को ध्वस्त करना और समाज का बदलने के लिए लोगों को सशक्त बनाना होता है।

यह शोध को एक एस को एक ऐसे सिद्धान्त के द्वारा संसूचित करता है जो भ्रम को अनावृत्त कर सके। इसके साथ ही साथ यह शोध की मिथ्या विश्वासों को उद्घटित करता है जो शक्ति तथा निष्पक्ष स्थितियों को दिखाता है।

23. शोधकर्ता चार परिस्थितियों में दस व्यक्तियों के समूह का बार-बार प्रयोग कर रहा है। त्रुटि पद के लिए स्वायत्तता का अंश______क्या होगा?

Correct Answer: (b) 27
Solution:

उपयुक्त प्रश्न में शोधकर्ता एक ही समूह पर बार-बार प्रयोग कर रहा अर्थात् वह रिपोटेड मापन कर रहा है।
प्रश्नानुसार,
व्यक्तियों की संख्या (n) = 10
परिस्थितयों की संख्या (k) = 4
अतः त्रुटि पद के लिए स्वायत्तता का अंश का सूत्र;
df = (n-1) × (k-1)
df = (10-1) × (4–1)
= 9 × 3
df = 27

24. मनोवैज्ञानिक अनुसंधान निम्नलिखित में से किस क्रियाकलाप की अनुमति नहीं देता है?

Correct Answer: (c) अनुसंधान प्रक्रिया को बीच में छोड़ने की अनुमति न देना
Solution:

मनोवैज्ञानिक शोध के माध्यम से मनुष्य के व्यवहारों एवं मानसिक प्रक्रिया के स्वरूप, उनमें निहित क्रियातंत्रों तथा उनके निर्धारकों का पता लगाया जाता है। मनोवैज्ञानिक शोध करते समय सहभागियों को पूर्ण स्वतंत्रता देनी चाहिए, उन्हें अध्ययन के बाद सूचित करना चाहिए

कि शोध में क्या कार्य किया जा रहा, उनके उत्तरों की पूर्ण रूप से गोपनीय रखा जा रहा है, शोध शुरू करने से पूर्व उनकी पूर्ण सहमति लेनी चाहिए कि वह इस शोध कार्य को करेगें या नहीं। उन्हें यदि शोध क्रिया के बीच में कोई दिक्कत होने पर छोड़ने की पूर्ण स्वतंत्रता देनी चाहिए।

25. प्रकृत प्रायिकता वितरण वाले समूह में किसी परीक्षार्थी को औसत से एक एसडी [SD] अधिक अंक प्राप्त होता है। उसका प्रतिशतांक मूल्य क्या होगा?

Correct Answer: (c) 84
Solution:

सामान्य प्रायिकता वितरण वाले समूह में किसी परीक्षार्थी का औसत से एक एसडी अधिक प्राप्त होता है तो उसका प्रतिशतांक 84 होगा। मानक विचलन वर्ग भिन्नताओं के औसत योग का वर्गमूल है। माध्य का निर्धारण कुछ हद तक कृत्रिम और मनमाना हो सकता है,

यह इस बात पर निर्भर करता है कि 50वें प्रतिशतक के स्थान का निर्धारण करने की विधि के रूप में कोई माध्य का उपयोग करना चुनता है या नहीं। एक एसडी अधिक प्राप्त होने पर मानक विचलन 84वें प्रतिशतांक (50% + 34.1%) पर कहा जा सकता है।

26. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन प्रकृत प्रायिकता वक्र पर लागू नहीं होता है?

Correct Answer: (d) इसकी वक्रता शून्य होती है।
Solution:

किसी भी समूह के किसी भी-चर पर प्राप्त प्राप्तांक प्रायः औसत की ओर झुके हुए होते है। जब इन प्राप्तांकों का मध्यमान के दोनों आरे वितरण एकदम समान होता है तो प्राप्तांकों के इस प्रकार के वितरण को सामान्य वितरण कहते है और

इस प्रकार के प्राप्तांको के आरेख (graph) को सामान्य वितरण वक्र कहते हैं। वास्तविकता यह है कि प्राप्तांकों का इस प्रकार का सामान्य वितरण व्यवहारिक रूप में कभी नहीं होता, इसके लगभग ही होता है, और इस लगभग होने के आधार पर ही सम्भावना की जाती है।

यही कारण है कि इस प्रकार के सम्भावित प्राप्तांकों के आरेख को सामान्य वक्र (Normal curve) न कहकर सामान्य सम्भावना वक्र (Normal probability curve) एन.पी.सी. कहते हैं।
• एन.पी.सी. में केन्दीय प्रवृत्तियों में मध्यमान (M), मध्यांक (Mdn), बहुलक (Mo) का मान समान होता है।
• सामान्य सम्भावना वक्र मध्य वाले वक्र भाग तथा दोनों ओर सीमान्तों पर सममित होता है।
• इसकी आकृति घंटाकार होती है।
• इसका वैषग्यता शून्य होता है।
• इसका वक्रता कभी शून्य नहीं होता है।

27. गुणात्मक शोध, ज्ञान के प्रति विविध उपागमों का अनुसरण कर सकता है। निम्नलिखित में से उस एक विकल्प की पहचान करें जो गुणात्मक शोध की संकल्पनाओं के प्रतिकूल है।

Correct Answer: (b) विधेयवादी
Solution:

गुणात्मक शोध, ज्ञान के प्रति विविध उपागमों का अनुकरण कर सकता है। इसके अन्तर्गत यथार्थवादी, सामाजिक रचनावादी, घटनापरक आते हैं क्योंकि यह केवल ओन्टोलॉजी में आते हैं। लेकिन विधेयवादी (पॉजिटिविस्ट) स्वयं ज्ञान के स्वरूप बनते है।

इनमें ऑन्टोलॉजी के साथ-साथ एपिस्टेमोलॉजी के गुण भी होते हैं। इसलिए विधेयवादी गुणात्मक शोध की संकल्पनाओं के प्रतिकूल है।

28. परीक्षेपण का ऐसा मापक है, जिसमें सभी प्राप्तांकों का ध्यान रखा जाता है।

Correct Answer: (c) औसत विचलन
Solution:

औसत विचलन परिक्षेपण का ऐसा मापक है जिसमें सभी प्राप्तांकों का ध्यान रखा जाता है। इसकी गणना में समग्र अवलोकनों का उपयोग होता है।

यह प्रमाणिक विचलन की अपेक्षा गणना में सरल है। यह विस्तार (Range) तथा चतुर्थक (Quartile) विचलन की अपेक्षा अधिक विश्वसनीय होता है, क्योंकि Quartile derivation तथा interquartile range हमेशा सभी प्राप्तांकों को ध्यान में नहीं रखता है।

29. मानकीकृत समाश्रयण गुणांक को सामान्यतया किस प्रतीक द्वारा व्यक्त किया जाता है?

Correct Answer: (a) B
Solution:

मानवीकृत समाश्रयण गुणांक को सामान्यतया 'B' प्रतीक के रूप में व्यक्त किया जाता है। प्रतिगमन गुणांक सांख्यिकी में महत्वपूर्ण होता है। प्रतिगमन दो चर के बीच एक कार्यात्मक संबंध है, जिसमें से एक कारण हो सकता है और दूसरा प्रभाव।

एक समाश्रवण समीकरण में चरों द्वारा गुणा की गई मात्राकों को प्रमिगमन गुणांक कहा जाता है। रैखिक प्रतिगमन सबसे आम प्रकार का प्रतिगमन है।

इसका लक्ष्य यह निर्धारित करना है कि कौन से प्रतिगमन गुणांक सर्वोत्तम फिटिंग लाइन प्रदान करते है। प्रतिगमन गुणांक ज्ञात चर का उपयोग करके अज्ञात चर के मान का अनुमान लगाने में सहायता मिलती है।

30. देहली प्राक्कल्पना के अनुसार -

Correct Answer: (b) यदि बुद्धिलब्धि देहली से नीचे हो, तो बुद्धि और सृजनात्मकता के बीच मध्यम स्तर का धनात्मक संबंध होता है।
Solution:

देहली परिकल्पना के अनुसार यदि बृद्धि लब्धि देहली से नीचे हो, तो बुद्धि और सृजनात्मकता के बीच मध्यम स्तर का धनात्मक सम्बन्ध होता है।

देहली परिकल्पना की जाँच आमतौर पर किसी दिए कए देहली (उदाहरण के लिए :a hundrad and twenty 18 बिन्दुओं) पर एक नमूने को विभाजित करके और निचले और ऊपरी 18 श्रेणियों के लिए अलग-अलग सहसंबंधों का आंकलन करके की जाती है। यह परिकल्पना बुद्धि एवं सृजनात्मकता के सम्बन्ध को भी स्पष्ट रूप से दिखाती है।