यू.जी.सी./एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021-जून 2022 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

41. समूह चिंतन तब घटित हो सकता है, जब |

A. सदस्य अनुभव करते हैं कि वे विफल नहीं हो सकते हैं।
B. सदस्यों की अभिप्रेरणा निम्न स्तर की होती है।
C. सदस्य अपने समूह सदस्यों से भिन्न राय नहीं व्यक्त कर पाते हैं।
D. सदस्य अपने शत्रु के बारे में कमजोर, बुद्धिहीन अथवा अनुपयुक्त होने की रूढ़ि बना लेते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (a) केवल A. C और D
Solution:

ग्रुप थिंकिंग (समूह चिंतन), सोचने का तरीका जिसमें छोटे एकजुट समूहों के व्यक्तिगत सदस्य एक दृष्टिकोण या निष्कर्ष को स्वीकार करते हैं जो एक कथित समूह सहमति का प्रतिनिधित्व
करता है, चाहे समूह के सदस्य इसे मान्य, सही या इष्टतम मानते हैं

या नहीं। यह तब घटित हो सकता है। जब सदस्य अनुभव करते हैं। कि वे विफल नहीं हो सकते हैं। सदस्य अपने शत्रु के बारे में कमजोर बुद्धिहीन अथवा अनुपयुक्त होने की रूढ़ि बना लेते है। समूह चिंतन के कई मुख्य कारण हैं। इसमें समूह सामंजस्य, समग्र समूह अलगाव समूह नेतृत्व और निर्णय लेने का तनाव शामिल हैं।

42. कोरोनरी हृदय बीमारियों से संबंधित प्रतिबल घटकों के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित में से कौन-से हैं?

A. आपदाएँ
B. दैनिक भागम भाग (हैसल्स)
C. प्रमुख जीवन घटनाएँ
D. टाइप ए व्यक्तित्व
E. निम्न अभिप्रेरण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (a) केवल A, B,C और D
Solution:

कोरोनरी हृदय बीमारी (CHD) रोगों का एक वर्ग है जो हृदय या रक्त वाहिकाओं (नसों और धमनियों) को प्रभावित करता है।

यह उच्च रक्तचाप, अस्वास्थ्यकर आहार, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, वायु प्रदूषण, मोटापा, तम्बाकू का उपयोग गुर्दे की बीमारी, शारीरिक निष्क्रियता, शराब के हानिकारण उपयोग सहित सामाजिक- आर्थिक, व्यवहारिक और पर्यावरणीय जोखिम कारकों के संयोजन के कारण हो सकता है।

पारिवारिक इतिहास, जातीय पृष्ठभूमि, लिंग और आयु भी व्यकत के हृदय रोग के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। इसके द्वारा कुछ प्रमुख प्रतिबल घटकों के प्रमुख स्रोत निम्न हैं-
1. आपदाएँ 2.दैनिक भागम भाग (हैसल्स) 3. प्रमुख जीवन घटनाएँ 4. टाइप व व्यक्तित्व

43. नीचे दी गई सूची में से स्वास्थ्य संवर्धन करने वाले जीवन शैली के कारकों को चुनिए।

A. यदा-कदा व्यायाम करना
B. केवल संरक्षित तथा निरापद यौन संबंध बनाना
C. वजन बनाए रखना
D. संतुलित आहार लेना
E. सीट बेल्ट और हेल्मेट पहनना

Correct Answer: (b) केवल B. D और E
Solution:

स्वास्थ्य संवर्धन एक व्यवहारिक और सामाजिक विज्ञान है जो शिक्षा संचालित स्वैच्छिक व्यवहार परिवर्तन गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बीमारी, विकलांगता और अकाल मृत्यु को रोकने के लिए जैविक, पर्यावरण, मनोवैज्ञानिक, भौतिक और चिकित्सा विज्ञान से आकर्षित होता है। स्वास्थ्य संवर्धन करने वाले जीवन शैली के कई कारक होते हैं-
1. केवल संरक्षित तथा निरावाद यौन सम्बन्ध बनाना।
2. संतुलित आहार लेना।
3. सीट बेल्ट और हेलमेट पहचानना।
4. प्रतिदिन व्यायाम करना।
5. अपने शरीर के वजन का संतुलन बनाए रखना

44. निम्नलिखित में से कौन सचेतनता (माइंडफुलनेस) की विशेषताएँ नहीं हैं?

A. धैर्य
B. फैसला करना
C. भरोसा
D. स्वीकृति
E. संलग्नता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (c) केवल B और E
Solution:

सचेतन वर्तमान में होने वाली आन्तरिक और बाहरी अनुभवों के लिए किसी के ध्यान में लाने की मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है। सजगता सचेतन को पूर्ण ध्यान और अन्य प्रशिक्षण के अभ्यास के माध्यम से विकसित किया जा सकता है।

अपने आस-पास के वातावरण अपने विचारों, भावनाओं, शारीरिक उत्तेजना के प्रति जागरूकता या सचेतना बनाए रखना व्यक्ति के विकास के लिए आवश्यक है। इसमें इस प्रकार की स्वीकृति भी सम्मिलित है कि व्यक्ति बिना आंकलन किए अपने विचारों और भावनाओं पर ध्यान केन्द्रित कर लेता है।

इसके अन्तर्गत व्यक्ति के अन्दर धैर्य, स्वीकृति, वास्तविक जीवन व्यतीत करने की योग्यता होती है। इसमें फैसले करने तथा संलग्नता जैसी क्रिया नहीं आती है।

45. सांस्कृतिक आत्मसातकरण के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

A. इसमें अपने सांस्कृतिक विश्वासों के साथ टिका रहना सम्मिलित होता है
B. इसमें विभिन्न संस्कृतियों के लोगों के प्रति पूर्वाग्रह को प्रदर्शित करना शामिल होता है
C. इसमें व्यवहार के नए तरीकों को अपनाना शामिल होता है
D. इसमें दो भिन्न संस्कृतियों के मूल्यों के मध्य संतुलन करना शामिल होता है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (b) केवल A और B
Solution:

परसंस्कृतिकरण सांस्कृतिक सम्पर्क और आदान-प्रदान की एक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति या समूह एक संस्कृति के कुछ मूल्यों औ प्रथाओं को अपनाने के लिए आता है जो मूल रूप से उनका अपना नहीं है, अधिक या कम सीमा तक।

परिणाम यह होता है कि व्यक्ति या समूह की मूल संस्कृति बनी रहती है, लेकिन इस प्रक्रिया द्वारा उसे बदल दिया जाता है। परसंस्कृतिकरण में अपने सांस्कृतिक विश्वासों के साथ टिका रहना सम्मिलित नहीं होता तथा अन्य संस्कृतियों के प्रति किसी भी प्रकार का पूर्वाग्रह प्रदर्शित नहीं करते है।

समूह स्तर पर परसंस्कृतिकरण में कपड़ों और फैशन और भाषा के सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी शामिल किया जा सकता है। व्यक्तिगत स्तर पर, परसंस्कृतिकरण में वे सभी चीजें शामिल हो सकती हैं जो समूह स्तर पर घटित होती हैं, लेकिन उद्देश्य और परिस्थितियाँ भिन्न हो सकती है। इसमें नए व्यवहारों को शामिल किया जाता है तथा यह दो भिन्न संस्कृतियों के मध्य संतुलन बनाए रखता है।

46. उत्तरदायित्व का विसरण निम्नलिखित का उपकल्पित कारण है।

(a) अस्मिता-निर्माण
(b) प्रासामाजिक (प्रो सोशल) व्यवहार
(c) दर्शक मात्र प्रभाव
(d) अनुपालन
(e) शेयरिंग (साझा) व्यवहार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (a) केवल B और C
Solution:

उत्तरदायित्व का विसरण तब होता है जब जिन लोगों को निर्णय लेने की आवश्यकता होती है वे इसके बजाय किसी और के कार्य करने की प्रतीक्षा करते हैं। जितने अधिक लोग शामिल होंगे, उतनी ही अधिक संभावना है कि प्रत्येक व्यक्ति कुछ नहीं करेगा,

विश्वास है कि समूह का कोई अन्य व्यक्ति शायद प्रतिक्रिया देगा। उत्तरदायित्व का विसरण प्रसामाजिक व्यवहार तथा दर्शक मात्र प्रभाव (बाइस्टेन्डर प्रभाव) का उपकल्पित कारण है। लैटाने एवं डार्ले ने दर्शक प्रभाव को दो कारकों के लिए जिम्मेदार ठहराया- जिम्मेदारी का प्रसार और सामाजिक प्रभाव।

जिम्मेदारी के कथित प्रसार का मतलब है कि जितने अधिक दर्शक होंगे उतनी ही कम व्यक्तिगत जिम्मेदारी वाले व्यक्ति कार्रवाई करने का अनुभव करेंगे। सामाजिक प्रभाव भी इसी प्रकार का कार्य करेगा।

47. व्यवस्थित विसंवेदीकरण में शामिल है।

A. विमुखता चिकित्सा
B. अन्योन्य प्रावरोध
C. दुश्चिंता पदसोपान
D. टाइम आउट
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (c) केवल B और C
Solution:

व्यवस्थित विसंवेदीकरण एक व्यवहारिक तकनीक है। जिससे चिंता के लक्षणों को कम करने के लिए एक व्यक्ति धीरे-धीरे एक चिंता-उत्पादक वस्तु, घटना या स्थान के सम्पर्क में आता है, जबकि एक ही समय में किसी प्रकार के विश्राम में लगा रहता है।

यह सम्प्रदाय जोसेफ वोल्पे (Joseph Wople) द्वारा विकसित किया गया था। वोल्पे ने किसी व्यक्ति का सफलतापूर्वक असंवेदनशील बनाने के लिए असंवेदनशील बनाने के लिए तीन मुख्य चरणों की पहचान की-

1.विश्राम तकनीकों में प्रशिक्षण: इसमें पेशेवर को रोगियों को विश्राम तकनीक सिखानी चाहिए ताकि बाद में, इसे उपचार में ये उपयोग किया जा सके।

2. दुश्चिन्ता पदसोपानः इस दूसरे चरण में चिकित्सक और रोगी उन स्थितियों या संदर्भों की श्रृंखला के साथ एक सूची तैयार करते हैं जो व्यक्ति में किसी भी रूप में चिंता की भावनाएँ उत्पन्न करती हैं।

फिर उन्हें पदानुक्रमित या आदेश दिया जाता है। कि वे चिंता या तनाव की कम डिग्री के साथ शुरू करें जब तक की वे रोगी में भय की सबसे अधिक भावना के साथ नहीं पहुँचते।

3. व्यवस्थित: इसमें मरीज पहले से सीखे गए विश्राम अभ्यास करता है। जिससे उसे पूरी तरह सक आराम मिलता है। इस बीच चिकित्सक पिछले चरण से ली गई विभिन्न छवियों को दिखाएगा या फिर से बताएगा।

अन्योन्य प्रावबोधः वोल्पे के अनुसार, पारस्परिक निषेध चिंता प्रतिक्रियाओं के पूर्ण या आंशिक दमन को संदर्भित करता है, जो चिंता के लिए शारीरिक रूप से विरोधी अन्य प्रतिक्रियाओं के तत्काल निवासी के परिणामस्वरूप होता है।

48. अनुसंधान के उद्देश्य क्या होते हैं?

A. परिघटना की व्याख्या करना
B. एक खोज करना
C. ज्ञान की रिक्तता को भरना
D. विरोधाभासी परिणामों के समाधान का प्रयास
E. कोई आविष्कार करना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (c) केवल A, C और D
Solution:

किसी विशेष उद्देश्य के लिए खातों तथा लेखों की जाँच को अनुसंधान कहते है। डिक्सी के शब्दों में, "किसी संस्था के लेखों के अनुसंधान के आशय किसी उद्देश्य से किये गये परीक्षण है।

प्रभाव स्वरूप अंकेक्षण की अपेक्षा प्रत्येक मामले की परिस्थितियों के अनुसार, अनुसंधान के क्षेत्र का सीमित व विस्तृत हो सकता है।

इसका उद्देश्य तथ्यों की ऐसी खोज एवं निरूपण से है। जिसके द्वारा नियोक्ता महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकालकर इसके अनुसार निर्णय करने में समर्थ हो सके।'
अनुसंधान के उद्देश्य :
1. परिघटना की व्याख्या करना।
2. ज्ञान की रिक्तता को भरना।
3. विरोधाभासी परिणामों को समाधान का प्रयास ।
4. नए तथ्यों की खोज करना।

49. मध्यमान भ्रामक हो सकता है यदि वितरण में______पाया जाता है।

A. अत्यधिक वैषम्य
B. प्तांकों की प्रचुर संख्या
C. कुछ अत्युच्च मूल्य वाले प्राप्तांक
D. गिनती में प्राप्तांकों की कम संख्या
E. कुछ अत्यंत निम्न मूल्य वाले प्राप्तांक
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Correct Answer: (c) केवल A, C और E
Solution:

मध्यमान भ्रामक हो सकता है। यदि वितरण तिरछा हो अर्थात् अत्यधिक वैषम्य हो । यह वितरण में प्रत्येक अंक से भी प्रभावित होता है। यदि सामान्य वक्र में देखा जाए तो अत्यधिक मूल्य वाले प्राप्तांक होना तथा अत्यधिक निम्न मूल्य वाले प्राप्तांक हाने से मध्यमान पूरी तरह भ्रामक हो सकता है।

इसलिए माध्य के इतना अच्छा प्राप्तांक नहीं माना जाता जबकि बहुलक और माध्यिका (मध्यांक) इतनी वितरित या अधिक नहीं होता है।

50. तार्किक चिंतन के केंद्रीय पक्ष में शामिल है।

A. निगमन
B. आगमन
C. चालक (कंडक्शन) तर्क
D. न्यूनीकरण उपागम
E. प्रतिमान (पैराडाइम)
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Correct Answer: (b) केवल A और B
Solution:

तार्किक चिंतन को नई या अपरिचित स्थितियों, विचारों और सुझावों पर लागू करने की क्षमता है। यह तथ्यों, घटनाओं आदि को पहचानने या उनका विश्लेषण करने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है।

तार्किक चिंतन के लिए उचित विश्लेषण, मूल्यांकन, अनुमान और स्पष्टीकरण की आवश्यकता होती है क्योंकि महत्वपूर्ण विचारक किसी समस्या को हल करने के लिए किसी स्थिति के संदर्भ में विकल्पों की कल्पना करते है और खोज करते हैं।

इसके केन्द्रीय पक्ष में दो तथ्य शामिल होत हैं- 1. आगमन: जब हम किसी चीज की जरूरत होती है या हमे किसी कार्य को पूरा करने में कोई समस्या आती है तो इस जरूरत को पूरा करने या समस्या का समाधान निकालने के लिए खोज करते है

जिसमें हमें कई सारे नवीन ज्ञान प्राप्त होते है। 2. निगमन : इसमें कम समय में अधिक ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। यह पहले नियमों को बताता है बाद में उदाहरणों द्वारा नियम को पुष्ट किया जाता है।