यू.जी.सी./एनटीए नेट / जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून 2024 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

1. रेलवे प्लेटफार्मों, भीड़ भरे बाजारों ओर ज्यादा ट्रैफिक वाली मुख्य सड़कों पर रहने वाले लोगों को होने की संभावना रहती है-

Correct Answer: (c) मनावोद्धाविक तनाव
Solution:इन स्थितियों (रेलवे प्लेटफार्म, भीड़-भाड़ वाले बाजार, अधिक ट्रैफिक वाली सड़के) में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक मनोवोद्भाविक तनाव का सामना करना पड़ता है। मनोवोद्भाविक तनाव, भीड़, शोर, अराजकता और असुरक्षा की भावना से उत्पन्न होता है। यह तनाव चिंता, अवसाद और मानसिक थकान का कारण बन सकता है।

2. निम्नलिखित में से क्या सलीवान के आधारभूत प्रणाली सिद्धांत में नहीं शामिल किया गया हैं?

Correct Answer: (b) प्रीटेक्सिक प्रणाली
Solution:हैरी स्टैक सलीवान के आधारभूत प्रणाली सिद्धांत में अनुभव की तीन मूलभूत प्रणालियाँ शामिल हैं, लेकिन 'प्रीटेक्सिक प्रणाली' उसमें से एक नहीं है। सलीवान द्वारा प्रस्तावित तीन प्रमुख प्रणालियाँ निम्नलिखित है-

(1) प्रोटोटेक्सिक प्रणाली अनुभव का सबसे आदिम रूप जिसमें अस्पष्ट और अविभदित संवेदनाएँ शामिल होती है।
(2) पैराटेक्सिक प्रणाली ऐसे अनुभव जिन्हें कारण प्रभाव से जुड़ा हुआ माना जाता है, लेकिन वे तार्किक रूप से संबंधित नहीं होते है।
(3) सिटेक्सिक प्रणाली अनुभव का सबसे परिपक्व रूप, जिसमें तार्किक क्रम, सामाजिक सहमति और भाषा के माध्यम से संचार शामिल होता है।

3. बुद्धि के अग्रणी तंत्रिकाविज्ञान सिद्धांत कहलाते हैं?

Correct Answer: (c) पैरिटो फ्रंटल इंटीग्रेशन सिद्धांत
Solution:बुद्धि के अग्रणी तंत्रिका विज्ञान सिद्धांत को "पैरिटो- फ्रंटल इंटीग्रेशन सिद्धांत कहा जाता है। यह सिद्धांत रेक्स जंग और रिचर्ड हैयर द्वारा प्रस्तावित किया गया था, जो बताता है कि बुद्धि मस्तिष्क के विशिष्ट क्षेत्रों, विशेष रूप से पैरिटल और फ्रंटल लोब के बीच समन्वय पर निर्भर करती है। इसमें निम्न तत्व शामिल हैं-
  • पैरिटल लोब - सूचना का एकीकरण और समस्या समाधान
  • फ्रंटल लोब - नियोजन, तर्क और निर्णय लेना।
  • संयोजकता- इन क्षेत्रों के बीच कुशल संचार बुद्धि का आधार है।

4. निम्नलिखित में से क्या 'अनोवा' का अप्रचालिक प्रतिरूप है?

Correct Answer: (a) कृषकल वलोस जाँच
Solution:अनोवा (ANOVA-Analysis of Variance) का अप्रचालिक प्रतिरूप कृषकल वलोस जाँच होता है। यह जाँच तब प्रयोग की जाती है जब
  • डेटा पैरामीट्रिक मान्यताओं (जैसे समान्य वितरण, समान विचरण का पालन नहीं करता।
  • स्वतंत्र समूहों की तुलना करना हो (जैसे एक तरफा ANOVA, लेकिन गैर पैरामीट्रिक रूप में)।

5. रैखिक समाश्रमण गुणांक के समीकरण Y = a+b X में b का आशय हैं?

Correct Answer: (b) समाश्रमण गुणांक
Solution:रैखिक समाश्रमण गुणांक के समीकरण y = a + bx में 6 का आशय समाश्रमण गुणांक है।

y = आश्रित चर
x - स्वतंत्र चर
a - अवरोधन जब x = 0 होता है, तो y का मान
b - समाश्रमण गुणांक-यह दर्शाता है कि x के एक इकाई परिवर्तन से y कितना बदलता है।

6. सामानय प्रायिकता वक्र में आरेख वक्र दर्शाता है-

Correct Answer: (c) प्राप्तांक और उनकी सापेक्ष आवृत्तियाँ
Solution:सामान्य प्रायिकता वक्र में आरेख वक्र '' प्राप्तांक और उनकी सापेक्ष आवृतियाँ को दर्शाता है। जब समको को आवृति वितरण वक्र के रूप में प्रस्तुत किया जाता हैं तो इसके द्वारा केन्द्रीय प्रवृत्ति विचलनशीलता, इत्यादि मापांको की गणना सरलता से की जा सकती है।

तब इस वक्र को अवलोकित वक्र या वास्तविक वक्र कहा जाता है। सन् 1733 ई. में लंदन में रह रहे फ्रांसीसी शरणार्थी अब्राहम डी मॉइवर ने सामान्य प्रायिकता वक्र को ज्ञात किया और इसका समीकरण प्रस्तुत किया इसलिए इसे डी मॉइवर वक्र (De moivre curve) भी कहते हैं।

7. एक मनोविज्ञान जुआरियों पर एक अध्ययन करना चाहते थे। जुआरियों की तलाश करना, यहाँ तक कि पुलिस की मदद से भी, एक चुनौतिपूर्ण कार्य हैं। इस कार्य हेतु निम्नलिखित में से कौन सी तकनीकी नमूना संग्रह के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होगी?

Correct Answer: (c) स्नोबॉल सैम्पलिंग
Solution:इस परिदृश्य में, जहां जुआरी जैसे एक विशिष्ट और कलंकित समूह का अध्ययन करना है, और उन्हें ढूंढना मुश्किल है, सबसे उपयुक्त नमूना स्नाबॉल सैम्पलिंग तकनीक होगी। स्नोबॉल सैम्पलिंग में, शोधकर्ता प्रारम्भिक प्रतिभागियों (जैसे कुछ जुआरी) की पहचान करते है

और फिर उन्हें अतिरिक्त प्रतिभागियों को सुझाने या भर्ती करने के लिए कहते हैं। यह विधि उन समूहों के लिए उपयोगी है जो सामान्यतः छिपे हुए या कलंकित होते है (जैसे जुआरी नशा करने वाले आदि)।

8. पीटरसन और सेलिग्मैन ने बल, सद्गुण और चरित्र (स्वभाव) संबंधी मशहूर अध्ययन किया। यह अध्ययन कहा जाता है-

Correct Answer: (d) वैल्यूज इन एक्शन प्रोजेक्ट (कर्म मूल्य परियोजना)
Solution:क्रिस्टोफर पीटरसन और मार्टिन सेलिग्मैन ने बल सद्गुण और चरित्र (स्वभाव) संबंधी मशहूर अध्ययन वैल्यूज इन एक्शन प्रोजेक्ट (कर्म मूल्य परियोजना) के तहत मनोविज्ञान में सकारात्मक गुणों और चरित्र शक्तियों का व्यवस्थित अध्ययन किया।

इस परियोजना का उद्देश्य मानवीय सद्गुणों और उनसे जुड़ी 24 चरित्र शक्तियों को पहचानना था, जो विभिन्न संस्कृतियों और धर्मो में सार्वभौमिक रूप से महत्पूर्ण माने जाते है। इन शक्तियों को 6 प्रमुख सद्‌गुणों के अन्तर्गत वर्गीकृत किया गया-

(i) बुद्धिमान और ज्ञान (Wisdom & knowledge)
(ii) साहस (Courage)
(iii) मानवता (Humanity)
(iv) न्याय (Jugtice)
(v) संयम (Temperance)
(vi) पारलौकिकता (Transcendence)

9. विभिन्न सामाजिक समूहों को निधि आवंटन की प्रक्रिया में पैदा होने वाली द्वंद्र की स्थिति इन विवादों पर होने वाले द्वंद्र का उदाहरण हैं-

Correct Answer: (a) लाभ
Solution:लाभ द्वंद्व का उदाहरण हो सकता है जब विभिन्न सामाजिक समूहों को निधि आवंटन की प्रक्रिया में पैदा होने वाली द्वंद्र की स्थिति में लाभ के बारे में मदभेद होते हैं।
उदाहरण के लिए : एक समूह को लगता है कि निधि आवंटन में शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा, जबकि दूसरे समूह को लगता है कि निधि आवंटन से स्वास्थ्य सेवाओं में लाभ होगा।
  • एक समूह कको लगता है कि निधि आवंटन से आर्थिक विकास में लाभ होगा जबकि दूसरे समूह को लगता है कि निधि आवंटन से पर्यावरण संरक्षण में लाभ होगा।

10. निम्नलिखित में से क्या गाँधी जी और साथ ही पंतजलि के अनुसार अहिंसा के व्यवहार के लिए एक जरुरी स्थिति है?

Correct Answer: (b) वैराग्य
Solution:गांधी जी और पतंजलि दोनों के अनुसार अहिंसा के व्यवहार के लिए “वैराग्य" एक आवश्यक स्थिति है।
  • पतंजलि के योगसूत्र में अहिंसा (अहिंसा परमो धर्मः) को यम के रूप में बताया गया है और इसे धारण करने के लिए वैराग्य (असक्ति और इच्छाओं से मुक्ति) आवश्यक माना गया है।
  • महात्मा गांधी भी अहिसां को केवल शारीरिक न होकर मानसिक एवं भावनात्मक स्तर पर भी अपनाने की बात करते थे। उन्होंने यह माना कि अहिसा को पूर्णतः अपनाने के लिए व्यक्ति में वैराग्य यानी सांसारिक मोह और व्यक्तिगत स्वार्थों से मुक्ति जरूरी है। वैराग्य से व्यक्ति क्रोध, हिंसा और द्वेष से बच सकता है और सही मापने में अहिंसा का पालन कर सकता है।