यू.जी.सी./एनटीए नेट / जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून 2024 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

11. किसी के पीठ पीछे उसके बारे में अफवाहें फैलाने को क्या कहना समुचित होगा?

Correct Answer: (c) अप्रत्यक्ष क्रोध हमला
Solution:किसी के पीठ पीछे उसके बारे में अफवाहें फैलाना एक अप्रत्यक्ष आक्रामकता का उदाहरण है क्योंकि इसमें व्यक्ति सीधे सामने आकर विवाद नहीं करता, बल्कि छिपकर दूसरों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाता है। यह मनोवैज्ञानिक हिंसा का एक रूप है, जिसका उद्देश्य पीड़ित की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना होता है।

12. निम्नलिखित में से कौन सी बात जे.पी. दास और उनके सहयोगियों द्वारा विकसित PASS (पास) प्रारूप के बारे में सही है?

Correct Answer: (d) योजना, सतर्क भाव प्रबोधन, सहकालिक और अनुक्रमिक प्रक्रमण
Solution:बुद्धि के पास पास (PASS) सिद्धांत का निर्माण जे.पी.दास (J.P. Das), जैक नागलीरी (Jack Naglieri) तथा किर्बी (Kirby) ने वर्ष 1994 में किया था। पास (PASS) शब्द का विस्तृत रूप निम्नवत् है-

यह मॉडल बुद्धि का एक व्यापक मॉडल प्रस्तुत करता है तथा यह बुद्धि के सूचना प्रक्रमण उपागम का नेतृत्व करता है।

13. निम्नलिखित में से कौन सी प्राविधि मद पक्षपाती निर्धारण के लिए समुचित है?

Correct Answer: (c) मद वैशिष्ट्य वक्र
Solution:मद वैशिष्टच वक्र का उपयोग परीक्षण के प्रत्येक मद के प्रदर्शन को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह वक्र दिखाता है कि किसी दिये गये स्तर की योग्यता पर उस मद का सही उत्तर देने की संभावना क्या है।

जब विभिन्न समूहों के लिए वक्रों की तुलना की जाती है, तो यदि वक्रों में अन्तर देखा जाता है, तो यह संकेत देता है कि मद में पक्षपात है। इस प्रकार मद वैशिष्टच वक्र की सहायता से यह निर्धारित किया जा सकता है कि कोई मद विभिन्न समूहों में समान रूप से कार्य कर रही है या नहीं।

14. बहुलक्षणिक-बहुविधि अभिकल्प इनमें से क्या नही उपलब्ध कराता है?

Correct Answer: (a) पुर्वकथनात्मक साक्ष्य वैधता
Solution:बहुलक्षणिक बहुविधि अभिकल्प को वैधता की जाँच के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन यह पूर्वकथनात्मक साक्ष्य वैधता प्रदान नही करता है। बहुलक्षणिक बहुविध अभिकल्प मुख्य रूप से तीन प्रकार की वैधता को मापता है-

(i) अभिसारी साक्ष्य वैधता
(ii) विविक्तिकर साक्ष्य वैधता
(iii) विश्वसनीयता। अतः पूर्वकथनात्मक साक्ष्य वैधता किसी परीक्षण या मापन की यह समता होती है कि वह भविष्य में किसी परिणाम की सटीक भविष्यवाणी कर सकता है।

15. ऐसा वितरण जो बाईं और तिरछा हो, जिसका एक उच्च बिंदु हो और जिसके कई उच्च प्राप्तांक हो, कहलाता है-

Correct Answer: (c) नकारात्मक वैषम्प वितरण
Solution:जब कोई विवरण बाईं ओर तिरक्षा होता है, तो उसकी पूंछ (Tail) बाईं ओर लंबी होती है। इसमें कई उच्च प्राप्तांक होते है, जिससे औसत और माध्यिका दाईं ओर स्थानांतरित हो जाते हैं। नकारात्मक वैषम्प वितरण का मतलब है

कि अधिकांश डेटा बिन्दु उच्च स्कोर वाले होते है, लेकिन कुछ निम्न स्कोर वितरण को बाई ओर खींचते है। उदाहरण - परीक्षा के अंक, जहाँ अधिकतर छात्रों के अक अधिक है, लेकिन कुछ छात्रों के अंक बहुत कम है।

16. निजी जाँच पूर्णांक को व्याख्यायित करने और आत्मविश्वास अंतराल (कॉनफिडेन्स इंटरवल) की गणना करने की क्रम में निम्नलिखित में से क्या महत्वपूर्ण और आवश्यक हैं।

Correct Answer: (d) मापन की मानक त्रुटि
Solution:निजी जाँच पूर्णांक की व्याख्या करने और आत्मविश्वास अंतराल की गणना करने के लिए मापन की मानक त्रुटि महत्वपूर्ण और आवश्यक है, मापन की मानक त्रुटि परीक्षण की विश्वसनीयता से प्राप्त होती है

और वास्तविक स्कोर के अनुमानित सीमा को निर्धारित करने में मदद करती है। आत्मविश्वास अंतराल की गणना के लिए SEM आवश्यक है जिसमें हम यह अनुमान लगा सकते हैं कि व्यक्ति का वास्तविक स्कोर किस रेंज में हो सकता है। सूत्र- आत्मविश्वास अंतराल प्राप्त स्कोर + (Z-स्कोर x SEM)

17. कार्य स्मृति के त्रिस्तरीय तंत्र में बैडली, एचन और हिच (2011) ने जो चौथा घटक जोड़ा, वह कहलाता है-

Correct Answer: (d) संयोगिक बफर
Solution:बैडली (Baddeley), एचन (Eysenck) और हिच (Hitch) ने अपने कार्य स्मृति (Working Memory) के त्रि- स्त्ररीय मॉडल में संयोगिक बफर (Episodic Buffer) को चौथा घटक जोड़ा। संयोगिक बफर एक अस्थायी भंडारण प्रणाली है

जो विभिन्न स्रोतों (दृश्य, श्रवण, स्थानिक) से जानकारी को एकीकृत करता है और दीर्घकालिक स्मृति के साथ संबंध स्थापित करता है। यह कार्य स्मृति के अन्य घटकों (केन्द्रीय कार्यकारी, स्वनिमिक पाश, दृश्य स्थानिक स्केचपैड) के बीच समन्वय करता है।

18. अनिश्चियी स्थिति में हमारे द्वारा लिए गए निर्णयों या फैसलों की तुलना के लिए उपयोग किये जाने वाले सिद्धांत को कहते है-

Correct Answer: (b) संकेत अभिज्ञान सिद्धांत
Solution:संकेत अभिज्ञान सिद्धांत वह सिद्धांत है जो अनिश्चित स्थितियों में लिए गये निर्णयों या फैसलों की तुलना के लिए उपयोग किया जाता है। यह सिद्धांत बताता है कि निर्णय लेने वाले व्यक्ति विभिन्न संकेतों की पहचान करके उनकी तुलना करते हैं और तदनुसार निर्णय लेते हैं।

19. सिद्धांत निर्माण के बारे में हल का दृष्टिकोण कहलाता है?

Correct Answer: (a) प्राक्कल्पनात्मक निगमनात्मक
Solution:सिद्धांत निर्माण के बारे में हल का दृष्टिकोण प्राक्कल्पनात्मक निगमनात्मक कहलाता है। इसका तात्पर्य यह है कि सिद्धांत निर्माण में पहले एक परिकल्पना बनाई जाती है और फिर तर्क एवं परीक्षण के माध्यम से इसे सत्यापित किया जाता है। निगमनात्मक पद्धति सामान्य सिद्धांतों से विशिष्ट निष्कर्ष निकालने की प्रक्रिया पर आधारित होती है।

20. निम्नलिखित में से किन्हें पुनर्बलन सिद्धांतकार नहीं माना जाता है?

Correct Answer: (b) गुथेरी
Solution:थॉर्नडाइक, हल और स्किनर सभी पुनर्बलन सिद्धांतकार माने जाते हैं क्योंकि उनके सिद्धांतों में सीखने की प्रक्रिया में पुनर्बलन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जबकि गुरी का सिद्धांत सम्पर्क सिद्धांत पर आधारित था,

जिसमें उन्होंने यह तर्क दिया कि सीखना पुनबर्लन पर नहीं बल्कि उद्दीपन और अनुक्रिया के बीच सीधे सपर्क पर निर्भर करता है। इसलिए गुथरी को पुनर्बलन सिद्धांतकार नही माना जाता।