यू.जी.सी./एनटीए नेट / जेआरएफ पुनर्परीक्षा, जून 2024 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

31. अंतर्विवेकशील की विभिन्न अवस्थाएं जैसे की उन्निद्रता, स्वप्न, गहन निद्रा और साथ ही साथ विलक्षण अवस्था (तुरीय अवस्था) _____में वर्णित है।

Correct Answer: (a) माण्डुक्य उपनिषद्
Solution:अंतर्विवेकशील की विभिन्न अवस्थाएं जैसे उन्निद्रता, स्वप्न, गहन निद्रा और साथ ही साथ विलक्षण अवस्था (तुरीय अवस्था) माण्डुक्य उपनिषद् में वर्णित है। माण्डुक्य उपनिषद एक प्रमुख उपनिषद् है

जो उपर्युक्त चार अवस्थाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें “अ” (जाग्रत), “उ” (स्वप्न), "म" (गहरा निद्रा), और ओम्कार के चौथे अदृश्य भाग (तुरीय अवस्था) के रूप में चेतना की विभिन्न अवस्थाओं को समझाया गया है।

32. पंचकोष सिद्धांत _______ में व्याख्यायित है।

Correct Answer: (d) त्तिरीय उपनिषद्
Solution:पंचकाष सिद्धांत (अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष और आनंदमय कोष) का विस्तृत विवरण तैत्तिरीय उपनिषद् (तैत्तिरीयोपनिषद्) में मिलता है। यह उपनिषद् यजुर्वेद से संबंधित है और इसमें आत्मा के पाँच आवरणों (कोष) की व्याख्या की गई है।

33. शैरिफ और साथी द्वारा 1961 में रॉबर्ट केव" नामक एक प्रसिद्ध अध्ययन में सामाजिक व्यवहार, जिसे____ के रूप में जाना जाता है, को प्रदर्शित किया।

Correct Answer: (b) समान स्तर संपर्क
Solution:शेरिक और साथियों द्वारा 1961 में किए गये प्रसिद्ध अध्ययन 'रॉबर्स केब एक्सपेरिमेंट) में सामाजिक व्यवहार की जिस अवधारणा को प्रदर्शित किया गया वह समान स्तर संपर्क है। इस अध्ययन में समूहो के बीच पूर्वाग्रह और संघर्ष को कम करने के लिए "समान स्तर पर सहयोगात्मक संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका दिखाई गई।

जब दो प्रतिद्वंदी समूहों (जैसे "ईगल्स" और रैटलर्स) को साझा लक्ष्यों पर काम करने के लिए मजबूर किया गया, तो उनके बीच शत्रुता कम हुई और सामंजस्य बढ़ा।

34. सामाजिक अनन्यता सिद्धांत के अनुसार, एक विशिष्ट सामाजिक समूह के भी किसी व्यक्ति की अनन्यता का निर्माण की क्रमिक प्रक्रिया द्वारा व्याखायित किया जाता है।

Correct Answer: (a) सामाजिक कोटि-निर्धारण, सामाजिक अनन्यता और सामाजिक तुलना
Solution:सामाजिक अनन्यता सिद्धांत के अनुसार, किसी व्यक्ति की अनन्यता का निर्माण तीन प्रमुख चरणों में होता है।

(i) सामाजिक कोटि-निर्धारण- लोग स्वयं को और दूसरो को विभिन्न सामाजिक समूहों में वर्गीकृत करते हैं।
(ii) सामाजिक अनन्यता- व्यक्ति अपने समूह से जुड़ाव महसूस करता है और उसकी पहचान को अपनाता है।
(iii) सामाजिक तुलना लोग अपने समूह की तुलना अन्य समूहों से करते हैं ताकि वे अपनी पहचान और स्थिति को समक्ष सकें।

35. वह प्रक्रिया, जिसके द्वारा कोई व्यक्ति तर्क, अभिवचन और व्याख्या द्वारा एक अन्य व्यक्ति के विश्वास, मत, स्थिति अथवा क्रियाचर्या को परिवर्तित करने का प्रयास करता है,_____ का एक उदाहरण है।

Correct Answer: (c) अनुनयन
Solution:वह प्रक्रिया जिसके द्वारा कोई व्यक्ति तर्क, अभिवचन और व्याख्या के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के विश्वास, मत, स्थिति या व्यवहार को बदलने का प्रयास कर रहा है। इसे अनुनयन कहा जाता है, जो प्रभावशाली संचार द्वारा किसी व्यक्ति के दृष्टिकोण या कार्यों में परिवर्तन लाने की प्रक्रिया है।

36. वचनबद्धता के लिए निवेदन और अनुपालन के पश्चात् वृहत्तर वचनबद्धता के लिए निवेदन कहलाता है।

Correct Answer: (a) उँगली पकड़कर हाथ पकड़ना तकनीक
Solution:इस मनोवैज्ञानिक तकनीक में पहले एक छोटी माँग की स्वीकृत ली जाती है, और जब व्यक्ति उस माँग प्रस्तुत की जाती है। इसे उँगली पकड़कर हाथ पकड़ना तकनीक कहा जाता है।

इस तकनीक का सिद्धांत यह है कि जब कोई व्यक्ति एक छोटी माँग पूरी कर लेता है, तो वह स्वयं को उस व्यवहार से जोड़ने लगता है, जिससे वह बाद में बड़ी माँग पूरी करने के लिए तैयार हो जाता है।

37. टोरेंस के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सर्जनात्मकता का घटक नहीं हैं?

Correct Answer: (d) सत्यापन या प्रमाणीकरण
Solution:परंपरागत चिंतन से परे किसी निश्चित लक्ष्य की प्राप्ति के उद्देश्य से अपनाए गए विशिष्टतापूर्ण दृष्टिकोण को ही व्यक्ति की सृजनात्मकता कहते हैं। वतुततः सृजनात्मकता के चार प्रमुख तत्व होते हैं, जो निम्नवत् है-

(i) प्रवाह- इससे तात्पर्य किसी दी गई समस्या पर अधिकाधिक विचारों अथवा प्रत्युत्तरों को प्रस्तुत करने से है।
(ii) नम्यता- इससे तात्पर्य किसी समस्या पर दिए गए समाधान में विविधता होने से है।
(iii) मौलिकता - इससे तात्पर्य ऐसे विचारों को उत्पन्न करने की योग्यता से है, जो असाधारण, सांख्यिकीय रूप से अप्रचलित तथा स्वतः स्पष्ट नहीं हो।
(iv) विस्तारण- विस्तारण से तात्पर्य विचारों या भावों की विस्तृत व्याख्या, व्यापक पूर्ति या गहन प्रस्तुतीकरण से है। अतः टोरेंस के अनुसार सत्यापन या प्रमाणीकरण सृजनात्मकता का घटक नहीं है।

38. कार्खफ का कौन सा मॉडल संचार कौशल को पूर्वप्रसंस्करण कौशल के रूप में वर्णित करता है, आईवी और आईवी इसे कहते है-

Correct Answer: (c) सूक्ष्म कौशल दृष्टिकोण
Solution:कार्खफ का मॉडल "साक्ष्य कौशल दृष्टिकोण " (Mioo-Skills Appoach) को संचार कौशल को पूर्व प्रसंस्करण कौशल के रूप में वर्णित करता है। इस दृष्टिकोण में संचार कौशल को छोटे-छोटे घटकों में विभाजित किया जाता है,

जिन्हें सीखा और अभ्यास किया जा सकता है। आइवी और आइवी मॉडल भी इसी से संबंधित है, जो संचार कौशल के विश्लेषण और उनके प्रभावी अनुप्रयोग पर केन्द्रित होता है।

39. सभी उपचारों के मुख्य तत्व एक प्रभावी उपचार पद्धति का विकास है।

Correct Answer: (d) कार्य गठबंधन
Solution:सभी उपचारों के मुख्य तत्व एक प्रभावी उपचार पद्धति के विकास में कार्य गठबंधन (Working Alliance) सबसे महत्वपूर्ण तत्व होता है कार्य गठबंधन का अर्थ है

चिकित्सक (थैरेपिस्ट) और रोगी (क्लाइंट) के बीच एक सकारात्मक, सहयोगात्मक संबंध, जिसमें दोनों उपचार के लक्ष्यों, कार्यों और आपसी भरोसे पर सहमत होते हैं। यह उपचार प्रक्रिया की सफलता के लए आवश्यक माना जाता है।

40. जीवन में अपेक्षाकृत जल्दी घटित होने वाले कुछ कारणात्मक कई वर्षों तक अपना प्रभाव नहीं दिखा सकते हैं, जो विकार विकसित होने की प्रवृत्ति में योगदान कर सकते है, इन्हें इस प्रकार माना जाएगा ______

Correct Answer: (b) दूरस्थ जोखिम कारक
Solution:जो घटनाएँ या कारक जीवन में अपेक्षाकृत जल्दी घटित होते हैं लेकिन कई वर्षों तक अपना प्रभाव नहीं दिखाते और बाद में किसी विकार के विकास में योगदान कर सकते हैं उन्हें “दूरस्थ जोखिम कारक" कहा जाता है। ये कारक व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य या व्यवहार पर दीर्घकालिक प्रभाव डालते हैं, लेकिन इसका असर तुरंत नहीं दिखता।