यू.जी.सी.एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2023 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

91. (निर्देश 91-95) ध्यान क्रिया में भाग लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान प्रभावों को जानने हेतु एक अध्ययन कराया गया। बच्चों का एक समूह जो इसके पूर्व ध्यानक्रिया में भाग नहीं लिया है, वह ध्यानक्रिया में भाग लेने की योजना बना रहा है,

उन्हें ध्यानक्रिया में भाग लेने के कार्य के पूर्व एक स्वास्थ्य मापनी उपलब्ध कराया गया। बालकों के द्वारा ध्यानक्रिया के 2 माह पश्चात् उसी परीक्षण को पुनः अपनाया जाना था।

स्वास्थ्य को मापन अन्तराल पैमाने पर किया जाना था। जिसमें उच्चतर प्राप्नांक उच्चतर स्वास्थ्य को इंगित करता है। पैमाने पर प्राप्तांक सामान्य रूप से बंटित किए गए थे। प्राप्तांकों को नीचे दिया गया है।

पहले (पूर्व)बाद (पश्चात्)
46
85
1011
1210
1415
1617
1816

अंतराल मापनी के बारे में निम्नलिखित कौनसा सही है? 

Correct Answer: (c) पहचान, परिमाण और समान इकाई आकार इसके गुण-धर्म हैं।
Solution:

अन्तराल मापनी पहचान, परिमाण और समान इकाई आकार इसके गुण धर्म हैं।

92. इस परीक्षण हेतु स्वतंत्रता की सीमा कितनी है?

Correct Answer: (c) 6
Solution:

परीक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कई मनोवैज्ञानिक परीक्षण किए जाते हैं। इन मनोवैज्ञानिक परीक्षण की मदद से किसी व्यक्ति के व्यवहार, व्यक्तित्व और उसकी कार्य क्षमताओं का अंदाजा लगाया जाता है। अतः परीक्षण हेतु स्वतन्त्रता की सीमा 6 है।

93. शून्य प्राक्कल्पना को अस्वीकार करना संकेत (इंगित) करता है:

Correct Answer: (a) ध्यानक्रिया में भागीदारी स्वास्थ्य प्राप्तांकों में पर्याप्त अंतर की ओर संकेत करता है।
Solution:

शून्य प्राक्कल्पना को अस्वीकार करना ध्यानक्रिया में भागीदारी स्वास्थ्य प्राप्तांकों में पर्याप्त अंतर की ओर संकेत करता है।

94. निदेशात्मक प्राक्कल्पना के बारे में निम्नलिखित कौन-सा एक सही है?

Correct Answer: (b) ध्यानक्रिया का स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
Solution:

निदेशात्मक प्राक्कल्पना ध्यानक्रिया का स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

95. आँकड़े का विश्लेषण करने हेतु कौन-से सांख्यिकीय परीक्षण को प्रयुक्त करना चाहिए?

Correct Answer: (c) सहसंबंधित 't' परीक्षण
Solution:

आँकड़े का विश्लेषण करने हेतु सह सम्बन्धित 't' सांख्यिकीय परीक्षण को प्रयुक्त करना चाहिए।

96. (निर्देश 96-100) लेव एस विगोत्सकी ने संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत का प्रतिपादन किया। उन्होंने व्याख्या की कि अनुभवी प्रौढ़ व्यक्ति अन्तर्जात मौलिक योग्यता धारी बालकों को और अधिक जटिल एवं उच्चतर क्रम की संज्ञानात्मक क्षमताओं को प्राप्त करने में सहायता करते हैं।

इस क्षमता का वर्णन और मूल्यांकन करने के उद्देश्य से उन्होंने जेड पी डी धारणा का प्रस्ताव दिया। विगोत्सकी के चिंतन के आधार पर एक संस्थानिक प्रक्रम विकसित किया गया जिसमें अपेक्षाकृत विकसित किया गया

जिसमें अपेक्षाकृत अधिक ज्ञान संपन्न साझीदार बालक के अधिगम संबंधी आवश्यकता के अनुरूप सहयोग की मात्रा और इसके स्वरूप में अन्तः क्रिया के क्रम में समायोजन किया जाता है। विगोत्सकी के अनुसार मनोवैज्ञानिक उपकरण (युक्तियाँ) और चिह्नों से चिंतन प्रक्रिया सुकर होती है और इसके लिए निर्देश प्राप्त होता है।

विगोत्सकी का सिद्धांत कहलाता है? 

Correct Answer: (c) संज्ञानात्मक विकास का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत
Solution:

विगोत्सकी का सिद्धन्त संज्ञानात्मक विकास का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धान्त कहलाता है।

97. जेड पी डी से अभिप्रेत हैं-

Correct Answer: (b) जोन ऑफ प्रोक्सीमल डेवलपमेंट
Solution:

ZPD को वायगोत्स्की द्वारा 1978 में "स्वतंत्र समस्या समाधान द्वारा निर्धारित वास्तविक विकास स्तर के बीच की दूरी और वयस्क मार्गदर्शन में या अधिक सक्षम साथियों के सहयोग से समस्या समाधान के माध्यम से निर्धारित संभावित विकास के स्तर के बीच की दूरी" के रूप में परिभाषित किया गया है।

98. जेड पी डी की परिभाषा इस प्रकार दी है :

Correct Answer: (a) जब बालक अकेले में कार्य करता है और जिस स्तर तक वह किसी प्रौढ़ व्यक्ति की सहायता से पहुँचने में सक्षम होता है, इन दोनों के मध्य विकासात्मक स्तर के अन्तर द्वारा अधिगम के प्रति संवेदनशीलता का क्षेत्र अभिलक्षित होता है।
Solution:

जेड़ पी ड़ी के अनुसार, "जब बालक अकले में कार्य करता है और जिस स्तर तक वह किसी प्रौढ़ व्यक्ति की सहायता से पहुँचने में सक्षम होता है, इन दोनों के मध्य विकासात्मक स्तर के अन्तर द्वारा अधिगम के प्रति संवेदनशीलता का क्षेत्र अभिलक्षित होता है।"

99. मनोवैज्ञानिक युक्तियाँ और चिह्न यथा भाषा, गणना, स्मृति विज्ञान, बीजगणितीय संकेत, कला और लेखन जिससे चिंतन की प्रक्रिया सुकर हो जाती है और इसका निर्देश प्राप्त होता है, इसे विगोत्सकी ने कहा है :

Correct Answer: (b) मध्यस्थ
Solution:

मध्यस्थ एक ऐसा माध्यम है, जिसमें मनोवैज्ञानिक युक्तियाँ और चिह्न यथा भाषा, गणना, स्मृति विज्ञान, बीजगणितीय संकेत. केत, कला और लेखन जिससे चिंतन की प्रक्रिया सुकर हो जाती है। और इसका निदेश प्राप्त होता है।

100. शैक्षणिक प्रक्रिया जिसमें अपेक्षाकृत अधिक ज्ञानवान साझीदार अन्तःक्रिया के क्रम में बालक की अधिगम आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग की मात्रा और प्रकार का समायोजन किया जाता है, कहलाता है:

Correct Answer: (d) मचान
Solution:

मचान वह शैक्षणिक प्रक्रिया है, जिसमें अपेक्षाकृत अधिक ज्ञानवान साझीदार अन्तः क्रिया के क्रम में बालक की अधिगम आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग की मात्रा और प्रकार का समायोजन किया जाता है।