यू.जी.सी.एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2023 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

31. क्लासिकल कंडीशनिंग (क्लासिकी अनुबंधन) में व्यवहार के उन्मूलन की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नांकित में से कौन-सा सही है?

Correct Answer: (b) सी.आर का क्रमिक हास
Solution:

जब CR या अनुबंधित अनुक्रिया की आवृत्ति कम होन लगे या बंद हो जाए, तो इसे विलोपन उन्मूलन की प्रक्रिया कहते हैं।

32. निम्नांकित में से क्या संज्ञानात्मक कार्यकलाप नहीं है?

Correct Answer: (d) अपने वर्तमान डाक का पता संप्रेषित करना
Solution:

संज्ञानात्मक कार्यकलाप का तात्पर्य "सज्ञान के बारे में ज्ञान" तथा "सोच के बारे में सोच' से है। यह किसी समझ और प्रदर्शन की योजना निगरानी और आकलन करने के लिए उपयोग की जाने वाली प्रक्रिया को सन्दर्भित करता है। यह अपने स्वयं की चिंतन प्रक्रिया पर चिंतन तथा मनस सिद्धान्त पर कार्य करता है।

अतः उपर्युक्त विकल्प अपने वर्तमान डाक का पता संप्रेषित करना संज्ञानात्मक कार्यकलाप की श्रेणी में नहीं आता है।

33. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए।

सूची-Iसूची-II
A. आधारिक (ग्राउंडेड) सिद्धांतI. कालक्रम का निर्धारण करने हेतु व्यक्तियों के जीवन का अध्ययन एवं पुनर्अभिकथित
B. परिघटनात्मक शोधII. नैसर्गिक अभिविन्यास में अक्षुण्ण सांस्कृतिक समूहों का अध्ययन करना
C. आख्यानपरक शोधIII. प्रतिभागियों के विचार के माध्यम से सामान्य अमूर्त सिद्धांत की निष्पत्ति करना
D. नृजातिविज्ञानIV. अल्पसंख्यक में प्रतिभागियों के जीवंत अनुभवों को समझना

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) A-III, B-IV, C-I, D-III
Solution:
सूची-Iसूची-II
A. आधारिक (ग्राउंडेड) सिद्धांतI. प्रतिभागियों के विचार के माध्यम से सामान्य अमूर्त सिद्धांत की निष्पत्ति करना
B. परिघटनात्मक शोधII. अल्पसंख्यक में प्रतिभागियों के जीवंत अनुभवों को समझना
C. आख्यानपरक शोधIII. कालक्रम का निर्धारण करने हेतु व्यक्तियों के जीवन का अध्ययन एवं पुनर्अभिकथित
D. नृजातिविज्ञानIV. नैसर्गिक अभिविन्यास में अक्षुण्ण सांस्कृतिक समूहों का अध्ययन करना

34. उत्तर-आधुनिक उपचार विधियों के तीन प्रकार होते हैं, निम्नलिखित में से कौन-सा उत्तर आधुनिक उपचार विधि का भाग नहीं है?

Correct Answer: (b) क्षेत्र आधारित उपचार विधि
Solution:

क्षेत्र आधारित उपचार विधि, उत्तर आधुनिक उपचार विधियों के प्रकार में नहीं आती।

35. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन के रूप में लिखित हैं तो दूसरा उसके कारण के रूप में।

अभिकथन : एक बाहरी स्वतंत्र चर को निष्प्रभावी करने हेतु शोधकर्ता उन प्रतिभागियों का चयन कर सकता है जो स्वतंत्र चर से सजातीय होता है।
कारण R : सुमेलन बाहरी प्रसरण नियंत्रित करने हेतु एक विधि है
उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

एक बाहरी स्वत-त्र चर को निष्प्रभावी करने हेतु शोधकर्ता उन प्रतिभागियों का चयन कर सकता है, जो स्वतन्त्र चर से सजातीय होता है साथ ही साथ इसमें सुमेलन बाहरी प्रसरण नियंत्रित करने हेतु एक विधि भी है परन्तु सुमेलन बाहरी प्रसरण नियंत्रित करने हेतु प्रतिभागियों का चयन नहीं कर सकता है।

अतः अभिकथन (A) तथा कारण (R) दोनों सत्य हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

36. प्रमस्तिष्कीय जलवाहिनी से मस्तिष्क के कौन-से अंग संसक्त होते हैं-

Correct Answer: (a) मस्तिष्क के तृतीय और चतुर्थ निलय
Solution:

प्रमस्तिष्कीय जल वाहिनी एक नहर की तरह कार्य करता है, जो मध्य मस्तिष्क से होकर गुजरती है। यह मस्तिष्क से तृतीय और चतुर्थ निलय के अंगों से जोड़ता है, जिससे मस्तिष्क मेरू द्रव सेरबल वेंट्रिकल और इन वेंट्रिकल को जोड़ने वाली नहर के बीच चलता रहे।

37. डाईनर एवं क्रांडल द्वारा इंगत किए गए सूचित सम्मति (इन्फाई कंसेंट) में निम्नलिखित घटक शामिल होते हैं।

A. स्वेच्छावाद (वॉलंटरिज्म)
B. शोधकर्ता की सक्षमता
C. सूचना
D. समझ
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल A, C, D
Solution:

ड्राईनर एवं क्रांडल द्वारा इंगित किए गए सूचित सम्मति (इन्फाई कंसेंट) में स्वेच्छावाद (वालंटरिज्म), सूचना तथ समझ के घटक शामिल होते हैं।

38. मेरुदंड के कशेरुक के खंडों को ऊपर से नीचे के अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए।

A. वक्षीय कशेरुक
B. सेक्रमी कशेरुक
C. ग्रीवा कशेरुक
D. कार्ट कशेरुक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) C, A, D, B
Solution:

रीढ़ की हड़डी में तीन सामान्य मोड़ होते हैं ग्रीवा, वक्ष और कमर। गर्दन में सात ग्रीवा कशेरुक, धड़ में 12 वक्ष कशेरुक और पीढ़ के निचले हिस्से में पाँच काढ कशेरुक होते हैं, जो कि निम्नलिखित क्रमानुसार है।

1. ग्रीवा कशेरुक 2. वक्षीय कशेरुक 3. कार्ट कशेरुक 4. सेक्रमी कशेरुक 5. कोक्सीक्स कशेरुक

39. उद्दीपन सामान्यीकरण के बारे में निम्नांकित में से क्या सही है?

A. किसी एक उद्दीपन के प्रति लोगों की संवेगात्मक अनुक्रियाएँ सदृश उद्दीपक में सामान्य होती हैं।
B. पुनरावृत्तिक उद्भाषण और पुनर्बलन के फलस्वरूप श्वान ध्वनियों के प्रकार के विभेद कर सकता है।
C. सामान्यतया वांछित भोजन तथा केक और पैस्ट्री विकर्षी प्रतीत होता है। जब इनकी आकृति श्वान के मल के सदृश होती है।
D. विस्तृत अनुक्रिया का अकस्मात् उभाषण।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल A, C
Solution:

जब व्यक्ति अनुकूलित उद्दीयक के प्रति की जाने वाली क्रिया के समान अन्य उद्दीपकों के प्रति अनुक्रिया करता है, तो कहा जाता हैकि उद्दीपन सामान्यीकरण में किसी एक उद्दीपन के प्रति लोगों की संवेगात्मक अनुक्रियाएँ सदृश उद्दीपक में सामान्य होती हैं

तथा यह सामान्यतया वांछित भोजन तथा केक और पेस्ट्री विकर्षी प्रतीत होता है, जब इनकी आकृति श्वान के मल के सहरा होती है।

40. कोहेन कप्पा सूत्र के संदर्भ में-

Correct Answer: (d) केवल A, B, C, D
Solution:

कोहेन कप्पा सूत्र