यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा दिसम्बर 2019 वाणिज्य

Total Questions: 100

1. गुणवत्ता चक्र एक प्रकार का-

Correct Answer: (a) समस्या समाधान दल है
Solution:

गुणवत्ता चक्र एक प्रकार का समस्या समाधान दल है। यह एक प्रकार की पुनरावृत्ति होती है। यह एक ऐसी विधि है, जो कम्पनी के निरन्तर सुधार की संस्कृति को महत्व देती है। यह एक प्रकार का इंटरैक्टिव प्रबन्धन विधि है, जो नियन्त्रण के लिए और सामान्य रुप से उत्पादों, सेवाओं और प्रक्रियाओं के निरन्तर सुधार के लिए उपयोग किया जाता है।

2. निम्नलिखित में से कौन लागत व्यवहार निर्धारित करने की पद्धतियां हैं?

(A) उच्च और निम्न बिंदु पद्धति
(B) न्यूनतम वर्ग प्रतिगमन पद्धति
(C) लेखांकन या विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
(D) गैर-मापदंड पद्धति
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनेंः

Correct Answer: (d) (A), (B) और (C)
Solution:

लागत व्यवहार निर्धारित करने की निम्नलिखित पद्धतियाँ है-
i. उच्च और निम्न बिन्दु पद्धति
ii. न्यूनतम वर्ग प्रतिगमन पद्धति
iii. लेखांकन या विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण

3. निम्नलिखित में से कौन शून्य संविदा है?

Correct Answer: (b) ऐसी संविदा जो अब विधि द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है।
Solution:

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 2(J) शून्य संविदा अधिनियम को परिभाषित करती है, इसके अनुसार-
"जो संविदा विधि द्वारा प्रवर्तनीय नही रह जाती है, वह तब शून्य हो जाती है जब वह विधि द्वारा प्रवर्तनीय नहीं रह जाती है।" भारतीय संविदा अधिनियम में बहुत से ऐसे करार है, जो नैतिकता या लोकनीति के विरुद्ध होने के कारण शून्य किए गए है, कुछ संविदाएं सृजन के समय ही शून्य हो जाती है, जबकि कुछ संविदाएं |
सृजन के समय तो विद्यमान रहती है, परन्तु बाद में किन्ही कारणों से उनका पालन असंभव हो जाने के कारण वे शून्य हो जाती है। धारा 65 के अनुसार जब संविदा शून्य हो जाती है तो प्रभावरहित हो जाती है और पक्षकारों के अधिकार एवं दायित्व भी समाप्त हो जाते है। अतः संविदा के किसी पक्षकार के द्वारा इसे प्रवर्तनीय नहीं किया जा सकता।

4. हाल ही के वर्षों से संभार-तंत्र में दक्षता का प्रमुख लाभ निम्न में से किससे प्राप्त हुआ है?

Correct Answer: (a) सूचना प्रोद्योगिकी में उन्नयन से
Solution:

हाल ही के वर्षों में संभार-तन्त्र में दक्षता का प्रमुख लाभ सूचना प्रौद्योगिकी में उन्नयन से प्राप्त हुआ है। संभार-तन्त्र या सुप्रचालन तन्त्र (लॉजिस्टिक्स) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके अन्तर्गत माल, सेवाओं या सूचनाओं को योजनाबद्ध तरीके से उसके उत्पत्ति वाले स्थान से उपयोग वाले स्थान पर पहुँचाया जाता है। विश्व बैंक द्वारा जारी संभार कार्य निष्पादन सूचकांक में भारत का स्थान सकारात्मक रहा है। वर्ष 2014 में 54वें स्थान, जबकि वर्ष 2016 में 35वें स्थान पर था। पिछले 5 वर्षों के दौरान भारतीय संभार-तन्त्र उद्योग में लगभग 8-10% की दर से वृद्धि हुई है। भारतीय अर्थव्यवस्था में यह रोजगार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

5. लेखा परीक्षकों के कर्तव्यों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

Correct Answer: (a) स्थाई परिसंपत्ति का भौतिक सत्यापन लेखा परीक्षकों का प्रमुख उत्तरदायित्व है
Solution:

दिए गये कथनों में से लेखा परीक्षकों के कर्तव्य के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथन सही है-
i. लेखा परीक्षक द्वारा स्थाई परिसम्पत्ति के स्वामित्व का सत्यापन हक विलेख की जाँच करके किया जाना चाहिए
ii. लेखा-परीक्षक को विनिश्चय करना चाहिए कि परिसम्पत्ति ग्राहक के कब्जे में है।
iii. लेखा परीक्षक को स्वयं को सन्तुष्ट करना चाहिए कि परिसम्पत्तियों को लेखांकन सिद्धान्तों के अनुसार वित्तीय विवरणी में मूल्यांकित किया गया है। जबकि स्थाई परिसम्पत्तियों का भौतिक सत्यापन करना लेखा- परीक्षको का प्रमुख कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व नही होता है।

6. यदि जोखम- मुक्त प्रतिफल (Rf) 6% है, बीटा मान (β) 1.5 है और प्रतिफल की बाजार दर 10% है तो प्रतिफल की अनुमानित दर होगी:

Correct Answer: (b) 12%
Solution:

यदि जोखिम मुक्त प्रतिफल (Rf) 6% है, बीटा मान (β) 1.5 है और प्रतिफल की बाजार दर 10% है, तो प्रतिफल की आनुमानित दर 12% होगी।

7. निम्नलिखित में से कौन से दो कथन सही है?

(A) एक साधारण एकाधिकारी फर्म सदैव अतिसामान्य लाभ अर्जित करता है।
(B) स्वीजी का किंक मांग वक्र माडल कीमत अनम्यता के लिए अल्पाधिकार फर्म का अपेक्षाकृत अधिक संतोषजनक व्यवहार की व्याख्या करने के लिए सर्वश्रेष्ठ ज्ञात मॉडल है।
(C) पूर्ण प्रतिस्पर्धी फर्म कीमत लेने वाला है।
(D) एकाधिकारिक प्रतिस्पर्धा के अंतर्गत फर्म केवल सामान्य लाभ अर्जित करते है।
सही विकल्प चुनें :

Correct Answer: (c) (B) और (C)
Solution:

दिये गये निम्नलिखित दो कथन सही है-
(b) स्वीजी का किंक माँग वक्र मॉडल कीमत अनम्यता के लिए अल्पाधिकार फर्म का अपेक्षाकृत अधिक संतोषजनक व्यवहार की व्याख्या करने के लिए सर्वश्रेष्ठ ज्ञात मॉडल है।
(c) पूर्ण प्रतिस्पर्धी फर्म कीमत लेने वाला होता है, जबकि कीमत का निर्धारण उद्योगों द्वारा किया जाता है, और इस निर्धारित कीमत पर ही फर्म अपना बिक्री करती है। जबकि शेष कथन (a) और (d) का सही रूप इस प्रकार है
(a) एक साधारण एकाधिकारी फर्म सदैव अति सामान्य लाभ अर्जित नहीं करती है, बल्कि केवल अल्पकाल में ऐसा करने में सफल हो पाती है।
(d) एकाधिकारिक प्रतिस्पर्धा के अन्तर्गत फर्म केवल दीर्घकाल में ही सामान्य लाभ अर्जित करता है, जबकि अल्पकाल में उसे सामान्य लाभ, आसामान्य लाभ एवं हानि भी हो सकती है।

8. निम्नलिखित में से कौन प्रबंधन लेखा परीक्षा प्रक्रिया का भाग नहीं है?

Correct Answer: (d) मूल्यहास पद्धति की जांच करना और कंपनी में स्थायी परिसंपत्ति पर इसके अनुप्रयोग की जांच करना
Solution:

प्रबन्ध लेखा परीक्षा प्रक्रिया के अन्तर्गत निम्नलिखित को सम्मिलित किया जाता है-
i. उत्तरदायित्व केन्द्रो का निर्धारण
ii. प्रत्येक उत्तरदायित्व केन्द्रो के निष्पादन की समीक्षा
iii. संगठनात्मक संरचना की समीक्षा ।

9. उस परिस्थिति में जब दो वस्तु की दी गई कीमतों और उपभोक्ता की दी गयी सीमित आमदनी के साथ हों, तो क्रमसूचक दृष्टिकोण के माध्यम से स्पष्ट किए जाने वाले उपभोक्ता संतुलन की दशा में निम्नलिखित सूचना अपेक्षित है :

(A) कीमत लाइन / बजट लाइन
(B) अनधिमान मानचित्र
(C) आई.सी. और बजट लाइन के बीच संस्पर्श बिंदु
(D) आई. सी. और बजट लाइन के ढालों की समानता
सही विकल्प का चुनाव करके सूचना को सही अनुक्रम में व्यवस्थित करें:

Correct Answer: (b) (B)→ (A)→ (D) → (C)
Solution:

उस परिस्थिति में जब दो वस्तुओं की दी गई कीमतों और उपभोक्ता की दी गयी सीमित आमदनी के साथ हो, तो क्रमसूचक दृष्टिकोण के माध्यम से स्पष्ट किए जाने वाले उपभोक्ता सन्तुलन की दशा में एक निश्चित क्रम में निम्नलिखित सूचनाओं की आवश्यकता पड़ती है-
b. सर्वप्रथम x और y अक्ष के माध्यम से अनधिमान मानचित्र या वक्र को खीचा जाता है, तत्पश्चात
a. अनधिमान वक्र के नीचे से होती हुई एक कीमत रेखा या बजट रेखा को खींचा जाता है, तत्पश्चात
d. अनधिमान वक्र (IC) तथा बजट लाइन को खीचते समय ध्यान रखा जाता है कि इन दोनों के ढाल में समानता हो, तत्पश्चात
c. अनधिमान वक्र (IC) तथा बजट रेखा के सन्तुलन बिन्दु या संस्पर्श बिन्दु को इंगित करते हुए दोनों अक्षो पर लम्बवत रेखा खीची जाती है।

10. एक कंपनी 10 वर्ष के पश्चात् 2% मोचन की छूट पर 100 Rs प्रत्येक के 10% डिबेंचर अर्थात 1000 डिबेंचरो के निर्गम से 1,00,000 रूपए की पूंजी जुटाती है। यदि कारपोरेट कर की दर 40% है तो पूंजी की क्या लागत होगी?

Correct Answer: (c) 6.18%
Solution:

एक कम्पनी 10 वर्ष के पश्चात 2% मोचन की छूट पर ₹100 प्रत्येक के 10% डिबेंचर अर्थात 1000 डिबेंचरों के निर्गम से ₹1,00,000 की पूँजी जुटाती है। यदि कारपोरेट कर की दर 40% है, तो पूँजी की लागत 6.18% होगी।