Solution:पोर्टफोलियो सिद्धांत यह बताता है कि बाजाय इसके किसी एक प्रतिभूति में अत्यधिक निदेश किया जाए, हमें अथवा निवेशक को अपने पोर्टफोलियों में विविध प्रतिभूतियां रखनी चाहिए तथा निवेश करना चाहिए। यह निवेश के जोखिम को कम करता है। जोखिम दो तरह के होते हैं-
(1) व्यवस्थित जोखिम (Systematic Risk)
(2) अव्यवस्थित जोखिम (Unsystematic Risk) (1) व्यवस्थित जोखिम (Systematic Risk)- व्यवस्थित जोखिम वह है जो मैक्रो इकोनॉमिक (समिष्ट अर्थशास्त्र) कारकों द्वारा उत्पन्न होते हैं तथा प्रतिभूतियों पर कम आय देते हैं। इन पर कोई भी नियंत्रण नहीं होता है। ये कारक हैं- राजनैतिक, आर्थिक, तकनीकी आदि। इसमें तीन जोखिम है- (1) ब्याज जोखिम (2) मंहगाई जोखिम तथा (3) बाजार जोखिम (2) अत्यवस्थित जोखिम वह है। व्यष्टि अर्थशास्त्र (Micro Economic) कारकों से उत्पन्न होते हैं। यह नियंत्रित हो सकते है तथा किसी विशिष्ट संस्था से जुड़े होते है। व्यवस्थि जोखिम की तरह इनका प्रभाव पूरे बाजार पर नही पड़ता। इसमें (1) व्यवसाय जोखिम तथा (2) वित्तीय जोखिम शामिल है।