यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा जून-2020 वाणिज्य (Shift – 1)

Total Questions: 100

31. निम्नलिखित में से किस मूल्य समायोजन कार्यनीति के तहत कोई कंपनी थोक खरीद, जल्द भुगतान अथवा संवर्धन जैसी ग्राहक अनुक्रियायों को प्रोत्साहित करने के लिए कीमतों में कटौती करती है?

Correct Answer: (a) छूट एवं भत्ता कीमत निर्धारण
Solution:

छूट एवं भत्ता कीमत निर्धारण वह रजनीति है जब कोई कम्पनी थोक खरीद, जल्द भुगतान अथवा उत्पाद संवर्धन जैसी ग्राहक अनुक्रियाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कीमतों में कटौती करती है। छूट को नकद रूप में दिया जा सकता है। यह ऐसे |ग्राहकों को दिया जाता है जो अपने बिल का भुगतान तुरंत करते है। तथा मात्रा छूट वह होती है जो किसी ऐसे ग्राहक को दिया जाता है। जो अधिक मात्रा में वस्तुओं का या उत्पाद का क्रय करते है।
समय आधारित छूट वह होती है जबकी क्रेता विशिष्ट मौसम या समय में क्रय करता है। भत्ता एक अलग तरह की छूट है जो लिस्ट मूल्य में कमी कर के प्रदान की जाती है। सबंधन भत्ता भुगतान अथवा मूल्य में कमी है जो उन डीलर्स को प्रदान किया जाता है जो प्रसार तथा विक्रय सहायता, सर्वर्धन कार्यक्रम का हिस्सा होते है।

32. कुछ चिकित्सक मरीज के नियत समय पर उपस्थित नहीं हो पाने पर शुल्क प्रभारित करते है क्योंकि सेवा का मूल्य सिर्फ उसी बिंदु पर विद्यमान था और मरीज के नहीं आने पर यह विलोपित हो गया। यह सेवा की निम्नलिखित चार विशेषताओं में से किसका उदाहरण है?

Correct Answer: (d) विकारीयता
Solution:

विकारीयता यह बतलाती है कि किसी वस्तु अथवा सेवा का प्रयोग काल सीमत होता है अर्थात यह सेवा भविष्य के लिए अधिक समय तक नहीं रखी जा सकती अथवा इसका प्रयोग एक सीमित समय के लिए किया जा सकता है। एक डाक्टर द्वारा किसी मरीज से एक निश्चित समय काल के लिए ही शुल्क लिया जाता है तथा यदि उस समय काल के बाद वह मरीज उपस्थित होता है तो वह उस सेवा के काल के बीत जाने के बाद की स्थिति है। उस सेवा काल को बढ़ाने तथा उस सेवा के पुनः उपयोग का अधिकार प्राप्त करने उसे उसे कुछ अतिरिक्त शुल्क देना होता है।

33. निम्नलिखित में से कौनसा भारतीय अनुबन्ध अधिनियम 1872 के सम्बद्धित प्रावधानों अनुसार गलत है?

Correct Answer: (b) समनुदेशन, संविदा के निष्पादन का स्वाभाविक रूप है।
Solution:

भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 के सम्बद्धित प्रवधानों के अनुसार सही है-
(1) एक शून्य समझौता वह है जो प्रारम्भ से ही गलत होता है तथा यह इसकी शुरूवात से ही यह प्रभावशील नहीं होता है।
(2) निष्पादन, ही अनुबंध के पूरा होने का एक स्वाभाविक तरीका है।
(3) यदि एक पक्ष दूसरे पक्ष की सहमति द्वारा संविदा के अंदर निहित अपने अधिकारों को त्याग देता है। ऐसे स्थिति में संविदा में दूसरा पक्ष अपनी उत्तरदायित्वों से मुक्त हो जाता है।
(4) जहाँ वायदाकार की गलती के बिना संविदा की विषय वस्तु नष्ट की जाती है, तो संविदा, निष्पाद की असंभाव्यता के द्वारा शून्य नहीं होता है।

34. विक्रय की संविदा में निम्नलिखित में से क्या एक निहित शर्त नहीं है?

Correct Answer: (d) विलंगन से मुक्त के रूप में शर्त
Solution:

विक्रय की संविदा में निहित शर्ते हैं-
(1) शीर्षक के रूप में शर्त
(2) विवरण के रूप में शर्त
(3) गुणवत्ता या उत्तम स्थिति के रूप में शर्त
(4) व्यापार योग्य गुणवत्ता के रूप में शर्त
(5) सम्पूर्णता के रूप में शर्त
(6) कष्टम का या व्यापार उपयोग द्वारा लागू शर्त ।
(7) नमूनो द्वारा बिक्री शर्त ।
(8) नमूना के साथ विवरण द्वारा बिक्री में शर्त ।

35. निम्नलिखित में से क्या सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता है?

Correct Answer: (c) प्रक्रिय में फाइल में की गई नोटिंग
Solution:

सूचना का अधिकार अधिनियम के 2005 के अंतर्गत सूचना का अर्थः-
RTI Act 2005 की धारा 2 (f) के अनुसार प्राप्त की जा सकने वाली सूचनाओं को किसी भी रूप तथा सामग्री के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जिसमें रिकार्ड, दस्तावेज, मेमो, ई-मेल, राय, सलाह विज्ञप्ति, परिपत्र, आदेश, लाग-बुक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कोई अनुबंध, रिपोर्ट कागजात, नमूने, मॉडल, डेटा सामग्री किसी भी इलेक्ट्रानिक रूप में हो तथा किसी भी निजी निकाय से संबंधित जानकारी जो किसी भी अन्य कानून के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण द्वारा लागू की जा सकती है, को शामिल किया जाता है।

36. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 200, यथासंशोधित 2008 की किस धारा के अधीन किसी डिजीटल परिसंपत्ति अथवा सूचना की चोरी साइबर अपराध माना जाता है?

Correct Answer: (a) धारा 65
Solution:

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 यथा संशोधित 2008 की धारा 65 के अधीन किसी डिजीटल परिसम्पत्ति अथवा सूचना की चोरी को साइबर क्राईम (अपराध) माना जाता है।

37. निम्न में से कौन सा संदर्भ भारतीय आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आवास संपत्ति शीर्ष के अन्तर्गत हानि को कब तक समायोजित किया जा सकता है?

Correct Answer: (a) 8 वर्षों तक आगे बढ़ाया जा सकता है
Solution:

गृह सम्पत्ति से हुए नुकसान को :-
(1) हानि के वर्ष से आगे आने वाले 8 कर निर्धारण वर्ष तक आगे लाया जा सकता है।
(2) इसे केवल घर (गृह) की सम्पत्ति से आय के खिलाफ समायोजित किया जा सकता है।
(3) यदि हानि वर्ष के लिए आय की वापसी का दावा किया जाता है तो भी इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।

38. व्यक्ति को 10 प्रतिशत अधिभार की संदायगी करनी पड़ती है यदि उसकी कुल आय निम्नलिखित में से किससे अधिक हो?

Correct Answer: (c) -50,00,000 रुपए
Solution:

भारतीय आयकर अधिनियम के तहत अधिभार का वर्ष नियम निम्नवत है-
⇒ 50 लाख से 1 करोड़ तक आय पर - 10% का अधिभार वित्त वर्ष (2018-2019)
⇒ 1 करोड़ से 2 करोड़ तक की आय पर - 15% की दर से अधिभार (वित्त वर्ष 2018-2019)
⇒ 2 करोड से 5 करोड की आय पर 25% का अधिभार (वित्तवर्ष 2019-20)
⇒ तथा 5 करोड़ से अधिक की आय पर 37% का अधिभार (वित्तवर्ष 2019-20)

39. मोहन ने भारत में अपनी सेवा दी है और वर्ष 2015 में वह सेवानिवृत्त हो गया। तत्पश्चात् वह स्थान परिवर्तित कर सिंगापुर में बस गया। इस तरह की सेवा के बदले उसे प्राप्त पेंशन

Correct Answer: (d) भारत में अर्जित अथवा उत्पन्न माना जाएगा
Solution:

मोहन ने भारत में अपनी सेवा दी है और वह 2015 में यदि सेवानिवृत्त हो जाए तथा विदेश में जा कर बस जाए तब ऐसी अवस्था में उसके द्वारा प्राप्त किया गया पेंशन, जो की उसकी सेवा से जुड़ा है तथा वह सेवा भारत में दी गई थी, अतः भारतीय सेवा से प्राप्त पेंशन दुनिया में कहीं भी भारत में कमाई गई या उत्पन्न हयी मानी जाएगी तथा यह सभी करदाता अर्थात निवासी (साधारण या असाधारण) तथा अनिवासी के लिए कर योग्य होगी।

40. सुगम को निम्नांकित में से किस रूप में भी जाना जाता है ?

Correct Answer: (c) आई टी आर-4
Solution:

विभिन्न आयकर रिटर्न तथा करदाता का प्रकारः-
ITR-1 = (Sahaj) (सहज) → व्यक्तिगत HUF (Resident) निवासी
ITR-2 = व्यक्तिगत, HUF
ITR-3 = व्यक्तिगत, HUF, (साक्षेदारी)
ITR-4 = Sugam (सुगम)- व्यक्ति, फर्म, HUF
ITR-5 = साझेदारी तथा LLP (सीमित दायित्व साझेदारी)
ITR-6 = कम्पनी
ITR-7 = ट्रस्ट (न्यास)
धारा 139 (4A/4B/4C/4D/4E/4F)