यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा जून-2020 वाणिज्य (Shift – 1)

Total Questions: 100

81. एक बाजार- प्रतिस्पर्धी वेतन आयोजना तैयार करने के निम्नांकित चरणों को प्रथम से अंतिम तक क्रम से सुव्यवस्थित करें

A. बेंचमार्क कार्य का चयन और प्रतिपूर्ति योग्य कारकों का चुनाव
B. प्रत्येक प्रतिपूर्ति योग्य कारक को परिभाषित करना और प्रत्येक कार्य में इसका स्तर निर्धारण
C. दर परिवर्तनों की नियत करना
D. वेतन ग्रेड्स बनाना
E. कार्यो के लिए वर्तमान और बाजार मजदूरी दरों का समायोजन और तुलना
निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (c) A, B, E, D, C
Solution:

बाजार प्रतिस्पर्धी वेतन योजना तैयार करने की प्रक्रिया में चरणों की सही क्रम निम्नवत है-
(A) बेंचमार्क कार्य का चयन और प्रतिभूर्ति योग्य कारकों का चुनाव करना।
(B) प्रत्येक प्रतिपूर्ति योग्य कारक को परिभाषित करना और प्रत्येक कार्य में इसका स्तर निर्धारण करना।
(E) कार्यों के लिए वर्तमान और बाजार मजदूरी दरों का समायोजन और तुलना करना।
(D) वेतन के ग्रेड्स (स्तर) बनाना
(C) दर परिवर्तनों को नियत करना।

82. गैर निष्पादनकारी परिसंपत्तियों के निपटान हेतु भारत सरकार द्वारा की गई पहलों को आरोही कालक्रम में सुव्यवस्थित करें:

A. कारपोरेट ऋण पुनर्सरचना
B. सुलह समाझौता
C. ऋण वसूली अधिकरण (डी आर टी)
D. सरफैसी अधिनियम (SARFAESI)
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (a) C, D, A, B, E
Solution:

एक गैर निष्पादनकारी सम्पत्तियों वह होती है जहाँ बैंकों द्वारा प्रदान किए गए ऋण का मूलधन अलवा ब्याज का भुगतान 90 दिनो की अवधि के लिए अति देय (overdue) रहा हो । भुगतान तिथि की 90 दिनों तक जब बैंक ऋण पर ब्याज तथा मूलधन प्राप्त नहीं करती तो यह गैर निष्पादनकारी सम्पत्ति कहलाती है। यह 3 प्रकार की होती है
- Substandard Assets - जहाँ NPA12 माह तक का होता है। (घटिया सम्पत्ति) Doubt full Assets - जहाँ NPA 12 माह से अधिक का होता है। (संर्दिग्ध सम्पत्ति) Loss Assets - यदि सम्पत्ति पुनः प्राप्त नहीं की जा सकती। NPA निपटान के लिए सरकार के कदमों का कालक्रम है-
(C) Debt Recovery Tribunal (DRT) – 1993
(D) Credit information Bureau - 2000
(A) Corporate Debt Restructuring Act - 2001
(B) Compromise & settlement
(E) SARFAESI Act (Securities and Reconstruction of financial Assets and enforcement of securities Interest Act, 2002.

83. विपणन प्रक्रिया के निम्नलिखित चरणों को सही क्रम में सुव्यवस्थित करें:

A. एक समन्वित विपणन कार्यक्रम का निर्माण जिससे उच्चतर मूल्य प्राप्त होता है
B. लाभ और ग्राहक साम्यता सृजित करने के लिए ग्राहकों से मूल्य प्राप्ति
C. बाजार और ग्राहकों की आवश्यकताओं एवं इच्छाओं को समझना ।
D. ग्राहक संलग्नता, लाभकारी संबंध निर्माण और ग्राहकोल्लास सृजन
E. एक ग्राहक मूल्य प्रेरित विपणन कार्य नीति की अभिकल्पना करना
निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) C, E, A, D, B
Solution:

विपणन प्रक्रिया के चरणों का सही क्रम निम्नवत है -
(C) बाजार और ग्राहकों की इच्छाओं तथा आवश्यकताओं को समझना ।
(E) एक ग्राहक मूल्य प्रेरित विपणन कार्य नीति की अभिकल्पना करना।
(A) एक समन्वित विपणन कार्यक्रम का निर्माण जिससे उच्चतर मूल्य प्राप्त होता है।
(D) ग्राहक संलग्नता, लाभकारी संबंध निर्माण और ग्राहकोल्लास सृजन करना
(B) लाभ और ग्राहक साम्यता स्थापित करने के लिए ग्राहकों से मूल्य प्राप्ति ।

84. भारतीय अनुबन्ध अधिनियम, 1872 में निहित निम्नलिखित में से सही अनुक्रम क्या है?

A. प्रस्नाव का निर्गम
B. संविदा
C. वायदा
D. समझौता
E. स्वीकार्यता
निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) A, E, C, D, B
Solution:

अनुबंध कानून द्वारा लागू किया जाने वाला पारस्परिक दायित्वों को स्थापित करने के लिए किया गया एक समझौता है। एक समझौते का कानूनी रूप से अनुबंध होने के लिए आवश्यक तत्व है- एक स्वीकार्य वैध प्रस्ताव और स्वीकृति द्वारा किया गया पारस्परिक अश्वासन, उपयुक्त प्रतिफल, क्षमता तथा वैधता । एक अनुबंध के लिए सही क्रम है -
(A) प्रस्ताव का निर्गम
(E)स्वीकार्यता
(C) वायदा
(D) समझौता
(B) संविदा

85. भारत में आय कर रिटर्न ई-फाइलिंग के निम्नांकित प्रक्रमों को सुव्यवस्थित करेंः

A. लॉग इन
B. रजिस्टर
C. वेरीफिकेशन
D. यूटिलिटि डाउनलोड करना और रिटर्न तैयार करना
E. ई-फालिंग आय कर रिटर्न
निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) B, A, D, E, C
Solution:

यदि करदाता की आय का मुक्त आय की सीमा से अधिक है तो ऐसी स्थिति में करदाता को यदि वह व्यक्ति है तो 31 जुलाई तथा यदि कम्पनी है तो 31 सितम्बर तक ई-रिटर्न भरना होता है। ई-रिर्टन भरने का सही क्रम है:- (B) सबसे पहले कर दाता को आयकर विभाग की वेब साइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा
(A) रजिस्ट्रेशन के बाद प्राप्त लागइन तथा पासवर्ड द्वारा लागइन करना होगा
(D) यूटीलिटी फार्म को डाउनलोड कर रिटर्न तैयार करना होता है।
(E) ई-फाइलिंग तथा आयकर रिटर्न भरना
(C) सत्यापन करना आवश्यक है।

86. नीचे दो कथन दिए गए हैं।

कथन (I) : मौद्रिक नीति, राष्ट्रीय उत्पाद के मूल्य स्तर और माल को प्रभावित करने के विचार से सरकारी राजस्व और व्यय में जान-बूझकर परिवर्तन करती है।
कथन (II) : राजकोषिय नीति मुद्रा आपूर्ति तथा ऋण की लागत और उपलब्धता को विनियमित करती है।
उपयुक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

Correct Answer: (b) कथन (I) और (II) दोनों सही नहीं हैं
Solution:

यहाँ कथन I तथा कथन II दोनों ही गलत है क्योंकि मौद्रिक नीति अर्थव्यवस्था में मंहगाई के स्तर तथा ऋण की उपलब्धता को बनाए रखने के उद्देश्य के साथ लागू की जाती है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय उत्पाद के मूल्य स्तर और माल को प्रभावित करने तथा सरकारी राजस्व और व्यय में जानबूझकर परिवर्तन करना नही होता। यह राजकोषीय नीति में संभव है तथा मुद्रा नीति, मुद्रा आपूर्ति तथा ऋण की लागत और उपलब्धता को विनियमित करती है न कि राजकोषीय नीति ।

87. नीचे दो कथन दिए गए हैं। एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): प्रतिष्ठान उस दशा में किसी परिसंपत्ति को खरीदने का निर्णय करते है जब स्वामित्व और प्रचालन की समतुल्य वार्षिक लागत इसे मिलने वाली सर्वोत्तम पट्टा दर से कम होती है।
तर्क (R) : उपकरण प्रयोगकर्ताओं के लिए प्रचालक पट्टे आकर्षक होते है यदि पट्टा भुगतान प्रयोगकर्ता की उपकरण खरीदने की समतुल्य वार्षिक लागत से कम हो ।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

प्रतिष्ठान उस दशा में किसी परिसम्पत्ति को क्रय करने का निर्णय करते है जब स्वामित्व और प्रचालन की समतुल्य वार्षिक लागत, इसे मिलने वाली सर्वोत्तम पट्टा दर से कम होती है, यह कथन सत्य है। साथ ही यह कथन की उपकरण प्रयोगकर्ताओं के लिए प्रचालक पट्टे आकर्षित होते है यदि पट्टा भुगतान प्रयोगकर्ता की उपकरण खरीदने की समतुल्य वार्षिक लागत कम हो । परन्तु तर्क (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

88. नीचे दो कथन दिए गए हैं। एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): हर्जबर्ग के अनुसार कार्य में असंतोष निवारण या उसमें कमी लाना संतुष्टि प्रदान करने के बराबर नहीं है।
तर्क (R) : द्वि-कारक सिद्धांत (टू फैक्टर थ्योरी) के तहत कार्य संतुष्टि और असंतोष कार्य अभिप्रेरण के दो भिन्न पहलू है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

हर्जबर्ग द्वारा द्वीकारक सिद्धांत दिया गया था जिसे Two factor theory कहा जाता है। इसमें एक कारक स्वास्थ्य कारक (Hygiene Factor) तथा दूसरा अभिप्रेरक (motivators) थे। अभिप्रेरकों में - उपलब्धि, पहचान, कार्य स्वयं, दायित्व तथा विकास शामिल हैं।
स्वास्थ्य में - कम्पनी नीतियाँ, पर्यवेक्षण, सम्बंध कार्य सम्बंध, पारिश्रमिक वेतन, सुरक्षा आदि है। हर्जवर्ग के अनुसार कार्य में असंतोष निवारण या उसमें कमी लाना संतुष्टि प्रदान करने के बराबर नहीं है। द्वीकारक सिद्धांत के तहत कार्य संतुष्टि और असंतोष कार्य अभिप्रेरण के दो भिन्न पहलू है। यह दोनों ही कथन सत्य है।

89. नीचे दो कथन दिए गए है। एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A) : व्यापार चिन्ह पंजीकरण में व्यापार चिन्ह (ट्रेड मार्क) स्वामी को अनन्य स्वामित्वाधिकार दिएगए हैं।
तर्क (R) : व्यापार चिन्ह अभिज्ञेय संकेतक, अभिकल्प अथवा अभिव्यक्ति है जिसमें किसी स्रोत विशेष के उत्पाद या सेवा की पहचान अन्य उत्पाद या सेवा से पृथक होती है और इनका प्रयोग सेवाओं की अपेक्षा उत्पादों के मामले में विशेष स्वामित्वाधिकार का दावा प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) सही व्याख्या है।
Solution:

व्यापार चिन्ह पंजीकरण में व्यापार चिन्ह (ट्रेड मार्क) स्वामी को अनन्य स्वामित्वाधिकार दिए गए है। जैसे उस चिन्ह का कोई और इस्तेमाल नहीं कर सकता या नाम के प्रयोग का एकल अधिकार यह कथन सत्य है तथा तर्क (R) : व्यापार चिन्ह अभिज्ञेय संकेतक, अभिकल्प अथवा अभिव्यक्ति हैं जिसमें किसी स्रोत विशेष के उत्पाद या सेवा की पहचान अन्य उत्पाद या सेवा से पृथक होती है और इसका प्रयोग सेवाओं की अपेक्षा उत्पादों के मामलों में विशेष स्वामित्वाधिकार का दावा प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है, अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।

90. नीचे दो कथन दिए गए हैं।

कथन (I) : सरकारी कर्मचारी को प्राप्त उपदान पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 10(10) (i) के अधीन कर से छूट है।
कथन (II): स्थानीय प्राधिकरण को प्राप्त उपदान पर कर्मचारी को कर से छूट है।
उपयुक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) कथन (I) और (II) दोनों सही हैं
Solution:

कथन (I) सरकारी कर्मचारी को प्राप्त उपदान (Gratuity) पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 10 (10) (i) के अधीन कर से छूट प्राप्त है। तथा कथन (II) के स्थानीय प्राधिकरण को प्राप्त उपदान पर कर्मचारी को कर से छूट प्राप्त है यह भी सही है। करदाता यदि सिविल सेवा राज्य अथवा सिविल पोस्ट राज्य (सरकारी सेवा) अथवा किसी स्थानीय निकाय की सेवा से रिटायर हुआ हो तो उसे प्राप्त उपदान पूर्णतः कर मुक्त होगा। धारा 10(10)(i)|