यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा जून, 2020 वाणिज्य

Total Questions: 100

1. अभुक्त विक्रेता का अर्थ है:

Correct Answer: (c) वह व्यक्ति जिसने सामान तो बेच दिया है लेकिन अभी तक उसे उसका मूल्य प्राप्त नहीं हुआ है
Solution:

अभुक्त विक्रेता वह विक्रेता है जिसने वस्तु अथवा सेवा का विक्रय तो कर दिया है परन्तु उसे अभी भुगतान की राशि जो प्रतिफल है वह प्राप्त नहीं हुआ है। अभुक्त विक्रेता को आंग्ल भाषा में Unpaid Seller कहते है। व्यवसाय को बढ़ाने के लिए समान्यतः व्यवसायी नकद के साथ विक्रय को उधारी के आधार पर भी करते है। ऐसी स्थिति में कभी-कभी भुगतान समय पर नहीं होता। जब तक की विक्रेता को विक्रय राशि नकद रूप में प्राप्त न हो जाए उसे अमुक्त विक्रेता कहते है।

2. स्वच्छ भारत अभियान किसका उदाहरण है?

Correct Answer: (b) सामाजिक विपणन
Solution:

स्वच्छ भारत अभियान एक सामाजिक विपणन का उदाहरण है। सतत विपणन- पर्यावरण और सामाजिक रूप से जिम्मेदार उत्पादों, प्रथाओं और ब्रांड मूल्यों का प्रचार है। सामाजिक विपणन वाणिज्यिक विपणन तकनीक एवं सिद्धातों का उपयोग लोगों के कल्याण और शारीरिक, सामाजिक तथा आर्थिक वातावरण में सुधार करने के लिए है जिसमें वह निवास करते है।
यह मानव व्यवहार को बदलने के लिए सावधानी पूर्वक नियोजित, दीर्घकालिक दृष्टिकोण है। सेवा विपणन वह है जहाँ भौतिक उत्पाद के विपणन से भिन्न तकनीकों द्वारा सेवाओं की विक्रय रणनीति एवं प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाता है। संबंध विपणन वह विपणन तकनीक हे जिसके द्वारा उपभोक्ता को संस्था से जोड़े रखने तथा उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए कुछ विशिष्ट क्रियाओं का पालन किया जाता हैं।

3. उपभोक्ताओं की बार-बार बदलती राय का आकलन करने के लिए किस कार्यपद्धति का उपयोग करना सर्वाधिक उपयुक्त होगा?

Correct Answer: (c) अनुदै अध्ययन
Solution:

केंद्रीत समूह अध्ययन विधि वह है जिसमें पहले से चयनित प्रतिभागी उपभोक्ता के फीडबैक को उनके उत्पाद अथवा सेवा के उपभोग के आधार पर करते है। यह गुणात्मक अध्ययन प्रणाली है। प्रतिच्छाया अध्ययन की एक गुणात्मक तकनीक है परन्तु आज के समय के चलन में नहीं है। इस तकनीक में एक व्यक्ति परछाई की तरह उपभोक्ता के साथ रहता है तथा उसका अवलोकन करता है। अनुधैर्य अध्ययन किसी व्यक्ति के व्यवहार का सतत तथा लंबे समय से एक तारीक अध्ययन है। जहाँ उसके व्यवहार में सालो और दशकों में होने वाले परिवर्तनो का अध्ययन किया जाता है। यह विधि उपभोक्ता की सोच तथा व्यवहार में आने वाले परिवर्तनों का अध्ययन करने की सबसे उपयुक्त तकनीक है। प्रयोगिक अध्ययन यहाँ एक निश्चित अवस्थाओं तथा नियंत्रित वातावरण में उपभोक्ता के व्यवहारों में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है।

4. किस प्रकार के खुदरा विक्रेता अपेक्षाकृत कम कीमतें रखते हैं और इसे अपनी बिक्री की प्रमुख विशेषता बना लेते हैं जिससे कि उनके व्यवसाय करने की लागत भी घट जाती है?

Correct Answer: (b) रियायती खुदरा विक्रेता
Solution:

खुदरा रियायती विक्रेता वह विक्रेता होते है जो अपनी ग्राहकों में पैठ तथा व्यापार को बढ़ाने के लिए समान्तयः छूट उपलब्ध कराते हैं। इनकी बाजार में नींव ही इस छूट अथवा रियायत के साथ जुड़ जाती है। यह बाजार में उपस्थित अन्य विक्रेताओं, संस्थाओं में प्रचलित मूल्य से कम मूल्य पर अपने यहाँ समान वस्तु की बिक्री करते हैं। यह छूट इनके व्यवसाय की लागत को घटा भी देती है क्योंकि ऐसी संस्थाओं को जिनकी पहचान छूट के रूप में ही है इनकी प्रचार-प्रसार एवं वितरण (Selling and Distribution) की लागत कम हो जाती है।

5. टेली-विपणन इनमें से किसका हिस्सा है?

Correct Answer: (c) प्रत्यक्ष विपणन
Solution:

टेली मार्केटिंग (विपणन) प्रत्यक्ष विपणन का एक अच्छा उदाहरण है। प्रत्यक्ष विपणन वह तकनीक है जिसमें वस्तुओं और सेवाओं को निर्माता सीधा कस्टमर (उपभोक्ता) तक पहुँचाता है। यहाँ विपणन की चेन में थोक तथा खुदरा व्यापारी अथवा विक्रेता की आवश्यकता नहीं होती है। टेली विपणन में निर्माता टेलीफोन के जरिए सम्भावित ग्राहकों की पहचान कर उन तक अपने उत्पाद तथा सेवा की जानकारी देता है तथा उनका विक्रय करता है। इस तरह के विपणन में किसी तरह की कोई एजेन्ट भी कार्य नही करते। यह निर्माता एवं उपभोक्ता के बीच सीधा सम्पर्क होता है।

6. संकल्पना परीक्षण के पश्चात् किसी नए उत्पाद के विकास और विपणन के निम्नलिखित चरणों में से कोई फर्म किस काम में प्रवृत्त होगी?

Correct Answer: (b) विपणन रणनीति का विकास
Solution:

नए उत्पाद के विकास और विपणन के चरण निम्न है-
(1) विचार सृजन
(2) विचार अनुवीक्षण
(3) अवधारणा विकास और परीक्षण
(4) विपणन रणनीति विकास
(5) व्यवसाय विश्लेषण
(6) उत्पाद विकास
(7) बजार परीक्षण
(8) वाणिज्यीकरण
अतः अवधारणा विकास तथा परीक्षण के पश्चात् विपणन रणनीति विकास ही अगला चरण होता है।

7. विपणनकर्ता को उन मानदण्डों के बारे में जानकारी रखने की जरूरत होती है जिनके द्वारा उनकी खंडीकरण प्रकियाओं की प्रभावोत्पादकता का आकलन किया जा सकता है। निम्नलिखित में से कौन सा परिणामिक बाजार खंडीकरण का मूल्यांकन करने का मानदण्ड नहीं है?

Correct Answer: (a) नाशशीलता
Solution:

बाजार विभेदीकरण के विभिन्न कारक निम्नवत है:-
(1) समानता
(2) भिन्नता
(3) परिमेयता
(4) परिणामी खंड का आकार पर्याप्तता
(5) पहुँच
(6) क्रियाशील /व्यवहारिक
(7)  (उत्तरदायी)
अतः विकल्प (a) सही नही है।

8. ई-बैंकिंग में क्षिप्रता का अर्थ है:

Correct Answer: (a) क्रेडिट कार्ड से महत्वपूर्ण सूचना की प्रतिकृति करने वाले धोखेबाज लोगों की पहचान करना
Solution:

ई-बैंकिंग में क्षिप्रता का अर्थ है क्रेडिट कार्ड से महत्वपूर्ण सूचना की प्रतिकृति करने वाले धोखेबाज लोगो की पहचान करना। अर्थात जब कभी साइबर अपराधियों द्वारा आपके डेबिट अथवा क्रेडित कार्ड से जुडी जानकारियाँ किसी गैर कानूनी ढंग से चोरी कर ली जाती है तो उसे स्किमिंग (Skimming) कहते है। जैसे ATM में कार्ड रीडर की सहायता से आपकी जानकारी चिप अथवा मैग्नेटिक स्ट्रिप से चोरी करना।

9. धारा 139(4) के अन्तर्गत विलंबित आय कर विवरणी को दाखिल किया जा सकता है:

Correct Answer: (c) संगत कर निर्धारण वर्ष के पूरा होने स पहले या कर निर्धारण पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो
Solution:

करदाता (एक व्यक्ति या इकाई) को धारा 139(1) के तहत या 142 के तहत जारी किए गए नोटिस द्वारा स्वीकार्य समय के भीतर निर्धारित तिथि से पहले कर रिर्टन प्रस्तुत करना होता है। यदि वह ऐसा करने में विफल रहते है तो वह तब भी किसी भी पूर्व वर्षों के लिए किसी भी समय तक विलंबित आए कर विवरणी फाइल कर सकते है। जो संगत कर निर्धारण वर्ष के पूरा होने से पहले या कर निर्धारण पूरा होने से पहले जो भी पहले होता है धारा 139(4)। यदि प्रासंगिक आकलन वर्ष के बाद रिटर्न जमा किया जाता है तो आयकर अधिनियम 1961 की धारा 271F के तहत 5000रु. का जुर्माना लगाया जा सकता है।

10. कोई व्यवसाय करने वाले व्यक्ति के मामले में कर अंकेक्षण अनिवार्य हो जाता है यदि उसका सकल कारोबारः

Correct Answer: (b) 1 करोड़ रुपये से अधिक है
Solution:

धारा 44AB के अनुसार एक करदाता को वित्तीय वर्ष में बिक्री, टर्नओवर या करोबार की सकल प्राप्ति एक करोड़ (1 Crore) से अधिक होने पर कर लेखा परीक्षा की आवश्यकता होती है। नोट- कर लेखा परीक्षा के लिए 1 करोड़ की सीमा को कर निर्धारण वर्ष (2020-2021) से बढ़ाकर 5 करोड़ किए जाने का प्रस्ताव है। (यदि करदाता की कुल नकद प्राप्तियाँ कुल सकल प्राप्तियों की 5% तथा नकद भुगतान भी सकल भुगतान के 5% से अधिक न हो)