म्युचुअल फंड एक विशेष प्रकार की निवेश संस्थान है जो एक निवेश नाली के रूप में कार्य करती है। यह सदृढ़ निवेश के विविध पोर्टफोलियों में अपेक्षाकृत छोटे निवेशकों की बचत को एकत्रित करती है। यह निवेशकों (इकाई धारकों) को उनके द्वारा निवेश किए गए धन की मात्रा के अनुसार प्रतिभूतियों (जिन्हें इकाई कहा जाता है) जारी करता है। निवेशकों द्वारा अपने निवेश के अनुपात (i) एक प्रायोजक, (ii) ट्रस्टी, (iii) एसेट मैनेटमेंट कम्पनी एवं (iv) संरक्षक होता है।
ट्रस्ट की स्थापना प्रायोजन द्वारा की जाती है जो किसी कम्पनी के प्रमोटर की तरह होता है। म्युचुअल फंड के ट्रस्टी यूनिट धारकों के हित के लिए सम्पती रखते है। ट्रस्टियों को अचउ पर अधीक्षण और निर्देशन की शक्तियों के साथ निहित किया जाता है। वे म्युचुअल फंड द्वारा सेबी नियमों के निष्पादन और अनुपालन की निगरानी करते है।
एएससी विभिन्न प्रकार की प्रतिभूतियों में निवेश करके धन का प्रबंधन करता है। अभिरक्षक अपनी सुरक्षित अभिरक्षा में म्युचुअल फंड की विभिन्न योजनाओं की प्रतिभूतियों को रखता है।
निवेश माध्यम के रूप में, म्युचुअल फंड अपेक्षाकृत छोटे निवेशकों को विभिन्न प्रसार की सेवा / लाभ प्रदान करता है जो अपने दम पर मुख्य रूप से अपने फंड के छोटे आकार, विशेषता/ अनुभव की कमी और इसी प्रकार की कठिनाईयों के कारण निवेश पोर्टफोलियों का सफलता पूर्वक निर्माण और प्रबंधन नहीं कर सकते हैं। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ निवेश और तरलता के कम मूल्य, विविधीकरण के माध्यम से कम जोखिम, विशेषज्ञ प्रबंधन, पैमाने की मितव्ययता के कारण कम लेन-देन लागत शामिल है।
निम्नलिखित में से कौन म्युचुअल फंड द्वारा सेबी विनियमों अनुपालन की निगरानी करता है?