यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा जून, 2020 वाणिज्य

Total Questions: 100

31. साम्य कीमत से नीचे किसी वस्तु की कीमत की उच्चतम सीमा निर्धारित करने का परिणाम प्रायः होता है-

Correct Answer: (c) वस्तु की कमी और कालाबाजारी
Solution:

साम्य कीमत वह होती है जहाँ वस्तु की मांग तथा पूर्ति आपस में बराबर होती है। जब कभी इस साम्य बिंदु से नीचे कीमत को निर्धारित किया जाता है तब उस स्थिति में कम मूल्य के कारण मांग अत्यधिक होती है। ऐसे में जब मांग बढ़ती है और पूर्ति खुद को मांग के बराबर कम समय में नहीं कर सकती है तब विक्रेताओं द्वारा उनकी जमाखोरी कर उसकी अधिक कीमत पर काला बाजारी करने की कोशिश की जाती है। साम्य मूल्य से कीमत कम होने पर वस्तुत की पूर्ति नहीं होती है तथा मांग बढ़ जाने से उनकी बाजार में उपलब्धता कम होती है।

32. कीमत में कमी से, कुल राजस्व (टी आर) बढ़ता है यदि मांग -

Correct Answer: (a) लोचशील है
Solution:

यदि कीमत में कमी के बावजूद कुल राजस्व में बढ़ोत्तरी होती है तो यह समझा जाएगा की मांग लोचशील है। कुल व्यय पद्धति के अनुसार यदि कीमत में कमी होने पर या बढोत्तरी होने पर कुल व्यय में कोई कमी नही होती हो यह इकाई लोच कहलाता है। यदि कीमत घटने पर कुल राजस्व में वृद्धि तथा कीमत में वृद्धि पर कुल राजस्व में कमी होने पर लोचशील मांग होती है। यदि कीमत घटने पर मांग बढ़े परन्तु फिर भी कुल व्यय में कमी हो यहाँ मांग बेलोचदार मांग कहलाती है।

33. जब किसी वस्तु का उपभोग ज्यादा लोग करने लगते हैं तो उपभोक्ता उस वस्तु की मांग कम करके अलग और अनन्य दिखना चाहते हैं। इस परिघटना को क्या कहा जाता है?

Correct Answer: (b) स्नोब प्रभाव
Solution:

जब कमी वस्तु का उपभोग ज्यादा लोग करने लगते हैं तो उपभोक्ता उस वस्तु की मांग को कम करके अलग और अनन्य दिखाना चाहते है। इस परिघटना को स्नोब प्रभाव कहा जाता है। यहाँ ग्राहक उन वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहता जो पहले से प्रचलन में है। वह ऐसी वस्तु का उपयोग करेगा जो किसी के पास नहीं हो तो इससे इसकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी इसीलिए वह नयी वस्तुओं का प्रयोग करता है। जबकी बैंड वैगन प्रभाव वह है जहाँ उपभोक्ता उन वस्तुओ का उपभोग करना चाहता है जो सभी उपयोग करते हैं तथा जो प्रचलन में हैं।

34. भारत में वस्तु एवं सेवा कर प्रावधानों को लागू किए जाने के परिणामस्वरूप किस नीति की चमक फीकी पड़ गई है?

Correct Answer: (b) राजकोषीय नीति
Solution:

राजकोषीय नीति से तात्पर्य है सरकार की आय एवं व्यय सम्बंधी नीतियाँ। सरकार जनता के ऊपर व्यय करती है तथा उनके लिए (व्ययो के लिए) आय सृजन के लिए विभिन्न करों को लगाती है। जब तक जी.एस.टी. लागू नहीं किया गया था तब तक अनेकों अप्रत्यक्ष करों की श्रृंखला थी जो सरकार वसूलती थी तथा उनका नियमन आदि करती थी।
जिससे की राजकोषीय निति निर्धारण एक जटिल प्रक्रिया थी और इसकी अलग पहचान थी। परन्तु 1 जुलाई, 2017 से सभी अप्रत्यक्ष करों के स्थान पर एक ही कर (GST) लाया गया। इसके बाद राजस्व नीति/ राजकोषीय नीति में आय अर्जन का श्रोत एक ही रह गया है तथा यह काफी आसान हो गया है। अतः राजकोषीय नीति ने पहले की चमक खो दिया।

35. रिवर्स रेपो रेट भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मुख्यतः________के लिए प्रयोग किया जाने वाला साधन है।

Correct Answer: (b) तरलता का अवशोषण करने
Solution:

रिपर्स रेपोरेट वह दर है जो कि RBI द्वारा, बैंकों को उनके द्वारा RBI के पास जमा किए गए अथवा ऋण स्वरूप RBI को दिए गए धन पर ब्याज दिया जाता है। यह RBI की मौद्रिक नीति के परिमाणात्मक नीति का हिस्सा है, जिसके द्वारा RBI बाजार अथवा अर्थ व्यवस्था में तरलता को नियंत्रित करती है। रेपोरेट के द्वारा RBI अर्थव्यवस्था में तरलता को बढ़ाती है। रेपोरेट से आकर्षित होकर बैक RBI से ऋण लेते है। परन्तु रिवर्स रेपो रेट बैकों को RBI के पास धन को जमा करने को प्रेरित करता है जिससे की बाजार से तटलता कम होती है।

36. एक बहुराष्ट्रीय फर्म वह होती है जो-

Correct Answer: (c) बहुत से देशों में उत्पादन सुविधाओं का नियंत्रण और प्रचालन करती है
Solution:

एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी वह फर्म होती है जिसका बहुत से देशों में उत्पादन सुविधाओं का नियंत्रण और प्रचालन किया जाता है। मल्टी शब्द का अर्थ ही है एक से अधिक तथा नेशनल यानी राष्ट्रीय अर्थात ऐसी संस्था जिसका व्यापार एवं उत्पादन एक से अधिक राष्ट्रों में फैला हुआ हो। जैसे रिलायंस, टाटा, अडानी आदि यह समूह भारत की कुछ MNC है।

37. वस्तुओं और सेवाओं का एक देश से दूसरे देश के बीच मुक्त प्रवाह में आने वाले समस्त अवरोधों को दूर करने तथा स्वतंत्र विदेश व्यापार नीतियों को अनुशीलन करने के लिए प्रतिबद्ध देशों के समूह को क्या कहा जाता है?

Correct Answer: (a) मुक्त व्यापार क्षेत्र
Solution:

वस्तुओं और सेवाओं का एक देश से दूसरे देश के बीच मुक्त प्रवाह में आने वाले समस्त अवरोधों को दूर करने तथा स्वतंत्र विदेशी व्यापार नीतियों का अनुशीलन करने के लिए प्रतिबद्ध देशों के समूह को मुक्त व्यापार क्षेत्र कहा जाता है। मुक्त व्यापार क्षेत्र के सदस्यों जो उस क्षेत्र में आने वाले विभिन्न देश होते है; उनके बीच वस्तुओ एवं सेवाओ का मुक्त प्रवाह होता है। वहाँ व्यापार बिना किसी रुकावट के होता है। कुछ मुक्त व्यापार क्षेत्र के उदाहरण है NAFTA, (North America Free Trade Area), EFTA, (European free Trade Area) आदि।

38. बौद्धिक सम्पदा अधिकार उस सूचना और विचारों का संरक्षण करते हैं जिनका_______होता है।

Correct Answer: (c) वाणिज्यिक मूल्य
Solution:

बौद्धिक सम्पदा के अंतर्गत वह अमूर्त सम्पतियां आती है जिनका वाणिज्यिक मूल्य होता है तथा बौद्धिक सम्पदा की अवधारणा इस तथ्य से संबंधित है कि मानव बुद्धि के कुछ उत्पादो को उसी सुरक्षात्मक अधिकारों को वहन करना जो भौतिक सम्पति पर लागू होता है, जिसे मूर्त सम्पत्ति कहा जाता है। इसके अंतर्गत कापीराइट, पेटेंट आदि आते हैं।

39. व्यवसाय प्रचालनों के अंतर्राष्ट्रीयकरण के लिए उप्पासला मॉडल_______के लिए मान्य नहीं है।

Correct Answer: (b) सेवा संगठनों
Solution:

उप्पासला मॉडल फर्मों के अंतर्राष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया का वर्णन करने वाले सिद्धांतों में से एक है। मॉडल बताता है कि कम बाजार प्रतिबद्धता के साथ फर्म पहले पास के बाजारो में प्रवेश करने का विकल्प चुनते है। यह मॉडल प्रोफेसर सुने कार्लसन ने 1977 में दिया। व्यवसाय प्रचालनों के अंतराष्ट्रीयकरण के लिए उप्पासला मॉडल सेवा संगठनो के लिए मान्य नहीं है।

40. 'नैतिक मनोभावों का सिद्धान्त' में 'अदृश्य हाथ' का रूपक किसने गढ़ा?

Correct Answer: (d) एडम स्मिथ
Solution:

नैतिक मनोभावों का सिद्धांत यह एक पुस्तक है जो कि एडम स्मिथ ने वर्ष 1759 में लिखी थी। इस पुस्तक के भाग 4 के अध्याय 1 में एडम स्मिथ बताते है कि जैसे ही धनी व्यक्ति अपना हित साधते है, दूसरों को उनके कार्य पर लगाते है,
वे "अदृश्य हाथ से नेतृत्व करते है। जो सभी को प्राप्त होने वाली आवश्यक्ताओं को वितरित करने के लिए पृथ्वी पर एक सामन रूप से विभाजित थे। यह सिद्धांत एक वास्तविक वैज्ञानिक सफलता थी। यह दर्शाता है कि हमारे नैतिक विचार और कार्य समाजिक प्राणियों के रूप में हमारी प्रकृति एक उत्पाद है। यह तर्क देता है कि समाजिक मनोविज्ञान, नैतिक कार्यवाही के लिए एक बेहतर मार्गदर्शक है न कि कारण है।