A. तीन लाख रुपये तक के प्रतिभूति मुक्त स्वतः ऋण का प्रावधान
B. मूलधन और एन बी एफ सी एस को दिए गए ऋणों पर ब्याज पर बैंकों और एन बी एफ सी एस के लिए 100% उधारी गारंटी कवरेज का प्रावधान
C. पुनः परिभाषषित एम एस एम ई एस में निवेश और कुल कारोबार दोनों मापदंडों को शामिल करना है।
D. एम एस एम ई ज, ऋणों और रोजगार संरक्षण के लिए 3,00,000 करोड़ रुपये के आपदा कोष का सृजन
E. एम एस एम ई ऋण स्थगन और छूट के लिए 3,00,000 करोड़ रुपये का आबंटन
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सूक्ष्म एवं लघु इकाईयों के क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप निम्न के द्वारा सही तरह से प्रदर्शित होता है -
(a) रु. 300000 तक का प्रतिभूति मुक्त स्वतः ऋण का प्रावधान किया गया है।
(b) मूलधन और NBFC को दिए गए ऋणों पर ब्याज पर बैंको और NBFC के लिए 100% उधारी गारंटी कवरेज का प्रावधान।
(c) पुनः परिभाषित MSME में निवेश और कुल कारोबार दोनो मापदंडो को शामिल करना है। जबकि विकल्प D तथा विकल्प E गलत है। MSME के ऋणों के लिए 300000 crore का राहत पैकेज दिया गया है। यह आकस्तिक फंड है जो कोविड महामारी के समय MSME को राहत के तौर पर जारी किए गए थे। यह ऋण के रूप में दिए जाने थे।