यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा जून, 2020 वाणिज्य

Total Questions: 100

81. सी आर एम प्रक्रिया के चरणों को क्रमवार सुव्यवस्थित करें:

A. सी आर एम कार्यक्रमों को तैयार करना
B. ग्राहक आंकड़ों का संग्रहण
C. ग्राहक आंकड़ों का विश्लेषण
D. लक्ष्य ग्राहकों की पहचान
E. कार्यक्रमों को लागूकरना
निम्नलिखित विकल्पों में से उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) B, C, D, A, E
Solution:

ग्राहक संबंध प्रबंधन (Customer Relationship Management (CRM) कम्पनी का अपने ग्राहकों के साथ तथा संभावित ग्राहकों के साथ संबंधों का प्रबंधन है। यह तकनीक है। जिसके द्वारा कम्पनी अपने ग्राहक आधार को और मजबूत करती है। अपने लाभों को बढ़ाने तथा प्रक्रियाओं की लाभदायकता बढ़ाने का ध्यान में रखकर CRM को उपयोग में लाया जाता है। इसकी प्रक्रिया के चरण निम्नवत है:-
(A) ग्राहकों से जुड़े आंकडों का संग्रह करना
(B)ग्राहकों से जुड़े आंकडों का विश्लेषण
(C) लक्ष्यित ग्राहकों (Target Customers) की पहचान करना
(D) ग्राहक सम्बंध कार्यक्रम तैयार करना
(E) ग्राहक संबंध कार्यक्रम को लागू करना।

82. मानक लागत निर्धारण प्रक्रिया की निम्नांकित गतिविधियों को क्रम से व्यवस्थित करें:

A. मानक लागत निश्चित करना
B. वास्तविक लागत का आकलन
C. लागत अंतर और उसके कारणों का पता लगाना
D. लागत अंतरों को लाभ व लागत केंद्रो में बांटना
E. वास्तविक और मानक लागत की तुलना
निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) A, B, E, C और D
Solution:

मानक लागत, वास्तविक लागत के लिए अपेक्षित लागत को प्रतिस्थापित करने का अभ्यास है। इसमें एक कम्पनी कुछ अथवा सभी गतिविधियों के लिए ऐतिहासिक आंकडों के आधार पर अनुमानित अथवा प्रमाप (मानक) लागत निर्मित की करती है। मानक लागत निर्धारण प्रक्रिया की गतिविधियो का सही क्रम है -
(a) विभिन्न गतिविधियों के लिए मानक लागत निर्धारित करना
(b) वास्तविक लागत का आकलन करना
(c) वास्तविक लागत तथा मानक लागतों के मध्य तुलना करना जिससे अंतर निर्धारित किया जा सके।
(d) अंतरों को विश्लेषित करना जिससे की मानक तथा वास्तविक लागतों के अंतर के कारणों का पता लगाया जा सके।
(e) अंतर के कारणों की रिपोर्टिंग करना तथा अंतरों को लाभ व लागत केंद्रो में विभाजित करना।

83. लेखांकन की प्रक्रिया की निम्नलिखित गतिविधियों को क्रम में सुव्यवस्थित करेंः

A. बही खाते में लेन-देन की प्रविष्टि
B. प्रविष्टि बही में व्यापारिक लेन-देन को रिकार्ड करना
C. वार्षिक वित्तीय विवरण तैयार करना
D. शेष परीक्षण को तैयार करना
E. व्यापारिक निर्णयों के लिए सार्थक निष्कर्ष निकालना
निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) B, A, D, C और E
Solution:

लेखांकन प्रक्रिया के गतिविधियों का सही क्रम निम्नवत है-
(a) लेनदेन जो कि मौद्रिक रूप में व्यक्त किए जा सकते हैं, उनके घटित होने पर उनकी रिकार्डिंग करना।
(b) पुस्तकों में उनकी जनरल प्रविष्टि करना तथा लेजर खाते में (खतौनी) करना।
(c) तलपट तैयार करना तथा उसकी सहायता से वार्षिक अंतिम खाते (व्यापारिक खाता, लाभ हानि खाता तथा स्थिति विवरण) तैयार करना
(d) व्यापारिक निर्णयों के लिए सार्थक निष्कर्ष निकालना।

84. पूंजीगत बजट निर्माण प्रक्रिया को क्रमबद्ध कीजिए:

A. नकद प्रवाह प्राक्कलन
B. अस्मिता बट्टा दर
C. परियोजना के चयन संबंधी निर्णय
D. निबल वर्तमान मूल्य (एन पी वी) का अवधारणा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) A, B, D और C
Solution:

पूँजी बजटन वह क्रिया है जो लंबी अवधि के निवेश से संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है। जहाँ विभिन्न पूंजी बजट विधियों में पुनः भुगतान विधि, लेखांकन रिटर्न की दर (ARR), शुद्ध वर्तमान मूल्य, रियायती नकदी प्रवाह, लाभ दायक्ता सूचकांक और वापसी की आंतरिक दर (IRR) शामिल है। पूंजी बजट निर्माण प्रक्रिया निम्नवत है -
(a) नकद प्रवाह प्राक्कलन करना
(b) बट्टा दर निर्धारित करना
(c) शुद्ध वर्तमान मूल्य निर्धारित करना
(d) परियोजना के चयन संबंधी निर्णय लेना

85. टी डी एस प्रमाण पत्र के बारे में निम्नलिखित में से कौन दो सही हैं?

A. वेतन भुगतान पर टीडीएस - फार्म 16
B. गैरवेतन भुगतान पर टीडीएस - फार्म 16ए
C. किराए पर टीडीएसफार्म 16 बी
D. संपत्ति की बिक्री पर टीडीएस- फार्म 16 सी
सही विकल्प चुनेंः

Correct Answer: (a) A और B
Solution:

श्रोत पर कर कटौती (TDS) के प्रमाण पत्र के सम्बंध में निम्न कथन सत्य हैं-
(a) वेतन भुगतान पर TDS - फार्म 16C
(b) गैर-वेतन भुगतान पर TDS - फार्म 16A
(c) किराए पर TDS - फार्म 16C
(d) संपत्ति की बिक्री पर TDS - फार्म 16B

86. दिए गए समीकरण का उत्तर ज्ञात कीजिए।

कथन I : जिन अनुबन्धों के उद्देश्य या प्रतिफल अवैध होते हैं वे अनुबन्ध शून्य होती हैं।
कथन II : कानूनी कार्यवाही के निरोध में की गई संविदाएं शून्य होती हैं।
कूटः 

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सही है
Solution:

कथन (I) कि जिन अनुबंधों के उद्देश्य या प्रतिफल अवैध होते है वे अनुबन्ध शून्य होते हैं है यह कथन सत्य है। धारा 23 भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872। एवं कथन (II) की कानूनी कार्यवाही के निरोध में की कई संविदाएँ शून्य होती है। धारा 28 भारतीय, भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872। यह कथन भी सत्य है।

87. दिए गए समीकरण का उत्तर ज्ञात कीजिए।

अभिकथन : Aप्रबंधन में श्रमिको की भागीदारी उद्यमों के क्रियाकलापों के केवल उन क्षेत्रों में श्रमिक का सम्मिलित होना है, जहाँ वे कुछ सकारात्मक योगदान कर सकते हैं।
तर्क R : श्रमिक उद्यम के प्रबंधकीय पहलुओं को समझने और परखने में पर्याप्त रूप से सक्षम नहीं हो सकते हैं।
कूटः

Correct Answer: (b) A और R दोनों सही है तथा R, A की सही व्याख्या है
Solution:

अभिकथन Aप्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी उद्यमों के क्रियाकलापों के केवल उन क्षेत्रों में श्रमिक का सम्मिलित होना है। जहाँ वे कुछ सकारात्मक योगदान कर सकते है यह कथन सही है। तथा तर्क R की श्रमिक उद्यम के प्रबंधकीय पहलुओं को समझने और परखने में पर्याप्त रूप से सक्षम नही हो सकते है, यह कथन भी सही है तथा यह अभिकथन A की ठीक-ठीक व्याख्या करता है। श्रमिकों की भागीदारी, श्रमिको का प्रबंध में सहयोग लेना है जिसमें निर्णय शामिल है। इससे संस्था में एक सकारात्मक महौल तैयार होता है तथा कर्मचारी अभिप्रेरित होते है।

88. दिए गए प्रश्न का उत्तर ज्ञात कीजिए।

अभिकथन A: हाल ही के वर्षों में कृषि तथा लघु और माध्यम उद्यम क्षेत्रों में होने वाले ऋण प्रवाह में वृद्धि हुई है।
तर्क R : भारतीय रिजर्व बैंक ने धीरे-धीरे ऋण बाजार में विभिन्न नियंत्रणों को शिथिल कर दिया है।
कूट :

Correct Answer: (a) A और R दोनों सही है और R, Aकी सही व्याख्या है।
Solution:

हाल के वर्षा में कृषि तथा लघु एवं मध्यम क्षेत्र (Small and Medium Enterprise) में होने वाले ऋण प्रवाह में वृद्धि हुई है, जिससे इनके विकास में तेजी देखी जा सकती है। साथ ही इस ऋण प्रवाह में तेजी का कारण यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक के ऋण बाजार में विभिन्न नियंत्रणों को थोड़ा सरल किया है। भारत सरकार तथा RBI ने उच्च विकास दर प्राप्त करने के लिए तथा 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की पूर्ति के लिए ऋण पूंजी उपलब्धता सुनिश्चित किया है जिसमें इन उद्योगों को आसान ऋण उपलब्ध कराना है शामिल है। अतः कथन Aतथा तर्क R दोनों सही है तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

89. दिए गए प्रश्न का उत्तर ज्ञात कीजिए।

अभिकथन A: ट्रिम्स (TRIMs) और ट्रिप्स (TRIPS) प्रावधान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ डी आई) को सुगम बनाते हैं और इसे बढ़ावा देते हैं।
तर्क R : ट्रिम्स और ट्रिप्स प्रावधान प्रतिबंधों को हटाते हैं और पूंजी प्रवाह की संवेदनशीलताओं का समाधान करते है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) A और R दोनों सही है और R, A की सही व्याख्या है।
Solution:

TRIM'S (Trade Related Investment Measures) - तथा TRIP's (Trade Related Aspects of Intellectual Property Rights) यह दोनों ही प्रावधान विदेशी व्यापार को बढ़ावा देने समझौतों से सम्बंधित है जहाँ TRIRS विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देशो के बीच बौद्धिक सम्पदा अधिकार हेतु समझौता है। जबकि TRIM कोई देश अपने घरेलू संस्थाओ तथा विदेशी निवेशको पर औद्योगिक नीति के रूप में लागू करता है। यह दोनो ही (TRIPS) तथा (TRIMS) प्रतिबंधों को हटाने हैं और पूंजी प्रवाह की संवेदनशीलता का समाधान करते हैं तथा विदेशी निवेश को बढ़ावा देते है तथा उन्हे सुगम बनाते है। अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सही है तथा तर्क (R)कथन (A) की सही व्याख्या करता है।

90. दिए गए प्रश्न का उत्तर ज्ञात कीजिए।

अभिकथन A: किसी वस्तु की साम्य कीमत वह कीमत होती है जिस कीमत पर उस वस्तु की मांगी गई मात्रा आपूरित मात्रा के बराबर हो जाती है।
तर्क R: साम्य वह दशा होती है जो एक बार विनिश्चित कर दिए जाने के बाद आने वाले समय में भी बने रहने की कोशिश करती है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) A और R दोनों सही हैं परन्तु R,A की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

साम्य कीमत वह कीमत होती है जहाँ उस वस्तु की मांग तथा पूर्ति दोनो एक दूसरे के बराबर होती है। पूर्ति एवं मांग वक्र जहाँ एक दूसरे को काटते है वही साम्य बिंदु होता है। इस बिंदु पर कीमत साम्य कीमत मूल्य कहलाता है तथा पूर्ति तथा मांग की मात्रा साम्य मात्रा । यहां कथन (A) सही है तथा तर्क (R) की साम्य वह दशा होती है जो एक बार विनिश्चित कर दिए जाने के बाद आने वाले समय में भी बने रहने की कोशिश करता है यह भी सही है। परन्तु समय के साथ कीमतों में परिवर्तन संभव है तथा मांग व पूर्ति में भी परिवर्तन सम्भव है। अतः साम्य बिंदु में परिवर्तन होता है। अतः कथन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।