यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा दिसम्बर 2020/जून-2021 वाणिज्य

Total Questions: 20

1. कोविड- 19 महामारी के दौरान निम्नलिखित में से कौन-सा व्यवसाय पविर्तन का सर्वाधिक प्रबल प्रेरक रहा है?

Correct Answer: (c) प्रौद्योगिकी अंगीकरण और नवाचार
Solution:

कोविड-19 महामारी के दौरान प्रौद्योगिकी अंगीकरण और नवाचार व्यवसाय परिवर्तन का सर्वाधिक प्रबल प्रेरक रहा है। प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से ही समस्त व्यवसायिक सूचनायें उपलब्ध हो सके और व्यवसाय को तकनीकी रूप से विकसित किया जा सके।

2. निम्नलिखित में से किसके प्रभाव का प्रतिकार करने के लिए प्रायः प्रतिकारी प्रशुल्क (सी वी डी) लगाया जाता है:

Correct Answer: (b) निर्यात राजसहायता
Solution:

प्रतिकारी शुल्क (Counter Vailing Duties) आयातित वस्तुओं पर लगायी जाती हैं, जिससे कि निर्यातकारी देश में इन वस्तुओं के उत्पादकों को दी गई सब्सिडियों की क्षतिपूर्ति की जा सके। सीवीडी का उद्देश्य किसी उत्पादक के घरेलू उत्पादकों और उसी उत्पाद के विदेशी उत्पादकों जो अपनी सरकारों से प्राप्त सब्सिडी के कारण इसे कम कीमत पर बेच सकते हैं, के बीच समान अवसर उपलब्ध होते हैं। सीवीडी विदेशी प्रतिस्पर्धा के कारण एक ही वस्तु के उत्पादकों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करती है।

3. कोविड-19 महामारी के बीच घरेलू फर्मों को अवसरवादी अधिग्रहण से बचाने हेतु भारत के सीमावर्ती देशों को निम्नलिखित में से किसके माध्यम से विदेशी प्रत्यक्ष निवेश करने की अनुमति दी गई है:

Correct Answer: (b) सरकारी रूट
Solution:

कोविड-19 महामारी के बीच घरेलू फर्मों को अवसरवादी अधिग्रहण से बचाने हेतु भारत के सीमावर्ती जो देश हैं, उन्हें सरकारी तंत्र या रूट के माध्यम से देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने की अनुमति प्रदान की गई, जिससे की घरेलू फर्म बन्द न हो और कुशलतापूर्वक कार्य कर सके।

4. माइकेल पोर्टर के राष्ट्रों के प्रतिस्पर्धात्मक लाभ की कारक परिस्थितियों में शामिल हैं :

Correct Answer: (d) कुशल श्रम और वैज्ञानिक ज्ञान
Solution:

1990 में माइकल पोर्टर, जिन्हें आधुनिक रणनीतिक क्षेत्र का संस्थापक माना जाता है, ने "द कॉम्पिटिटिव एडवांटेज ऑफ नेशन्स' नामक पुस्तक प्रकाशित किया। इस पुस्तक में 10 देशों के अध्ययन के आधार पर पोर्टर ने तर्क दिया कि फर्मों और श्रमिकों की सामूहिक रूप से उत्पादकता राष्ट्रीय धन की कुंजी थी। पोर्टर के प्रतिस्पर्धात्मक कारक परिस्थितियों में निम्न शामिल है, पूंजी, मानव संसाधन, कुशल श्रम और वैज्ञानिक ज्ञान सम्मिलित है।

5. यदि क्रेता कंपनी खाता ऋणों के संग्रहण के लिए विक्रेता के एजेंट के रूप में कार्य करने के लिए सहमत होती है, तो क्रेता कंपनी के खातों में ऋणदाताओं की राशि निम्नलिखित में से किसके खाते में जमा होनी चाहिए?

Correct Answer: (b) विक्रेता का उचंत खाता
Solution:

यदि क्रेता कम्पनी खाता ऋणों के संग्रहण के लिए विक्रेता के एजेण्ट के रूप में कार्य करने के लिए सहमत होती है, तो क्रेता कम्पनी के खातों में ऋणदाताओं की राशि को विक्रेता के उचन्त खाता में जमा करता है। यह एक ऐसा खाता है, जिसका उपयोग अस्थायी रूप से संदिग्ध प्रविष्टियों और विसंगतियों को उनके विश्लेषण और स्थायी वर्गीकरण के लिए लम्बित रखने के लिए किया जाता है।

6. जब सूत्रधारी कंपनी के बैलेंसशीट में 'सहायक कंपनी में निवेश" का मूल्य अर्जित निवल सम्पत्ति के पुस्तक मूल्य से अधिक है, तो इनका अंतर क्या दर्शाता है?

Correct Answer: (b) समेकन संबंधी साख
Solution:

जब सूत्रधारी कम्पनी के Balance Sheet में सहायक कम्पनी में निवेश का मूल्य अर्जित निवल सम्पत्ति के पुस्तक मूल्य से अधिक होता है, तो इनके अन्तर को समेकित सम्बन्धी साख के अन्तर्गत प्रदर्शित करता है। ख्याति एक अमूर्त सम्पत्ति है, इसमें कम्पनी शुद्ध सम्पत्ति के उचित बाजार मूल्य पर प्रीमियम का भुगतान करने को तैयार है।

7. मानव परिसम्पत्तियों के मूल्यांकन की मूल विधि क्या है?

Correct Answer: (b) परिशोधन
Solution:

मानव परिसम्पत्तियों का मूल्यांकन मानव संसाधन लेखांकन से सम्बन्धित है। यह मुख्यतया मानव पूँजी से सम्बन्धित होता है। इसका मूल उद्देश्य मानव संसाधनों के प्रभावी प्रबन्धन की सुविधा है, ताकि मानव संसाधनों का अधिग्रहण, विकास, रखरखाव, उपभोग और मूल्यांकन किया जा सके। परिसम्पत्तियों के मूल्यांकन की निम्न विधियाँ हैं-
1. ऐतिहासिक लागत विधि परिशोधन ।
2. प्रतिस्थापन लागत विधि ।
3. अवसर लागत विधि ।
4. आर्थिक मूल्य विधि ।
5. मानक लागत विधि ।
6. गैर मौद्रिक तरीके।
7. लागत लाभ विधि ।
मानव सम्पत्तियों का परिशोधन भी उसी तरह किया जाता है, जैसे अन्य भौतिक सम्पत्तियों का होता है। सम्पत्ति को उसके उपयोगी जीवन के बट्टे खाते में डाल दिया जाता है।
यदि परिसम्पत्ति का समय से पहले परिसमापन किया जाता है, तो उसकी राशि को राजस्व खाते में चार्ज किया जाता है। अतः परिशोधन मानव सम्पत्तियों के मूल्यांकन की मूल विधि है।

8. X और Y लाभ और हानि की 4: 3 के अनुपात में बाँटने वाले साझेदार हैं। वे Z को 1/5 वे हिस्से के लिए साझेदारी में शामिल करते हैं। X और Y भावी लाभ को 2: 1 के अनुपात में बाँटने का निर्णय करते हैं। X और Y के त्याग करने का अनुपात क्या है?

Correct Answer: (d) 4: 17
Solution:

X और Y का पुराना अनुपात = 4 : 3
Z को 1/5 भाग के लिए साझेदार बनाया गया।
X और Y का भविष्य लाभ अनुपात = 2 : 1
मान लें नया कुल लाभ = 1
Z के प्रवेश के बाद शेष भाग =
1 − 1/5 = 4/5
अतः X, Y और Z के बीच नया लाभ-वितरण अनुपात:
X का भाग = 4/5 × 2/3 = 8/15
Y का भाग = 4/5 × 1/3 = 4/15
Z का भाग = 1/5 = 3/15
नया अनुपात = 8 : 4 : 3
त्याग अनुपात = पुराना अनुपात − नया अनुपात
X का त्याग = 4/7 − 8/15 = 4/105
Y का त्याग = 3/7 − 4/15 = 17/105
अतः X और Y का त्याग अनुपात = 4 : 17

9. धन अधिकतमीकरण उद्देश्य में फर्म के मूल्य की परिमाप होती है:

Correct Answer: (c) समस्त प्रत्याशित भावी लाभों का वर्तमान मूल्य
Solution:

फर्म के मूल्य को भविष्य में कई वर्षों में फर्म के मुनाफे लाभ के लागत प्रवाह के वर्तमान मूल्य की गणना करके मापा जाता है। ऐसा करने के लिए भविष्य के वर्षों के लाभों में छूट दी जानी चाहिए क्योंकि भविष्य के वर्ष में पैसे का मूल्य लाभ के एक रूपये का मूल्य वर्तमान में लाभ के एक रूपये से कम है। अतः धन अधिकतमीकरण उद्देश्य में फर्म के मूल्य की माप समस्त प्रत्याशित भावी लाभों का वर्तमान मूल्य होता है।

10. कीमत में हास के लिए, कुल राजस्व में कमी आती है यदि उत्पाद की मांग :

Correct Answer: (a) अलोचदार हो
Solution:

जब कीमत में कमी आती है, और कुल राजस्व में भी कमी आती है, तो इस दशा में उत्पाद की माँग अलोचदार होगी। कीमत घटने पर यदि कुल राजस्व में बढ़ोत्तरी होती है तो माँग लोचदार होगी तथा यदि कुल राजस्व कीमत घटने पर अपरिवर्तित रहता है तो माँग की लोच इकाई के बराबर होगी।