यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा दिसम्बर 2020/जून-2021 वाणिज्य (Shift – II)

Total Questions: 100

41. विश्व व्यापार संगठन के अंतर्गत, निम्नलिखित में से व्यापार नीतिगत ढांचा सिद्धांतों की पहचान कीजिए:

1. पारस्परिकता और पारदर्शी
2. हितकारी और लचीला
3. अविभेदकारी
4. बाहयकारी और प्रवर्तनीय वचनबद्धताएं
5. संरक्षणात्मक और हितैषी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल 1,3 और 4
Solution:

उपयुक्त विकल्पों में विश्व व्यापार संगठन के अन्तर्गत व्यापार नीतिगत ढाँचा सिद्धांतों में विभिन्न देशों में पारस्परिकता और पारदर्शी व्यापार के साथ अविभेदकारी, बाह्यकारी और प्रवर्तनीय वचन बद्धताँए आती है। अतः विकल्प (c) सही है।

42. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 6 के अनुसार उपभोक्ताओं के अधिकारों में निम्नलिखित शामिल है:

1. ऐसी वस्तुओं और सेवाओं के विपणन के विरूद्ध संरक्षण जो जीवन व संपत्ति के लिए जोखिमपूर्ण है।
2. प्रतियोगी मूल्य व निम्नलागत गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं का आश्वासन ।
3. यह आश्वासन कि उपभोक्तओं के हितों पर समुचित मंच पर उचित विचार किया जाएगा।
4. उत्पाद, लाभ, विविधता व समता के बहुल प्रयोग हेतु संरक्षण।
5. उत्पाद व सेवाओं कि गुणवत्ता, शक्ति शुद्धता व मूल्य के बारे में सूचित किया जाना।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल 1, 3 और 5
Solution:

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी या निर्दिष्ट अनुचित प्रथाओं से रोकने के लिए उपभोक्ताओं अधिकार प्रदान करता है। ये अधिकार सुनिश्चित करते हैं कि उपभोक्ता बाजार में बेहतर विकल्प चुन सके और शिकायतों के लिए सहायता प्राप्त कर सकें। धारा 6 के अनुसार अधिकार में शामिल हैं-
(i) ऐसी वस्तुओं और सेवाओं के विपणन के विरुद्ध संरक्षण जो जीवन व सम्पत्ति के लिए जोखिमपूर्ण हैं।
(ii) यह आश्वासन कि उपभोक्ताओं के हितों पर समुचित मंच पर उचित विचार किया जायेगा। (iii) उत्पाद व सेवाओं की गुणवत्ता, शक्ति, शुद्धता व मूल्य के बारे में सूचित किया जाना। अतः विकल्प (d) सही है।

43. तुलनपत्र तिथि के बाद की निम्नलिखित में कौन-सी घटना सामान्यत: AS 4 (तुलनपत्र तिथि के बाद की घटनाएँ) के आधार पर समायोजक घटना मानी जाएगी?

1. तुलनपत्र की तिथि पर एक ग्राहक की अशेध्यता की स्थिति।
2. निवेशों के बाजार मूल्य में गिरावट
3. सामान्य लाभांश की घोषणा
4. तुलनपत्र तिथि के पूर्व खरीदी गई परिसंपत्तियों की लागत का निर्धारण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल 1 और 4
Solution:

तुलन पत्र तिथि के बाद होने वाली घटनाएँ, ये महत्वपूर्ण घटनाएँ हैं, जो तुलन पत्र की तिथि और वित्तीय विवरण अनुमोदन तिथि के बीच होती हैं। ये घटनाएँ संस्था के अनुकूल या प्रतिकूल हो सकती हैं। ये घटनाएँ वित्तीय विवरणों के उपयोगकर्ताओं के आर्थिक निर्णयों को प्रभावित कर सकती है।
AS-4 के आधार पर तुलन पत्र या तुलन पत्र की तिथि पर एक ग्राहक की अशोध्यता की स्थिति के साथ-साथ तुलन पत्र तिथि के पूर्व खरीदी गई परिसम्पत्तियों की लागत का निर्धारण को समायोजित किया जायेगा। अतः विकल्प (d) सही है।

44. प्रबंधन लेखांकन सूचना का प्रयोग निम्नलिखित में से कौन-से विशिष्ट उद्देश्य के लिए होता है?

1. मापन
2. नियंत्रण
3. लेन-देनों का अभिलेखन
4. वैकल्पिक चयन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल 1,2 और 4
Solution:

प्रबन्ध लेखांकन संगठनों के भीतर प्रवन्धकों के लिए लेखांकन जानकारी के उन प्रावधानों तथा उपयोग से सम्बन्धित है, जो उन्हें उचित प्रबन्धन निर्णयों को लेने के लिए आधार प्रदान करता है जो उन्हें उनके प्रबन्धन तथा नियंत्रण कार्यों को बेहतर तरीके से करने की अनुमति देगा। इसका उद्देश्य मापन, नियंत्रण और वैकल्पिक चयन के लिए होता है। अतः विकल्प (c) सही है।

45. यू आकार का दीर्घ कालिक औसत लागत वक्र किन अवधारणाओं पर आधारित है?

1. श्रम का वृहत्तर विभाजन और विशेषज्ञता बड़ी फर्मों में होती है।
2. निर्गम के विभिन्न स्तरों पर उत्पादन की न्यूनतम लागत ।
3. निर्गम के लघु स्तरों पर परिमाणमूलक सुलाभ होती है।
4. फर्म के बड़े हो जाने पर इसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना अधिक कठिन हो जाता है।
5. निर्गम के बहत्तर स्तर पर परिमाणमूलक अलाभ ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन किजिए:

Correct Answer: (d) केवल 1,3,4 और 5
Solution:

लम्बे समय में उत्पादन के सभी कारकों को बदलना सम्भव है। इस प्रकार दीर्घ कालीन लागत वक्र के आकार की व्याख्या करने के लिए प्रासंगिक अवधारणा पैमाने के प्रतिफल का नियम है। लम्बे समय में स्थिर लागत अपरिवर्तित रहती है और परिवर्तनीय लागत केवल कुल लागत को प्रभावित कर सकती है। जैसे-जैसे उत्पादन का स्तर बढ़ता है, पैमाने की मितव्ययीता काम करती है और उत्पादन की औसत शुरू में घट जाती है, और बाद में वृद्धि होने लगती है। U आकार का दीर्घकालिक औसत लागत वक्र निम्न अवधारणाओं पर आधारित है -
(i) श्रम का वृहत्तर विभाजन और विशेषज्ञता बड़ी फर्मों में होती है।
(ii) निर्गम के लघु स्तरों पर परिमाण मूलक सुलाभ होती है।
(iii) फर्म के बड़े हो जाने पर इसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना अधिक कठिन हो जाता है।
(iv) निर्गम के वृहत्तर स्तर पर अलाभ, आदि है। अर्थात् विकल्प (d) सही है।

46. मूल्य विभेदन के लिए आवश्यक शर्तों को चिह्नित कीजिए:

1. बाजारों में अपूर्ण प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।
2. बाजारों को पृथ्क्करणीय होना चाहिए।
3. विभदीकृत उत्पाद और फर्मों के बीच परस्पर निर्भरता।
4. विभिन्न बाजारों में मांग की लोच भिन्न होनी चाहिए।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल 1,2 और 4
Solution:

मूल्य विभेदन तब होता है, जब कोई विक्रेता अलगअलग खरीददारों को अलग-अलग कीमतों पर एक विशिष्ट वस्तु या सेवा बेचता है। जो लागत में अन्तर से सम्बन्धित नहीं है। मूल्य विभेदन की शर्तें निम्नलिखित हैं -
(i) बाजारों में अपूर्ण प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।
(ii) बाजारों का पृथक्कीकरण होना चाहिए।
(iii) विभिन्न बाजारों में माँग की लोच भिन्न होनी चाहिए। अतः विकल्प (d) सही है।

47. निम्नलिखित में से क्या सामान्य मांग वक्र की अधोगामी ढाल को स्पष्ट करता है?

1. ल्य परिवर्तन का आय प्रभाव।
2. मूल्य परिवर्तन का प्रतिस्थापन प्रभाव
3. उपभोक्ता का उपयोगिता को अधिकतम बढ़ाने वाला व्यवहार।
4. उपभोक्ता का जोखिम से भागने वाला व्यवहार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (c) केवल 1,2 और 3
Solution:

जब कीमत गिरती है तो किसी वस्तु की मांग की मात्रा बढ़ जाती है और इसके विपरीत अन्य चीजें समान रहती है। मांग के इस नियम के कारण ही मांग वक्र का ढलान नीचे की ओर दायीं ओर होता है। सामान्य माँग वक्र अधोगामी ढाल निम्न कारणों से स्पष्ट करता है -
(i) मूल्य परिवर्तन का आय प्रभाव
(ii) मूल्य परिवर्तन का प्रतिस्थापन प्रभाव
(iii) उपभोक्त की उपयोगिता को अधिकतम बढ़ाने वाला व्यवहार है। अतः विकल्प (c) सही है।

48. अंतर्राष्ट्रीय बैंको के कार्यकलापों पर नियंत्रण के कारण बताए गए हैं:

1. ये बैंक साख निर्माण के माध्यम से धनापूर्ति करके मुद्रास्फीति को बढ़ावा देते हैं।
2. इन बैंको की वजह से कभी-कभी बैंक विफल हो जाते हैं जिसमें जमाकत्ताओं का ब्याज डूब जाता है।
3. ये उच्च ब्याज दर लगाकर उधारकर्ता सरकारों को ऐसी ऋणग्रस्तता में डाल देते हैं जिनकी व्यवस्था नहीं हो पाती।
4. वे मेजबान सरकार की ऋण आबंटन नीति का पालन नहीं करते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों मे से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) 1,2,3,4
Solution:

यदि आपका व्यवसाय आपके घरेलू बाजार से आगे विस्तार करना चाहता है, तो प्रभावी रूप से विकास का प्रबन्धन उचित अन्तर्राष्ट्रीय वित्त पोषण समाधानों को डिजाइन और कार्यान्वित ने | की आपकी क्षमता पर निर्भर करेगा। अन्तर्राष्ट्रीय बैंकों के क्रियाकलापों पर नियंत्रण के कारण निम्न है -
(i) ये बैंक साख निर्माण के माध्यम से धनामूर्ति करके मुद्रास्फीति को बढ़ावा देते हैं।
(ii) इन बैंकों की वजह से कभी-कभी बैंक विफल हो जाते हैं, जिससे जमाकर्ताओं का ब्याज डूब जाता है।
(iii) ये उच्च ब्याज दर लगाकर उधारकर्ता सरकारों को ऐसी ऋणग्रस्तता में डाल देते हैं, जिनकी व्यवस्था नहीं हो पाती।
(iv) ये मेजबान सरकार की ऋण आवंटन नीति का पालन नहीं करते हैं। अतः विकल्प (d) सही है।

49. किसी नए ऋण या शेयर के निर्गम में निरपवाद रूप से________के रूप में प्लवन लागत शामिल होती है।

A.विधिक शुल्क
B. प्रशासनिक खर्च
C. दलाली
D. अभिगोपन
E. जोखिम प्रीमियम
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A), (B),(C) (D)
Solution:

फ्लोटेशन (प्लवन) लागत वे लागते हैं, जो एक कम्पनी द्वारा नई प्रतिभूतियों को जारी करते समय खर्च की जाती है। लागत विभिन्न व्यय हो सकते हैं। जिनमें विधिक शुल्क, प्रशासनिक खर्च, दलाली, अभियोजन, पंजीकरण, लेखा परीक्षा शुल्क शामिल हैं। लेकिन ये यहीं तक सीमित नहीं है। प्लवनशीलता व्यय निर्गम मूल्य के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किये जाते हैं। अतः विकल्प (c) सही है।

50. प्रतिभूर्तिकरण के माध्यम से निधियां जुटाने के कारण निम्नलिखित में से कौन-से हैं?

A. गैर-पारंपरिक स्त्रोतों से पूंजी जुटाना
В. वित्तीय रिपोर्टिंग प्रयोजनों हेतु आमदनी बढ़ाना
C. वित्तपोषण के संसाधनों का विविधीकरण
D. वित्तपोषण लागत कम करने की क्षमता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल (B), (C), (D)
Solution:

प्रतिभूतिकरण गैर-वित्तीय और वित्तीय निगमों के साथसाथ राज्य और स्थानीय सरकारों दोनों के लिए अपील करता है। प्रतिभूतिकरण का उपयोग करने वाले निगमों के कारण निम्न है -
(i) वित्त पोषण लागत को कम करने की क्षमता
(ii) वित्त पोषण स्रोतों में विविधता लाने की क्षमता
(iii) कॉर्पोरेट जोखिम का प्रबन्धन करने की क्षमता
(iv) वित्तीय संस्थाओं के लिए जिन्हें जोखिम आधारित पूँजी आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए पूँजी आवश्यकताओं से सम्भावित राहत ।
(v) शुल्क आय उत्पन्न करना।
(vi) ऑफ बैलेंस फाइनेंसिंग हासिल करने का अवसर अतः विकल्प (b) सही है।