यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा दिसम्बर 2020/जून-2021 वाणिज्य (Shift – I)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गंद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

एक विकासशील आर्थिक राष्ट्र के लिए उद्योग की बढ़ती हुई मांगों को पूरा करने व समग्र जीडीपी में विनिर्माण का हिस्सा बढ़ने के लिए, उसकी औद्योगिक नीति के नियमित अद्यतन किए जाने की आवश्यकता होती है। चूंकि भारत की जीडीपी में कृषि अथवा विनिर्माण की अपेक्षा सेवाओं का प्रभुत्व रहा है, ऐसे संरचनागत संशोधनों की हमेशा आवश्यकता रहती है ताकि वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विनिर्माण गतिविधियों में भरपूर वृद्धि की जा सके। इसके लिए कानूनी संशोधनों की आवश्यकता है जिनका उद्देश्य अधिक विनिर्माण व निर्यात को सुगम बनाना हो।
वास्तव में भारत के सामने दो चुनौतियां हैं या यूं कहें कि अवसर हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर तेजी के रूख को निर्यातोन्मुखी होना है और साथ ही लगातार बढ़ रही घरेलू उपभोग की मांग को पूरा करना है। इसके अलावा कोई भी अर्थव्यवस्था मात्र उपयोग उन्मुखी नहीं हो सकती है, क्योंकि ऐसी अर्थव्यवस्था में जनता को सक्रिय रूप से बचत और निवेश भी करना चाहिए।
यह हमें बैंकिंग व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण दिशा की ओर लाता है जो उपयुक्त दो उद्देश्यों की प्राप्ति में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करती है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको को ऋण आवश्यकताओं के क्रेडिट मूल्यांकन हेतु यथोचित कर्मिष्ठा संबंधी सामर्थ्य व विशेषज्ञता निर्मित करने की आवश्यकता है। यह उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार गैर- निष्पादित परिसंपत्तियों (एन पी ए) का मूल्य 7.7 लाख करोड़ रुपये (दिसंबर, 2017 के अनुसार) है।
तथापि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वृहद संरचना और भौगोलिक अतं स्रवण को देखते हुए, भारत के विकास में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के महत्व को अवश्य स्वीकर किया जाना चाहिए और यह कि "समूचे विश्व में ऐसा कोई देश नहीं है जहां बैंको को कोई समस्या न रही हो।"
निम्नलिखित में से कौन सा एक उपभोग अर्थव्यवस्था की विशिष्टता नहीं है?

Correct Answer: (b) यह आयात की अपेक्षा निर्यात को भी बढ़ावा देता है,
Solution:

उपर्युक्त गद्यांश के अध्ययन के आधार पर हम कह सकते हैं कि आयात की अपेक्षा निर्यात को बढ़ावा देना उपभोग अर्थव्यवस्था की विशिष्टता नही है।

92. निम्नलिखित में से कौन सा समुच्चय सतत उपभोग व उत्पादन को परिभाषित करता है?

A. सेवाओं और बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित उत्पादों का प्रयोग जो जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करते हैं।
B. प्राकृतिक संसाधनों और विषैली सामग्रियों का प्रयोग व प्रदूषकों के रूप में अपशिष्ट के उत्सर्जन को न्यूनतम करना
C. सेवा अथवा उत्पाद का संगत प्रयोग ताकि भावी पीढ़ी की आवश्यकताओं को जोखिम में न डाला जाए।
D. खुदरा मुद्रास्फीति को न्यूनतम करते हुए निम्न उत्पादन लागत के साथ नियोजित शहर
नीचे दिए गए विकल्प में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (b) केवल A, B और D
Solution:

उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर समुच्चय सतत उपभोग व उत्पादन सेवाओं और बुनियादी आवश्यकताओं से सम्बन्धित उत्पादों का प्रयोग जो जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करते हैं। प्राकृतिक संसाधनों और विषैली सामग्रियों का प्रयोग व प्रदूषकों के रूप में अपशिष्ट के उत्सर्जन को न्यूनतम करना और खुदरा मुद्रास्फीति को न्यूनतम करते हुए निम्न उत्पादन लागत के साथ नियोजित शहर को परिभाषित करता है। अतः विकलप (b) सही है।

93. किसी बैंक की क्रेडिट मूल्यांकन प्रक्रिया में निम्नलिखित के रूप में ऋणी का आकलन करना शामिल नहीं है:

Correct Answer: (d) तकनीकी माध्यता
Solution:

किसी बैंक की क्रेडिट मूल्यांकन प्रक्रिया में निम्न शामिल हैं-
(i) आर्थिक व्यवहार्यता ।
(ii) बैंक स्वीकार्यता अथवा ऋण योग्यता ।
(iii) उक्त भौगोलिक क्षेत्र में सम्बन्धित कम्पनियों द्वारा ऋण लेने और भुगतान करने की क्षमता। उपयुक्त विकल्पों में तकनीकों माध्यता को इसमें शामिल नहीं किया जाता है, क्योंकि यह क्रेडिट मूल्यांकन से सम्बन्धित नहीं होता है।

94. भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को निम्नलिखित की आवश्यकता है:

Correct Answer: (b) अधिक जनशक्ति व आईसीटी संसाधनों का निर्माण
Solution:

उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को अधिक जनशक्ति व आई०सी०टी० संसाधनों का निर्माण की आवश्यकता होती है।

95. उपर्युक्त गद्यांश में किस समस्या को उजागर किया गया है?

Correct Answer: (b) उच्च राजकोषीय घाटा
Solution:

उपर्युक्त गद्यांश में उच्च राजकोषीय घाटा की समस्या को उजागर किया गया है। उच्च राजकोषीय घाटा यह संकेत देता है कि सरकार अपने साधनों से अधिक खर्च कर रही है। सरकारी अपनी आय से कितना अधिक खर्च कर रही है यह निर्धारित करने के लिए अर्थशास्त्रियों को राजकोषीय घाटे पर नजर रखने की जरुरत है।

96. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

अर्थिक सर्वेक्षण में ऋण बकाया की बढ़ाई गई कालावधि के बारे में वर्ष 2007-08 में आए वैश्विक वित्तीय संकट जिसके परिणामस्वरूप अशोध्य ऋण की स्थिति उत्पन्न हुई और निवेश की दरों और आर्थिक विकास में गिरावट आई थी, से सबक लेते हुए सावधानी बरतने का संदेश प्रेषित किया गया है।
यदि इसका अनुसरण किया गया तो इसका अभिप्राय यह है कि कंपनी की वित्त व्यवस्था बहुत अधिक अधिसंकुचित हो जाएगी क्योंकि कंपनियाँ दिवालियापन की स्थिति के परिहार के लिए ऋण देने हेतु संसाधनों की जुगत में रहती हैं और अशोध्य ऋण की मान्यता देने तथा इसके निमित्त प्रावधान करने के बाद सरकारी स्वामित्व वाली बैंको को पुनः पूंजी देने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ जाएगा।

विनियामक सहिष्णुता अनिवार्य आहार न होकर आपातकालिक औषधि के रूप में अपनाई जानी चाहिए। यह प्रबल सलाह है। कर्जदारों द्वारा ऋण की संदायगी पर अधिस्थगन कोविड महामारी के दौरान कॉरपोरेट जगत के लिए समोपयोगी रहा है।
अधिस्थगन अवधि बीत जाने के बाद इनमें से बहुत से प्रतिष्ठानों में सरलता की घोर समस्या उत्पन्न होगी। सभी व्यवसायों में तेजी से विकास होने के फलस्वरूप संकट का परिहार होगा। यथार्थ जगत में इस तरह के स्वर्णिम स्वप्न शायद ही कभी साकार होते हैं।

बहुत सी कंपनियां जो तरलता के अभिगम से अस्तित्व में बने रह सकती थी उस समय घाटे में चली जाएंगी जब बैंको को ऐसा प्रतीत होगा कि अब उन्हें अपनी परिसंपत्ति की गुणवत्ता की समीक्षा करनी है। इसका समाधान इस तरह की कंपनियों को पूंजी उपलब्ध करना है। जिसका उपयोग उन्हें इक्विटी पर लाभ नहीं अर्जित करने की दशा में ऋण उपलब्ध कराने के लिए करने की आवश्यकता नहीं है। कंपनियों को विद्यमान ऋण सेवा प्रदान करने तथा नए उत्पादन में निवेश करने, आर्थिक पुनरुज्जीवन के परिणामस्वरूप उद्भुत मांग को पूरा करने के लिए बहुत अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी। सरकार ने बहुत सी निधियों के कोष का वचन दिया था।

जिसके अन्तर्गत सक्षम, लघु और मध्यम उद्यमों में निवेश करने के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाई जाएगी। अब कथन को कृत्य में निष्पादित करने का समय है। इक्विटी हितो के बाद में संभवतः मुनाफा में बेचा जा सकता अपेक्षित पूंजी के लिए विशेष स्थिति तक निधियों, निजी इक्विटी और सेवानिवृत्ति के पश्चात् की गई बचत से किए गए आवंटन का उपयोग किया जा सकता है। निवेश का प्रबंधन करने की चुनौती है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: 
कथन- I : ऋण अदायगी में चूक भारतीय बैंकिंग प्रणाली में सामान्य परिघटना है।
कथन - II: वैश्विक वित्तीय संकट का प्रभाव भारत में अशोध्य ऋण के परिमाण पर पड़ता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) कथन I और II दोनों सही हैं।
Solution:

उपर्युक्त गद्यांशों के अध्यन के आधार पर दोनों कथन-I और कथन-II दोनों सही है।

97. उपयुक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक क्या हो सकता है?

Correct Answer: (b) संकट के समय में सहिष्णुता और कारपोरेट निधि पोषण
Solution:

उपर्युक्त गद्यांश के अध्ययन के आधार पर गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक संकट के समय में सहिष्णुता और कारपोरेट निधि पोषण है।

98. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में:

अभिकथन (A): सरकार ने ऐसी निधियों की निथि का वचन दिया था जिसके अंतर्गत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम में निवेश के लिए बहुत अधिक मात्रा में पूँजी जुटाई जाएगी।
कारण (R) : कंपनियों को विद्यमान ऋण सेवा प्रदान और नए उत्पादन में निवेश करने तथा आर्थिक पुनरूज्जीवन के फलस्वरूप उत्पन्न मांग को पूरा करने के लिए बहुत अधिक पूँजी की आवश्यकता होगी। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R),(A) की सही व्याख्या है।
Solution:

उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर अभिकथन (A) और कथन (R) दोनों सही है और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।

99. उपर्युक्त गद्यांश का मूल विषय क्या है?

Correct Answer: (a) आपदा के समय में कारपोरेट निधियन का संकट
Solution:

गद्यांश के अध्ययन के आधार पर वैश्विक वित्तीय संकट में मूल विषय आपदा के समय में कारपोरेट निधियन का संकट है।

100. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में :

अभिकथन (A): सरकार ने ऐसी निधियों की निधि का वचन दिया था जिसके अंतर्गत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम में निवेश के लिए बहुत अधिक मात्रा में पूँजी जुटाई जाएगी।
कारण (R): कंपनियों को विद्यमान ऋण सेवा प्रदान करने और उत्पादन में निवेश करने तथा आर्थिक पुनरूज्जीवन के फलस्वरूप उत्पन्न मांग को पूरा करने के लिए बहुत अधिक पूँजी की आवश्यकता होगी।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है। क्योंकि सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम में निवेश के लिए बहुत अधिक मात्रा में पूँजी की आवश्यकता होगी और यह आर्थिक पुनरूज्जीवन के फलस्वरूप माँग को पूरा करता है।