यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा जून-2019 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

21. 'हिंसानल से शांत नहीं होता हिंसानल'

उपर्युक्त ध्येय वाक्य का सम्बन्ध किस काव्य रचना से है?

Correct Answer: (c) उन्मुक्त
Solution:

"हिंसानल से शांत नहीं होता हिंसानल" उपर्युक्त ध्येय वाक्य उन्मुक्त काव्य रचना से अवतरित है, जो सियारामशरण गुप्त द्वारा रचित है। इनकी अन्य रचनाएँ - मौर्य विजय, अनाथ, दुर्बादल, विषाद, आत्मोसर्ग, पाथेय, बापू, दैनिकी आदि है।
• रामधारी सिंह 'दिनकर' को 'ओज और पौरुष' का कवि कहा जाता है। इनको 'अधैर्य का कवि' तथा 'डिप्टी राष्ट्रकवि' भी कहते हैं।
इनकी प्रमुख कृतियाँ- प्रणभंग, रेणुका, हुंकार, सामधेनी, कुरुक्षेत्र, उर्वशी, मिट्टी की ओर, अर्द्धनारीश्वर, रेती के फूल, संस्कृति के चार अध्याय आदि हैं।
• मैथिलीशरण गुप्त को 'हरिगीतिका छंद के बादशाह' नाम से जाना जाता है।
इनकी प्रमुख कृतियाँ हैं रंग में भंग, भारत भारती, साकेत, यशोधरा, जयद्रथ वध, झंकार, अनघ, जयभारत, विष्णुप्रिया।
• जयशंकर प्रसाद 'झारखंडी' उपनाम से प्रसिद्ध हैं।
इनकी प्रमुख कृतियाँ हैं- प्रेमपथिक, कानन कुसुम, प्रथम प्रभात, महाराणा का महत्व आदि।

22. काव्य भाषा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सी मान्यता 'वर्ड्सवर्थ' की नहीं है?

Correct Answer: (b) भाषा में मिथक और बिम्बों का प्रयोग होना चाहिए।
Solution:भाषा में मिथक और बिम्बों का प्रयोग होना चाहिए। काव्य भाषा के संदर्भ में यह मान्यता 'वर्ड्सवर्थ' की नहीं है। विलियम वर्ड्सवर्थ का जन्म 1770 ई.में इंग्लैण्ड में हुआ इनका प्रथम काव्य संग्रह 'एन इवनिंग वॉक एण्ड डिस्क्रिप्टव स्केचैज' सन् 1793 ई. में प्रकाशित हुआ। वर्ड्सवर्थ के अनुसार "कविता प्रबल भावों का सहज उच्छलन है।"
वर्ड्सवर्थ ने काव्य भाषा के सम्बन्ध में तीन मान्यताएँ प्रस्तुत की।
(1) काव्य में ग्रामीणों की दैनिक बोलचाल की भाषा का प्रयोग होना चाहिए।
(2) काव्य और गद्य की भाषा में कोई तात्विक भेद नहीं है।
(3) प्राचीन कवियों का भावोद्बोध जितना सहज था। उनकी भाषा उतनी ही सरल थी। भाषा में कृत्रिमता और आडम्बर बाद के कवियों की देन है।

23. "कहानी इतिवृत्त ही तो है। यानी उसमें स्थिति से स्थित्यंतर, अर्थात् जीवन गति होनी चाहिए। काल का कुछ स्पन्दन, कुछ तनाव अनुभव हो, वही तो कहानी का रस है।"

कहानी के विषय में उपर्युक्त विचार किस लेखक के है?

Correct Answer: (a) जैनेन्द्र कुमार
Solution:

कहानी के विषय में उपर्युक्त विचार (कहानी इतिवृत्त --- का रस है) लेखक जैनेन्द्र कुमार के हैं। निम्नलिखित लेखकों की रचनाएं इस प्रकार हैं-

लेखकरचनाएँ
जैनेन्द्र कुमार-फाँसी, वातायन, दो चिड़िया, पाजेब आदि।
राजेन्द्र यादव-देवताओं की मूर्तियाँ, खेल खिलौने, जहाँ लक्ष्मी कैद है, अभिमन्यु की आत्महत्या, छोटे-छोटे ताजमहल आदि।
यशपाल-पिंजरे की उड़ान, ज्ञानदान, अभिसप्त, तर्क का तूफान, वो दुनिया, फूलों का कुर्ता आदि।
इलाचन्द्र जोशी-धूप रेखा, दीवाली और होली, आहुति, खण्डहर की आत्माएँ आदि।

24. महावीर प्रसाद द्विवेदी की निम्नलिखित रचनाओं में से आलोचना विधा की रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?

Correct Answer: (d) 'कालिदास की निरंकुशता', 'कालिदास और उनकी कविता'
Solution:

द्विवेदी युग के प्रवर्तक महावीर प्रसाद द्विवेदी की आलोचना विधा की रचनाएँ- कालिदास की निरंकुशता, कालिदास और उनकी कविता है। इन्होंने सरस्वती पत्रिका (1908) में 'कवियों की उर्मिला विषयक उदासीनता' नामक लेख लिखा। द्विवेदी जी ने 1903 ई. से 1920 ई. तक सरस्वती पत्रिका का सम्पादन किया था।

25. अभिनवगुप्त के अनुसार

(A) मानव मन में वासना रूप में स्थित स्थायीभाव का साधारणीकरण होता है।
(B) साधारणीकरण के लिए भोजकत्व व्यापार अनिवार्य है।
(C) साधारणीकरण की अवस्था में प्रेक्षक स्व-पर के बंधन से छूट जाता है।
(D) साधारणीकरण की अवस्था में प्रेक्षक को लौकिक सम्बन्धों का बोध रहता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c) (A) और (C)
Solution:अभिनवगुप्त के अनुसार साधारणीकरण के संबंध में सही कथन हैं-
• मानव मन में वासना रूप में स्थित स्थायीभाव का साधारणीकरण होता है।
• साधारणीकरण की अवस्था में प्रेक्षक स्व-पर के बंधन से छूट जाता है।
अभिनवगुप्त का समय 10वीं सदी का उत्तरार्द्ध (कश्मीर में) स्वीकार किया जाता है। इन्होंने व्याकरण शास्त्र, ध्वनिशास्त्र, नाट्यशास्त्र का अध्ययन क्रमशः नरसिंह गुप्त, भट्ट इन्द्रराज और भट्टतौत को गुरू मानकर किया। अभिनव गुप्त ने 'तन्त्रालोक' नामक श्रेष्ठ दार्शनिक कृति की रचना की।

26. निम्नलिखित रचनाओं को उनके प्रकाशन काल से सुमेलित कीजिए:

सूची-I (रचनाएँ)सूची-II (प्रकाशन काल)
(A) मोहन राकेश की डायरी(i) 2000 ई.
(B) डायरी के कुछ पन्ने(ii) 1958 ई.
(C) मेरी कॉलेज डायरी(iii) 1972 ई.
(D) एक कार्यकर्ता की डायरी(iv) 1985 ई.
(v) 1940 ई.

निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (c) (A)-(iv); (B)-(v); (C)-(ii); (D)-(iii)
Solution:निम्नलिखित रचनाओं का सही सुमेलन इस प्रकार होगा-
रचनाएँप्रकाशनकालरचनाकार
मोहन राकेश की डायरी- 1985 ई.मोहन राकेश
डायरी के कुछ पन्ने- 1940 ई.घनश्याम दास बिड़ला
मेरी कॉलेज डायरी- 1954 ई.धीरेन्द्र वर्मा
एक कार्यकर्ता की डायरी- 1972ई. (दो भाग)सीताराम केसरिया

नोट - आयोग ने 'मेरी कॉलेज डायरी' का प्रकाशन वर्ष 1958 ई. माना है, जबकि रामचन्द्र तिवारी के अनुसार इसका प्रकाशन वर्ष 1954 ई. है।

27. "जन्मना कवि, प्रकृत्या घुमक्कड़ और विचारतः मूलतः मार्क्सवादी। कविता के लिए कोई भी विषय हो सकता है-x x x । घुमक्कड़ ऐसे कि कभी यहाँ, कभी वहाँ । मूलतः मार्क्सवादी किन्तु वे उसके बाहर भी झाँक लेते हैं।"

बच्चन सिंह का उपयुक्त कथन किस कवि के विषय में है?

Correct Answer: (d) नागार्जुन
Solution:बच्चन सिंह का उपर्युक्त कथन कवि 'नागार्जुन' के विषय में है। नागार्जुन का वास्तविक नाम 'वैद्यनाथ मिश्र' था। इनके व्यक्तित्व पर राहुल सांकृत्यायन और निराला का अमिट प्रभाव पड़ा था। ये मैथिली में 'यात्री' उपनाम से लिखते थे। इनके रचित उपन्यास-रतिनाथ की चाची (1948 ई.), बलचनमा (1952 ई.), नयी पौध (1953 ई.), बाबा बटेसरनाथ (1954 ई.) दुःखमोचन (1957 ई.), बरुणा के बेटे (1957 ई.), उग्रतारा (1963 ई.) आदि हैं।

28. "क्या स्त्री होना कोई पाप है?"

उपर्युक्त संवाद किस कहानी से सम्बद्ध है?

Correct Answer: (b) आकाशदीप
Solution:

"क्या स्त्री होना कोई पाप है?” उपर्युक्त संवाद जयशंकर 'प्रसाद' रचित आकाशदीप कहानी का है जिसके पात्र चम्पा, बुधगुप्त, जया, वणिक, मणिभद्र हैं। जयशंकर प्रसाद जी की कहानियाँ- ग्राम (1910 ई.), छाया (1912 ई.), प्रतिध्वनि (1926 ई.), आकाशदीप (1929 ई.), आँधी (1931 ई.) इन्द्रजाल (1936 ई.)।
• प्रसाद जी के नाटक सज्जन (1910 ई.) कल्याणी परिणय (1912 ई.) करुणालय (1913 ई.) प्रायश्चित (1914 ई.) राज्यश्री (1915 ई.) विशाख (1921 ई.) अजातशत्रु (1922 ई.) जनमेजय का नागयज्ञ (1926 ई.)।

29. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रवासी लेखक मॉरीशस का नहीं है?

Correct Answer: (d) महातम सिंह
Solution:प्रवासी लेखक महातम सिंह मॉरीशस से नहीं सूरीनाम से सम्बन्धित हैं। मॉरीशस के प्रमुख लेखक- महेशराम जियावन, अभिमन्यु अनत, रामदेव धुरंधर, इन्द्रदेव भोला, इन्द्रनाथ, मुनीश्वरलाल आदि हैं।
अभिमन्यु अनत को मॉरीशस का प्रेमचंद कहा जाता है।
इनके प्रमुख उपन्यास- और नदी बहती रही (1970 ई.), आन्दोलन (1971 ई.), एक बीघा प्यार (1972 ई.), जग गया सूरज (1973 ई.), तपती दोपहरी (1977 ई.), लाल पसीना (1977 ई.) कुहासे का दायरा (1978 ई.) लपटों की बेटी (1995 ई.) आदि है।

30. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना अग्रदास की नहीं है?

Correct Answer: (d) रूप मंजरी
Solution:

रूपमंजरी 'अग्रदास' की रचना नहीं है, बल्कि रूपमंजरी 'नन्ददास' की रचना है। नन्ददास की कृतियाँ- रासपंचाध्यायी, सिद्धान्त पंचाध्यायी, मानमंजरी, बिरहमंजरी, अनेकार्थमंजरी, दानलीला, मानलीला, ज्ञान मंजरी, श्याम सगाई, भँवरगीत, सुदामाचरित, रसमंजरी आदि हैं। इनके विषय में यह उक्ति प्रसिद्ध है- 'और कवि गढ़िया, नंददास जड़िया' जबकि ध्यानमंजरी, कुंडलियाँ, रामध्यान मंजरी, अग्रदास की रचना है।