Solution:"हिंसानल से शांत नहीं होता हिंसानल" उपर्युक्त ध्येय वाक्य उन्मुक्त काव्य रचना से अवतरित है, जो सियारामशरण गुप्त द्वारा रचित है। इनकी अन्य रचनाएँ - मौर्य विजय, अनाथ, दुर्बादल, विषाद, आत्मोसर्ग, पाथेय, बापू, दैनिकी आदि है।
• रामधारी सिंह 'दिनकर' को 'ओज और पौरुष' का कवि कहा जाता है। इनको 'अधैर्य का कवि' तथा 'डिप्टी राष्ट्रकवि' भी कहते हैं।
इनकी प्रमुख कृतियाँ- प्रणभंग, रेणुका, हुंकार, सामधेनी, कुरुक्षेत्र, उर्वशी, मिट्टी की ओर, अर्द्धनारीश्वर, रेती के फूल, संस्कृति के चार अध्याय आदि हैं।
• मैथिलीशरण गुप्त को 'हरिगीतिका छंद के बादशाह' नाम से जाना जाता है।
इनकी प्रमुख कृतियाँ हैं रंग में भंग, भारत भारती, साकेत, यशोधरा, जयद्रथ वध, झंकार, अनघ, जयभारत, विष्णुप्रिया।
• जयशंकर प्रसाद 'झारखंडी' उपनाम से प्रसिद्ध हैं।
इनकी प्रमुख कृतियाँ हैं- प्रेमपथिक, कानन कुसुम, प्रथम प्रभात, महाराणा का महत्व आदि।