यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा जून-2019 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

71. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम क्या है?

Correct Answer: (d) नाट्यशास्त्र, काव्यालंकार, ध्वन्यालोक, साहित्य दर्पण
Solution:
रचनारचनाकार
नाट्यशास्त्रआचार्य भरतमुनि
काव्यालंकारआचार्य भामह
ध्वन्यालोकआनन्दवर्धन
साहित्य दर्पणविश्वनाथ

72. "इस समय तो भारतीय पुरुष जैसे अपने मनोरंजन के लिए रंग-बिरंगे पक्षी पाल लेता है, उपयोग के लिए गाय और घोड़ा पाल लेता है, उसी प्रकार वह एक स्त्री को पालता है तथा पालित पशु-पक्षियों के समान ही वह उसके शरीर और मन पर अधिकार समझता है।"

उपर्युक्त कथन किसका है?

Correct Answer: (a) महादेवी वर्मा
Solution:

उपर्युक्त कथन महादेवी वर्मा का है। महादेवी वर्मा (जन्म-1907 ई.) को 'आधुनिक युग की मीरा' एवं हिन्दी के विशाल मन्दिर की 'वीणा पाणि' कहा जाता है। महादेवी वर्मा को बौद्ध दर्शन से प्रभावित रहस्यवादी कवयित्री के रूप में स्वीकार किया जाता है। इनका सर्वाधिक प्रिय प्रतीक दीपक और बादल हैं।
रेखाचित्र - अतीत के चलचित्र (1941 ई.), स्मृति की रेखाएँ (1943 ई.), मेरा परिवार (1972ई.)। संस्मरण - पथ के साथी (1956 ई.)
कविता संग्रह - नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत, यामा।

73. निम्नलिखित में से कौन-सी रचनाएँ केशवदास की हैं

(A) रसिक प्रिया
(B) अनुप्रास विनोद
(C) विज्ञान गीता
(D) रस सागर
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए:

Correct Answer: (a) (A) और (C)
Solution:

रसिक प्रिया और विज्ञान गीता 'केशवदास' की रचनाएँ हैं। केशवदास जी की अन्य रचनाएँ हैं- कवि प्रिया, रामचन्द्रिका, रतनबावनी, जहाँगीर जस चन्द्रिका, वीरसिंह देव चरित ।
अलंकारवादी रामभक्त कवि केशवदास को 'कठिन काव्य का प्रेत कहा जाता है। शुक्ल जी ने केशव जी के विषय में कहा है कि "प्रबन्ध रचना के योग्य न तो केशव में शक्ति थी और न अनभूति" "केशव केवल उक्ति वैचित्र्य एवं शब्द क्रीड़ा के कवि थे।"

74. नामवर सिंह ने "संस्कृति और सौंदर्य' निबन्ध में हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित 'अशोक के फूल' की रचना का उद्देश्य निम्नलिखित में से किसे माना है?

Correct Answer: (c) आर्य संस्कृति की शुद्धता के अहंकार पर चोट
Solution:नामवर सिंह ने 'संस्कृति और सौंदर्य 'निबन्ध में हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित 'अशोक के फूल' की रचना का उद्देश्य 'आर्य संस्कृति की शुद्धता के अलंकार पर चोट' को माना है।
नामवर सिंह जी के प्रमुख निबंध- बकलम खुद (1951), वाद विवाद संवाद (1989 ई.)। हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रमुख निबन्ध- अशोक के फूल (1948 ई.), कल्पलता (1951), मध्यकालीन धर्मसाधना (1952), विचार और विर्तक (1957), विचार प्रवाह (1959), कुटज (1964), साहित्य सहचर (1965), आलोक पर्व (1972), शिरीष के फूल, भारतीय संस्कृति की देन, काव्य कला, कविता का भविष्य नई समस्याएँ, आम फिर बौरा गए, बसन्त आ गया, अवतारवाद।

75. जन्म-काल के अनुसार निम्नलिखित रचनाकारों का सही अनुक्रम क्या है?

Correct Answer: (a) केशवदास, बिहारी, मतिराम, घनानंद
Solution:
रचनाकारजन्म-काल
केशवदास-1555
बिहारी-1595
मतिराम-1617
घनानंद-1689

76. यशपाल के उपन्यास 'झूठा सच' में दौलतराम आजाद किस राजनीतिक दल का सदस्य था?

Correct Answer: (b) कम्युनिस्ट पार्टी
Solution:

यशपाल के उपन्यास 'झूठा सच' में दौलतराम आजाद कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य थे। प्रगतिवादी या मार्क्सवादी विचारधारा के उपन्यासकारों में प्रथमतः यशपाल का नाम आता है।
प्रमुख उपन्यास- दादा कामरेड (1941), देशद्रोही (1943), दिव्या (1945 ई.), पार्टी कामरेड (1946), मनुष्य के रूप (1949 ई.), अमिता (1956 ई.), झूठा सच (1958), बारह घण्टे (1962), अप्सरा का श्राप (1965), मेरी तेरी उसकी बात (1974 ई.)।

77. रामचन्द्र शुक्ल ने रहस्यवाद के मूल अर्थ में किस छायावादी कवि को सर्वाधिक प्रमुख माना है?

Correct Answer: (d) महादेवी वर्मा
Solution:

रामचन्द्र शुक्ल ने रहस्यवाद के मूल अर्थ में 'महादेवी वर्मा' को छायावादी कवियों में सर्वाधिक प्रमुख माना है। इन्हें 'आधुनिक युग की मीरा' भी कहा जाता है।
हिन्दी में छायावाद के प्रथम प्रयोक्ता मुकुटधर पाण्डेय को मानते हैं।
छायावाद के 4 स्तम्भ - जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानन्दन पंत, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला', महादेवी वर्मा।

78. निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को उनके रचनाकारों से सुमेलित कीजिए:

सूची-I (काव्य पंक्तियाँ)सूची-II (रचनाकार)
(A) मैं बकता नहीं हूँ कविताएँ / ईजाद करता हूँ गाली(i) धूमिल
(B) इस वक्त जबकि कान नहीं सुनते हैं कविताएँ / कविता पेट से सुनी जाती है(ii) श्रीकान्त वर्मा
(C) आज फिर शुरु हुआ जीवन, आज मैंने एक छोटी-सी सरल सी कविता पढ़ी(iii) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
(D) मैं नया कवि हूँ / इसी से जानता हूँ सत्य की चोट बहुत गहरी होती है(iv) रघुवीर सहाय
(v) शमशेर बहादुर सिंह

निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (c) (A)-(ii); (B)-(i); (C)-(iv); (D)-(iii)
Solution:निम्नलिखित काव्य पंक्तियों तथा उनके रचनाकारों का सही सुमेलन इस प्रकार हैं-
काव्य पंक्तियाँरचनाकार
1. मैं बकता नहीं हूँ कविताएँ / ईजाद करता हूँ गालीश्रीकान्त वर्मा
2. इस वक्त जबकि कान नहीं सुनते हैं कविताएँ / कविता पेट से सुनी जाती हैधूमिल
3. आज फिर शुरू हुआ जीवन, आज मैंने एक छोटी-सी सरल सी कविता पढ़ीरघुवीर सहाय
4. मैं नया कवि हूँ / इसी से जानता हूँ सत्य की चोट बहुत गहरी होती हैसर्वेश्वर दयाल सक्सेना

79. प्रकाशन काल की दृष्टि से सुरेन्द्र वर्मा के नाटकों का सही अनुक्रम क्या है?

Correct Answer: (c) द्रौपदी, आठवाँ सर्ग, शकुन्तला की अँगूठी, रति का कंगन
Solution:

प्रकाशनकाल की दृष्टि से सुरेन्द्र वर्मा के नाटकों का सही क्रम है द्रौपदी (1972 ई.), आठवाँ सर्ग (1976 ई.), शकुन्तला की अँगूठी (1990 ई.), रति का कंगन (2011 ई.)। इनके अन्य नाटक- सेतुबंध (1972 ई.), नायक खलनायक विदूषक (1972 ई.), सूर्य की अंतिम किरण से सूर्य की पहली किरण तक (1975 ई.), छोटे सैय्यद बड़े सैय्यद (1982 ई.), एक दूनी एक (1987 ई.), कैद -ए-हयात (1993 ई.)।

80. हिन्दी पर सामासिक संस्कृति के वहन का दायित्व संविधान के किस अनुच्छेद में निर्धारित है?

Correct Answer: (d) 351
Solution:

अनुच्छेद 351 में हिंदी भाषा के विकास के लिए निर्देश है। हिन्दी पर सामासिक संस्कृति के वहन का दायित्व संविधान के 351 अनुच्छेद में निर्धारित है।
अनुच्छेद- 343 संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी ।
अनुच्छेद - 348 उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय आदि में प्रयोग की जाने वाली भाषा ।
अनुच्छेद- 349 भाषा संबंधित कुछ विधियाँ अधिनियमित करने की विशेष प्रक्रिया।