यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा जून-2019 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

81. गाँधीवाद के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

Correct Answer: (c) इसमें विचार स्वातंत्र्य का अभाव है।
Solution:गांधीवाद के संदर्भ में 'इसमें विचार स्वातंत्र्य का अभाव है' कथन सही नहीं है। अन्य विकल्प गाँधीवाद के संदर्भ में सही हैं। गांधीवाद के संदर्भ में निम्नलिखित कथन सत्य हैं।
(i) इसके पीछे मार्क्सवाद के समान व्यवस्थित शास्त्रीय अध्ययन नहीं है।
(ii) इसका आधार तर्क नहीं सहानुभूति है।
(iii) इनके विचारों का स्रोत दैनिक साधना है।
गांधीवाद महात्मा गांधी के नाम से जाना जाता है इनके आदर्शों, विश्वासों एवं दर्शन से उद्भूत विचारों के संग्रह को गाँधीवाद कहा जाता है। गाँधी जी स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेताओं में से थे।

82. 'बालि का सपूत कपिकुल पुरहूत,

रघुवीर जू को दूत धरि रूप विकराल को।'
उपर्युक्त काव्य-पंक्तियाँ किस रचनाकार की है?

Correct Answer: (c) सेनापति
Solution:प्रश्नोक्त पंक्तियाँ रीतिकालीन रामकथा के कवि सेनापति की हैं। शेष का विवरण इस प्रकार है-
कविपंक्तियाँ
केशवदास"जदपि सुजाति सुलच्छनी, सुबरन सरस सुवृत्त। भूषण बिनु न बिराजई कविता बनिता मित्त।।"
तुलसीदास

"गोरख जगायो जोग, भगति भगायो लोग।"
"अबलौ नसानी अब न नसैहों"
"केसव! कहि न जाइ का कहिये।"

सेनापति

'बालि का सपूत कपिकुल पुरहुत,
रघुवीर जू को दूत धरि रूप विकराल को।।'
'वृष को तरनि तेज सहसौ करनि तपै,'
'दरि जदुराई सेनापति सुखदाई देखौ,'

मतिराम

कोऊ कितैक उपाय करो, कहूँ होत है आपुने पीव पराये।।
'कुंदन को रंग फीकौ लगै झलकै अति अंगन चारू गुराई'
'केलि कै राति अघाने नहीं दिन ही में लला पुनि घात लगाई।'

83. 'कलिकौतुक' के रचयिता कौन हैं?

Correct Answer: (b) प्रतापनारायण मिश्र
Solution:

'कलिकौतुक' के रचयिता प्रतापनारायण मिश्र हैं। इनकी अन्य रचनाएँ- प्रेम पुष्पावली, मन की लहर, लोकोक्तिशतक, तृप्यन्ताम, श्रृंगार विलास, हर गंगा।
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी की महत्वपूर्ण रचनाएँ- भक्ति सर्वस्व, प्रेम मालिका, कार्तिक स्नान, प्रेम सरोवर, प्रेम माधुरी, प्रेमतरंग, प्रेम प्रलाप, राग संग्रह, फूलों का गुच्छा, बकरी-विलाप, विजयिनी विजय वैजयंती, नये जमाने की मुकरी, बंदरसभा, वसन्त, होली, विजय वल्लरी, जातीय संगीत ।

84. "बचन सिंह सिहर-सा गया और उसके हाथों की अभ्यस्त निठुराई को जैसे किसी मानवीय कोमलता ने धीरे-से छू लिया।"

उपर्युक्त कथन किस कहानी का है?

Correct Answer: (c) राजा निरबंसिया
Solution:"बचन सिंह सिहर-सा गया और उसके हाथों की अभ्यस्त निठुराई को जैसे किसी मानवीय कोमलता ने धीरे से छू लिया" उपर्युक्त कथन राजा निरबंसिया कमलेश्वर द्वारा लिखित कहानी का है।
कमलेश्वर जी की महत्त्वपूर्ण कहानियाँ राजा निरबंसिया (1957 ई.), कस्बे का आदमी (1958 ई.), खोई हुई दिशाएँ (1963 ई.), माँस का दरिया (1966 ई.), बयान (1973 ई.), आजादी मुबारक (2002) ई.)।
कृष्णा सोबती की महत्त्वपूर्ण कहानियाँ सिक्का बदल गया, बादलों के घेरे ।
चंद्रधर शर्मा गुलेरी की महत्त्वपूर्ण कहानियाँ उसने कहा था, (1915 ई.), बुद्ध का काँटा (1914 ई.), सुखमय जीवन (1911 ई.)।
भीष्म साहनी जी की महत्वपूर्ण रचना अमृतसर आ गया, भाग्य रेखा (1953 ई.), पहला पाठ (1957 ई.), भटकती राख (1966 ई.), पटरिया (1973 ई.), वाडचू (1978 ई.)।

85. भीष्म साहनी के नाटकों की कौन-सी विशेषताएँ हैं?

(A) भारतीय नारी की पीड़ा का प्रभावी प्रस्तुतीकरण
(B) भारतीय संस्कृति की पुनरुत्थानवादी अभिव्यक्ति
(C) मध्यकालीन धर्मान्धता, अनाचार तथा तानाशाही की सामयिक संगति
(D) साम्प्रदायिक एकता और राष्ट्रीय अखण्डता की अभिव्यक्ति
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (b) (A) और (C)
Solution:भीष्म साहनी के नाटकों की विशेषताएँ हैं-
(i) भारतीय नारी की पीड़ा का प्रभावी प्रस्तुतीकरण (ii) मध्यकालीन धर्मान्धता, अनाचार तथा तानाशाही की सामयिक संगति ।
भीष्म साहनी के प्रमुख नाटक - हानूश (1977), कबिरा खड़ा बाजार में (1981), माधवी (1985), मुआवजे (1993), रंग दे बसन्ती चोला (1998), आलमगीर (1999)।

86. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'प्रिय प्रवास' की निम्नलिखित में से किस विशेषता का उल्लेख नहीं किया है?

Correct Answer: (b) इसकी कथावस्तु एक अच्छे प्रबन्ध के लिए पर्याप्त है।
Solution:

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'प्रिय प्रवास' की विशेषता में 'इसकी कथावस्तु एक अच्छे प्रबन्ध के लिए पर्याप्त है' का उल्लेख नहीं किया है। अन्य विकल्प आचार्य शुक्ल द्वारा प्रियप्रवास के सम्बन्ध में बतायी गयी विशेषता है। 'प्रियप्रवास' हरिऔध जी का हिन्दी खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य है। अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की महत्वपूर्ण रचनायें हैं- रसिक रहस्य (1899), प्रेम प्रपंच (1900), चोखे चौपदे (1932), चुभते चौपदे (1924), प्रिय प्रवास (1914), पद्म प्रसून (1925), रस कलस (1931), फूल पत्ते (1935), कल्पलता (1937), मर्म स्पर्श (1956)।

87. निम्नलिखित में से क्या 'तमस' उपन्यास में साम्प्रदायिक भावना के निर्माण में सहायक नहीं है?

Correct Answer: (b) विभिन्न सम्प्रदायों का एक स्थान पर वास
Solution:विभिन्न सम्प्रदायों का एक स्थान पर वास 'तमस' उपन्यास में साम्प्रदायिक भावना के निर्माण में सहायक नहीं है। तमस उपन्यास में साम्प्रदायिक भावना के निर्माण में सहायक तत्त्व (1) साम्प्रदायिक पूर्वाग्रह (2) वर्गीय पूर्वाग्रह (3) अतीत की गौरव गाथाएं हैं।
भीष्म साहनी के प्रमुख उपन्यास झरोखा (1967 ई.), कड़ियाँ (1970 ई.), तमस (1973 ई.), बसन्ती (1980 ई.), मैय्यादास की माड़ी (1988 ई.), कुन्तो (1993 ई.), नीलू नीलिमा नीलोफर (2000)

88. निम्नलिखित में से कौन-सी रचनाएँ पुष्पदंत द्वारा रचित नहीं हैं?

(A) आदिपुराण
(B) योगसार
(C) जसहर चरि
(D) उत्तर पुराण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (e) (*)
Solution:प्रश्नानुसार आदिपुराण, जसहर चरिड, तथा उत्तर पुराण 'पुष्पदंत' की रचनाएँ हैं जबकि योगसार 'जोइन्दु की रचना है। नोट- उचित विकल्प न होने के कारण UGC ने इस प्रश्न को ( माना है।

89. "निराला जी पर बंग भाषा की काव्यशैली का प्रभाव, समास में गुम्फित पदवल्लरी, क्रियापद के लोप आदि में स्पष्ट झलकता है। लाक्षणिक वैलक्षण्य लाने की प्रवृत्ति इनमें उतनी नहीं पाई जाती जितनी प्रसाद और पंत में। "

उपर्युक्त कथन किसका है?

Correct Answer: (b) रामचन्द्र शुक्ल
Solution:

"निराला जी पर बंग भाषा की काव्यशैली का प्रभाव समास में गुम्फित पदवल्लरी, क्रियापद के लोप आदि में स्पष्ट झलकता है। लाक्षणिक वैलक्षण्य लाने की प्रवृत्ति इनमें उतनी नहीं पाई जाती जितनी प्रसाद और पंत में।” उपर्युक्त कथन रामचन्द्र शुक्ल जी का है। शुक्लजी ने निराला के सम्बन्ध में अन्यत्र कहा है- “बहुवस्तुस्पर्शिनी प्रतिभा निराला जी में है।" निराला ओज, औदात्य और विद्रोह के कवि हैं।

90. निर्देशः प्रश्न में दो कथन दिए गए हैं। इनमे से एक स्थापना है। और दूसरा तर्क है। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए:

स्थापना : कविता केवल वस्तुओं के ही रंग रूप में सौन्दर्य की छटा नहीं दिखाती, प्रत्युत कर्म और मनोवृत्ति के सौन्दर्य के भी अत्यन्त मार्मिक दृश्य सामने लाती है।
तर्क  : वह विकसित कमल के सौन्दर्य का चित्रण जो करती है पर शव नोचते कुत्तों के वीभत्स व्यापार की झलक नहीं दिखाती क्योंकि वीभत्स व्यापार का चित्रण शास्त्रानुमोदित नहीं है। विकल्पः

Correct Answer: (a) (A) सही (R) गलत
Solution:कविता केवल वस्तुओं के ही रंग रूप में सौन्दर्य की छटा नहीं दिखाती, प्रत्युत, कर्म और मनोवृत्ति के सौन्दर्य के भी अत्यन्त मार्मिक दृश्य सामने लाती है। क्योंकि कविता का विस्तृत स्वरूप मन में परिलक्षित विचारों के कारण ही होता है मन में कल्पना का संचार जितना अधिक होगा कविता का रूप उतना ही हृदय को आकर्षित करने वाला होगा।