यू.जी.सी. एनटीए नेट परीक्षा दिसम्बर 2019 वाणिज्य

Total Questions: 100

31. नीचे वे घटनाक्रम दिए गए हैं जो सामान्यतया एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी के कार्यकाल में घटित होते हैं?

(A) शेयरों का सार्वजनिक निर्गम (आई.पी.ओ.)
(B) फर्म का निगमीकरण
(C) प्रारम्भिक व्यय
(D) कंपनी के प्रवर्तकों को इक्किटी शेयरों का निर्गमन
नीचे दिए गए विकल्पों में से घटनाओं के सही अनुक्रम (कालक्रम के अनुसार) का चुनाव करें:

Correct Answer: (d) (C)→ (B)→ (D) →(A)
Solution:

32. टीडीएस प्रमाणपत्र के बारे में निम्नलिखित में से कौनसे दो सही है?

(A) गैर-वेतन भुगतान पर टीडीएस फार्म 16
(B) वेतन भुगतान पवर टीडीएस फार्म 16 A
(C) संपत्ति विक्रय पर टीडीएस फार्म 16 B
(D) किराए पर टीडीएस फार्म 16 C
सही विकल्प चुनेंः

Correct Answer: (b) (C) और (D)
Solution:

टीडीएस (TDS) प्रमाणपत्र के बारे में सही 2 कथन इस प्रकार है -
(c) सम्पत्ति विक्रय पर टीडीएस फार्म - 16 B
(d) किराए पर टीडीएस फार्म - 16 C
जबकि -
(a) गैर- वेतन भुगतान पर टीडीएस फार्म -16 A
(b) वेतन भुगतान पर टीडीएस फार्म - 16
Note - फार्म 16 - फार्म 16 एक टीडीएस प्रमाणपत्र है, जो आपके वेतन से नियोक्ता कम्पनी द्वारा की गई कटौती को दर्शाता है। जबकि-
फार्म 16 A- फार्म 16 A वेतन के अलावा अन्य आय पर लागू टीडीएस का प्रमाणपत्र होता है। फार्म 16 B - फार्म 16B सम्पत्ति की बिक्री पर काटे गए टैक्स का टीडीएस प्रमाणपत्र है और यह दर्शाता है कि खरीददार द्वारा सम्पत्ति पर काटी गई TDS राशि आयकर विभाग में जमा करा दी गई है। खरीददार को प्रापर्टी खरीदने के लिए दी जाने वाली राशि से 1% TDS काट कर देना पड़ता है। खरीददार को बाद में यह राशि आयकर विभाग में जमा करके बेचने वाले को फार्म 16 B देना होता है। फार्म 16 B एक प्रमाणपत्र है कि सम्पत्ति की बिक्री पर TDS काटकर सरकार के पास जमा किया गया है।

33. परिकल्पना परीक्षण के लिए परीक्षणों को उनकी प्रयोज्यता के उपयुक्त स्थितियों के साथ सुमेलित करें:

परीक्षणस्थिति
A. जेड परीक्षण(i) दो से अधिक प्रतिदर्श समूहों के औसत मूल्य में अंतर की तुलना करना (प्राचलिक डाटा)
B. ए नोवा(ii) दो वृहद आकार के प्रतिदर्श समूहों के औसतों के बीच के अंतरों का परीक्षण करना
C. काई स्कायर परीक्षण(iii) दो से अधिक प्रतिदर्श समूहों के औसत मूल्यों में अंतरों की तुलना करना (गैर-प्राचलिक डाटा)
D. स्कल वेलिस परीक्षण(iv) दो गुणों के बीच के साहचर्य की सार्थकता का परीक्षण

सही विकल्प चुनेंः

Correct Answer: (b) (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii)
Solution:

परिकल्पना परीक्षण के लिए परीक्षणों को उनकी प्रयोज्यता के उपयुक्त स्थितियों के साथ सही सुमेल इस प्रकार है-

परिकल्पना परीक्षणपरीक्षणों की प्रवृत्तियाँ
A. ज़ेड- परीक्षण(ii) दो वृहद् आकार के प्रतिदर्श समूहों के औसतों के बीच के अन्तरों का परीक्षण करना
B. एनोवा टेस्ट(i) दो से अधिक प्रतिदर्श समूहो के औसत मूल्य में अंतर की तुलना करना (प्राचलिक डाटा)
C. काई-स्क्वायर परीक्षण(iv) दो गुणों के बीच के साहचर्य की सार्थकता का परीक्षण
D. क्रसकल वेल्स परीक्षण(iii) दो से अधिक प्रतिदर्श समूहो के औसत मूल्यों में अंतरो की तुलना करना (गैरप्राचालिक डाटा)

34. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही है?

(A) चुकौती अवधि पद्धति में किसी परियोजना के सभी नकदी प्रवाह को गणना में लिया जाता है
(B) चुकौती अवधि पद्धति लाभप्रदता की अपेक्षा लागत की रिकवरी से अधिक सरोकार रखती है
(C) निवल वर्तमान मूल्य शेयर धारक की संपत्ति में निवल वृद्धि को दर्शाता है
(D) प्रतिफल की लेखांकन दर में जोखिम के साथसाथ धन का मियादि मूल्य शामिल होता है
सही विकल्प चुनें :

Correct Answer: (c) (B) और (C)
Solution:

निम्नलिखित कथन सही है-
(B) चुकौती अवधि पद्धति लाभप्रदता की अपेक्षा लागत की रिकवरी से अधिक सरोकार रखती है, क्योंकि जिस परियोजना के लागत की रिकवरी अवधी जितनी कम होती है, वह परियोजना उतनी ही अधिक स्वीकृत करने योग्य होती है।
(C) निवल वर्तमान मूल्य शेयर धारक की सम्पत्ति में निवल वृद्धि को दर्शाता है, ऐसी दशा में जिस परियोजना में शेयर धारक की सम्पत्ति में निवल वृद्धि सर्वाधिक होगी, वही परियोजना स्वीकृत योग्य होती है।

35. विशेष रूप में बड़े व्यावसायिक निगमों के महत्वपूर्ण वैकल्पिक उद्देश्य के रूप में "फर्म की वृद्धि दर का अधिकतमीकरण प्रबंधकीय और वित्तीय बाध्यताओं के अधीन होती है" के सिद्धान्त को प्रस्तुत किया गया है:

Correct Answer: (b) रॉबिन मॉरिस द्वारा
Solution:

विशेष रुप से बड़े व्यावसायिक निगमों के महत्वपूर्ण वैकल्पिक उद्देश्यों के रूप में "फर्म की वृद्धि दर का अधिकतमीकरण प्रबन्धकीय और वित्तीय बाध्यताओ के अधीन होती है" के सिद्धान्त को रॉबिन मॉरिस द्वारा प्रस्तुत किया गया है। मिल्टन फ्रीडमैन को खपत विश्लेषण, मौद्रिक इतिहास और सिद्धान्त के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए और स्थिरीकरण नीति की जटिलता के अपने प्रदर्शन के लिए स्थिरीकरण नीति की जटिलता के अपने प्रदर्शन के लिए आर्थिक विज्ञान, 1976 के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।

36. 14 दिवस मध्यावती टी-बिल को निम्नलिखित में से किसके उन्मूलन के बाद 1996-97 से लागू किया गया था?

Correct Answer: (a) 91 दिवस टी-बिल
Solution:

14 दिवस मध्यावती टी-बिल को 91 दिवस टी-बिल के उन्मूलन के बाद 1996-97 से लागू किया गया था। ट्रेजरी बिल या टी-बिल आमतौर पर बैंकों सहित वित्तीय संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाते है। टी-बिल तीन प्रकार के होते है-
1. 91 दिन ट्रेजरी बिल
ii. 182 दिन ट्रेजरी बिल
iii. 364 दिन ट्रेजरी बिल

37. विपणन में संचार माध्यमों और उसके संचार प्लेटफार्म को सुमेलित करें:

संचार माध्यमसंचार प्लेटफ़ॉर्म
(a) विज्ञापन(i) ब्लॉग्स
(b) सेल्स प्रोमोशन(ii) ब्रोशर और बुकलेट्स
(c) वर्ड ऑफ माउथ(iii) सेल्स मार्केटिंग
(d) व्यक्तिगत विक्रय(iv) प्रतियोगिताएँ

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनेंः

Correct Answer: (b) (A)-(ii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(iii)
Solution:

विपणन में संचार माध्यमों और उनके संचार प्लेटफार्म का सही सुमेल इस प्रकार है-

संचार माध्यमसंचार प्लेटफ़ॉर्म
A. विज्ञापनii. ब्रोशर एवं बुकलेट्स
B. सेल्स प्रोमोशनiv. प्रतियोगिताएँ
C. वर्ड ऑफ माउथi. ब्लॉग्स
D. व्यक्तिगत विक्रयiii. सेल्स मीटिंग्स

38. निम्नलिखित में से चेक के पक्षकार कौन से है?

(A) आहरक
(B) आदाता
(C) ग्राही
(D) धारक
निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (b) केवल (A), (B) और (D)
Solution:

चेक के मुख्यतः तीन पक्षकार होते है-
(i) आहर्ता/आहरक (Drawer) चेक लिखने वाले को आहर्ता कहते है। यह बैंक का ग्राहक होता है, और इसका बैंक में खाता होता है। यह चेक पर हस्ताक्षर करता है।
(ii) आहतीं धारक (Drawee) जिस निर्दिष्ट बैंक पर चेक लिखा जाता है, उसे चेक का भुगतान करने वाला बैंक होता है।
(iii) आदाता (Payee) यह वह व्यक्ति होता है, जिसके पक्ष में चेक लिखा जाता है या पृष्ठांकित किया जाता है। वास्तव में यह चेक का भुगतान पाने वाला व्यक्ति होता है।

39. निम्नलिखित में से किस दृष्टिकोण के अन्तर्गत इक्किटी की लागत को लीवरेज के संरेख में वृद्धिशील माना जाता है, अर्थात लीवरेज के वृद्धिशील उपयोग के साथ औसत पूंजी लागत स्थिर रहती है?

Correct Answer: (a) निवल प्रचालन आय दृष्टिकोण
Solution:

निवल प्रचालन आय दृष्टिकोण के अन्तर्गत इक्विटी की लागत को लीवरेज के सरेख में वृद्धिशील माना जाता है, अर्थात् लीवरेज के वृद्धिशील उपयोग के साथ औसत पूँजी लागत स्थिर रहती है।
इस दृष्टिकोण का प्रतिपादन डेविड ड्यूड के द्वारा किया गया था। इस दृष्टिकोण के अनुसार पूँजी की लागत और कम्पनी के मध्य किसी भी प्रकार का सम्बन्ध नही होता है अर्थात् पूँजी संरचना में परिवर्तन से कम्पनी के मूल्य में किसी प्रकार का परिवर्तन नही होता है। निवल प्रचालन आय दृष्टिकोण इन मान्यताओं पर आधारित है-
(i) ऋण पूँजी की लागत स्थिर रहती है।
(ii) निगम कर का अस्तित्व नही होता है। (
iii) संस्था की कुल पूँजी को समता पूँजी एवं ऋण पूँजी में विभाजित करना महत्वहीन है, क्योंकि विनियोक्ता संस्था की कुल आय का पूँजीकरण करके संस्था का मूल्य ज्ञात करता है। (iv) पूँजी संरचना में ऋण पूँजी के अनुपात में वृद्धि होने अंशधारियों की जोखिम धारणा में परिवर्तन होता है। से
(v) पूँजी की कुल लागत ऋण एवं समता मिश्रण के सभी स्तरों पर एक समान रहती है। इस दृष्टिकोण के अनुसार संस्था का कुल मूल्य शुद्ध परिचालन आय को समग्र पूँजीकरण दर से पूँजीकृत करके ज्ञात किया जाता है।

40. ए डी ई एन नियम, 1953 निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?

Correct Answer: (c) दोहरा कराधान राहत
Solution:

ए डी ई एन नियम, 1953 दोहरा कराधान राहत से सम्बन्धित है। अधिनियम 1922 की धारा 49 A के तहत उपलब्ध शक्तियों के अन्तर्गत भारत सरकार ने आयकर (दोहरा कराधान राहत) या (ADEN - एडेन) नियम, 1953 नामक अधिसूचना मार्च, 1953 में जारी की।