यू.जी.सी. सीबीएसई नेट परीक्षा जून 2019 वाणिज्य

Total Questions: 100

11. निम्नलिखित में से कौन-सी कीमत भेद की पूर्वपेक्षा नहीं है?

Correct Answer: (b) उत्पाद के बहुत सारे निकटस्थ विकल्प हों और उसके विभिन्न प्रकार के उपयोग हों
Solution:

कीमत विभेद एकाधिकार बाजार की विशेषता होती है। एक ही वस्तु को दो या दो से अधिक कीमतों पर बेचे जाने की क्रिया को कीमत विभेद कहा जाता है। कीमत विभेद की स्थिति में-
i. फर्म के पास एकाधिकार शक्ति अवश्य होनी चाहिए।
iii. बाजार पृथक्कृत एवं खण्डीकृत होना चाहिए।
iv. अलग-अलग बाजारों में उत्पाद की कीमत लोच अलग-अलग होनी चाहिए।
जबकि ऐसी स्थिति में जब उत्पाद के बहुत सारे निकटस्थ विकल्प हो और उसके विभिन्न प्रकार के उपयोग हो तो कीमत विभेद संभव नहीं होता है।

12. निम्नलिखित में से किसका उपयोग अन्तर्राष्ट्रीय धन अंतरण के लिए किया जाता है?

Correct Answer: (c) (एस. डब्ल्यू. आई.एफ. टी.)
Solution:

स्त्रिफ्ट (SWIFT) का उपयोग अन्तर्राष्ट्रीय धन अन्तरण के लिए किया जाता है। SWIFT का पूरा रुप Society for Worldwide Interbank Financial Telecommunication होता है। यह बैंकों तथा अन्य संस्थाओं के मध्य वित्तीय संदेश भेजने का त्वरित तथा सबसे सुरक्षित साधन है। इसके माध्यम से वित्तीय संदेश भेजना बहुत सस्ता तथा किफायती होता है।
ग्राहकों का कारोबार, विशेष रुप से धन का अन्तरण करने में बैंक नेट, स्विफ्ट या रिमोट एरिया बिजनेस मैसेज नेटवर्क आदि आधुनिक प्रणालियों का सक्रियता से उपयोग करते है। आरटीजीएस या रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट भारत में सुरक्षित बैंकिंग चैनलों के माध्यम से उपलब्ध सबसे तेज संभव अंतरबैंक पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा है।
इन फंड ट्रांसफर निर्देशों का निपटान निर्देश प्राप्त होने की साथ-साथ होता है। निफ्ट या NEFT अर्थात नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर पैसा ट्रांसफर करने की एक ऐसी प्रणाली है जो एक आस्थगित शुद्ध निपटान के आधार पर चल रही है। इसमें फंड ट्रांसफर लेनदेन का निपटान बैचो में किया जाता है। वर्तमान में NEFT सुविधा सप्ताह के दिनों में 9 बजे से 7 बजे और शनिवार को 9 से 1 बजे तक प्रति घंटे बैचो में चल रही है।

13. सूची - I को सूची - II से सुमेलित कीजिए:

सूची-Iसूची-II
(A) लाभ का जोखिम सिद्धांत(i) शुम्पीटर
(B) लाभ का नवोन्मेषी सिद्धान्त(ii) वाकर
(C) लाभ का किराय सिद्धान्त(iii) हाउले
(D) लाभ का गतिक सिद्धांत(iv) क्लार्क

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (A)-(iii); (B)-(i); (C)-(ii); (D)-(iv)
Solution:
सूची-Iसूची-II
(a) लाभ का जोखिम सिद्धांत(iii) हाउले
(b) लाभ का नवोन्मेषी सिद्धान्(i) शुम्पीटर
(c) लाभ का किराया सिद्धान्त(ii) वाकर
(d) लाभ का गतिक सिद्धांत(iv) क्लार्क

14. उपभोक्ता का कौन-सा कार्यकलापों में सम्मिलित नहीं होता है?

Correct Answer: (d) उत्पादन
Solution:

उपभोक्ता का सर्वविदित व्यवहार उपभोग होता है, जिसके लिए वह उत्पादित वस्तु की प्राप्ति के लिए उसका क्रय एक उचित कीमत पर करता है और उसका अभिविन्यास करता है। जबकि उत्पादन रूपी कार्यकलाप का निष्पादन उत्पादन द्वारा किया जाता है न कि उपभोक्ता द्वारा।

15. सूची-I को सूची- II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I (व्यवसाय फर्म के उद्देश्य)सूची-II (परिकल्पना)
(A) फर्म की वृद्धि दर का अधिकतमकरण(i) बॉमोल परिकल्पना
(B) प्रबंधकीय उपयोगिता प्रकार्य(ii) मैरिस परिकल्पना
(C) संतुष्टिपरक व्यवहार(iii) विलियमसन परिकल्पना
(D) बिक्री अधिकतमकरण(iv) सर्ट - मार्च परिकल्पना

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (A)-(ii); (B)-(iii); (C)-(iv); (D)-(i)
Solution:
 सूची-I (व्यवसाय फर्म का उद्देश्य)सूची-II (परिकल्पना)
(a) फर्म की वृद्धि दर का अधिकतमकरण(ii) मैरिस परिकल्पना
(b) प्रवर्तक उपयोगिता प्रकार्य(iii) विलियम्सन परिकल्पना
(c) सन्तुष्टिपरक व्यवहार(iv) सर्ट-मार्च परिकल्पना
(d) बिक्री अधिकतमकरण(i) बॉमोल परिकल्पना

16. उपर्युक्त कथनों के सन्दर्भ में निम्न में से कौन-सा सही है?

कथन (I) : प्रतिफल के बिना किया गया करार सदैव विधिमान्य होता है।
कथन (II) : सभी संविदाएँ, करार होती हैं परन्तु सभी करार, संविदाएं नहीं होते।

Correct Answer: (c) कथन (I) गलत है और कथन (II) सही है
Solution:

दिया गया कथन (1) कि प्रतिफल के बिना किया गया करार सदैव विधिमान्य होता है, सही नहीं है। प्रतिफल के बिना करार शून्य होता है, सिवाय जबकि वह लिखित तथा रजिस्ट्रीकृत हो या की गई, किसी बात के लिए प्रतिकर देने का वचन हो या परिसीमा विधि द्वारा वर्जित किसी ऋण के संदाय का वचन हो,|
प्रतिफल के बिना किया गया करार शून्य है। उदाहरणार्थ - 'ख' किसी प्रतिफल के बिना ₹1000 देने का 'क' वचन देता है, यह करार शून्य है। जबकि कथन (ii)कि सभी संविदाएं करार होती है परन्तु सभी करार, संविदाएं नहीं होती है, यह कथन सही है। भारतीय संविदा अधि. 1872 के अनुसार संविदा, कानून द्वारा प्रवर्तनीय करार है।
कानून द्वारा प्रवर्तित न किए जा सकने वाले करार संविदाएं नहीं होते। "करार" से अभिप्राय एक-दूसरे के प्रतिफल का ध्यान रखते हुए दिए जाने वाले आश्वासन से होता है, और आश्वासन तब दिया जाता है, जब कोई प्रस्ताव स्वीकारा जाता है। इसका निहितार्थ यह है। कि करार एक स्वीकृत प्रस्ताव है।

17. सूची-I को सूची- II से सुमेलित कीजिए:

सूची-Iसूची-II
(A) निवल आय उपागम(i) इन्वेंटरी प्रबंधन
(B) गॉर्डन मॉडल(ii) पूंजी बजटिंग
(C) आंतरिक प्रतिफल दर(iii) पूंजी संरचना सिद्धांत
(D) पुन: आदेश स्तर(iv) लाभांश सिद्धांत

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) (A)-(iii); (B)-(iv); (C)-(ii); (D)-(i)
Solution:
सूची-Iसूची-II
(a) निवल आय उपागम(iii) पूंजी संरचना सिद्धांत
(b) गॉर्डन मॉडल(ii) पूंजी बजटिंग
(c) आंतरिक प्रतिफल दर(iv) लाभांश सिद्धांत
(d) पुन: आदेश स्तर(i) इन्वेंटरी प्रबंधन

18. वित्तीय स्थिति में परिवर्तन के विवरण में विशिष्ट रूप से______के प्रभाव प्रकटन नहीं किया जाएगा।

Correct Answer: (b) घोषित पूँजी लाभांश
Solution:

वित्तीय स्थिति में परिवर्तन के विवरण में विशिष्ट रुप से घोषित पूँजी लाभांश के प्रभाव का प्रकटन नहीं किया जाता है। स्थिति विवरण व्यवसाय की गतिशीलता स्थिति का चित्र प्रस्तुत करता है। इसमें परिसम्पत्तियों, दायित्वों व पूँजी खाते के शेषों को दिखाया जाता है।

19. किसी संगठन के भीतर समूह भावना, सौहार्द और एकता को बढ़ावा देना किसका सिद्धान्त है?

Correct Answer: (c) स्प्रिंट डी कॉर्स
Solution:

किसी संगठन के भीतर समूह भावना, सौहार्द्र और एकता को बढ़ावा देने सम्बन्धी सिद्धांत स्प्रिंट डी कार्स कहलाता है। इसे समता के सिद्धान्त के नाम से भी जाना जाता है। प्रबन्ध सिद्धान्त के जनक हेनरी योल द्वारा प्रतिपादित 14 सिद्धान्तों में यह सिद्धान्त शामिल है। कर्मचारियों के बीच सहयोग और समन्वय की भावना विकसित हो, यह किसी भी संगठन के लिए अति आवश्यक है।
प्रबन्धन के लिए आवश्यक है कि वह कर्मचारियों को विभाजित न होने दे तथा मौखिक संचार के माध्यम से संगठन में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण विकसित करे जिससे कर्मियों के बीच मित्रतापूर्ण संबंध स्थापित हो तथा संयुक्त समझौते से सामान्य हितों को पूरा करने में सहायता मिलें।

20. निम्नलिखित सूचना में गृह सम्पत्ति का सकल वार्षिक मूल्य क्या है?

विवरणराशि
नगरपालिका का मूल्य₹ 4,50,000
न्यायोचित किराया मूल्य₹ 5,00,000
मानक किराया₹ 4,80,000
वास्तविक किराया₹ 4,20,000

मकान का सकल वार्षिक मूल्य क्या है?

Correct Answer: (a) ₹4,80,000
Solution:

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 23 (वार्षिक मूल्य) के तहत (a) और (b) को ध्यान में रखते हुए सकल वार्षिक मूल्य की गणना इस प्रकार की जाती है-
I. स्वयं के रहने के लिए मकान सम्पत्ति की दर में-
करदाता द्वारा स्वयं के रहने के लिए प्रयुक्त गृह सम्पत्ति का सकल वार्षिक मूल्य निम्न से जो अधिकतम है, वह राशि होगी-
I- नगरपालिका मूल्य
II- मकान सम्पत्ति का जीवित किराया
Note- यदि मकान सम्पत्ति किराया न्यूनतम अधिनियम के अनुसार आती है, तो ऐसी मकान सम्पत्ति का सकल वार्षिक मूल्य मानक किराया की राशि से अधिक नहीं हो
सकता है।
प्रश्नानुसार -:
नगरपालिका मूल्य → ₹4,50,000 जो अधिक हो
न्यायोचित किराया मूल्य → ₹5,00,000 अथवा 5,00,000
मानक किराया → ₹4,80,000
उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है कि सकल वार्षिक मूल्य ₹4,80,000, जो कि उचित सकल वार्षिक मूल्य मानक किराया से अधिक नहीं हो सकता।