यू.जी.सी. NTAनेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून 2022 (हिन्दी) Shift-I

Total Questions: 40

21. इनमें से कौन सा निबन्धकार द्विवेदी युग का नहीं हैं?

Correct Answer: (c) कुबेरनाथ राय
Solution:'कुबेरनाथ राय' द्विवेदी युग के निबन्धकार नहीं हैं। ये शुक्लोत्तर युग के ललित निबन्धकार हैं, जबकि माधव प्रसाद मिश्र, गोविन्द नारायण मिश्र तथा अध्यापकपूर्ण सिंह 'द्विवेदी युग' के निबन्धकार हैं।

22. 'संलक्ष्यक्रमध्वनि' के भेद हैं :

A. रसादि ध्वनि
C. अलंकार ध्वनि
B. वस्तुध्वनि
D. वर्णगत ध्वनि
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B और C
Solution:

'वस्तु ध्वनि' तथा 'अलंकार ध्वनि' संलक्ष्यक्रम ध्वनि के भेद हैं। वाच्यार्थ का स्पष्ट बोध होने पर जहाँ उसके बाद व्यंग्यार्थ के प्रकट होने का क्रम रहता है, वहाँ पर संलक्ष्यक्रम व्यंग्य ध्वनि होती है। इसे अनुकरण ध्वनि भी कहा जाता है, क्योंकि जिस प्रकार घण्टे पर चोट करने से टंकार के बाद झंकार सूक्ष्म से सूक्ष्म स्पष्ट सुनाई पड़ती है, उसी प्रकार इस ध्वनि में वाच्यार्थ से व्यंग्यार्थ भी स्पष्ट होता है।

23. प्रकाशनवर्ष की दृष्टि से सही अनुक्रम है :

A. अग्निखोर
B. पिंजरा
C. नीलमदेश की जकरान्या
D. जयदोल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) C, B, D, A
Solution:प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से सही अनुक्रम निम्न है-

24. 'विभ्रम और यथार्थ ' लेखक हैं -

Correct Answer: (d) कॉडवेल
Solution:'विभ्रम' और यथार्थ (इल्यूजन एण्ड रियलिटी) के लेखक 'कॉडवेल' है। यह एक मार्क्सवादी लेखक हैं, इनका प्रसिद्ध उपन्यास रोमांस और यर्थाथवाद है।

25. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

रचनाप्रकाशन वर्षरचनाकार
नीलम देश की राजकन्या1933 ई.जैनेन्द्र
पिंजरा1944 ई.उपेन्द्रनाथ 'अश्क'
जयदोल1951 ई.अज्ञेय
अग्निखोर1973 ई.फणीश्वर नाथ 'रेणु'

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (d) A-I, B-III, C-II, D-IV
Solution:
सूची-Iसूची-II
विषमता की पीड़ा से व्यस्त हो रहा स्पंदित विश्व महान।जयशंकर प्रसाद
मिलन के पल केवल दो - चार, विरह के कल्प अपार!सुमित्रा नन्दन पंत
दिन बारह वर्षों में घूड़े के भी सुने गए हैं फिरते!मैथिलीशरण गुप्त
तोड़ दो यह क्षितिज मैं भी देख लूँ उस ओर क्या है!महादेवी वर्मा

26. एक और द्रोणाचार्य में द्रोणाचार्य के कथन हैं:

A. उस दिन भूख मेरे सिद्धांत से बड़ी हो गई।
B. राजकीय अन्न की दासता ने मेरा विवेक खरीदा।
C. व्यवस्था उसकी पीठ थपथपाती थी।
D. याद है जब तुमने विरोध की भाषा अपनाई, सत्ता ने तुम्हारे अस्तित्व पर सीधे हमला किया। इसलिए विरोध मत करो।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल Aऔर B
Solution:

एक और द्रोणाचार्य में द्रोणाचार्य के कथन है- 'उस दिन भूख मेरे सिद्धान्त से बड़ी हो गयी तथा राजकीय अन्न की दासता ने मेरा विवेक खरीदा।' एक और द्रोणाचार्य नाटक के लेखक 'शंकर शेष' हैं।

27. बिसोबा खेचर या खेचरनाथ निम्नलिखित में से किसके गुरु थे?

Correct Answer: (c) नामदेव
Solution:

विसोबा खेचर या खेचरनाथ 'नामदेव' के गुरु थे। नामदेव महाराष्ट्र के भक्त संत कवि हैं। यह जाति के दरजी थे। इन्होंने मराठी में 'अभंग' नामक छंद का प्रवर्तन किया, इनके द्वारा रचित पद गुरू ग्रंथ साहिब में संकलित है। जबकि दादू दयाल के गुरु वृद्धभगवान तथा मलूकदास के गुरु पुरुषोत्तम एवं सुन्दरदास के गुरु दादृदयाल थे।

28. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में :

अभिकथन (A) : स्त्री पुरुष में अधिकारों की समानता संभव नहीं हैं।
कारण (R) : क्योंकि स्त्री पुरुष की जैविक संरचना में भिन्नता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A) सही नहीं है परन्तु (R) सही है।
Solution:

अभिकथन (A) स्त्री पुरुष में अधिकारों की समानता संभव नहीं है। कारण (R) क्योंकि स्त्री-पुरुष की जैविक संरचना में भिन्नता है। उपर्युक्त कथन के आलोक में कथन (A) सही नहीं है परन्तु कारण (R) सही है

29. ब्रजभाषा पद्य का संग्रह 'सभाविलास' किसकी रचना है?

Correct Answer: (b) लल्लू लाल
Solution:ब्रजभाषा पद्य का संग्रह 'सभा विलास' लल्लू लाल की रचना है। लल्लू लाल कृत राजनीति, माधव विलास तथा लाल चन्द्रिका ब्रजभषा गद्य में है तथा शेष रचनाएं खड़ी बोली में है। इनके द्वारा लिखित रचनाएं हैं सिंहासन बत्तीसी (1801 ई.), बेताल पच्चीसी (1801 ई.), शकुन्तला नाटक (1810 ई.) माधोनल (1801 ई.), प्रेमसागर ब्रजभाषा व्याकरण (1811 ई.) आदि।
  • 'आगरा निवासी लल्लू लाल जी की नियुक्ति 1800 ई० में फोर्ट विलियम कॉलेज में 'लाला मुंशी' के पद पर हिंदी ग्रंथ रचना के लिए हुई थी। इन्होंने ही संस्कृत प्रेस की स्थापना (कलकत्ता, फिर आगरा में) की थी। इनका प्रसिद्ध ग्रंथ प्रेमसागर है।
  • बिहार के रहने वाले सदल मिश्र को भी 'भाखा मुंशी' के पद पर नियुक्त किया और इन्होंने वहाँ खड़ी बोली में 'नासिकेतोपाख्यान' नामक ग्रंथ की रचना की।
  • श्री विठ्ठलनाथ वल्लभाचार्य के द्वितीय पुत्र थे। इनके ग्रंथ अणुभाष्य, यमुनाष्टक, सुबोधिनी की टीका, विद्वन्मंडल, भक्तिनिर्णय और श्रृंगारसमंडन प्रसिद्ध है।
  • भक्तिकाल के प्रसिद्ध कवि अग्रदास के शिष्य नाभादास थे। इनकी तीन कृतियाँ उपलब्ध हैं - 'भक्तमाल', 'अष्टयाम', 'रामभक्ति संबंधी स्फुट पद'। भक्तमाल में लगभग दो सौ भक्तों का चरित्रगान हैं।

30. निम्नलिखित में से कौन-सी भारतेन्दु की अनूदिन रचना नहीं है?

Correct Answer: (d) सती प्रताप
Solution:'सतीप्रताप' भारतेन्दु की अनुदित रचना नहीं है। यह 'भारतेन्दु की मौलिक रचना है। भारतेन्दु की मौलिक एवं अनुदित नाटकों की संख्या 17 है जो निम्न हैं-
मौलिक रचनाएं वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति (1873ई.), विषस्य विषमौषधम् (1876ई.), प्रेमजोगिनी (1875ई.), चन्द्रावली (1976 ई.), भारत-दुर्दशा (1880ई.), नीलदेवी (1881 ई.), अंधेर नगरी (1881ई.), सती प्रताप (1883 ई०) आदि। अनुदित रचनाएं रत्नावली (1868ई.), विद्या सुन्दर (1868ई.), पाखण्ड विडम्बन (1872ई.), धनंजय विजय (1873 ई.), मुद्रा राक्षस (1878ई.) दुर्लभ बन्धु (1880ई.), कर्पूर मंजरी (1875ई.), सत्य हरिश्चन्द्र (1875 ई.), भारत जननी (1877 ई.) आदि।