यू.जी.सी. NTAनेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून 2022 (हिन्दी) Shift-I

Total Questions: 40

31. शेखर : एक जीवनी उपन्यास की विशेषताएं हैं:

A हिन्दी का यह प्रथम मनोवैज्ञानिक उपन्यास है।
B इसका कोई भी पात्र असामान्य मानसिकता से ग्रस्त नहीं है।
C पिता के प्रति शेखर की मानसिकता सौमनस्यपूर्ण है।
D शेखर, एक जन्मना विद्रोही पात्र है जिसके मन के विकास का अध्ययन लेखक का अभिप्रेत है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल B और D
Solution:

'शेखर एक जीवनी' उपन्यास की विशेषताएं हैं- इसका कोई भी पात्र असामान्य मानसिकता से ग्रस्त नहीं है। तथा शेखर एक जन्मना विद्रोही पात्र है जिसके मन के विकास का अध्ययन लेखक का अभिप्रेत है। 'शेखर एक जीवनी' उपन्यास के लेखक सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय' है। यह उपन्यास दो भागों मे विभक्त है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र शेखर, शशि, सरस्वती, शारदा, रामेश्वर, बाबा मदन सिंह आदि हैं।

32. निम्नलिखित में से मैथिलीशरण गुप्त की रचना नहीं है:

Correct Answer: (d) राष्ट्रभारती
Solution:'राष्ट्रभारती' मैथिलीशरण गुप्त की रचना नहीं है। राष्ट्रभारती कृति के लेखक श्रीकृष्ण सरल हैं। जबकि किसान, विकटभट, केशों की कथा, रंग में भंग, जयद्रथवध, गुरुकुल, साकेत, भारत-भारती, झंकार, यशोधरा, द्वापर, जयभारत, विष्णु प्रिया आदि मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएँ हैं। मैथिलीशरण गुप्त स्वयं को 'कौटुंबिक कवि मात्र' कहा है। इन्हें भारत-भारती लिखने पर महात्मा गाँधी ने राष्ट्रकवि की उपाधि दी।

33. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :

सूची-Iसूची-II
A. मालतीI. आकाशदीप
B. वजीरा सिंहII. तीसरी कसम
C. बुद्धगुप्तIII. उसने कहा था
D. लाल मोहरIV. गैंग्रीन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :

Correct Answer: (c) A-IV, B-III, C-I, D-II
Solution:
सूची -Iसूची -II
मालतीगैंग्रीन
वजीरा सिंहउसने कहा था
बुद्धगुप्तआकाश दीप
लाल मोहरतीसरी कसम

34. भल्ला हुआ जु मारिया, बहिणि म्हारा कंतु।

लज्जेजं तु बयंसिअ जइ भग्गा घरु एंतु ॥ का तात्पर्य है।
A. हे बहना ! अच्छा हुआ जो मेरा कंत मारा गया।
B. अच्छा नहीं हुआ ! क्योंकि वह मारे जाने लायक भी नहीं था।
C. उसके मारे जाने से देश का भला ही हुआ।
D. हे बहन ! युद्ध में अपने पति के मारे जाने से मैं खुश हूँ क्योंकि में सखियों के बीच लज्जा से बच गयी।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल Aऔर D
Solution:भल्ला हुआ जू मारिया, बहिणि म्हारा कंतु ।
लज्जेजं तु बयंसि अहु जइ भग्गा घर एंतु ।।
उपर्युक्त पंक्ति का तात्पर्य है कि हे बहना ! अच्छा हुआ जो मेरा पति मारा गया। हे बहन ! युद्ध में अपने पति के मारे जाने से मै खुश हूँ क्योंकि मैं सखियों के बीच लज्जा से बच गयी।
इस पंक्ति के रचयिता हेमचन्द्र हैं।

35. "गोरी सुन्दर पातली,केसर काले रंग।

ग्यारह देवर छोड़ के, चली जेठ के संग ॥
" इस पहेली का सही उत्तर है -

Correct Answer: (a) अरहर
Solution:गोरी सुन्दर पातली,केसर काले रंग ।
ग्यारह देवर छोड़कर, चली जेठ के संग ।।
उक्त पहेली का सही उत्तर 'अरहर' है। यहां कवि ने अरहर के पौधे एवं बीज का बहुत ही मनोरम चित्रण अपने शब्दों के माध्यम से किया है तथा ग्यारह महीनों को ग्यारह देवर के रूप चित्रित किया है। क्योंकि अरहर की फसल वार्षिक होती है। जो गर्मियों अर्थात जेठ माह में काटी जाती है।

36. सूची- I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :

सूची - Iसूची - II
A. शकुनI. सौदागर सिंह
B. महामायाII. रामबोला
C. पार्वतीIII. बंटी
D. हलीमाIV. अघोर भैरव

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (a) A-III, B-IV, C-II, D-I
Solution:सूची-I तथा सूची-II का सही सुमेलन है-
सूची - I-सूची - II
शकुन-बंटी
महामाया-अघोर भैरव
पार्वती-रामबोला
हलीमा-सौदागर सिंह

37. निम्नलिखित में अज्ञेय की रचनाएं हैं :

A. आंगन के पार द्वार
B. इतने पास अपने
C. नदी पर बांक की छाया
D. कुछ पते कुछ चिट्ठियाँ
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A और C
Solution:

'आँगन के पार द्वार' (1961ई.) तथा 'नदी की बांक पर छाया' (1981 ई.) अज्ञेय की रचनाएँ हैं। 'अज्ञेय' प्रयोगवादी कवि हैं। इनके द्वारा रचित अन्य काव्य संग्रह हैं-भग्नदूत (1933 ई.) चिन्ता (1942 ई.), इत्यलम् (1946 ई.), हरीघास पर क्षण भर (1949 ई.), बावरा अहेरी (1954 ई.), इन्द्रधनुष रौंदे हुए ये (1957 ई.), अरी ओ करुणा प्रभामय (1959 ई.), अपूर्वा (1965 ई.), कितनी नावों में कितनी बार (1967 ई.) आदि। जबकि 'इतने पास अपने (1980 ई.) काव्य संग्रह के लेखक शमशेर बहादुर सिंह तथा कुछ पते कुछ चिट्ठियाँ (1989 ई.) काव्य संग्रह के लेखक रघुवीर सहाय है।

38. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में:

अभिकथन (A): अस्तित्वाद व्यक्ति को अपने कर्मों के लिए उत्तरदायी मानता है।
 कारण (R) : क्योंकि अस्तित्त्ववाद व्यक्ति के अस्तित्व को किसी बाह्य सत्ता के अधीन नहीं मानता है। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:अभिकथन (A) अस्तित्ववाद व्यक्ति को अपने कर्मों के लिए उत्तरदायी मानता है। कारण (R) क्योंकि अस्तित्ववाद व्यक्ति के अस्तित्व को किसी बाह्य सत्ता के अधीन नहीं मानता है। उपर्युक्त कथनों के आलोक में (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।

39. 'तददोषौ शब्दार्थों सगुणावनलंकृति पुनः क्वापि' उक्ति किस आचार्य की है? -

Correct Answer: (c) मम्मट
Solution:'तददोषौ शब्दार्थी सगुणावनलंकृति पुनः क्वापि उक्ति आचार्य मम्मट की है। दिये गये अन्य विकल्पों के आचार्यों की उक्ति निम्न है-
आचार्यउक्ति
भामह-शब्दार्थौ सहितौ काव्यं
भोजराज-वक्रोक्तिश्च रसोक्तिश्च स्वभावोक्तिश्च वाङ्मयम्।
सर्वासु ग्राहिणी तासु रसोक्तिं प्रतिजानते।।

40. प्रथम विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर रचित कहानी है:

Correct Answer: (d) उसने कहा था
Solution:

प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि पर रचित कहानी है- 'उसने कहा था।' 'उसने कहा था' कहानी के लेखक चन्द्रधर शर्मा गुलेरी हैं। यह कहानी फ्लैश बैंक (पूर्वदीप्ति) पद्धति पर लिखी हिन्दी की प्रथम कहानी है। इस कहानी के प्रमुख पात्र है लहना सिंह, बोधा सिंह, सूबेदार हजारा सिंह आदि। गुलेरी जी द्वारा रचित अन्य कहानी है - सुखमय जीवन (1911), बुद्ध का काँटा (1914) हैं जबकि 'परिन्द' निर्मल वर्मा की, 'दुनिया का सबसे अनमोल रतन' मुंशी प्रेमचन्द्र तथा 'अमृतसर आ गया' भीष्म साहनी की कहानी है। जो भारत पाक विभाजन पर आधारित है।