यू.जी.सी. NTAनेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून 2022 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

1. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से अज्ञेय के निम्नलिखित काव्य संग्रहों का सही अनुक्रम है:

(A) सागर मुद्रा
(B) नदी की बाँक पर छाया
(c) आँगन के पार द्वार
(d) पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) C, A, D, B
Solution:प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से अज्ञेय के काव्य संग्रहों के सही अनुक्रम निम्न हैं-
रचनाप्रकाशन वर्ष
आँगन के पार द्वार1961 ई.
सागर मुद्रा1970 ई.
पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ1973 ई.
नदी की बाँक पर छाया1981 ई.

2. छायावाद के बारे में सही कथन है-

(A) छायावाद के जन्म में रीतिवाद का विरोध नहीं था।
(B) रीतिकालीन अतिशय श्रृंगारिकता के कारण छायावाद का जन्म हुआ।
(C) छायावाद जहाँ तक आध्यात्मिक प्रेम लेकर चला है वहाँ तक तो रहस्यवाद के ही अन्तर्गत रहा है।
(D) मानवतावादी दृष्टि के पेट से ही काव्य में छायावाद का जन्म हुआ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल C और D
Solution:

छायावाद के बारे में सही कथन (विकल्प c और d) है- छायावाद जहाँ तक आध्यात्मिक प्रेम लेकर चला है वहाँ तक तो रहस्यवाद के ही अन्तर्गत रहा है तथा मानवतावादी दृष्टि के पेट से ही काव्य में छायावाद का जन्म हुआ।

3. "क्या तुम इतना भी नहीं जानते कि नारी परीक्षा नहीं चाहती, प्रेम चाहती है। परीक्षा गुणों को अवगुण, सुन्दर को असुंदर बनाने वाली चीज है: प्रेम अवगुणों को गुण बनाता है, असुंदर को सुन्दर।"

उपर्युक्त संवाद 'गोदान'के किन पात्रो के मध्य हुआ है?

Correct Answer: (a) मालती और मेहता
Solution:

"क्या तुम इतना भी नहीं जानते कि नारी परीक्षा नहीं चाहती, प्रेम चाहती है। परीक्षा गुणों को अवगुण, सुन्दर को असुन्दर बनाने वाली चीज हैः प्रेम अवगुणों को गुण बनाता है, असुन्दर को सुन्दर।” उपर्युक्त संवाद गोदान उपन्यास के पात्र 'मालती और महता के मध्य हुआ है। गोदान (1936 ई.) उपन्यास के लेखक मुंशी प्रेमचन्द हैं। इस उपन्यास के अन्य प्रमुख पात्र हैं होरी, धनिया, झुनिया, गोबर, दातादीन, गोविन्दी, खन्ना, रायसाहब आदि।

4. 'मानस का हंस' उपन्यास में वर्णित है-

(A) राम और काम का द्वन्द्व
(B) पत्नी के प्रति अतिशय आसक्ति
(C) सांसारिकता के प्रति पुनः आसक्ति
(D) काशी की वेश्या के प्रति तुलसी का सफल प्रेम
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A) और (B)
Solution:

'मानस का हंस' उपन्यास में राम और काम का द्वन्द्र तथा पत्नी के प्रति अतिशय आशक्ति का भाव वर्णित है। 'मानस का हंस (1972 ई.)' उपन्यास के लेखक अमृतलाल नागर हैं। यह उपन्यास तुलसीदास के जीवन एवं व्यक्तित्व पर आधारित है। नागर जी द्वारा लिखित अन्य उपन्यास हैं। महाकाल (1947) सेठ बाँके लाल (1955), बूंद और समुद्र (1956), शतरंज के मोहरे (1959) सुहाग के नुपूर (1960), अमृत और विष (1966), सात घूँघट वाला मुखड़ा (1968), एकदानैमिषारण्ये (1972), नाच्यौँ बहुत गोपाल (1978), खंजन नयन (1981), बिखरे तिनके (1982), करवट (1985), पीढ़ियाँ (1990)।

5. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता सिर्फ गौण कल्पना की है?

Correct Answer: (d) विघटन
Solution:

'विघटन' गौड़ कल्पना की विशेषता है। कॉलरिज ने कल्पना के दो भेद किये हैं- 1. मुख्य कल्पना 2. गौड़ कल्पना कॉलरिज के अनुसार मुख्य कल्पना अचेतन और अनैच्छिक है, यह केवल निर्माण और संघटन का कार्य करती है। जबकि गौड़ कल्पना चेतन और ऐच्छिक है, यह विघटन संघटन और विनाश तथा निर्माण दोनों कार्य करती है।

6. 'बाणभट्ट की आत्मकथा' का केंद्रीय विषय है-

(A) उदात्त प्रेम
(B) लोक संस्कृति का सजीव और रससिक्त अंकन
(C) वैशाली और तक्षशिला गणराज्यों का इतिहास
(D) ईसा पूर्व बौद्धकालीन भारत की संस्कृति
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A और B
Solution:

'बाणभट्ट की आत्मकथा' का केन्द्रीय विषय उदात्त प्रेम तथा लोक संस्कृति का सजीव और रससिक्त का अंकन है। बाणभट्ट की आत्मकथा (1946 ई.) उपन्यास के लेखक हजारीप्रसाद द्विवेदी हैं। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं- बाणभट्ट निपुणिका (निउनिया)। चारुचन्द लेख (1963 ई.), पुनर्नवा (1973 ई.), अनामदास का पोथा (1976 ई.) आदि इनके अन्य उपन्यास हैं।

7. "यह एक ऐसा 'इतिहास' है जो लोक मानस की भागीरथी के साथ बहता, पनपता और फैलता है और जन सामान्य के सांस्कृतिक पुख्तापन में जिन्दा रहता है।"

उपर्युक्त वक्तव्य निम्नलिखित में से किस उपन्यास के आरम्भ में रचनाकार के द्वारा लिखा गया है?

Correct Answer: (a) जिंदगीनामा
Solution:

"यह एक ऐसा इतिहास है जो लोक मानस की भागीरथी के साथ बहता, पनपता और फैलता है और जन सामान्य के सांस्कृतिक पुख्तापन में जिन्दा रहता है।" उपर्युक्त वक्तव्य 'जिन्दगीनामा' उपन्यास के आरम्भ में रचनाकार के द्वारा लिखा गया है।' जिन्दगीनामा (1979 ई.) उपन्यास की लेखिका 'कृष्णा सोबती' है। इनके द्वारा लिखित अन्य औपन्यासिक कृतियां हैं मित्रो मरजानी (1967 ई.), सूरजमुखी अंधेरे के (1972 ई.), दिलोदानिश (1993 ई.), सरगम (2000 ई.) आदि।

8. सूची- I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची - Iसूची - II
A. विलियम वर्ड्सवर्थI. सच्ची आलोचना का लक्ष्य कवि नहीं, कविता है।
B. टी. एस. इलियटII. मन आवेगों का तंत्र है।
C. आई. ए. रिचर्ड्सIII. गौण कल्पना वस्तु और रूप में संगति स्थापित करती है।
D. कॉलरिजIV. गद्य और काव्य की भाषा में भेद नहीं है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c) A-IV, B-I, C-II, D-III
Solution:सूची-I तथा सूची-II का सही सुमेलन निम्न है-
विचारक-सिद्धांत/कथन
विलियम वर्ड्सवर्थ-गद्य और काव्य की भाषा में भेद नहीं है।
टी. एस. इलियट-सच्ची आलोचना का लक्ष्य कवि नहीं कविता है।
आई. ए. रिचर्ड्स-मन आवेगों का तंत्र है।
कॉलरिज-गौण कल्पना वस्तु और रूप में संगति स्थापित करती हैं।

9. यह आख्यान इतना प्राचीन है कि इतिहास में रूपक का अद्भुत मिश्रण हो गया है। इसीलिए मनु, श्रद्धा और इड़ा इत्यादि अपना ऐतिहासिक अस्तित्व रखते हुए सांकेतिक अर्थ की भी अभिव्यक्ति करें तो मुझे कोई आपत्ति नहीं। मनु अर्थात् मन के दोनों पक्ष हृदय और मस्तिष्क का संबंध क्रमशः श्रद्धा इड़ा से भी सरलता से लग जाता है।"

'कामायनी' के बारे में उपर्युक्त पंक्तियाँ किसकी हैं?

Correct Answer: (b) जयशंकर प्रसाद
Solution:"यह आख्यान .. लग जाता हैं।
कामायनी के बारे में उपर्युक्त पंक्तियाँ जयशंकर प्रसाद की हैं। जयशंकर प्रसाद छायावाद युग के कवि हैं, इनके द्वारा रचित कामायनी महाकाव्य में 15 सर्ग हैं- चिन्ता, आशा, श्रद्धा, काम वासना, लज्जा, कर्म, ईर्ष्या, इड़ा, स्वप्न, संघर्ष, निर्वेद, दर्शन, रहस्य, आनन्द ।

10. 'मेरठ में सर्वसुख नामक एक अग्रवाल बनिया था' -

इस वाक्य से आरम्भ होने वाली कथा कृति कौन सी है?

Correct Answer: (d) देवरानी जेठानी की कहानी
Solution:

'मेरठ में सर्वसुख नामक एक अग्रवाल बनिया था' इस वाक्य से आरम्भ होने वाली कथा कृति 'देवरानी जेठनी की कहानी' है। 'देवरानी जेठानी की कहानी' उपन्यास के लेखक पं गौरी दत्त है। इस उपन्यास का प्रकाशन 1870 ई. में हुआ था। डॉ. गोपाल राय ने इस उपन्यास को हिन्दी का प्रथम उपन्यास माना है। जबकि 'वामा शिक्षक' (1872 ई.) उपन्यास के लेखक ईश्वरी प्रसाद व कल्याण राय तथा 'भाग्यवती' (1877 ई.) उपन्यास के लेखक श्रद्धाराम फिल्लौरी एवं 'निस्सहाय हिन्दू' (1890 ई.) उपन्यास के लेखक राधाकृष्ण दास हैं।