यू.जी.सी. NTAनेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून 2022 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

11. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची- Iसूची- II
A. महाकवि की तर्जनीI. हरिशंकर परसाई
B. आवारा भीड़ के खतरेII. शरद जोशी
C. आस्था और सौन्दर्यIII. कुबेरनाथ राय
D. रहा किनारे बैठIV. रामविलास शर्मा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:
सूची-Iसूची-II
महाकवि की तर्जनी-कुबेरनाथ राय
आवारा भीड़ के खतरे-हरिशंकर परसाई
आस्था और सौन्दर्य-रामविलास शर्मा
रहा किनारे बैठ-शरद जोशी

12. 'आकाशदीप' कहानी के व विषय हैं?

(A) आत्मसमर्पण
(B) पिता की हत्या का प्रतिशोध
(C) प्रच्छन्न प्रेम
(D) पुरुष की निरंकुशता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल B और C
Solution:'आकाशदीप' कहानी का वर्ण्य विषय-पिता की हत्या का प्रतिशोध तथा प्रच्छन्न प्रेम है। इस कहानी संग्रह के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। जिसका प्रकाशन 1929 ई.भारती भंडार इलाहाबाद से हुआ था। इसमें संकलित कहानियों की संख्या उन्नीस है। आकाशदीप कहानी की मुख्य पात्र 'चम्पा' तथा 'बुद्ध गुप्त' है।

13. 'सुखिया सब संसार है खाये अरु सोवै।

दुखिया दास कबीर है जागे अरु रोवै ।'
इस कविता के सही प्रतिपाद्य हैं-
(A) संसार के सभी लोग भौतिक रूप से सुखी और समृद्ध हैं।
(B) आर्थिक अभाव के कारण कबीर दुखी थे।
(C) कबीर को संसार की नश्वरता का बोध था, इसलिए उनमें इससे मुक्त होने की तड़प थी।
(D) दुनिया के लोग संसार की नश्वरता के बारे में जानते हुए भी बेपरवाह थे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल C और D
Solution:

'सुखिया सब संसार है खाये अरु सोवै। दुखिया दास कबीर है जागे अरु रोवै।।" इस कविता का सही प्रतिपाद्य है कि कबीर को संसार की नश्वरता का बोध था, इसलिए उनमें इससे मुक्त होने की तड़प थी, दुनिया के लोग संसार की नश्वरता के बारे में जानते हुए भी बेपरवाह हैं। कबीरदास एक महान संत, समाज सुधारक, कवि थे। इनकी प्रमुख रचनाएं साखी, सबद तथा रमैनी है।

14. निम्नलिखित में से आर्यभाषाओं में शामिल नहीं है?

Correct Answer: (d) तुर्की
Solution:

'तुर्की' आर्यभाषा परिवार में शामिल नहीं है। 'तुर्की' तुरानी परिवार की भाषा है इसके अन्तर्गत चीनी, जापानी, द्राविड़ी, मुगली आदि भाषा आती है। जबकि यूनानी, लैटिन तथा प्राकृत आर्य भाषा परिवार की भाषाएं हैं। कुछ विद्वानों ने तुर्की भाषा को 'अल्ताई' भाषा परिवार से भी जोड़ा है।

15. 'तुर्की' आर्यभाषा परिवार में शामिल नहीं है। 'तुर्की' तुरानी परिवार की भाषा है इसके अन्तर्गत चीनी, जापानी, द्राविड़ी, मुगली आदि भाषा आती है। जबकि यूनानी, लैटिन तथा प्राकृत आर्य भाषा परिवार की भाषाएं हैं। कुछ विद्वानों ने तुर्की भाषा को 'अल्ताई' भाषा परिवार से भी जोड़ा है।

अभिकथन A: उत्तर आधुनिकता मानव - यथार्थ की सम्पूर्णता की अवधारणा का खण्डन करती है।
कारण R: क्योंकि मानव - यथार्थ विखण्डित, बहुवाची और परिवर्तनशील है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही है और (R),(A) की सही व्याख्या है।
Solution:

अभिकथन (A) उत्तर-आधुनिकता मानव-यथार्थ की सम्पूर्णता की अवधारणा का खण्डन करती है। कारण (R) क्योंकि मानव-यथार्थ विखण्डित, बहुवाची और परिवर्तनशील है। उपर्युक्त कथनों के आलोक में कथन (A) और (R) दोनों सही है और (R), A) की सही व्याख्या है।

16. हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा नहीं है-

Correct Answer: (b) आज के अतीत
Solution:

'आज के अतीत' हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा नहीं है। 'आज के Deleerle (2003) आत्मकथा के लेखक भीष्म साहनी है। हरिवंश राय बच्चन को हिन्दी साहित्य में हालावाद का प्रवर्तक माना जाता है। इनकी आत्मकथा चार भागों में विभक्त है- 1. क्याभूलूँ क्या याद करू (1969), नीड़ का निर्माण फिर (1970), बसेरे से दूर (1978)दश द्वारा से सोपान तक (1985)।

17. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची- Iसूची- II
A. परीक्षा गुरुI.गोविन्दी
B. देवरानी जेठानी की कहानीII.लाला मदनमोहन
C. शेखर एक जीवनीIII.सर्वसुख बनिया
D. गोदानIV.शारदा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (a) A-II, B-III, C-IV, D-I
Solution:
सूची-I-सूची-II
परीक्षा गुरु-लाला मदनमोहन
देवरानी जेठानी की कहानी-सर्वसुख बनिया
शेखर एक जीवनी-शारदा
गोदान-गोविन्दी

18. निम्नलिखित में तत्सम शब्द नहीं है-

Correct Answer: (b) राय
Solution:

'राय' तत्सम शब्द नहीं है। 'राय' तद्भव शब्द है, इसका तत्सम रुप 'राजा' होता है। जबकि आज्ञा, सर्व तथा स्वामी तत्सम शब्द है। वे शब्द जो संस्कृत से निकल हिन्दी में ज्यों के त्यों (बिना परिवर्तन के) प्रयोग हो रहे हैं, तत्सम शब्द कहलाते हैं। दिये गये अन्य विकल्पों का तत्सम- तद्भव रुप इस प्रकार हैं आज्ञा- आन, सर्व-सब, स्वामी-सांई।

19. 'आए जोग सिखावन पाँड़े। ...' पद से संबंधित सही तथ्य हैं-

(A) गोपियाँ खुश होकर कहती हैं कि पंडित जी हमें ज्ञान देने आए हैं।
(B) हमारे परम धाम कृष्ण हैं और हम सब उन्हीं से प्रेम करती हैं।
(C) दूध-घी और भात खाने से भूख मिटती है, हवा खाने से नहीं।
(D) गोपियाँ कहती हैं कि उद्धव जी हमारे गाँव में चोर पकड़ने आए हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल B और C
Solution:

'आए जोग सिखावन पाण्डे । ...... पद से सम्बन्धित सही तथ्य यह है कि गोपियां उद्धव को तंज कसते हुए कहती हैं, हे उद्भव हमें निर्गुण ब्रह्म की शिक्षा मत दो, हमारे परम धाम कृष्ण है और हम सब उन्हीं (सगुण रूप से) से प्रेम करती है। हे उद्भव दूध - धी भात खाने से भूख मिटती है, हवा खान से नहीं। उक्त पद भ्रमरगीत सार से लिया गया है, जिसके रचयिता आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हैं। ये पंक्तियाँ 'सूरदास' के हैं।

20. "शुद्ध प्रेममार्गी सूफी कवियों की शाखा में सबसे प्रसिद्ध जायसी हुए, जिनकी 'पद्मावत' हिंदी काव्यक्षेत्र में एक अद्भुत रत्न है।"

Correct Answer: (c) रामचंद्र शुक्ल
Solution:

"शुद्ध प्रेममार्गी सूफी कवियो की शाखा में सबसे प्रसिद्ध जायसी हुए, जिनकी प‌द्मावत हिन्दी काव्य क्षेत्र में एक अद्भुत रत्न है।" जायसी और उनकी पद्मावत के बारे में उपर्युक्त मत आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का है। 'प‌द्मावत' का नागमती वियोग खण्ड हिन्दी साहित्य की अनुपम निधि है। विजयदेव नारायण शाही ने 'प‌द्मावत' को हिन्दी में अपने ढंग की अकेली ट्रेजिक कृति कहा है।