यू.जी.सी. NTAनेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून 2022 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

21. 'धरती धन न अपना' उपन्यास आधारित है-

(A) पंजाब की ग्रामीण पृष्ठभूमि पर
(B) दलित जीवन पर
(C) स्वाधीनता आंदोलन पर
(D) आपातकाल पर
नीचे दिए गएविकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A और B
Solution:

'धरती धन न अपना' पंजाब की ग्रामीण पृष्ठभूमि एवं दलित जीवन पर आधारित उपन्यास है। इस उपन्यास के लेखक जगदीशचन्द्र है। जगदीश चन्द्र प्रगतिवादी उपन्यासकार है। इनकी अन्य औपन्यासिक रचनाएँ निम्न हैं- यादो का पहाड़ (1966), आधा-पुल(1973), कभी न छोड़े खेत (1976), मुट्ठीभर काँकर (1976), टुंडालाट (1978), घास गोदाम (1985), नरक कुण्ड में वास(1994), लाट की वापसी (2000), जमीन तो अपनी थी (2001) आदि।

22. 'आवारा मसीहा' में शरतचंद्र का जन्म-स्थान कहाँ दर्शाया गया है?

Correct Answer: (a) देवानन्दपुर
Solution:

'आवारा मसीहा' में शरतचंद्र का जन्म-स्थान देवानन्दपुर में दर्शाया गया है। 'आवारा मसीहा (1974 ई0) शरतचन्द्र की जीवनी है, इसके लेखक विष्णु प्रभाकर हैं।

23. "काम-मंगल से मंडित श्रेय, सर्ग इच्छा का है परिणाम, तिरस्कृत कर उसको तुम भूल बनाते हो असफल भव धाम।

उपर्युक्त छंद से स्पष्ट है कि प्रसाद ने-

Correct Answer: (b) प्रवृत्ति मार्ग का प्रतिपादन किया है।
Solution:

"काम मंगल से मंडित श्रेय, सर्ग इच्छा का है परिणाम, तिरस्कृत कर उसको तुम भूल बनाते हो असफल भव धाम" उपर्युक्त छंद प्रसाद द्वारा रचित 'कामायनी' (1935 ई.), महाकाव्य के श्रद्वा सर्ग से उद्धित है। इस महाकाव्य में 15 सर्ग हैं, जो निम्न हैं- चिंता, आशा, श्रद्धा, काम, वासना, लज्जा, कर्म, ईर्ष्या, इड़ा, स्वप्न, संघर्ष, निर्वेद, दर्शन, रहस्य, आनन्द ।

24. निम्नलिखित अस्तित्ववादी चिन्तकों में से किसने 'सुपरमैन' की कल्पना की है?

Correct Answer: (c) फ्रेडरिक नीत्शे
Solution:

अस्तित्व वादी चिन्तकों में फ्रेडरिक नीत्शे ने 'सुपरमैन' की कल्पना की है। फेडरिक नीत्शे जर्मनी का दार्शनिक था। मनोविश्लेषणवाद, अस्तित्ववाद एवं परिघटना-मूलक चिन्तक के विकास में नीत्से की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नीत्से वह विचारक है जिसने कहा था 'ईश्वर मर चुका है' और 'दूसरे से जलना अच्छा हैं। नीत्से के विचार देवत्व की स्थापना को खारिज करते है और मनुष्यता को सभ्यता के सर्वश्रेष्ठ सोपान पर स्थापित करते हैं। इनकी प्रमुख रचना 'जरथुस्त्र की वाणी' तथा 'मूल्यों की परम्परा' है।

25. 'परिवर्तन' कविता में पन्त के अनुसार परिवर्तन है:

Correct Answer: (a) नायक
Solution:

'परिवर्तन' कविता मे पन्त के अनुसार परिवर्तन 'नायक' है। सुमित्रा नन्दन पंत हिन्दी साहित्य में छायावाद युग के चार स्तम्भों में से एक है। इनका जन्म कौसानी के बागेश्वर में हुआ था। परिवर्तन' कविता 1924 ई. में लिखी गयी थी। यह कविता रोला छन्द में रचित एक लम्बी कविता है। यह कविता 'पल्लव' नामक काव्य संग्रह में संकलित है।

26. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप

अभिकथन A: देरिदा की दृष्टि में पाठ के अर्थनिर्धारण के लिए पाठक की मनोसंरचना उत्तरदायी हैं।
कारण (R): क्योंकि पाठक की मानसिक बनावट अपने ढंग से अर्थ ग्रहण करती है। इसलिए पाठ के अर्थ का सामान्यीकरण संभव नहीं है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

अभिकथन देरिदा की दृष्टि में पाठ के अर्थ निर्धारण के लिए पाठक की मनोसंरचना उत्तरदायी है। कारण (R) क्योंकि पाठक की मानसिक बनावट अपने ढंग से अर्थ ग्रहण करती हैं इसलिए पाठ के अर्थ का सामान्यीकरण संभव नहीं है। उपर्युक्त कथनों के आलोक में कथन (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

27. 'तमस' उपन्यास में वर्णित है-

(A) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
(B) विभाजन की पृष्ठभूमि
(C) सांप्रदायिक विद्वेष
(D) अंग्रेजों की दयनीय स्थिति
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल B और C
Solution:'तमस' उपन्यास में विभाजन की पृष्ठभूमि और साम्प्रदायिक विद्वेष वर्णित है। 'तमस' (1973 ई.) उपन्यास के लेखक भीष्म साहनी है। इनके द्वारा लिखित अन्य औपन्यासिक कृतियां हैं- झरोखा (1967 ई.), कड़िया (1970 ई.), वसंती (1980 ई.), मय्यादास की माड़ी (1988 ई.), कुंतो (1993 ई.), नीलू नीलिया नीलोफर (2000 ई.) आदि।

28. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से विद्यानिवास मिश्र के निबंध संग्रहों का सही अनुक्रम है-

(A) लागौ रंग हरी
(B) परम्परा बंधन नहीं
(C) आँगन का पंछी बंजारा मन
(D) छितवन की छाँह
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) D, C, B, A
Solution:प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से विद्यानिवास मिश्र के निबन्ध संग्रहों का सही अनुक्रम निम्न हैं-
निबन्धप्रकाशन वर्ष
छितवन की छांह1953 ई.
आँगन के पंछी बंजारा मन1963 ई.
परम्परा बंधन नहीं1976 ई.
लागौ रंग हरी1985 ई.

29. 'राजा निरबंसिया' कहानी के पात्र हैं-

(A) महेस पांडे (C) सरदारी लाल (B) बचन सिंह (D) जगपती
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल B और D
Solution:

'बचन सिंह' और 'जगपती' राजा निरबंसिया कहानी के पात्र है। राजा निरबंसिया (1957 ई.) कहानी के लेखक कमलेश्वर है। इस कहानी के अन्य पात्र-चन्दा, दयाराम, भटियारिन आदि। कमलेश्वर द्वारा लिखित अन्य कहानियां है कस्बे का आदमी (1958 ई.), खोई हुई दिशाएं (1963 ई.), मांस का दरिया (1966 ई.) बयान (1973 ई.), आजादी मुबारक (2002 ई.) आदि

30. चंद्रधर शर्मा गुलेरी द्वारा रचित कहानी नहीं है।

Correct Answer: (a) कछुआ धर्म
Solution:'कछुआ धर्म' चन्द्रधर शर्मा गुलेरी द्वारा रचित कहानी नहीं है। 'कछुआ धर्म' गुलेरी जी द्वारा लिखित निबन्ध है। इनके द्वारा लिखित अन्य निबन्ध 'मारेसि मोहि कुठाव' है। जबकि सुखमय जीवन (1911 ई.) तथा उसने कहा था (1915 ई.) गुलेरी जी द्वारा रचित कहानियां है। उसने कहा था' प्रथम विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर लिखी गई प्रेम संवेदना की कहानी है। 'बुधू का काँटा' (1911 ई.) भी गुलेरी जी की कहानी है।