Correct Answer: (b) अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔथ'
Solution:“क्यों पले पीस........... पही नहीं मेरी।"
उपर्युक्त काव्य पंक्तियां अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध की है। यह पंक्ति हरिऔध कृत 'चोखे चौपदे' कविता संग्रह से उद्धत है। यह कविता मुहावरेदार भाषा में लिखा गया है। हरिऔध जी द्विवेदी युग के कवि है। इनके द्वारा रचित अन्य कविता संग्रह है-
प्रिय प्रवास (1914 ई.), वैदेही वनवास (1941 ई.), पारिजात (1937 ई.), रसकलश (1931 ई.), चोखे चौपदे (1932 ई.), चुभते चौपदे (1924 ई.), पद्म प्रसून (1925 ई.), बोलचाल (1928 ई.), फूल पत्ते (1935 ई.), कल्पलता (1937 ई.) आदि।