Solution:'रत्नखान' के रचयिता मलूकदास हैं। मलूकदास संत कवि हैं। इनके द्वारा रचित अन्य रचनाएं है- ज्ञानबोध, ज्ञानपरोक्षि, भक्तवच्छावली, भक्ति विवेक, बारह खड़ी, रामावतार लीला, ब्रजलीला,सुखसागर आदि। जबकि सुन्दर दास ज्ञान समुद्र, सुन्दर विलास नामक कृतियों की रचना की। नन्ददास तथा रसखान भक्त कवि हैं। नंददास द्वारा रचित कृतियां हैं-अनेकार्थी मंजरी, मानमंजरी, सुदामा चरित, रसमंजरी, रूपमंजरी, विरहमंजरी, रूक्मिणी मंगल, रसपंचाध्यायी आदि। रसखान द्वारा रचित कृतियां है- सुजान रसखान, प्रेमवाटिका, दानलीला अष्टयाम आदि ।