Correct Answer: (d) साहित्य की सामाजिक भूमिका होती है।
Solution:'अंधेर नगरी' के आधार पर कहा जा सकता है कि भारतेन्दु की साहित्य सम्बन्धी अवधारणा है कि साहित्य की सामाजिक भूमिका होती है। 'अंधेर नगरी (1881 ई.)' भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का लोक प्रिय नाटक है। छह अंको के इस नाटक में विवेकहीन और निरंकुश शासन व्यवस्था पर करारा व्यंग्य करते हुए उसे अपने ही कर्मों द्वारा नष्ट होते हुए दिखाया गया है। भारतेन्दु इसकी रचना नेशनल थियेटर के लिए एक ही दिन में की थी। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित अन्य मौलिक नाटक हैं- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति (1873 ई.), विषस्य विषमौषधम् (1876 ई.) प्रेम जोगिनी (1875 ई.), चन्द्रावली (1876 ई.), भारतदुर्दशा (1880 ई.), नील देवी (1881 ई.), सती प्रताप (1883 ई.)।