यू.जी.सी. NTAनेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून 2022 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

81. "अब आप इस बसन्त को ही लो,

यह दिन को ताँत की तरह तानता है
पेड़ों पर लाल लाल पत्तों के हजारों सुखतल्ले
धूप में, सीझने के लिए लटकाता है"
उपर्युक्त पंक्तियों से ध्वनित होता है किः

Correct Answer: (c) मोचीराम वसंत का बयान अपने पेशे की भाषा में करता है।
Solution:"अब आप इस बसन्त ... लटकाता है।"
उपर्युक्त पंक्तियों से ध्वानित होता है कि मोचीराम बसतं का बयान अपने पेशे की भाषा में करता है। उक्त काव्य पंक्ति धूमिल कृत 'मोचीराम' कविता से उद्धधृत है। सुदामा पाण्डे (धूमिल) हिन्दी की समकालीन कविता के दौर के मील के पत्थर सरीखे कवियों में एक है। इनके द्वारा रचित कविता संग्रह हैं- संसद से सड़क तक, कल सुनना मुझे, सुदामा पाण्डे का प्रजातंत्र। 'कल सुनना मुझे' कविता संग्रह पर धूमिल को मरणोपरांत 1979 ई० में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

82. 'अंधेर नगरी' के आधार पर कहा जा सकता है कि भारतेन्दु की साहित्य संबंधी अवधारणा है-

Correct Answer: (d) साहित्य की सामाजिक भूमिका होती है।
Solution:'अंधेर नगरी' के आधार पर कहा जा सकता है कि भारतेन्दु की साहित्य सम्बन्धी अवधारणा है कि साहित्य की सामाजिक भूमिका होती है। 'अंधेर नगरी (1881 ई.)' भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का लोक प्रिय नाटक है। छह अंको के इस नाटक में विवेकहीन और निरंकुश शासन व्यवस्था पर करारा व्यंग्य करते हुए उसे अपने ही कर्मों द्वारा नष्ट होते हुए दिखाया गया है। भारतेन्दु इसकी रचना नेशनल थियेटर के लिए एक ही दिन में की थी। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित अन्य मौलिक नाटक हैं- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति (1873 ई.), विषस्य विषमौषधम् (1876 ई.) प्रेम जोगिनी (1875 ई.), चन्द्रावली (1876 ई.), भारतदुर्दशा (1880 ई.), नील देवी (1881 ई.), सती प्रताप (1883 ई.)।

83. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में :

अभिकथन (A): मनुष्य का अस्तित्व ईश्वर के बगैर असंभव है।
कारण (R): क्योंकि नीत्शे का मानना है कि ईश्वर के बगैर संभव है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A) सही नहीं है, लेकिन (R)सही है।
Solution:मनुष्य का अस्तित्व ईश्वर के बगैर असंभव है यह कथन असत्य है क्योंकि नीत्शे का मानना है ईश्वर मर गया है। उपर्युक्त कथनों के आलोक में कथन (A) सही नहीं है, लेकिन (R) सही है।

84. 'शिवशंभु के चिट्टे' की विशेषताएं हैं-

(A) भारतीय राजनीति की उपेक्षा
(B) राजप्रशस्ति
(C) अंग्रेजों का कुशासन
(D) भारतीय जनता का दमन और उसके द्वारा प्रतिरोध
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल C और D
Solution:

'शिव शम्भू के चिट्ठे' की विशेषताएं हैं- अंग्रेजों का कुशासन तथा भारतीय जनता का दमन और उसके द्वारा प्रतिरोध । शिवशंभु के चिट्ठे निबन्ध के लेखक बालमुकुन्द गुप्त है। गुप्त जी शिवशंभु के कल्पित नाम से लार्ड कर्जन के शासन में, भारतीय जनता की दुर्दशा को प्रकट करने के लिए आठ चिट्ठे लिखे थे। ये चिट्टे उस समय की गुलामी और लार्ड कर्जन की निर्मम क्रूरताओं को जितने सटीक रूप में प्रस्तुत करते हैं, उतनी पूर्णता के साथ उस समय का कोई दूसरा अभिलेख नहीं था।

85. 'संस्कृति के चार अध्याय' के प्रथम अध्याय में किन विषयों पर चर्चा की गई है?

(A) आर्य-द्रविड़ संबंध
(B) भक्ति की प्राचीनता
(C) हिन्दू संस्कृति की पाचन शक्ति
(D) प्राचीन भारत और बाह्य विश्व
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल A और C
Solution:'संस्कृति के चार अध्याय' के प्रथम अध्याय में आर्यद्रविड़ सम्बन्ध तथा हिन्दू संस्कृति पाचन शक्ति के विषयों पर चर्चा की गयी हैं। 'संस्कृति के चार अध्याय' हिन्दी के विख्यात साहित्यकार रामधारी सिंह 'दिनकर' द्वारा रचित एक भारतीय संस्कृति का सर्वेक्षण है जिसके लिए उन्हें सन् 1959 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

86. "करौं मुहम्मदशाह बखानू। सूरज देहली सुल्तानू ॥

धरमपंथ जग बीच चलावा। निवर न सबरे सों दुख पावा ।।"
उपर्युक्त पंक्तियां किस सूफी कवि की हैं-

Correct Answer: (b) नूर मुहम्मद
Solution:

"करौ मुहम्मदशाह बखान्। सूरज है देहली सुल्तानू धरमपंथ जग बीच चलावा । निवर न सबरे सों दुख पावा ।।" उपर्युक्त पंक्तियां सूफी कवि नूर मुहम्मद की हैं। इन्होंने फारसी भाषा में 'रोजतुल हकायक' नामक ग्रंथ की रचना की तथा अवधी भाषा में 'इन्द्रावती तथा 'अनुराग बांसुरी' ग्रंथ की रचना की है। जबकि मलिक मुहम्मद जायसी ने 'पद्मावत' की कुतुबन ने 'मृगावती' की तथा उसमान ने 'चित्रावली' की रचना की।

87. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-Iसूची-II
A. पंजाबI. आधा गाँव
B. पूर्णियाII. रागदरबारी
C. शिवपाल गंजIII. मैला आंचल
D. गंगौलीIV. जिंदगीनामा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (d) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:
सूची-Iसूची-II
पंजाबजिन्दगी नामा
पूर्णियामैला आंचल
शिवपाल गंजराग दरबारी
गंगौलीआधा गाँव

88. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित आलोचनात्मक पुस्तकों का सही अनुक्रम है-

(A) सांइस एण्ड पोइट्री
(B) बायोग्राफिया लिटेरिया
(C) द सेक्रेड वुड
(D) प्रैक्टिकल क्रिटिसिज्म
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) B,C, A, D
Solution:प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से आलोचनात्मक पुस्तकों का सही अनुक्रम निम्न है-
आलोचनाप्रकाशन वर्ष
बायोग्राफिया लिटरेरिया-1817 ई.
द सेक्रेड वुड-1920 ई.
सांइस एण्ड पोइट्री-1926 ई.
प्रैक्टिकल क्रिटिसिज्म-1929 ई.

89. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-Iसूची-II
A. विजय देवनारायण साहीI. हिन्दी साहित्य : एक आधुनिक परिदृश्य
B. अज्ञेयII. हिन्दी आलोचना की बीसवीं शताब्दी
C. रामस्वरूप चतुर्वेदीIII. जायसी
D. निर्मला जैनIV. कामयनी का पुनर्मूल्यांकन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:सूची-I तथा सूची-II का सही सुमेलन निम्न हैं-
सूची-Iसूची-II
विजय देव नारायण साहीजायसी
अज्ञेयहिन्दी साहित्य: एक आधुनिक परिदृश्य
रामस्वरूप चतुर्वेदीकामायनी का पुनर्मूल्यांकन
निर्मला जैनहिन्दी आलोचना की बीसवीं शताब्दी

90. "आयो घोष बड़ो व्योपारी।

लादि खेप गुन ज्ञान-जोग की ब्रज में आय उतारी।
फाटक दै कर हाटक माँगत भोरै निपट सु धारी।"
उक्त पद में प्रयुक्त 'फाटक' शब्द का अर्थ है:

Correct Answer: (b) अनाज फटकने से निकला हुआ कदन्न
Solution:

"आयो घोष बडो व्यापारी । लादि खेप गुन ज्ञान जोग की ब्रज में आय उतारी। फाटक दै कर हाटक मांगत भौरे निपट सुधारी ।।"
उक्त पद में प्रयुक्त 'फाटक' शब्द का अर्थ अनाज फटकने से निकला हुआ कदन्न है। उक्त पद आचार्य रामचन्द्र शुक्ल द्वारा सम्पादित भ्रमरगीत से उद्धृत है। उक्त पद के रचयिता सूरदास हैं। यह गोपी उद्धव संवाद है।