यू.जी.सी. NTAनेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021 जून 2022 दृश्य कला (VISUAL ART)

Total Questions: 100

91. इस चित्रकारी का क्या माध्यम है?

Correct Answer: (b) कैनवास पर तैल रंग
Solution:

इस चित्रकारी का माध्यम कैनवास पर तैल रंग है। इस चित्र का नाम होराती की शपथ है जिसे फ्रांसीसी कलाकार जॉक लुई डेविड द्वारा चित्रित किया था यह एक बड़ी पेटिंग है और अब पेरिस में लौवर में प्रदर्शित है। पेंटिंग तुरन्त अलोचकों और जनता के साथ एक बड़ी सफलता बन गई, और नियोक्लासिकल शैली में सबसे प्रसिद्ध चित्रों में से एक बनी हुई है।

92. इसके पृष्ठभूमि में किस प्रकार की वस्तुकला दिखाई दे रही है?

Correct Answer: (d) रोमन
Solution:

इसके पृष्ठभूमि में रोमन वास्तुकला दिखाई दे रही है। इस पेंटिंग में रोमन होराटियस परिवार को दर्शाया गया है जो टाइटस लिवियस के अब उरबे कोंडिता के अनुसार, अल्बा लोंगा के एक परिवार, क्यूरियाटी के तीन सदस्यों के खिलाफ एक अनुष्ठान द्वन्द्व के लिए चुना गया था, ताकि बसने के लिए रोमनों और बाद के शहर के बीच विवाद ।

93. यह किस पश्चिमी चित्रकला की शैली का प्रतिनिधित्व करता है?

Correct Answer: (d) नव-शास्त्रवाद
Solution:

यह पश्चिमी नव शास्त्रीयतावाद चित्रकला शैली का प्रतिनिधित्व करता है। 1785 ई. में दाविद् ने अपना चित्र 'होरेशिआ का प्रण' बनाया जो नवशास्त्रीयतावाद का सर्वप्रथम चित्र माना जा सकता है। इस चित्र का निर्माण उस समय हुआ जब राजसत्ता कमजोर हो रही थी व फ्रेंच जनता अपने सम्मुख रोमन गणतन्त्र का आदर्श रखे हुए आगे कदम बढ़ा रही थी।

94. इस पेंटिंग का शीर्षक क्या है?

Correct Answer: (b) ओथ ऑफ द होराती
Solution:

इस पेंटिंग का शीर्षक 'ओथ ऑफ द होराती' है। इस पेंटिंग को चित्रित करने का श्रेय लुई डेविड को है जिसे तैल रंगों में कैनवास पर बनाया है। इसका आयाम 329.8 सेमी × 424.8 सेमी (129.8 इन्च × 167.2 इंच) है। यह दो युद्धरत शहरों, रोम और अल्बा लोगों के बीच सातवीं शताब्दी ईशा पूर्व विवाद के बारे में एक रोमन किवंदंती के एक दृश्य को दर्शाता है और देश के लिए देशभक्ति और मर्दाना आत्म-बलिदान के महत्व पर जोर देता है।

95. इस चित्र का कौन चित्रकार था?

Correct Answer: (c) जाक् लूई डेविड
Solution:

इस चित्र का चित्रकार जाक् लुई डेविड है इस चित्र का शीर्षक ओथ ऑफ द होराती है। जाक् लुई डेविड का जन्म 1748 ई. में पेरिस फ्रांस में हुआ था और इनकी मृत्यु 1825 ई. को बुसेल्स, बेल्जियम में हुई थी। ये नवशास्त्रीयतावाद शैली के एक फ्रांसीसी चित्रकार थे, जिन्हें इस युग का प्रमुख चित्रकार माना जाता है। शुरुआत में डेविड फ्रांसीसी क्रांति के समर्थक थे और जैकोबिन क्लब के सदस्य थे।

96. इस मूर्तिकला का शीर्षक क्या है?

Correct Answer: (a) क्लाउड गेट
Solution:

इस मूर्तिकला का शीर्षक क्लाउड गेट है। क्लाउड गेट भारतीय मूल के ब्रिटिश कलाकार अनीश कपूर की एक सार्वजनिक मूर्ति है, जो इलिनोइस के शिकागो के लूप समुदाय क्षेत्र में मिलोनियम पार्क में एटी एण्ड टी प्लाजा का केन्द्र बिन्दु है। मूर्तिकला और एटी एण्ड टी प्लाजा पार्क ग्रिल के शीर्ष पर चेस प्रोमेनेड और मैककॉर्मिक ट्रिब्यून प्लाजा और आइस रिंक के बीच ।

97. इसे किस वर्ष स्थापित किया गया?

Correct Answer: (a) 2006
Solution:

इसे 2006 में स्थापित किया गया है। अनीस कपूर ने क्लाउड गेट नामक मूर्ति का निर्माण 2004 और 2006 के बीच निर्मित किया था। मूर्तिकला को इसके आकार के कारण 'द बीन' उपनाम दिया गया है। अनीस कपूर सन् 1972 ई. में भारत छोड़ कर ब्रिटेन (लन्दन) में बस गये थे, भारत सरकार द्वारा इनको वर्ष 2012 में पद्म भूषण सम्मान से भी सम्मानित किया था। वर्ष 2017 में अनीस कपूर को 'जेनेसिस प्राइज' (अमेरिकी सरकार) सम्मान से सम्मानित किया गया था।

98. इस कार्य का क्या माध्यम है?

Correct Answer: (b) स्टेनलेस स्टील
Solution:

अनीस कपूर के क्लाउड गेट का माध्यम स्टेनलेस स्टील था। 168 स्टेनलेस स्टील से बना है प्लेटो को एक साथ बेल्ड किया गया है, इसके अत्यधिक पॉलिस किए गये बाहरी हिस्से में कोई दृश्यमान सीमा नहीं है। इसका माप 33 × 42 × 66 फीट है और इसका वजन 110 छोटे टन हैं।

99. यह कहाँ स्थित है?

Correct Answer: (c) शिकागो
Solution:

अनीस कपूर का क्लाउड गेट शिकागो में स्थित है। यह मूर्ति इलिनोइस के शिकागों के लूप समुदाय क्षेत्र में मिलेनियम पार्क में एटी एण्ड टी प्लाजा का केन्द्रबिन्दु है। अनीस कपूर ने अपने अधिकांशतयः शिल्पों के लिए स्टेनलेस स्टील का प्रयोग किये हैं। इनकी पहली प्रदर्शनी 1980 ई. में पेरिस में आयोजित कि गई थी। अनीस कपूर की सर्वाधिक विवादित शिल्प डर्टी कॉर्नर (2011) है जिसे अन्य नाम क्वीन्स वजाइना के नाम से जाना जाता है।

100. इसके शिल्पकार कौन हैं?

Correct Answer: (d) अनिश कपूर
Solution:

क्लाउड गेट शिल्प के शिल्पकार अनीस कपूर है। इनका जन्म सन् 1954 ई. में मुम्बई में हुआ था। इनका पूरा नाम अनीस मिखेल कपूर था। इनकी माता यहूदी और पिता पंजाबी थे। अनीस कपूर को ब्रिटेन सरकार द्वारा 1991 ई. में टर्नर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इन्होंने अपने अधिकांश कार्यों में प्रमुखता से लाल मोम का प्रयोग किये हैं। प्रमुख शिल्प- स्काई मिरर, यूनिटी, तारा तन्त्र, द बीन, आर्सेलर मित्तल आर्बिट, आइसिस, मदर एस ए मांउटेन, अर्थ सिनेमा आदि।