यू.जी.सी. NTAनेट परीक्षा जून-2020 (इतिहास)

Total Questions: 100

1. सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची Iसूची II
(A) जॉन विलियम काए(i) द इंडियन म्यूटनी इन पर्सपैक्टिव
(B) एडवर्ड जे. थाम्पसन(ii) एटीन फिफ्टी-सेवन
(C) एस.एन. सेन(iii) द अदर साइड आफ द मेडल
(D) जार्ज मेक्मन्न(iv) ए हिस्ट्री ऑफ द सिपॉय वॉर

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) (A)-(iv), (B)-(iii), (C)-(ii), (D)-(i)
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है-
सूची I (इतिहासकार)सूची II (रचनाएँ)
1.जॉन विलियम काएए हिस्ट्री आफ द सिपॉय वॉर
2. एडवर्ड जे. थाम्पसनद अदर साइड आफ द मेडल
3.  एस.एन. सेनएट्टीन फिफ्टी सेवन
4. जार्ज मेक्मन्नद इंडियन म्यूटनी इन पर्सपैक्टिव

2. सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची I (चित्रकला तकनीक)सूची II (अर्थ)
(A) खत(i) हाशिया
(B) तरह(ii) रेखांकन, रेखाचित्र, आरेख
(C) रंगामेजी(iii) रंग-मिश्रण, रंगाई
(D) शम्स(iv) अलंकृत शीर्षक

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (d) (A)-(i), (B)-(ii), (C)-(iii), (D)-(iv)
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है-
सूची I (चित्रकला तकनीक)सूची II (अर्थ)
1. खत हाशिया
2. तरहरेखांकन, रेखाचित्र, आरेख
3.  रंगामेजी रंग-मिश्रण, रंगाई
4. शम्सअलंकृत शीर्षक

3. निम्नलिखित में से कौन जैन भिक्षुणी बनने वाली पहली महिला थी?

Correct Answer: (a) चंदना
Solution:

जैन धर्म को प्रचारित प्रसारित करने में कुल 24 तीर्थंकरों ने अपना योगदान दिया। ऋषभदेव प्रथम तीर्थकर तथा महावीर स्वामी 24वें तीर्थंकर हुए। महावीर को जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक भी माना जाता है। महावीर से पूर्व जैन धर्म को निग्रंथ कहा जाता था। इनका तात्कालिक पारिवारिक सम्बंध वज्जि, लिच्छवी तथा मगध के राजवंशों से था। चम्पा के शासक दधिवाहन की पुत्री चन्दना जैन धर्म की पहली महिला भिक्षुणी थी।

4. कीमती पत्थरों को तराशने की गति को बढ़ाने के लिए 'बेल्ट ड्राइव' के इस्तेमाल की जानकारी सबसे पहले किस यात्री के विवरण में मिलती है?

Correct Answer: (c) टैवर्नियर और फ्रायर
Solution:

जीन बैप्टिस्ट ट्रेवर्नियर सत्रहवीं शताब्दी का सर्वाधिक महत्वपूर्ण फ्रांसीसी यात्री था। वह पेशे से जौहरी था तथा शाहजहाँ के काल में भारत आया था। अपनी द्वितीय यात्रा के दौरान वह दौलताबाद नान्देर मार्ग से गोलकुण्डा के हीरों की खानों के अतिरिक्त दखलरोडा तथा गनी की खानों में यात्रा की। ट्रेवेर्नियर और फ्रायर महोदय ने कीमती पत्थरों को तराशने की गति को बढ़ाने के लिए 'बेल्ट ड्राइव' के इस्तेमाल की जानकारी सबसे पहले दी थी।

5. 1914 तक भारतीय पैदल सेना के तीन-चौथाई सिपाही निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से आते थे?

Correct Answer: (c) पंजाब, नेपाल और उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रांत
Solution:

प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) की घटना आधुनिक विश्व के इतिहास में एक परिवर्तनकारी घटना मानी जाती है। इस युद्ध के पूर्व होने वाले संघर्षों में भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से सिपाही तैयार हो रहे थे। इसमे पैदल सैनिक, युद्ध टँकर तथा बंदूकधारी सैनिक भी शामिल थे। इस समय तक लगभग तीन चौथाई पैदल सैनिक पंजाब, नेपाल और उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रांत से भर्ती हो रहे थे। आगे होने वाले युद्धों में इन सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। फ्रांस और बेल्जियम (सितम्बर 1914) के मध्य हुए संघर्ष में पैदल सेना व अश्वारोही डिवीजन की प्रमुख भूमिका रही थी।

6. दाग प्रथा के संदर्भ में निम्न में से कौन से कथन सही है?

(A) अब्दुल हमीद लाहौरी लिखता है कि साम्राज्य का यह नियम था कि जिन मनसबदारों के पास हिंदुस्तान के किसी भी प्रांत में यदि जागीरें थीं, चाहे वे साम्राज्य में कही भी नियुक्त हो, उन्हें अपने सवार ओहदे के एक तिहाई के बराबर घुड़सवारों को पहचान (मस्टर) के लिए लाना होता था।
(B) यदि वे बल्ख और बदख्शां में नियुक्त होते थे, तो उन्हें सवार ओहदे के पाचवें हिस्से के बराबर लाना होता था।
(C) बल्ख और बदख्शां से संबंधित यह नियम बाद में पूरे काबुल प्रांत के नियुक्त सभी (मनसबदारों) पर लगाया जाने लगा।
(D) औरंगजेब काल के उत्तरार्ध में लिखे गए खुलासन-उस सियाक ने इस नियमों की पुष्टि की है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (d) केवल (B), (C) और (D)
Solution:

मनसबदारी व्यवस्था मुगल सैनिक व्यवस्था का मूलाधार थी। यह मंगोलो की "दशमलव पद्धति” पर आधारित थी। अकबर के राज्य में पहली बार मनसब प्रदान किया गया तथा इसमें 'जात' एवं 'सवार' नामक द्वैध मनसब प्रथा का प्रारम्भ किया। इन्हें 'नकद' और 'जागीर' के रूप में वेतन मिलता था, किन्तु जागीर से उसे केवल राजस्व प्राप्ति का ही अधिकार होता था। मनसबदार यदि बल्ख और बदख्शा में नियुक्त होते, तो उन्हें सवार ओहदें के पाँचवे हिस्से के बराबर लाना होता था। यहाँ से संबंधित नियम आगे चलकर पूरे काबुल प्रांत में नियुक्त सभी मनसबदारों पर लगाया गया। औरंगजेब के राज्य में मनसबदारों की संख्या में इतनी वृद्धि हुई कि उन्हें देने के लिए जागीर नहीं बची और इस स्थिति को 'बेजागिरी' कहा गया।

7. सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची I (पद)सूची II (प्रभारी)
(A) अमीर-ए-कोही(i) खुफिया अधिकारी
(B) अमीर-ए आखूर(ii) सचिव
(C) बरीद(iii) कृषि का प्रभारी अधिकारी
(D) दबीर(iv) घोड़ों का कमान अधिकारी

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) (A)-(iii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(ii)
Solution:

सही सुमेलन इस प्रकार है-

सूची-I (पद)सूची-II (प्रभारी)
अमीर-ए-कोहीकृषि का प्रभारी अधिकारी
अमीर-ए-आखूरघोड़ों का कमान अधिकारी
बरीदखुफिया (गुप्तचर) अधिकारी
दबीरसचिव

नोट- दबीर का पत्र व्यवहार की देखभाल करने वाले विभाग का प्रमुख अधिकारी भी माना जाता है। ये सभी सल्तनतकालीन विभागों के प्रमुख अधिकारी थे।

8. नीचे दो कथन हैं: इनमें से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है:

अभिकथन (A) : ऐसा माना जाता है कि हड़प्पा सभ्यता के लोगों के दजला फरात नदी घाटियों के लोगों के साथ व्यापारिक संबंध थे।
तर्क (R) : ऐसा कोई पुरातात्विक साक्ष्य नहीं है जो मेसोपोटामिया के साथ व्यापारिक संबंधों की परिकल्पना की पुष्टि करता हो।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (c) (A) सही है, किन्तु (R), गलत है
Solution:

हडप्पा सभ्यता का संबंध अफगानिस्तान एवं ईरान, इराक देशों (सिधु सभ्यता) से भी थी। इराक में दजला-फरात नदी घाटियों में स्थित मेसोमोटामिया क्षेत्र से व्यापार होता रहता था। मेसोपोटामिया क्षेत्र से हडप्पाई मुहरे व बस्ती के प्रमाण मिलते है। मेसोपोटामियाई अभिलेखों में मेलुहा के साथ व्यापारिक संबंध के प्रमाण है। यह सिन्धु क्षेत्र का प्राचीन नाम था। अतः (A) सही है। किंतु (R) गलत है।

9. निम्नलिखित में से किसने गुप्त संवत के प्रारम्भ के निर्धारण के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना दी है?

Correct Answer: (d) अल-बरुनी
Solution:

गुप्त वंश की स्थापना 'श्री गुप्त'ने की थी। चन्द्रगुप्त प्रथम ने अपने शासनकाल में एक नया संवत चलाया जिसे 'गुप्त संवत' (319 ई.) कहा जाता है। इस संवत के प्रारम्भ के निर्धारण में अलबरुनी ने सूचना दी। इस वंश की जानकारी का प्रमाण वायुपुराण तथा समुद्रगुप्त के प्रयाग अभिलेख से भी प्राप्त होता है, जिसमें समुद्रगुप्त के शासनकाल को प्राचीन भारतीय इतिहास का 'स्वर्णकाल' भी कहा जाता है।

10. निम्नलिखित में से किसने बंगाल के विभाजन का उद्देश्य इन शब्दों में व्यापक किया कि 'संयुक्त बंगाल एक शक्ति है: विभाजित बंगाल अलग-अलग दिशाओं में जाएगा'?

Correct Answer: (d) एच.एच. रिज्ले
Solution:

बंगाल विभाजन (1905) से पूर्व बंगाल में बिहार और उड़ीसा भी शामिल थे। इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट गवर्नर एन्ड्रयू फ्रेजर के हाथों में था। एच. एच. रिज्ले ने बंगाल को विभाजित करने के उद्देश्य को व्यक्त किया" संयुक्त बंगाल एक शक्ति है विभाजित बंगाल अलग-अलग दिशाओं में जाएगा। इसीलिए आगे चलकर 1905 में लार्ड कर्जन ब्रिटिश वायसराय द्वारा भारतीय राष्ट्रवादियों के विरोध के बावजूद बंगाल का विभाजन (पश्चिम बंगाल और पूर्वी बंगाल) किया। 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन के प्रभावी होने के दिन से पूरे बंगाल में 'राष्ट्रीय शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, लोगों ने उपवास रखा तथा वंदेमातरम् का गीत गाया गया।