यू.जी.सी. NTAनेट परीक्षा जून-2020 (इतिहास)

Total Questions: 100

91. कौटिल्य के अर्थशास्त्र से लिए गए निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़े और उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें :

पशुओं के अधीक्षक को मजदूरी के बदले देख-भाल किए जाने वाले पशुओं, कर और पूर्व निर्धारित लाभ के साथ देखभाल किए जाने वाले पशुओं, बेकार हो गये और छोड़ दिए गए पशुओं, अंशदान देकर सरकारी झुंडों में शामिल किए गए पशुओं; सभी झुंडो में शामिल पशुओं की कुल संख्या; ऐसे पशु जो खो गए या मर गए, तथा दूध और घी के कुल उत्पादन के बारे में जानकारी होनी चाहिए गायों के चरवाहे, भैसों चरवाहे, दूध-दूहने वाले, मथने वाले व्यक्ति और शिकारी को एक सी दुधारू गायों की देखभाल करनी चाहिए और इसके लिए उन्हें नकद मजदूरी मिलनी चाहिए। क्योंकि यदि दूध और घी के रूप में मजदूरी दी गई, तो वे बछड़ो को नुकसान पहुँचा सकते है। ये मजदूरी के बदले में देखभाल किए जाने वाले पशु हैं। एक व्यक्ति को एक सौ पशुओं की देखभाल करनी चाहिए, जिसमें बूढ़ी गायों, दुधारू गायों, बछड़ो वाली गायों, पहली बार बछड़े को जन्म देने वाली गायों और ओसर गायों (जिन्होंने बछड़े को जन्म नहीं दिया है) की बराबर संख्या होनी चाहिए। उसे प्रति वर्ष प्रति पशु आठ वारका घी और एक पण तथा दाग सहित चर्म देना चाहिए। यह कर और पूर्वनिर्धारित लाभ के साथ देखभाल है। एक सौ पशुओं की देखभाल करने वाले चरवाहों को ऐसी गायों, जो रुग्ण है, जो विकलांग है, जो दूसरे व्यक्ति को दूध दुहने नहीं देती, जिनका दूध दुहना कठिन है और जो बछड़ों को मार देती है, को बराबर संख्या में बांटकर उस प्रत्येक वर्ग के लिए उचित हिस्सा देना चाहिए। ये ऐसे पशु है जो बेकार हो गए हैं और छोड़ दिए गए है।
पशु अधीक्षक के कार्य को कितनी श्रेणियों में विभाजित किया गया था?

Correct Answer: (d) सात
Solution:

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित पशु अधीक्षक के कार्य को मुख्यतः सात श्रेणियों में विभाजित किया गया था। पशु अधीक्षक को मजदूरी के बदले देख-भाल किए जाने वाले पशुओं, कर और पूर्व निर्धारित लाभ के साथ-साथ देखभाल किए जाने वाले पशुओं, बेकार और छोड़ दिए गए पशुओं, अंशदान देकर सरकारी झुडों में शामिल किए गए पशुओं तथा सभी झुंडों में शामिल पशुओं की कुल संख्या, ऐसे पशु जो खो गए या मर गए तथा दूध और घी के कुल उत्पादन के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

92. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार एक चरवाहे को कितनी बूढ़ी गायों और कितनी ओसर गायों की जिम्मेदारी सौपी गई है?

Correct Answer: (b) क्रमशः बीस और बीस
Solution:

एक व्यक्ति को एक सौ पशुओं की देखभाल करनी चाहिए जिनमें बूढ़ी गायों, दुधारू गायों, बछड़ों वाली गायों, पहली बार बछड़ें को जन्म देने वाली गायों और ओसर गायों की बराबर संख्या होनी चाहिए इसप्रकार इनका उल्लेख कुल पाँच प्रकार की गायों के रूप में किया जाता है। अतः ओसर और बूढ़ी गायों की संख्या क्रमशः बीस और बीस है।

93. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार शिकारी का कार्य और हक क्या है?

Correct Answer: (d) नकद मजदूरी के बदले में दुधारू गायों की देखभाल करना
Solution:

शिकारी को सभी प्रकार के पशुओं की देखभाल करने के लिए नकद मजदूरी का प्रावधान किया गया था क्योंकि यदि दूध और घी के रूप में मजदूरी दी गई तो वह बछड़ों को नुकसान पहुँचा सकता है।

94. निम्नलिखित में से किसके लिए वस्तु और नकद दोनों में भुगतान किया जाता था?

Correct Answer: (b) अधीक्षक की जिम्मेदारियों की द्वितीय श्रेणी के लिए
Solution:

पशुओं के अधीक्षक को मुख्यतः द्वितीय श्रेणी की जिम्मेदारियों के लिए वेतन का भुगतान वस्तु और नकद दोनों रूपों में किया जाता था। उसे प्रत्येक पशु को बराबर संख्या में बाँटने के पश्चात उचित मूल्य प्रदान किया जाता था।

95. दुधारू गायों की देखभाल करने वालों को दूध और घी के रूप में भुगतान क्यों नहीं किया जाता था?

Correct Answer: (c) ताकि वे बछड़ों को उनके हिस्से के दूध से वंचित न करें
Solution:पशु अधीक्षक को प्रदान किए गए सात श्रेणियों की गायों में से दुधारू गायों की देखभाल करने वालों को दूध और घी के रूप में भुगतान नहीं किया जाता था, ताकि वे बछड़ों को उनके हिस्से के दूध से वंचित न कर सके। इसलिए पशु अधीक्षक को सेवा के बदले वेतन का भुगतान नकद किया जाता था।

96. नीचे दिया गया गद्यांश पढ़ें और निम्न प्रश्नों के उत्तर देंः

 

तिमारिअट्स (Timariots), गवर्नर और राजस्व के ठेकेदार अपनी ओर से समस्या को इस प्रकार देखते हैं। इस भूमि की यह अपेक्षित अवस्था हमारे लिए बेचैनी का कारण क्यों बनना चाहिए? और इसे उपजाऊ बनाने के लिए हमें अपना धन और समय क्यों खर्च करना चाहिए? हम एक पल में इससे वंचित किए जा सकते है और हमारे परिश्रम का लाभ न हमें मिलेगा, न हमारे बच्चों को। इस मिट्टी से जितनी उगाही कर सकते हैं, उतनी कर लें। हालांकि किसान भूखे मरेंगे या पलायन करेंगे, हमें उन्हें उनके हाल पर छोड़ देना चाहिए। हमें तो जब आदेश होगा, इसे छोड़ कर कहीं और भटकने के लिए चल देना होगा।
उपर्युक्त टिप्पणी निम्नलिखित में से किस यूरोपीय यात्री ने की है?

Correct Answer: (c) फ्रैंकोइस बर्नियर
Solution:

फ्रैंकोइस बर्नियर एक फ्रांसीसी विद्वान थे इन्होंने सत्रहवी सदी में अपनी भारत यात्रा का वर्णन 'वर्नियर की भारत यात्रा' नामक पुस्तक में किया है। उसने तिमारिअट्स के बारे में उपर्युक्त टिप्पणी किया है।

97. निम्नलिखित में से कौन मुगल जागीर प्रणाली का लक्षण नहीं है?

Correct Answer: (b) औरंगजेब के काल में जागीरें स्थायी और पुश्तैनी बना दी गई
Solution:

बर्नियर ने शाहजहाँ और औरंगजेब के मध्यवर्ती शासनकालों को देखकर उपर्युक्त वर्णन किया है। उसने मुगल जागीर प्रणाली के बारे में कहा हैं कि, (1) मुगल जागीरें बार-बार हस्तांतरित की जाती थी तथा (II) जागीरदार राजस्व की वसूली के लिए अपने कर्मचारी नियुक्त करते थे। औरंगजेब के काल में जागीरें अस्थायी बन गयी तथा मनसबदारों की संख्या में इतनी वृद्धि हुई कि उन्हें देने के लिए 'जागीर' नहीं बची।

98. निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने उपयुक्त टिप्पणी के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि जागीरों के हस्तांरण की मुगल प्रणाली में किसानों का शोषण निहित था, जो बाद में मुगल साम्राज्य के 'संकट' का कारण बना?

Correct Answer: (a) इरफान हबीब
Solution:

जागीरदार वे मनसबदार होते थे जिन्हें नकद के बदले जमादामी (अनुमानित आय) के आधार पर कुछ राजस्व क्षेत्र दिए जाते थे जिन्हें 'जागीर' कहा जाता था। इरफान हबीब ने उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर कहा है कि जागीरों के हस्तांतरण की मुगल प्रणाली में किसानों का शोषण निहित था, जो आगे चलकर मुगल साम्राज्य के संकट का कारण बना।

99. 'तिमारिअट्स' से उस विदेशी यात्री का आशय किस मुगल अधिकारी से है?

Correct Answer: (b) जागीदार
Solution:

फ्रैंकोइस बर्नियर ने उपर्युक्त गद्यांश में तिमारिअट्स को मुगल कालीन 'जागीरदार' के समान माना है। जागीरदार प्रथा की नींव अकबर के शासनकाल में पड़ी। जागीरदारों पर नियंत्रण रखने के लिए एक महत्वपूर्ण अधिकारी सावनिह निकार था, जो जागीरदारों की कार्यवाही और जागीरों की तत्कालीन स्थिति का विवरण केन्द्र को भेजता था।

100. शाहजहाँ काल के किस इतिहासकार ने लिखा है कि शाहजहाँ के शासन में इजारा की प्रथा आम हो गई और यह भी किसानों की बर्बादी का एक कारण था?

Correct Answer: (d) मुहम्मद सादिक खान
Solution:

मुहम्मद सादिक खान ने कहा है कि शाहजहाँ के शासनकाल में इजारा की प्रथा लोगों में सामान्य रूप से फैल गया था। अब किसान इजारे (ठेके पर ली गई भूमि) पर की गई खेती के द्वारा भरण-पोषण करतेथे, परन्तु फसल अच्छी न होने/बीजों पर संकट आ जाने से किसान धीरे-धीरे कर्ज के बोझ में दबता चला गया। इस प्रकार इजारा प्रथा अब उनकीबर्बादी का प्रमुख कारण बन गया।