Solution:गुरूगोविन्द सिंह सिखों के दसवें तथा अंतिम गुरू माने जाते है। इन्होंने वैशाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की तथा सिखों की पवित्र ग्रन्थ 'गुरू ग्रंथ साहिब' को पूरा किया। वे युद्ध कला और आध्यात्मिक नेतृत्व दोनों में निपुण थे।
काबुल के गवर्नर बहादुर शाह प्रथम (शाहजादा मुअज्जम) द्वारा जजाऊ (जाजू) की लड़ाई (1707 आगरा) में गुरुगोविन्द सिंह ने मदद प्रदान की और बादशाह विजयी हुआ तथा गुरुगोविन्द सिंह को आगरा बुलाकर पुरस्कृत किया।
गुरुगोविन्द सिंह की मृत्यु के बाद बंदा बहादुर (सिंह) के नेतृत्व में सिखों के मुगलों के विरुद्ध विद्रोह किया। गुरूगोविन्द सिंह ने सिखों को पंचककार (केश, कंघा, कड़ा, कृपाण कच्छा) रखने की सलाह दी थी।