यू.जी.सी. NTAनेट परीक्षा जून-2020 (इतिहास)

Total Questions: 100

71. मुगल शासक सिंध की घुमंतू पशुपालक जनजातियों को नियंत्रित करना चाहते थे, क्योंकि

Correct Answer: (c) साम्राज्य की आय बढ़ाने के लिए वे उन्हें स्थानबद्ध बनाना चाहते थे
Solution:

मुगलकालीन आर्थिक जीवन की जानकारी 'आइने- अकबरी' से भी प्राप्त होती हैं इस काल में आगरा के निकट 'बयाना' तथा गुजरात में 'सरखेज' से सर्वोत्तम किस्म की नील पैदा की जाती थी। मुगल शासक ने बंगाल एवं गुजरात में ऋण प्रदान करने के लिए ददनी (अग्रिम राशि संविदा एवं पेशगी) व्यवस्था को शुरू किया। इस काल के शासकों ने सिंध की पशुपालक जनजातियों को नियंत्रित करके साम्राज्य की आय बढ़ाने के लिए स्थानबद्ध भी किए। सिंधु नदी के क्षेत्र में व्यापार के लिए नौकाचालन का प्रयोग भी किया जाता था।

72. निम्नलिखित को पहले से बाद के कालानुक्रम व्यवस्थित करें:

(A) द पेरीप्लस ऑफ द एरिब्रियन सी
(B) सी-यू की
(C) मणिमेकलै
(D) सुत्तनिपात
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें:

Correct Answer: (a) (D), (A), (C), (B)
Solution:सही कालक्रम इस प्रकार है-
सुत्तनिपात में बौद्धकालीन धम्म एवं संघ का वर्णन है और इसी में आगे चलकर ऐसे ऋषियों का भी उल्लेख है जो पंचेन्द्रिय सुख को त्यागकर इन्द्रियसंयम रखते थे। हवेनसांग (चीनी यांत्री) ने नालंदा के बौद्ध विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की।

73. 'राजद्रोह' से संबंधित कुख्यात धारा 124-ए को एक्ट XXVII द्वारा भारतीय दंड संहिता में कब समाविष्ट किया गया था?

Correct Answer: (c) 1870
Solution:

देश में राजद्रोह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124A को एक्ट XXVII में परिभाषित किया गया जो 1870 में IPC में समाविष्ट हुआ। इस धारा के तहत कहा गया कि सरकार या प्रशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की आलोचनात्मक टिप्पणी करना राजद्रोह माना गया तथा धारा 124A के अनुसार राजद्रोह को एक गैर-जमानती अपराध कहा गया। इसका सर्वप्रथम प्रयोग 1891 में एक अखबार के संपादक जोगेन्द्र चंद्र बोस के विरुद्ध किया गया था।

74. सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची I (पुरातात्विक स्थल)सूची II (प्रदेश)
(A) जोरवे(i) गुजरात
(B) कायथा(ii) महाराष्ट्र
(C) ओजियाना(iii) मध्य प्रदेश
(D) रोजदी(iv) राजस्थान

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें:

Correct Answer: (a) (A)-(ii), (B)-(iii), (C)-(iv), (D)-(i)
Solution:सही सूची का सुमेलन इस प्रकार है-
सूची I (पुरातात्विक स्थल)सूची II (प्रदेश)
जोरवेमहाराष्ट्र
कायथामध्यप्रदेश
ओजियानाराजस्थान
रोजदीगुजरात

कायथा व जोरवे ताम्र पाषाणिक संस्कृति का प्रमुख स्थल है। रोजदी, गुजरात में स्थित सिन्धु घाटी सभ्यता से संबंधित एक पुरातात्विक स्थल है।

75. लार्ड कर्जन ने निम्नलिखित में से कौन से अलोकप्रिय विधायी तथा प्रशासनिक कदम उठाए?

(A) कलकत्ता म्यूनिसिपल एमेंडमेंड एक्ट
(B) इंडियन यूनिवर्सिटीज एक्ट
(C) इंडियन ऑफिशियल सिक्रेट्स एक्ट
(D) लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट एक्ट
(E) क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (a) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

लार्ड कर्जन 1899 से 1905 के मध्य भारत के वायसराय रहे। इन्होंने भारत में शिक्षा और आर्थिक सुधारों के लिए मुख्य रूप से कार्य किया। इनके द्वारा किए गए प्रमुख कार्य कलकत्ता म्युनिसिपल एमेंडमेंड एक्ट (1899) इंडियन यूनिवसिटींज एक्ट (1904) इंडियन ऑफिशियल सिक्रेट्स एक्ट (1904) पुलिस आयोग (1902), अकाल आयोग (1900), प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम (1904) थे। लोकल सेल्फ गवर्नमेट एक्ट (1882) लार्ड रिपन द्वारा तथा क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट 2013 में भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया।

76. निम्न में से किस मालवा सुल्तान ने मांडू में एक विशाल दारुल-शिफा (अस्पताल) का निर्माण कराया था?

Correct Answer: (c) महमूद खलजी I
Solution:मालवा के सुल्तान महमूद खलजी प्रथम (1436-1469 ई) ने व्यापार एवं वाणिज्य के संवर्धन के लिए जैन पूँजीपतियों को संरक्षण प्रदान किया। प्रजा के स्वास्थ्य के लिए माण्डू में एक विशाल दारूल शिफा (अस्पताल) का निर्माण कराया था। शिक्षा प्रदान करने के लिए मांडू में एक 'आवासीय महाविद्यालय' की भी स्थापना की। उसने गैर मुस्लिम प्रजा के प्रति उदाहरतापूर्ण नीति अपनाई और उन्हें शासन में उच्च पदों पर नियुक्त किया।

77. अमृत कुंड, जिसमें स्वास्थ्य के लिए विभिन्न प्रकार के अध्यायों और प्रयोगों का वर्णन किया गया है, यह ग्रंथ फारसी में किस नाम से अनुदित किया गया है?

Correct Answer: (b) हौज-उल हयात
Solution:

अमृतकुंड (संस्कृत की रचना) का फारसी में अनुवाद 'हौज-उल-हयात' नाम से हुआ। अमृत कुंड का संबंध यौगिक अभ्यासों तथा दर्शन से है। प्रसिद्ध सूफी संत शेख अब्दुल हक खौली तथा अब्दुल कुस गंगोही 'हौज-उल-हयात' पढ़ाते थे तथा श्वास नियंत्रण का अभ्यास भी लोगों को कराते थे। शेख रुक्नुद्दीन समरकंदी ने 'अमृतकुंड' का अरबी अनुवाद भी किया।

78. 1850 में भारत में बड़े पैमाने के उद्योग के उदय की पूर्व संख्या पर निम्नलिखित में से कौन सा प्रमुख समुदाय पश्चिमी तट से निर्यात योग्य दो प्रमुख वस्तुओं क स और अफीम का व्यापार करता था?

Correct Answer: (c) पारसी
Solution:

छठवीं शताब्दी में 'कुरुष महान' (साइरस I) ने भारत पर आक्रमण किया था। यह प्रथम पारसी (ईरानी) आक्रमण था। इसके पश्चात दारा-1 ने भारत पर आक्रमण किया। बाद में पारसियों ने भारत में अपना स्थाई निवास बनाया। 1620 में अंग्रेजो की फैक्ट्रियाँ सूरत में स्थापित होने से बड़ी संख्या में पारसी कारीगर व्यापार से जुड़े। अंगेज भी इन्हीं के माध्यम से व्यापार करते थे।

पारसी सुमदाय के लोग आगे चलकर पश्चिमी तट के बंदरगाहों से दो प्रमुख वस्तु कपास और अफीम का व्यापार करते थे। भारत में व्यापारिक कंपनियों की स्थापना से पूर्व यह प्रमुख (वस्तु व्यापार) व्यापार था। फिरोजशाह मेहता, मैडम भीखा जी कामा जैसे पारसी समुदाय के लोगों ने भारत में शिक्षा के क्षेत्र में प्रमुख योगदान दिया।

79. भारत में आने वाले निम्नलिखित यूरोपीय यात्रियों को आरंभिक काल से उनके ऐतिहासिक कालानुक्रम में रखेः

(A) एबे कैरे
(B) फ्रे सेबेस्टियन मेनरीक
(C) जैमेली करेरी
(D) पिट्रो डेला बेले
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें:

Correct Answer: (d) (D), (B), (A), (C)
Solution:

भारत में आने वाले यूरोपीय यात्रियों का सही कालक्रम इस प्रकार है- पियेत्रा डेला वेले, फ्रे सेबेस्टियन मेनरीक, एबे कैरे, जैमेली करेरी। पियेत्रा डैला वेल 1622 में सूरत पहुँचे थे। उसने कैम्बे (खंभात) अहमदाबाद, गोवा, मंगलूर)और कालीकट तक की यात्राएँ की। उसने भारत के लोगों की धार्मिक मान्यताओं, अंधविश्वासों तथा रीति रिवाजों का विविधता पूर्वक वर्णन किया है। अपनी यात्रा विवरण का पहला संस्करण इतालवी भाषा में सन् 1663 में प्रकाशित किया था।

80. सूची I को सूची II के साथ सुमेलित कीजिए:

सूची I (महाजनपद)सूची II (राजधानी)
(A) अश्मक(i) कांपिल्य
(B) चेदि(ii) मथुरा
(C) दक्षिण पंचाल(iii) पोटन
(D) शूरसेन(iv) शुक्तिमती

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें:

Correct Answer: (c) (A)-(iii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(ii)
Solution:सूची का सही कालक्रम इस प्रकार है-
सूची I (महाजनपद)सूची II (राजधानी)
अश्मकपोटन
चेदिशुक्तिमती
दक्षिण पांचालकाम्पिल्य
शूरसेनमथुरा

सोलह महाजनपद का उल्लेख बौद्ध ग्रन्थ 'अंगुत्तर निकाय तथा जैनग्रंथ 'भगवती सूत्र' में मिलता है। 16 महाजनपदों में से अश्मक ही एक ऐसा जनपद था जो दक्षिण भारत में गोदावारी नदी के किनारे स्थित था।